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Delhi Police Head Constable 2025-26 9 जनवरी 2026 शिफ्ट 1 – GK प्रश्न – उत्तर व व्याख्या सहित

Delhi Police Head Constable 2025-26 (9 जनवरी 2026 शिफ्ट 1) में पूछे गए सभी 18 GK / सामान्य अध्ययन प्रश्न, सही उत्तर और व्याख्या के साथ – विषयवार।

📚 18 प्रश्न🗓️ 9 जनवरी 2026⏰ शिफ्ट 1
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विषय: Static GK (6) · Polity (1) · Computer (1) · Geography (2) · Economics (4) · Ancient History (1) · Modern History (2) · Chemistry (1)

Static GK (6)

Dances · Classical dances and their states

Q1. निम्नलिखित में से कौन सा नृत्य रूप शास्त्रीय और लोक तत्वों के मिश्रण को शामिल करता है, जिसमें अक्सर पुरुष नर्तक महिला वेशभूषा में पौराणिक विषयों को दर्शाते हैं?

  1. (a) मोहिनीअट्टम
  2. (b) कथकली
  3. (c) कुचिपुड़ी
  4. (d) यक्षगान
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) कुचिपुड़ी

सही उत्तर: विकल्प 3 – कुचिपुड़ी
कुचिपुड़ी आंध्र प्रदेश का एक शास्त्रीय नृत्य रूप है जो शास्त्रीय (शास्त्र-आधारित) और लोक नाट्य तत्वों का अनूठा मिश्रण है। इसकी सबसे विशिष्ट विशेषता कुचिपुड़ी गांव के पुरुष ब्राह्मण नर्तकों द्वारा स्त्री भूमिकाएं (स्त्री वेषम) निभाने की परंपरा है — जिसमें वे महिला वेशभूषा धारण कर भागवत पुराण जैसे ग्रंथों से महिला पौराणिक पात्रों का चित्रण करते हैं। पौराणिक प्रदर्शनों के लिए पुरुषों द्वारा स्त्री वेश धारण करने की यह परंपरा कुचिपुड़ी की एक पहचान है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
विकल्प 1 (मोहिनीअट्टम): यह केरल का एक शास्त्रीय नृत्य है जो विशेष रूप से महिलाओं द्वारा किया जाता है — इसमें पुरुष नर्तक महिला वेशभूषा में नहीं होते हैं।
विकल्प 2 (कथकली): हालांकि कथकली में भी पुरुष कलाकार और पौराणिक विषय शामिल होते हैं, लेकिन यह मुख्य रूप से विस्तृत वेशभूषा और मेकअप के साथ एक शास्त्रीय नृत्य-नाटिका के रूप में जाना जाता है। यह कुचिपुड़ी की तरह लोक तत्वों को विशेष रूप से मिश्रित नहीं करता है, और इसकी मुख्य विशेषता पुरुष द्वारा स्त्री वेश धारण करने की परंपरा के बजाय विस्तृत चेहरे का मेकअप (चुट्टी) है।
विकल्प 4 (यक्षगान): यह तटीय कर्नाटक का एक पारंपरिक नाट्य रूप है जिसमें नृत्य, संगीत और नाटक के तत्व शामिल हैं। हालांकि इसमें कलाकार महिला भूमिकाएं निभाते हैं, यह मुख्य रूप से एक लोक/अर्ध-शास्त्रीय रूप है, जो पुरुष कलाकारों द्वारा महिला पौराणिक भूमिकाओं में शास्त्रीय-लोक मिश्रण के इस विशिष्ट संयोजन के लिए विशेष रूप से ज्ञात नहीं है।
Festivals, Fairs, Paintings and Crafts · Painting styles and schools

Q2. कौन से क्रांतिकारी भारतीय कलाकार, जिन्हें एक बार 'भारत का पिकासो' कहा गया था, हिंदू देवी-देवताओं के चित्रण को लेकर विवादों में घिरे रहे और अपने अंतिम वर्षों में निर्वासन में रहे?

