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RRB JE CBT-1 2025-26 20 फ़रवरी 2026 शिफ्ट 1 – GK प्रश्न – उत्तर व व्याख्या सहित

RRB JE CBT-1 2025-26 (20 फ़रवरी 2026 शिफ्ट 1) में पूछे गए सभी 27 GK / सामान्य अध्ययन प्रश्न, सही उत्तर और व्याख्या के साथ – विषयवार।

📚 27 प्रश्न🗓️ 20 फ़रवरी 2026⏰ शिफ्ट 1
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विषय: Biology (9) · Physics (9) · Chemistry (9)

Biology (9)

Human Physiology - Respiration, Circulation and Excretion · Respiration and excretion in other organisms

Q1. एक पौधा संग्रहीत अपशिष्ट उत्पादों को निष्कासित करने के लिए अपने पत्ते और छाल गिरा देता है। यह विधि जंतुओं द्वारा अपशिष्ट उत्सर्जित करने की विधि से कैसे अलग है?

  1. (a) पौधे उन भागों का उपयोग करते हैं जिन्हें त्यागा जाएगा, जबकि जंतुओं में उत्सर्जन के लिए विशेष अंग होते हैं।
  2. (b) जंतुओं के विपरीत, पौधे उत्सर्जन के लिए रक्त परिसंचरण का उपयोग करते हैं।
  3. (c) जंतुओं के विपरीत, पौधे अपशिष्ट उत्सर्जित करने के लिए पाचन तंत्र का उपयोग करते हैं।
  4. (d) जंतुओं के विपरीत, पौधों में अपशिष्ट उत्सर्जन के लिए एक ही अंग प्रणाली होती है।
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) पौधे उन भागों का उपयोग करते हैं जिन्हें त्यागा जाएगा, जबकि जंतुओं में उत्सर्जन के लिए विशेष अंग होते हैं।

विकल्प 1 सही है।
पौधे अपने पत्ते और छाल गिराकर अपशिष्ट पदार्थ निकालते हैं।
जानवरों के पास विषाक्त पदार्थ निकालने के लिए विशेष अंग होते हैं जैसे गुर्दे और जिगर।
यह अंतर अपशिष्ट निष्कासन के लिए संरचनात्मक अनुकूलन को दर्शाता है।
पौधे अपने शरीर के कुछ भाग खो देते हैं जबकि जानवरों के पास अलग-अलग अंग होते हैं।
इसलिए विकल्प 1 सही उत्तर है।
Biotechnology and Applied Biology · Agricultural practices (manures, fertilisers, irrigation, weeding)

Q2. पौधों को पोषक तत्व उपलब्ध कराने की प्रक्रिया के आधार पर, रासायनिक उर्वरकों और खादों के बीच मुख्य अंतर क्या है?

  1. (a) खादों में पोषक तत्वों की सांद्रता अधिक और परिवर्तनशीलता कम होती है।
  2. (b) रासायनिक उर्वरक, जैविक गतिविधि को बढ़ाते हैं।
  3. (c) खाद धीरे-धीरे पोषक तत्व मुक्त करती है।
  4. (d) पारंपरिक रासायनिक उर्वरक धीरे-धीरे पोषक तत्व मुक्त करते हैं।
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) खाद धीरे-धीरे पोषक तत्व मुक्त करती है।

रासायनिक उर्वरक जल्दी उपलब्ध पोषक तत्व प्रदान करते हैं।
खाद धीरे-धीरे पोषक तत्वों को छोड़ती है क्योंकि वह सड़ती है।
इसलिए, खाद से पोषक तत्वों की रिहाई धीरे-धीरे होती है।
मुख्य अंतर यही है: खाद पोषक तत्व धीरे-धीरे छोड़ती है।
अंतिम उत्तर: Option 3
Cell - Structure and Function · Nucleus and chromosomes

Q3. परिकेंद्रकी दिक्स्थान कहाँ होता है?

  1. (a) केंद्रक के अंदर
  2. (b) केंद्रकीय आवरण की दो परतों के मध्य
  3. (c) केंद्रक के बाहर
  4. (d) केंद्रिक के भीतर
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) केंद्रकीय आवरण की दो परतों के मध्य

Perinuclear space nukleus ki do paraton ke beech ki jagah hoti hai.
Nuclear envelope mein ek inner aur ek outer membrane hoti hai, jin ke beech perinuclear space hota hai.
Ye space na toh nucleus ke andar hota hai aur na bahar, balki dono paraton ke beech sthit hota hai.
Isliye, iska sahi sthal nuclear envelope ke do paraton ke beech hai.
अंतिम उत्तर: Option 2
Cell - Structure and Function · Plant cell and animal cell

Q4. निम्नलिखित में से कौन-सा, केवल पादप कोशिका में उपस्थित होता है?

