The editorial explained
Cyclone Arnab, this season's first named storm over the North Indian Ocean, caught forecasters off guard by strengthening at an unusually rapid pace. Several weather models failed to just how the system would eventually become before it struck the coast as a 'very cyclonic storm' on October 28. Such rapid intensification remains one of the toughest meteorologists face, since it leaves little time to warn vulnerable communities and revise evacuation plans accordingly.
हिंदी अर्थइस मौसम का पहला नामित तूफान चक्रवात अरनब, उत्तर हिंद महासागर में असामान्य रूप से तेज़ी से मज़बूत होकर मौसम विज्ञानियों को चौंका गया। कई मौसम मॉडल यह अनुमान (anticipate) लगाने में नाकाम रहे कि 28 अक्टूबर को 'अति गंभीर चक्रवाती तूफान' के रूप में तट से टकराने से पहले यह कितना शक्तिशाली हो जाएगा। इस तरह की तेज़ी से बढ़ती ताकत मौसम विज्ञानियों के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों (challenge) में से एक है, क्योंकि इससे कमज़ोर बस्तियों को चेतावनी देने और निकासी योजना बदलने का समय बहुत कम मिल जाता है।
বাংলা অনুবাদঘূর্ণিঝড় 'অর্ণব', এই মরশুমে উত্তর ভারত মহাসাগরে সৃষ্ট প্রথম নামাঙ্কিত ঝড়, অস্বাভাবিক দ্রুত গতিতে শক্তি সঞ্চয় করে আবহাওয়াবিদদের (forecasters) হতবাক করে দেয়। ২৮ অক্টোবর 'অতি তীব্র ঘূর্ণিঝড়' (very severe cyclonic storm) রূপে উপকূলে আছড়ে পড়ার আগে এটি ঠিক কতটা শক্তিশালী হয়ে উঠবে, তা বেশ কয়েকটি আবহাওয়া মডেল (weather models) আগাম অনুমান করতে ব্যর্থ হয়। এই ধরনের দ্রুত তীব্রতা বৃদ্ধি (rapid intensification) আবহাওয়াবিদদের কাছে এখনও সবচেয়ে কঠিন চ্যালেঞ্জগুলির একটি, কারণ এর ফলে ঝুঁকিপূর্ণ জনগোষ্ঠীকে সতর্ক করা এবং সেই অনুযায়ী উচ্ছেদ পরিকল্পনা (evacuation plans) সংশোধন করার জন্য খুব কম সময় থাকে।
The storm also behaved unpredictably in its , moving faster than expected towards land, then stalling briefly before beginning hours earlier than the India Meteorological Department had forecast. Because this shift happened in the middle of the night, many district authorities were left with a narrower window to high-risk . With core winds of 125 to 135 kilometres per hour, Arnab dumped over 100 mm of rain on Anakapalli, Visakhapatnam, Kalingapatnam, Kakinada and Machilipatnam in Andhra Pradesh.
हिंदी अर्थतूफान का रुख भी अप्रत्याशित रहा—यह तट की ओर अपेक्षा से तेज़ बढ़ा, फिर कुछ समय रुककर भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुमान से कई घंटे पहले ही तट से टकराना शुरू कर दिया। यह बदलाव आधी रात को हुआ, जिससे कई ज़िला प्रशासनों के पास खतरे वाली बस्तियों को खाली कराने का समय काफी कम बचा। 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ अरनब ने आंध्र प्रदेश के अनकापल्ली, विशाखापत्तनम, कलिंगपट्टनम, काकीनाडा और मछलीपट्टनम में 100 मिमी से अधिक बारिश बरसाई।
বাংলা অনুবাদঝড়টির স্থলভাগের দিকে অগ্রসর হওয়ার ধরনও ছিল অপ্রত্যাশিত—এটি প্রত্যাশার চেয়ে দ্রুত গতিতে ভূমির দিকে এগোয়, এরপর কিছুক্ষণ থমকে থেকে ভারতীয় আবহাওয়া দপ্তর (India Meteorological Department)-এর পূর্বাভাসের চেয়ে কয়েক ঘণ্টা আগেই স্থলভাগে আছড়ে পড়তে শুরু করে। এই পরিবর্তন মাঝরাতে ঘটায়, অনেক জেলা প্রশাসনের হাতে উচ্চ-ঝুঁকিপূর্ণ বসতি অঞ্চল খালি করার জন্য সময় আরও কম ছিল। ঘণ্টায় ১২৫ থেকে ১৩৫ কিলোমিটার বেগের কেন্দ্রীয় হাওয়া নিয়ে 'অর্ণব' অন্ধ্রপ্রদেশের আনাকাপল্লি, বিশাখাপত্তনম, কলিঙ্গপত্তনম, কাকিনাড়া এবং মছলিপত্তনমে ১০০ মিলিমিটারেরও বেশি বৃষ্টিপাত ঘটায়।
Even though is , southern Odisha may now face a greater than Andhra Pradesh did. Early reports suggested no deaths in either State, a outcome credited to management, though the Andhra Pradesh Chief Minister later confirmed five fatalities. Still, the suspension of road and air transport, school and office closures, and precautionary power cuts to prevent accidents from loose wires remain necessary steps to save lives, even though they heavy social and economic disruption that governments must once the storm passes.