  1. (a) एस.एच. रजा
  2. (b) तैयब मेहता
  3. (c) एम.एफ. हुसैन
  4. (d) अमृता शेरगिल
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) एम.एफ. हुसैन

सही उत्तर: विकल्प 3 – एम.एफ. हुसैन
मकबूल फिदा हुसैन (एम.एफ. हुसैन, 1915–2011) भारत के सबसे प्रसिद्ध और विवादास्पद आधुनिक कलाकारों में से एक थे। उन्हें आधुनिक भारतीय कला में उनके क्रांतिकारी योगदान के लिए 'भारत का पिकासो' उपनाम दिया गया था। उन्हें हिंदू देवियों (दुर्गा, सरस्वती) को नग्न दर्शाने वाली अपनी पेंटिंग्स के लिए गंभीर विवादों और कानूनी मामलों का सामना करना पड़ा था। धमकियों और कानूनी उत्पीड़न के कारण, उन्होंने अपने अंतिम वर्षों में भारत छोड़ दिया और कतरी नागरिकता स्वीकार कर ली, 2011 में लंदन में उनका निधन हो गया।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
विकल्प 1 (एस.एच. रजा): सैयद हैदर रजा एक प्रसिद्ध भारतीय चित्रकार थे जो आध्यात्मिक प्रतीकवाद (बिंदु श्रृंखला) के साथ अपने अमूर्त कार्यों के लिए जाने जाते थे। वह दशकों तक फ्रांस में रहे लेकिन उन्हें 'भारत का पिकासो' नहीं कहा गया और उन्हें हिंदू देवी-देवताओं को चित्रित करने के लिए विवादों का सामना नहीं करना पड़ा।
विकल्प 2 (तैयब मेहता): तैयब मेहता बॉम्बे प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट्स ग्रुप के सदस्य थे जो अपने साहसिक चित्रात्मक कार्यों के लिए जाने जाते थे। उन्हें 'भारत का पिकासो' उपाधि से नहीं जोड़ा जाता।
विकल्प 4 (अमृता शेरगिल): वह स्वतंत्रता-पूर्व भारत की एक अग्रणी महिला चित्रकार थीं। उन्हें 'भारत का पिकासो' नहीं कहा जाता था और वह इस प्रकार के विवाद में शामिल नहीं थीं।
Sports · Other sports and tournaments (tennis, chess, badminton, etc.)

Q3. लंबे अंतराल के बाद, भारत ने 2022 में राष्ट्रीय खेलों को फिर से शुरू किया।
इन खेलों की मेजबानी किस राज्य ने की थी, और इस आयोजन के दौरान कौन सा प्रमुख तकनीकी नवाचार पेश किया गया था?

  1. (a) राजस्थान – एथलीट वोटिंग ऐप
  2. (b) कर्नाटक – डिजिटल स्कोरिंग बोर्ड
  3. (c) गुजरात – रीयल-टाइम एथलीट ट्रैकिंग और लाइव स्ट्रीमिंग
  4. (d) तमिलनाडु – एआई-आधारित प्रशिक्षण प्रणाली
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) गुजरात – रीयल-टाइम एथलीट ट्रैकिंग और लाइव स्ट्रीमिंग