  1. (a) कोशिका भित्ति (Cell wall)
  2. (b) रसधानी (Vacuoles)
  3. (c) केंद्रक (Nucleus)
  4. (d) अंतर्द्रव्यी जालिका (Endoplasmic reticulum)
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) कोशिका भित्ति (Cell wall)

विकल्प 1: कोशिका भित्ति केवल पौधे की कोशिकाओं में ही पाई जाती है।
वैक्यूओल, नाभिक और एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम दोनों प्रकार की कोशिकाओं में पाए जाते हैं।
कोशिका भित्ति पौधों की कोशिकाओं को संरचनात्मक समर्थन और सुरक्षा प्रदान करती है।
इसलिए, दिए गए विकल्पों में केवल कोशिका भित्ति पौधे की कोशिकाओं में विशेष है।
अंतिम उत्तर: विकल्प 1
Biotechnology and Applied Biology · Agricultural practices (manures, fertilisers, irrigation, weeding)

Q5. हरी खाद द्वारा मिट्टी में मुख्य रूप से कौन-से दो अवयव (elements) मिलाए जाते हैं?

  1. (a) पोटेशियम और मैग्नीशियम
  2. (b) नाइट्रोजन और पोटेशियम
  3. (c) नाइट्रोजन और फॉस्फोरस
  4. (d) फॉस्फोरस और कैल्शियम
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) नाइट्रोजन और फॉस्फोरस

ग्रीन मैन्योर पौधे की वह सामग्री होती है जिसे मिट्टी में मिलाकर उसकी उर्वरता बढ़ाई जाती है।
यह मिट्टी में आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है।
ग्रीन मैन्योर मुख्य रूप से मिट्टी में नाइट्रोजन और फास्फोरस तत्व जोड़ता है।
नाइट्रोजन प्रोटीन की मात्रा और सूक्ष्मजीवों की गतिविधि को बढ़ाकर मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है।
फास्फोरस जड़ के विकास और पौधे की समग्र वृद्धि को बढ़ावा देता है।
इसलिए ग्रीन मैन्योर मुख्य रूप से नाइट्रोजन और फास्फोरस प्रदान करता है।
अंतिम उत्तर: Option 3
Ecology and Environment · Waste management and biodegradable substances

Q6. गैर-जैवनिम्नीकरणीय पदार्थ पर्यावरण के लिए हानिकारक क्यों हैं?

  1. (a) जल में कोई प्रदूषण नहीं करते हैं
  2. (b) विघटन के लिए ऊष्मा एवं ताप की आवश्यकता होती है, हानिकारक रसायन छोड़ते हैं
  3. (c) बैक्टीरिया द्वारा विघटित हो सकते हैं
  4. (d) मृदा में आसानी से मिल जाते हैं
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) विघटन के लिए ऊष्मा एवं ताप की आवश्यकता होती है, हानिकारक रसायन छोड़ते हैं

विकिरणीय पदार्थ पर्यावरण के लिए हानिकारक होते हैं।
ये पदार्थ आसानी से टूटते नहीं हैं।
टूटने के लिए इन्हें ऊष्मा और तापमान की आवश्यकता होती है।
टूटते समय ये हानिकारक रसायन छोड़ते हैं।
ये रसायन पर्यावरण को प्रदूषित करते हैं।
इसलिए, ये पर्यावरण के लिए हानिकारक होते हैं।
अंतिम उत्तर: Option 2
Biotechnology and Applied Biology · Animal husbandry, poultry and fisheries

Q7. ब्रौलर (broilers) के लिए कुक्कुट आहार में विटामिन A और K की मात्रा को अधिक बनाए रखना क्यों महत्वपूर्ण है?

  1. (a) ब्रौलर को बाह्य परजीवी प्रतिरोधी बनाने के लिए।
  2. (b) स्वस्थ वृद्धि और विकास के लिए उचित पोषण सुनिश्चित करने के लिए।
  3. (c) ठंड के मौसम के प्रति उनकी सहनशीलता बढ़ाने के लिए।
  4. (d) अंडों के आकार को कम करने के लिए।
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) स्वस्थ वृद्धि और विकास के लिए उचित पोषण सुनिश्चित करने के लिए।

विकल्प 2 सही है।
विटामिन A broilers में स्वस्थ दृष्टि, त्वचा और रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
विटामिन K रक्त का थक्का बनने और हड्डी के स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
पोल्ट्री आहार में विटामिन A और K का स्तर उच्च रखने से broilers के स्वस्थ विकास और विकास के लिए उचित पोषण सुनिश्चित होता है।
अन्य विकल्प गलत हैं क्योंकि ये विटामिन विशेष रूप से परजीवी प्रतिरोध, ठंड सहिष्णुता या अंडे के आकार को प्रभावित नहीं करते।
इसलिए, मुख्य कारण broilers के स्वस्थ विकास और विकास का समर्थन करना है।
अंतिम उत्तर: Option 2
Biotechnology and Applied Biology · Animal husbandry, poultry and fisheries

Q8. दुधारू पशुओं के बाड़े में ढलवादार फर्श और उनके आहार में संतुलित आहार प्रदान करना क्यों महत्वपूर्ण है?