हिंदी अर्थभूस्खलन (landfall) पूरा होने के बावजूद, दक्षिणी ओडिशा को अब आंध्र प्रदेश से भी बड़ा खतरा (threat) झेलना पड़ सकता है। शुरुआती रिपोर्टों में दोनों राज्यों में किसी की मौत न होने की बात कही गई, जिसका श्रेय सक्रिय (proactive) आपदा प्रबंधन को दिया गया, हालांकि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बाद में पांच मौतों की पुष्टि की। फिर भी सड़क और हवाई यातायात बंद करना, स्कूल-दफ्तर बंद करना, और ढीले तारों से हादसे रोकने के लिए बिजली काटना जैसे कदम जान बचाने के लिए ज़रूरी हैं, भले ही इनसे भारी सामाजिक-आर्थिक नुकसान जुड़ा (entail) हो, जिसे सरकारों को तूफान बीतने के बाद ज़रूर संबोधित (address) करना चाहिए।
বাংলা অনুবাদস্থলভাগে আছড়ে পড়া সম্পূর্ণ হলেও, অন্ধ্রপ্রদেশের তুলনায় দক্ষিণ ওড়িশা এখন বেশি ঝুঁকির মুখে পড়তে পারে। প্রাথমিক প্রতিবেদনে উভয় রাজ্যেই কোনো মৃত্যুর খবর ছিল না, যার কৃতিত্ব দেওয়া হয়েছিল সক্রিয় দুর্যোগ ব্যবস্থাপনাকে (disaster management), যদিও পরে অন্ধ্রপ্রদেশের মুখ্যমন্ত্রী পাঁচজনের মৃত্যুর কথা নিশ্চিত করেন। তা সত্ত্বেও, সড়ক ও বিমান চলাচল বন্ধ রাখা, স্কুল-অফিস বন্ধ রাখা এবং ঢিলে তারের কারণে দুর্ঘটনা এড়াতে সতর্কতামূলক বিদ্যুৎ বিচ্ছিন্ন করা—এই পদক্ষেপগুলি প্রাণ বাঁচানোর জন্য প্রয়োজনীয় থেকে যায়, যদিও এর ফলে যে বিপুল সামাজিক ও অর্থনৈতিক বিঘ্ন ঘটে, ঝড় কেটে যাওয়ার পর সরকারগুলিকে তা সামাল দিতে হবে।
Odisha's worry now is moisture carried in the cyclone's outer bands, arriving over land that has only partially from the fourth wettest monsoon in the State's recorded history. Soil that has not fully drained after repeated flooding could suffer new flooding even from modest rainfall, and hilly areas face a higher risk of slope failures. Farmers in Ganjam and Puri fear that waterlogging could standing paddy, adding to losses already caused by an unusually heavy monsoon; Ganjam alone had lost a third of its crops by October.
हिंदी अर्थओडिशा की चिंता अब चक्रवात के बाहरी घेरे में मौजूद नमी को लेकर है, जो उस ज़मीन पर पहुंच रही है जो राज्य के इतिहास के चौथे सबसे अधिक बारिश वाले मानसून से अभी पूरी तरह उबर (recover) भी नहीं पाई है। बार-बार आई बाढ़ के बाद जो मिट्टी ठीक से सूखी नहीं है, वह मामूली बारिश से भी फिर बाढ़ का शिकार हो सकती है, और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। गंजाम और पुरी के किसानों को डर है कि लंबे समय तक (prolonged) जलभराव खड़ी धान की फसल बर्बाद (destroy) कर सकता है, जिससे पहले से भारी मानसून के कारण हुआ काफी (considerable) नुकसान और बढ़ जाएगा; अकेले गंजाम में अक्टूबर तक एक-तिहाई फसल बर्बाद हो चुकी थी।
বাংলা অনুবাদওড়িশার এখন উদ্বেগের কারণ হলো ঘূর্ণিঝড়ের বাইরের বলয়ে বহন করা আর্দ্রতা, যা এমন এক ভূখণ্ডের উপর এসে পড়ছে যা রাজ্যের ইতিহাসে চতুর্থ সর্বোচ্চ বৃষ্টিপাতযুক্ত বর্ষা (monsoon) থেকে এখনও পুরোপুরি সেরে ওঠেনি। বারবার বন্যার কারণে যে মাটি এখনও পুরোপুরি জল নিষ্কাশিত হয়নি, সামান্য বৃষ্টিতেও তা নতুন করে প্লাবিত হতে পারে, আর পাহাড়ি এলাকাগুলিতে ভূমিধসের ঝুঁকি আরও বেশি। গঞ্জাম ও পুরীর কৃষকরা আশঙ্কা করছেন যে দীর্ঘস্থায়ী জলাবদ্ধতা দাঁড়ানো ধান ফসল নষ্ট করে দিতে পারে, যা ইতিমধ্যেই অস্বাভাবিক ভারী বর্ষার কারণে হওয়া ক্ষতির সঙ্গে যুক্ত হবে; অক্টোবরের মধ্যেই একা গঞ্জামেই তার এক-তৃতীয়াংশ ফসল নষ্ট হয়ে গেছে।
Not every district shares the same anxiety, however. In Sundargarh, farmers are actually hoping Arnab brings relief from dry-weather on their crops after a largely rainless month. The IMD has issued alerts for Ganjam, Gajapati, Rayagada, Koraput, Malkangiri, Nabarangpur and Kalahandi as the rain belt further north across the State, showing how the same storm can bring both danger and relief depending on local conditions.
