Q4. आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) जनवरी-मार्च 2026 के अनुसार, अक्टूबर-दिसंबर 2025 की तिमाही की तुलना में बेरोजगारी दरों में क्या बदलाव आया?
- (a) तिमाही के दौरान ग्रामीण और शहरी दोनों बेरोजगारी दरों में वृद्धि हुई।
- (b) ग्रामीण बेरोजगारी में गिरावट आई, जबकि शहरी बेरोजगारी में मामूली वृद्धि हुई।
- (c) ग्रामीण बेरोजगारी में वृद्धि हुई, जबकि शहरी बेरोजगारी में मामूली गिरावट आई।
- (d) तिमाही के दौरान ग्रामीण और शहरी बेरोजगारी दरें अपरिवर्तित रहीं।
उत्तर और व्याख्या
उत्तर: (c) ग्रामीण बेरोजगारी में वृद्धि हुई, जबकि शहरी बेरोजगारी में मामूली गिरावट आई।
उत्तर: विकल्प 3 – ग्रामीण बेरोजगारी में वृद्धि हुई, जबकि शहरी बेरोजगारी में मामूली गिरावट आई।
• PLFS (जनवरी–मार्च 2026) के अनुसार, पिछली तिमाही की तुलना में ग्रामीण बेरोजगारी बढ़ी जबकि शहरी बेरोजगारी में मामूली गिरावट आई।
Q9. In the context of the December 2025 breakthrough in computer-aided drug discovery, the novel open-source computational framework PathGennie primarily addresses which key limitation of traditional molecular dynamics (MD) simulations?
- (a) Incompatibility of MD simulations with quantum chemical calculations
- (b) Excessive memory consumption during protein structure visualization
- (c) Inability to compute drug binding affinity under physiological pH
- (d) Difficulty in accurately simulating rare unbinding events without introducing artificial bias forces
उत्तर और व्याख्या
उत्तर: (d) Difficulty in accurately simulating rare unbinding events without introducing artificial bias forces
उत्तर: विकल्प 4 – Difficulty in accurately simulating rare unbinding events without introducing artificial bias forces।
• PathGennie, MD सिमुलेशन में कृत्रिम बायस बलों को लाए बिना दुर्लभ अनबाइंडिंग घटनाओं के सिमुलेशन की समस्या का समाधान करता है।
Q21. किसी परिनालिका का उपयोग उसके अंदर रखे मृदु लोहे के टुकड़े को चुंबकित करने के लिए क्यों किया जा सकता है?
- (a) क्योंकि परिनालिका उसके अंदर प्रबल और एकसमान चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करती है
- (b) क्योंकि परिनालिका उसके अंदर दुर्बल और प्रकीर्ण चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करती है
- (c) क्योंकि परिनालिका चुंबकीय क्षेत्रों को मृदु लोहे में प्रवेश करने से रोकती है
- (d) क्योंकि परिनालिका केवल उसके बाहर असमान क्षेत्र उत्पन्न करती है
उत्तर और व्याख्या
उत्तर: (a) क्योंकि परिनालिका उसके अंदर प्रबल और एकसमान चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करती है
उत्तर: विकल्प 1 – क्योंकि परिनालिका उसके अंदर प्रबल और एकसमान चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करती है।
• धारावाही परिनालिका के अंदर प्रबल, एकसमान चुंबकीय क्षेत्र होता है (छड़ चुंबक की तरह), जो मृदु लोहे की क्रोड को चुंबकित कर देता है।
Motion · Motion graphs (distance-time, velocity-time)
Q25. निम्नलिखित में से कौन-सी स्थिति, स्थिति-समय ग्राफ पर शून्य रैखिक वेग वाली वस्तु को दर्शाती है?
- (a) मूल-बिंदु से उर्ध्वमुखी-प्रवणता वाली एक सीधी रेखा
- (b) मूल-बिंदु से अधोमुखी-प्रवणता वाली एक सीधी रेखा
- (c) बाईं ओर से दाईं ओर बढ़ती हुई एक वक्रित रेखा
- (d) समय अक्ष के समानांतर एक क्षैतिज सीधी रेखा
उत्तर और व्याख्या
उत्तर: (d) समय अक्ष के समानांतर एक क्षैतिज सीधी रेखा
उत्तर: विकल्प 4 – समय अक्ष के समानांतर एक क्षैतिज सीधी रेखा।
• स्थिति–समय ग्राफ पर, शून्य वेग = शून्य ढाल = एक क्षैतिज रेखा (स्थिति नहीं बदल रही)।
Q32. एक विद्यार्थी एथेनॉल को क्षारीय पोटेशियम परमैंगनेट के साथ गर्म करता है। कौन सा अवलोकन इस बात की पुष्टि करता है कि ऑक्सीकरण प्रक्रिया हुई?
- (a) KMnO4 का बैंगनी रंग फीका पड़ जाता है और एक तीखी गंध वाला तरल पदार्थ बन जाता है।
- (b) एक मीठी सुगंध वाले एस्टर का निर्माण
- (c) रंग या गंध में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
- (d) जलने की गंध वाली गैस का उत्सर्जन
उत्तर और व्याख्या
उत्तर: (a) KMnO4 का बैंगनी रंग फीका पड़ जाता है और एक तीखी गंध वाला तरल पदार्थ बन जाता है।
उत्तर: विकल्प 1 – KMnO4 का बैंगनी रंग फीका पड़ जाता है और एक तीखी गंध वाला तरल पदार्थ बन जाता है।
• एथेनॉल का एथेनॉइक अम्ल में ऑक्सीकरण KMnO₄ को रंगहीन कर देता है और एक तीखी गंध वाला अम्ल देता है।
Acids, Bases and Salts · Common salts - preparation and uses (baking soda, washing soda, bleaching powder, plaster of Paris)
Q34. सोडियम कार्बोनेट (वाशिंग सोडा) का उपयोग निम्नलिखित में से किस उद्योग में किया जाता है?
a. कांच
b. साबुन
c. कागज ̲
- (a) केवल a और b
- (b) a, b और c
- (c) केवल a और c
- (d) केवल b और c
उत्तर और व्याख्या
उत्तर: (b) a, b और c
उत्तर: विकल्प 2 – a, b और c।
• वाशिंग सोडा (Na₂CO₃) का उपयोग कांच, साबुन और कागज उद्योगों में किया जाता है।