  1. (a) पशुओं के बाड़े को सूखा रखने और साफ-सफाई को सुगम बनाने और मोटे चारे के सेवन को कम करने हेतु।
  2. (b) परजीवियों से बचाने और फाइबर की मात्रा बढ़ाने हेतु।
  3. (c) बाड़े को सूखा रखने और साफ-सफाई को सुगम बनाने, तथा पशु स्वास्थ्य और दुग्ध उत्पादन को सहयोग प्रदान करने हेतु।
  4. (d) रोगों को रोकने और स्वास्थ्य और दूध उत्पादन में सहयोग प्रदान करने हेतु।
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) बाड़े को सूखा रखने और साफ-सफाई को सुगम बनाने, तथा पशु स्वास्थ्य और दुग्ध उत्पादन को सहयोग प्रदान करने हेतु।

समाधान :
ढलान वाली फ़र्श: पानी निकासी आसान , शेड सूखा , सफाई आसान।
संतुलित आहार: सभी पोषक तत्व मिलते हैं , स्वास्थ्य ठीक रहता है और दूध उत्पादन बढ़ता है।
सही विकल्प: शेड सूखा + सफाई + स्वास्थ्य + दूध उत्पादन।
Plant Physiology and Morphology · Photosynthesis - process and factors

Q9. बेल-जार प्रयोग में पोटेशियम हाइड्रॉक्साइड का उपयोग क्यों किया जाता है, जिसमें प्रकाश संश्लेषण शामिल है?

  1. (a) कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करने के लिए
  2. (b) जलोत्सर्जन के लिए
  3. (c) ऑक्सीजन की आपूर्ति करने के लिए
  4. (d) सूर्य का प्रकाश प्रदान करने के लिए
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करने के लिए

पोटैशियम हाइड्रोक्साइड (KOH) कार्बन डायऑक्साइड (CO2) को अवशोषित करता है।
बेल-जJar फोटोसिंथेसिस प्रयोग में CO2 को हटाना आवश्यक होता है।
KOH CO2 को अवशोषित करता है, जिससे जार के अंदर CO2 मुक्त वातावरण बनता है।
यह साबित करता है कि पौधे जो ऑक्सीजन छोड़ते हैं, वह पानी के टूटने से आता है, CO2 से नहीं।
इसलिए KOH का उपयोग CO2 को अवशोषित करने के लिए किया जाता है।
अंतिम उत्तर: Option 1

Physics (9)

Sound and Waves · Speed of sound in different media

Q10. जब एक ध्वनि तरंग वायु से जल में प्रवेश करती है, तो सीमा पार करते समय उसकी आवृत्ति, चाल और तरंगदैर्ध्य में क्या परिवर्तन होता है?

  1. (a) इसकी आवृत्ति कम होती है, चाल कम होती है और तरंगदैर्ध्य बढ़ जाती है।
  2. (b) इसकी आवृत्ति स्थिर रहती है, चाल कम होती है और तरंग दैर्ध्य कम हो जाती है।
  3. (c) इसकी आवृत्ति बढ़ती है, चाल समान रहती है और तरंगदैर्ध्य कम हो जाती है।
  4. (d) इसकी आवृत्ति स्थिर रहती है, चाल और तरंगदैर्ध्य बढ़ती है।
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) इसकी आवृत्ति स्थिर रहती है, चाल और तरंगदैर्ध्य बढ़ती है।

जब ध्वनि तरंग हवा से पानी में जाती है, उसकी आवृत्ति स्थिर रहती है क्योंकि आवृत्ति स्रोत पर निर्भर करती है, माध्यम पर नहीं।
पानी में ध्वनि की गति बढ़ जाती है क्योंकि पानी हवा की तुलना में अधिक सघन और लोचशील होता है।
तरंगदैर्घ्य इसीलिए बदलता है क्योंकि गति = आवृत्ति × तरंगदैर्घ्य होता है।
चूंकि आवृत्ति स्थिर है और गति बढ़ती है, इसलिए तरंगदैर्घ्य भी पानी में बढ़ेगा।
अंतिम उत्तर: Option 4
Magnetism and Magnetic Effects of Current · Domestic electric circuits, fuse and earthing

Q11. एक तकनीशियन को घरेलू परिपथ में एक नया उपकरण इस प्रकार जोड़ना है कि उसे पूर्ण वोल्टेज मिले और वह स्वतंत्र रूप से कार्य कर सके। तकनीशियन को क्या करना चाहिए?