हिंदी अर्थहालांकि हर ज़िले में चिंता एक जैसी नहीं है। सुंदरगढ़ में किसानों को उम्मीद है कि अरनब सूखे महीने के बाद उनकी फसलों पर पड़े जल-तनाव (stress) से राहत देगा। IMD ने गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट, मलकानगिरि, नबरंगपुर और कालाहांडी में चेतावनी जारी की है, क्योंकि बारिश की पट्टी राज्य में और उत्तर की ओर फैल (extend) रही है—यह दिखाता है कि एक ही तूफान अलग-अलग इलाकों में खतरा भी ला सकता है और राहत भी।
বাংলা অনুবাদতবে প্রতিটি জেলায় একই রকম উদ্বেগ নেই। সুন্দরগড়ে, দীর্ঘ প্রায় বৃষ্টিহীন মাসের পর কৃষকরা বরং আশা করছেন যে 'অর্ণব' তাদের ফসলের উপর থেকে খরা-জনিত চাপ কমাতে কিছুটা স্বস্তি নিয়ে আসবে। রাজ্যজুড়ে বৃষ্টির বলয় আরও উত্তরে বিস্তৃত হওয়ায় ভারতীয় আবহাওয়া দপ্তর (IMD) গঞ্জাম, গজপতি, রায়গড়া, কোরাপুট, মালকানগিরি, নবরংপুর ও কালাহান্ডির জন্য সতর্কতা জারি করেছে, যা দেখিয়ে দেয় যে একই ঝড় স্থানীয় পরিস্থিতি অনুযায়ী বিপদ এবং স্বস্তি—দুই-ই বয়ে আনতে পারে।
The comparatively low death toll so far is a genuine credit to coordinated governance and timely warnings in both States. Yet the scale of property and infrastructure damage is a reminder that a truly resilient strategy cannot stop at saving lives. States must now move towards what could be called a zero-disruption , since families who lose homes, crops or livelihoods risk being pushed into poverty long after the winds have died down and the sense of emergency has faded.
हिंदी अर्थअब तक अपेक्षाकृत कम मौतों की संख्या दोनों राज्यों में समन्वित प्रशासन और समय पर दी गई चेतावनियों का असली सबूत है। लेकिन संपत्ति और बुनियादी ढांचे को हुआ भारी नुकसान याद दिलाता है कि एक सच्ची मज़बूत आपदा रणनीति सिर्फ जानें बचाने तक सीमित नहीं रह सकती। राज्यों को अब एक 'शून्य-व्यवधान' नज़रिये (approach) की ओर बढ़ना होगा, क्योंकि जिन परिवारों के घर, फसल या आजीविका खत्म हो गई, उनके गरीबी में धकेले जाने का खतरा तूफान की हवाएं थमने और आपातकाल का सामान्य (general) माहौल खत्म होने के बाद भी बना रहता (persist) है।
বাংলা অনুবাদএখন পর্যন্ত তুলনামূলকভাবে কম মৃত্যুর সংখ্যা উভয় রাজ্যের সমন্বিত প্রশাসন (governance) ও সময়োপযোগী সতর্কবার্তার প্রকৃত কৃতিত্ব। তবুও সম্পত্তি ও পরিকাঠামোর (infrastructure) ব্যাপক ক্ষতি আমাদের মনে করিয়ে দেয় যে প্রকৃত অর্থে স্থিতিস্থাপক (resilient) দুর্যোগ কৌশল কেবল প্রাণ বাঁচানোতেই থেমে থাকতে পারে না। রাজ্যগুলিকে এখন তথাকথিত 'শূন্য-বিঘ্ন' (zero-disruption) পদ্ধতির দিকে এগোতে হবে, কারণ যেসব পরিবার ঘরবাড়ি, ফসল বা জীবিকা হারায়, ঝড়ের বাতাস থেমে যাওয়ার এবং সাধারণ জরুরি অবস্থার অনুভূতি মিলিয়ে যাওয়ার অনেক পরেও তারা দারিদ্র্যের দিকে ঠেলে যাওয়ার ঝুঁকিতে থাকে।
Based on the editorial “Hunker down: On Cyclone Arnab, its landfall” in The Hindu – read the original. Explanation, Hindi lines, vocabulary and quiz written by RBE for exam preparation. RBE is not affiliated with or endorsed by The Hindu.