  1. (a) विद्युत परिपथ में उपकरण को केवल उदासीन तार से ही संयोजित करें।
  2. (b) उपकरण को मौजूदा उपकरणों के साथ समांतर क्रम में संयोजित करें।
  3. (c) उपकरण को मौजूदा उपकरणों के साथ श्रेणी क्रम में संयोजित करें।
  4. (d) उपकरण को केवल भूसंपर्क तार से ही संयोजित करें।
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) उपकरण को मौजूदा उपकरणों के साथ समांतर क्रम में संयोजित करें।

सही उत्तर: विकल्प 2
घरेलू सर्किट में उपकरणों को पूर्ण वोल्टेज स्वतंत्र रूप से प्राप्त करना होता है।
जब उपकरण समानांतर जोड़े जाते हैं तो उन्हें पूरी वोल्टेज मिलती है।
श्रृंखला में जोड़ने पर वोल्टेज उपकरणों में विभाजित हो जाता है इसलिए यह उपयुक्त नहीं है।
केवल न्यूट्रल या अर्थ वायर से उपकरण को जोड़ना उसे चालू नहीं कर पाएगा।
इसलिए उपकरण को मौजूदा उपकरणों के साथ समानांतर जोड़ना चाहिए।
यह घरेलू वायरिंग की सामान्य विधि है।
यह सुरक्षा और सही संचालन सुनिश्चित करता है।
उत्तर पूर्ण।
Human Eye and the Colourful World · Defects of vision and their correction

Q12. एक छोटे बच्चे की अलग-अलग आँखों में निकट-दृष्टि दोष और दीर्घ-दृष्टि दोष दोनों का पता चलता है। सबसे उपयुक्त सुधारात्मक दृष्टिकोण क्या है?

  1. (a) प्रत्येक आँख के लिए अलग-अलग लेंस वाले चश्मे प्रदान करना (एक के लिए अवतल, दूसरे के लिए उत्तल)
  2. (b) दोनों आँखों में द्वि-फोकसी लेंस का उपयोग करना
  3. (c) दोनों आँखों में बेलनाकार लेंस का उपयोग करना
  4. (d) दोनों आँखों के लिए समान उत्तल लेंस प्रदान करना
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) प्रत्येक आँख के लिए अलग-अलग लेंस वाले चश्मे प्रदान करना (एक के लिए अवतल, दूसरे के लिए उत्तल)

यदि एक बच्चे की एक आँख में मायोपिया और दूसरी में हायपरमेट्रोपिया है, तो दोनों आँखों के लिए अलग-अलग लेंस आवश्यक हैं।
मायोपिया के लिए अवतल (concave) लेंस उपयोगी होते हैं।
हायपरमेट्रोपिया के लिए उत्तल (convex) लेंस आवश्यक होते हैं।
इसलिए, प्रत्येक आँख के लिए उपयुक्त लेंस प्रदान करने के लिए अलग-अलग लेंस वाला चश्मा दिया जाना चाहिए।
यह दृष्टि को दोनों आँखों में सही करेगा।
अंतिम उत्तर: Option 1
Light - Reflection and Mirrors · Spherical mirror terminology

Q13. यदि कोई बिंदु किसी गोलीय दर्पण के मुख्य अक्ष के नीचे स्थित है, तो गोलीय दर्पणों के लिए चिह्न परिपाटी (sign convention) के अनुसार इसकी लंबवत दूरी को कौन-सा चिह्न निर्दिष्‍ट किया जाता है?

  1. (a) दर्पण के प्रकार पर निर्भर करता है
  2. (b) ऋणात्मक
  3. (c) धनात्मक
  4. (d) शून्य
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) ऋणात्मक

वृत्ताकार दर्पण के लिए नियम के अनुसार, मुख्य अक्ष के नीचे स्थित दूरी का चिन्ह ऋणात्मक होता है।
मुख्य अक्ष से नीचे की दूरी को ऋण (-) चिह्न दिया जाता है।
इसलिए, यदि कोई बिन्दु मुख्य अक्ष के नीचे है, तो उसकी लंबवत दूरी का चिन्ह नकारात्मक होगा।
अंतिम उत्तर: Option 2
Force and Laws of Motion · Centripetal and centrifugal force

Q14. मान लीजिए एक छात्र एक मनोरंजन पार्क झूले का डिज़ाइन तैयार करना चाहता है जो सवारियों को एक समान चाल से एक वृत्त में घुमाए। छात्र को यह सुनिश्चित करने के लिए कौन-सी अवधारणा लागू करनी होगी कि वृत्तीय गति के दौरान सवारियां अपनी सीटों पर सुरक्षित रहें?

  1. (a) यादृच्छिक रूप से चाल बढ़ाने से वे सुरक्षित रहेंगे।
  2. (b) सवारियों को उनकी सीटों से बांधे रखने के लिए एक नियत बाह्य बल लगाना होगा।
  3. (c) सवारियों को एक समान वृत्तीय गति में बनाए रखने के लिए उन पर एक नियत आंतरिक (अभिकेंद्र) बल लगाना होगा।
  4. (d) सवारियों को अपनी सीटों पर बांधे रखने के लिए केवल गुरुत्वाकर्षण ही पर्याप्त है।
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) सवारियों को एक समान वृत्तीय गति में बनाए रखने के लिए उन पर एक नियत आंतरिक (अभिकेंद्र) बल लगाना होगा।

सही उत्तर विकल्प 3 है।
वृत्तीय गति में यात्रियों को सुरक्षित रखने के लिए एक निरंतर अंतःकेंद्रक बल (centripetal force) आवश्यक होता है।
यह बल वृत्त के केंद्र की ओर कार्य करता है और यात्रियों को वृत्त के रास्ते पर बनाए रखता है।
इस बल के बिना, जड़त्व के कारण यात्री बाहर की ओर उड़ सकते हैं।
इसलिए, राइड में यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यात्रियों पर निरंतर अंतःकेंद्रक बल लगे।
विकल्प 1 असुरक्षित है क्योंकि यादृच्छिक गति वृद्धि नियंत्रण काबू नहीं देती।
विकल्प 2 गलत है क्योंकि बल बाहर की ओर नहीं, अंदर की ओर होना चाहिए।
विकल्प 4 भी गलत है क्योंकि केवल गुरुत्वाकर्षण पर्याप्त नहीं है।
यह भौतिकी के वृत्तीय गति के मूल सिद्धांत पर आधारित है।
उत्तर है विकल्प 3।
Work, Energy and Power · Work and its sign

Q15. यदि बल लगाए जाने के बावजूद विस्थापन शून्य हो जाता है तो किए गए कार्य का क्या होगा?

  1. (a) किया गया कार्य नियत रहेगा।
  2. (b) किए गए कार्य मे कमी होगी।
  3. (c) किए गए कार्य में वृद्धि होगी।
  4. (d) किया गया कार्य शून्य होगा।
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) किया गया कार्य शून्य होगा।

कार्य इस सूत्र से मापा जाता है: कार्य = बल × विस्थापन × cos(θ)।
अगर विस्थापन शून्य हो, तो कार्य = बल × 0 × cos(θ) = 0 होगा।
इसलिए, चाहे बल कितना भी हो, अगर कोई विस्थापन नहीं है, तो कार्य शून्य होगा।
अतः सही उत्तर विकल्प 4 है।
Light - Reflection and Mirrors · Concave mirror - image formation and uses

Q16. जब एक अवतल दर्पण के वक्रता केंद्र (C) पर एक बिंब रखा जाता है, तो बनने वाले प्रतिबिंब की प्रकृति क्या होगी?

  1. (a) वास्तविक और उल्टा
  2. (b) अत्यधिक छोटा, बिंदु के साइज़ का
  3. (c) आभासी और सीधा
  4. (d) अभिवर्धित और उल्टा
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) वास्तविक और उल्टा

जब किसी उत्तल दर्पण के वक्रता के केंद्र (C) पर कोई वस्तु रखी जाती है,
तो छवि वहीँ वक्रता के केंद्र पर बनती है।
छवि वास्तविक होती है क्योंकि प्रकाश किरणें वहाँ संगमित होती हैं।
यह उलटी (inverted) होती है क्योंकि किरणें आपस में क्रॉस करती हैं।
छवि का आकार वस्तु के समान होता है।
इसलिए, छवि की प्रकृति होती है: वास्तविक और उलटी।
अंतिम उत्तर: Option 1
Magnetism and Magnetic Effects of Current · Force on a current-carrying conductor and Fleming's left-hand rule

Q17. कौन-सा नियम चुंबकीय क्षेत्र में धारावाही चालक पर कार्य करने वाले बल की दिशा को निर्धारित करने में सहायता करता है?

  1. (a) फ्लेमिंग के बाएं हाथ का नियम
  2. (b) फैराडे का नियम
  3. (c) एम्पीयर का नियम
  4. (d) दाएं हाथ का नियम
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) फ्लेमिंग के बाएं हाथ का नियम

प्रश्न में पूछा गया है कि किस नियम से चुंबकीय क्षेत्र में चालक पर लगने वाले बल की दिशा ज्ञात होती है।
फ्लेमिंग के बाएँ हाथ का नियम वह नियम है जो चालक पर लगने वाले बल की दिशा बताता है।
इस नियम में अंगूठा बल की दिशा, तर्जनी चुंबकीय क्षेत्र की दिशा और मध्यमा धारा की दिशा दर्शाती है।
फैराडे का नियम तांत्रिक प्रेरण से सम्बंधित है, ऐम्पीयर का नियम चुंबकीय क्षेत्र की दिशा के लिए है, और राइट-हैंड नियम कुछ अन्य चुंबकीय अवस्थाओं के लिए होता है।
इसलिए, सही उत्तर फ्लेमिंग का बाएँ हाथ का नियम है।
Electricity · Electric circuits and circuit symbols

Q18. टॉर्च का बल्ब केवल स्विच चालू करने पर ही क्यों जलता है?

  1. (a) क्योंकि बल्ब सेल के साथ श्रेणी में जुड़ा हुआ है
  2. (b) क्योंकि बल्ब कार्यात्मक है
  3. (c) क्योंकि स्विच परिपथ को पूर्ण कर देता है, जिससे विद्युत धारा प्रवाहित होने लगती है
  4. (d) क्योंकि बैटरी चार्ज होती है
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) क्योंकि स्विच परिपथ को पूर्ण कर देता है, जिससे विद्युत धारा प्रवाहित होने लगती है

टॉर्च का बल्ब तभी जलता है जब स्विच ऑन किया जाता है, क्योंकि स्विच सर्किट को पूरा करता है।
जब सर्किट पूरा हो जाता है, तो विद्युत धारा बैटरी से बल्ब तक प्रवाहित हो पाती है।
अगर स्विच ऑफ होता है, तो सर्किट खुला होता है और धारा प्रवाहित नहीं हो पाती, इसलिए बल्ब नहीं जलता।
इसलिए, स्विच इस बात को नियंत्रित करता है कि धारा प्रवाहित हो या नहीं।
अंतिम उत्तर: Option 3

Chemistry (9)

Metals and Non-metals · Chemical properties of metals

Q19. मैग्नीशियम फीता (Magnesium ribbon) ________ के साथ जलता है।

  1. (a) एक चमकीली सफेद लौ
  2. (b) एक पीली प्रदीप्त लौ
  3. (c) एक नीली अप्रदीप्त लौ
  4. (d) बिना किसी दृश्यमान लौ
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) एक चमकीली सफेद लौ

मैग्नीशियम रिबन हवा में जलने पर चमकीली सफेद लौ देता है।
यह उच्च तापमान पर मैग्नीशियम के जलने और मैग्नीशियम ऑक्साइड बनने की वजह से होता है।
इसलिए सही उत्तर है चमकीली सफेद लौ।
Carbon and its Compounds · Soaps and detergents

Q20. कौन-सा परिवर्तन, अपमार्जक विलयन में मिसेल (micelle) निर्माण को प्रवर्धित करेगा?

  1. (a) विलयन को तनु करने के लिए अतिरिक्त जल मिलाना
  2. (b) क्रांतिक मिसेल सांद्रता (CMC) से ऊपर अपमार्जक सांद्रण बढ़ाना
  3. (c) तापमान को क्राफ्ट पॉइंट से नीचे कम करना
  4. (d) क्रांतिक मिसेल सांद्रता (CMC) से नीचे अपमार्जक सांद्रण कम करना
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) क्रांतिक मिसेल सांद्रता (CMC) से ऊपर अपमार्जक सांद्रण बढ़ाना

संक्षिप्त व्याख्या:
माइसेल ( Micelle)तभी बनते हैं जब डिटर्जेंट की सांद्रताCritical Micelle Concentration (CMC)से अधिक हो जाती है।
CMC से कमहोने पर डिटर्जेंट के अणुअलग-अलग घोल में रहते हैं।
जब सांद्रताCMC से ऊपरजाती है , तो अणुएकत्र होकर माइसेल बनाते हैं।
इसलिएCMC से अधिक डिटर्जेंट की सांद्रता बढ़ाने से माइसेल बनने की प्रक्रिया बढ़ती है।
Metals and Non-metals · Reactivity series

Q21. नीचे सूचीबद्ध कौन-सी धातु तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल में मिलाए जाने पर सबसे प्रबल अभिक्रिया प्रदर्शित करती है?

  1. (a) लोहा
  2. (b) कॉपर
  3. (c) ज़िंक
  4. (d) मैग्नीशियम
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) मैग्नीशियम

विकल्प 4 सही है: मैग्नीशियम हाइड्रोक्लोरिक एसिड के साथ सबसे मजबूत प्रतिक्रिया करता है।
मैग्नीशियम, पतले हाइड्रोक्लोरिक एसिड के साथ तेजी से प्रतिक्रिया करता है और त्वरित रूप से हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करता है।
हाइड्रोक्लोरिक एसिड के साथ प्रतिक्रिया की तीव्रता के क्रम में धातुएँ इस प्रकार हैं: मैग्नीशियम > जिंक > लोहा > तांबा।
तांबा हाइड्रोक्लोरिक एसिड के साथ प्रतिक्रिया नहीं करता क्योंकि यह हाइड्रोजन से कम प्रतिक्रियाशील है।
इसलिए, दिए गए विकल्पों में मैग्नीशियम सबसे अधिक प्रतिक्रियाशील धातु है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में सामान्य रूप से यह प्रश्न प्रतिक्रियाशीलता श्रृंखला के ज्ञान के लिए पूछा जाता है।
इसलिए, सबसे मजबूत प्रतिक्रिया मैग्नीशियम के साथ होती है।
अंतिम उत्तर: Option 4
Atoms, Molecules and Mole Concept · Atomic mass and molecular mass

Q22. निम्नलिखित में से किस यौगिक का सूत्र इकाई द्रव्यमान 100 u है?

  1. (a) MgO
  2. (b) Na2CO3
  3. (c) CaCl2
  4. (d) CaCO3
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) CaCO3

फॉर्मूला यूनिट द्रव्यमान में सूत्र के सभी परमाणुओं के द्रव्यमान जोडते हैं।
विकल्प 1: MgO = Mg (24) + O (16) = 40 u।
विकल्प 2: Na2CO3 = 2×Na (23) + C (12) + 3×O (16) = 106 u।
विकल्प 3: CaCl2 = Ca (40) + 2×Cl (35.5) = 111 u।
विकल्प 4: CaCO3 = Ca (40) + C (12) + 3×O (16) = 100 u।
इसलिए, CaCO3 का फॉर्मूला यूनिट द्रव्यमान 100 u है।
अंतिम उत्तर: Option 4
Carbon and its Compounds · Ethanol and ethanoic acid

Q23. निम्नलिखित में से किस विकल्प में एथेनॉल (C₂H₅OH) के एक गुणधर्म का वर्णन नहीं किया गया है?

  1. (a) यह सभी अनुपातों में जल में विलेय होता है।
  2. (b) यह एक निर्मल, रंगहीन तरल है जिसकी गंध सुखद होती है।
  3. (c) यह नीले लिटमस पेपर को लाल कर देता है।
  4. (d) यह सोडियम के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस मुक्त करता है।
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) यह नीले लिटमस पेपर को लाल कर देता है।

एथेनॉल (C₂H₅OH) न्यूट्रल या बहुत कम अम्लीय होता है, इसलिए यह नीले लिटमस पेपर को लाल नहीं करता।
यह पानी में सभी अनुपातों में घुलनशील होता है, क्योंकि इसमें जल अणुओं के साथ हाइड्रोजन बंध होता है।
एथेनॉल एक स्पष्ट, रंगहीन द्रव होता है जिसकी खुशबू सुगंधित होती है।
यह सोडियम के साथ प्रतिक्रिया करता है और हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करता है: 2 C₂H₅OH + 2 Na → 2 C₂H₅ONa + H₂।
इसलिए, सही विकल्प वह है जो कहता है कि यह नीले लिटमस पेपर को लाल करता है, जो एथेनॉल के लिए गलत है।
अंतिम उत्तर: Option 3
Carbon and its Compounds · Chemical properties of carbon compounds (combustion, oxidation, addition, substitution)

Q24. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सभी संतृप्त हाइड्रोकार्बन के लिए सही है?

  1. (a) इनमें कम से कम एक द्वि-आबंध होता है।
  2. (b) वे योगज अभिक्रियाओं की अपेक्षा प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ प्रदर्शित करते हैं।
  3. (c) वे सरलतापूर्वक योगज अभिक्रिया कर लेते हैं।
  4. (d) त्रि-आबंध के कारण वे सामान्यतः अत्यधिक अभिक्रियाशील होते हैं।
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) वे योगज अभिक्रियाओं की अपेक्षा प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ प्रदर्शित करते हैं।

सही विकल्प: 2
सैचुरेटेड हाइड्रोकार्बन में केवल एकल बंध होते हैं।
इनमें डबल या ट्रिपल बॉन्ड नहीं होते, इसलिए विकल्प 1 और 4 गलत हैं।
चूँकि इनमें असंतृप्ति नहीं होती, ये एडिशन रिएक्शन की जगह सब्स्क्रिप्शन रिएक्शन करते हैं।
इसलिए, ये सब्स्क्रिप्शन रिएक्शंस दिखाते हैं।
इसलिए, विकल्प 2 सभी सैचुरेटेड हाइड्रोकार्बन्स के लिए सही है।
यह सैचुरेटेड हाइड्रोकार्बन के रसायनिक व्यवहार से मेल खाता है।
Mixtures, Solutions and Separation · Solutions, solubility and concentration

Q25. कौन-सा गुण बताता है कि जब एक किरण पुंज एक वास्तविक विलयन (True solution) से गुजरती है तो प्रकाश का मार्ग क्यों दिखाई नहीं देता है?

  1. (a) कणों को निस्यंदन द्वारा हटाया जा सकता है।
  2. (b) कण एक नैनोमीटर से छोटे होते हैं।
  3. (c) स्थिर रहने पर कण नीचे बैठ जाते हैं।
  4. (d) कण विलायक अणुओं से भारी होते हैं।
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) कण एक नैनोमीटर से छोटे होते हैं।

प्रकाश की किरण का मार्ग एक सच्चे विलयन में दिखाई नहीं देता क्योंकि उसमें कण बहुत ही छोटे होते हैं।
सच्चे विलयन में कणों का आकार एक नैनोमीटर से भी छोटा होता है।
इतने छोटे कण प्रकाश को बिखेरते नहीं हैं, इसलिए प्रकाश की किरण विलयन के माध्यम से गुजरती है लेकिन दिखाई नहीं देती।
टिंडाल प्रभाव केवल तभी होता है जब कण बड़े होते हैं, जैसे कोलॉइड में होते हैं।
इसलिए, प्रकाश का मार्ग दिखाई न देने का कारण कणों का अत्यंत छोटा आकार है।
अंतिम उत्तर: Option 2
Mixtures, Solutions and Separation · Homogeneous and heterogeneous mixtures

Q26. कौन-सा कथन एक विषमांगी मिश्रण का सही वर्णन करता है?

  1. (a) इसकी संरचना संपूर्ण मिश्रण में एकसमान नहीं होती है।
  2. (b) इसके अवयवों को भौतिक विधियों द्वारा अलग-अलग नहीं किया जा सकता है।
  3. (c) इसकी संरचना हमेशा निश्चित और नियत रहती है।
  4. (d) इसके कण समान रूप से कण स्तर पर वितरित होते हैं।
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) इसकी संरचना संपूर्ण मिश्रण में एकसमान नहीं होती है।

विकल्प 1 सही है।
एक विषम मिश्रण का संघटन पूरे मिश्रण में समान नहीं होता।
इसके विभिन्न घटक स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं।
घटक भौतिक विधियों से अलग किए जा सकते हैं।
अन्य विकल्प समविभाजित मिश्रण या शुद्ध पदार्थ की विशेषताएं बताते हैं।
इसलिए, विकल्प 1 विषम मिश्रण को सही ढंग से वर्णित करता है।
अंतिम उत्तर: Option 1
Matter and its States · States of matter and their properties

Q27. ठोसों को कठोर प्रकृति के रूप में क्यों वर्णित किया जाता है?

  1. (a) इनके कणों का द्रव्यमान और आयतन बहुत कम होता है।
  2. (b) इनके कण प्रबल आकर्षण बल के साथ आपस में कसकर बंधे हुए होते हैं।
  3. (c) बाहरी बल आरोपित होने पर इनके कण आसानी से फिसल जाते हैं।
  4. (d) इनके कण दुर्बल पारस्परिक आकर्षण के साथ स्वतंत्र रूप से गति करते रहते हैं।
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) इनके कण प्रबल आकर्षण बल के साथ आपस में कसकर बंधे हुए होते हैं।

ठोस को कठोर इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसके कण बहुत करीब-करीब जमा होते हैं।
इस नजदीकी व्यवस्था के कारण कणों के बीच आकर्षण बल बहुत मजबूत होते हैं।
मजबूत आकर्षण बल कणों को अपनी जगह पर स्थिर रखता है, जिससे उनकी चाल सीमित हो जाती है।
इसलिए, ठोस की निश्चित आकृति होती है और वे बाहरी बलों के प्रति दृढ़ता दिखाते हैं।
इससे ठोस कठोर दिखते हैं।
अंतिम उत्तर: Option 2
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