सही उत्तर: विकल्प 3 – गुजरात – रीयल-टाइम एथलीट ट्रैकिंग और लाइव स्ट्रीमिंग
36वें राष्ट्रीय खेल 2022 का आयोजन गुजरात (अहमदाबाद, गांधीनगर, सूरत, वडोदरा, राजकोट और भावनगर) में 27 सितंबर से 10 अक्टूबर 2022 तक किया गया था। यह 6 साल के अंतराल के बाद (पिछली बार 2015 में केरल में आयोजित) भारत में आयोजित होने वाले पहले राष्ट्रीय खेल थे। एक प्रमुख तकनीकी नवाचार रीयल-टाइम एथलीट ट्रैकिंग और आयोजनों की लाइव स्ट्रीमिंग था, जिसने खेलों को पूरे भारत में दर्शकों के लिए अधिक सुलभ बनाया और खेल अनुभव को बढ़ाया।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
विकल्प 1 (राजस्थान – एथलीट वोटिंग ऐप): राजस्थान ने 2022 के राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी नहीं की थी।
विकल्प 2 (कर्नाटक – डिजिटल स्कोरिंग बोर्ड): कर्नाटक 2022 के राष्ट्रीय खेलों के लिए मेजबान राज्य नहीं था।
विकल्प 4 (तमिलनाडु – एआई-आधारित प्रशिक्षण प्रणाली): तमिलनाडु ने 2022 के राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी नहीं की थी।
Awards and Honours · Sports awards (Khel Ratna, Arjuna, Dronacharya, Dhyan Chand)

Q4. प्रसिद्ध ध्यानचंद पुरस्कार किस लिए दिया जाता है?

  1. (a) अंतर्राष्ट्रीय कोचिंग में उत्कृष्टता
  2. (b) खेलों में लाइफटाइम उपलब्धि
  3. (c) सर्वश्रेष्ठ पदार्पण करने वाला खिलाड़ी
  4. (d) जूनियर खेल प्रतिभा
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) खेलों में लाइफटाइम उपलब्धि

सही उत्तर: विकल्प 2 – खेलों में लाइफटाइम उपलब्धि
ध्यानचंद पुरस्कार (लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से नाम बदलकर) खेलों में आजीवन योगदान के लिए भारत का सर्वोच्च खेल सम्मान है। यह भारत के राष्ट्रपति द्वारा उन खिलाड़ियों को दिया जाता है जिन्होंने अपने प्रदर्शन से खेलों में योगदान दिया है और सक्रिय खेल से संन्यास के बाद भी ऐसा करना जारी रखा है।
भारत में प्रमुख खेल पुरस्कार:
• मेजर ध्यानचंद खेल रत्न: 4 वर्षों से अधिक के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सर्वोच्च खेल सम्मान।
• अर्जुन पुरस्कार: पिछले 4 वर्षों से लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए।
• द्रोणाचार्य पुरस्कार: पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को तैयार करने वाले कोचों के लिए।
• ध्यानचंद पुरस्कार: खेलों में आजीवन योगदान के लिए (संन्यास के बाद भी)।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
विकल्प 1 (अंतर्राष्ट्रीय कोचिंग): द्रोणाचार्य पुरस्कार कोचिंग उत्कृष्टता के लिए है — न कि ध्यानचंद पुरस्कार।
विकल्प 3 (सर्वश्रेष्ठ पदार्पणकर्ता): सर्वश्रेष्ठ पदार्पण करने वाले खिलाड़ी के लिए विशेष रूप से कोई राष्ट्रीय पुरस्कार नहीं है।
विकल्प 4 (जूनियर खेल प्रतिभा): जूनियर प्रतिभा को अन्य मंचों (जैसे खेलो इंडिया) के माध्यम से पहचाना जाता है; ध्यानचंद पुरस्कार लाइफटाइम उपलब्धि के लिए है।
Festivals, Fairs, Paintings and Crafts · Folk theatre forms by state

Q5. पेरुपालेम बीच फेस्टिवल के दौरान कौन सी पारंपरिक मौखिक कला शैली का प्रदर्शन किया जाता है?

  1. (a) यक्षगान
  2. (b) बुरा कथा
  3. (c) नौटंकी
  4. (d) थेरुकोथु
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) बुरा कथा

सही उत्तर: विकल्प 2 – बुरा कथा
बुरा कथा आंध्र प्रदेश की एक पारंपरिक तेलुगु मौखिक कहानी कहने की कला शैली है। इसमें तीन कलाकार शामिल होते हैं - मुख्य कथावाचक (कथाकुडु) और दो सहायक - जो 'बुडिके तंबूरा' (एक लौकी से बना तार वाला वाद्य यंत्र) नामक पारंपरिक वाद्य यंत्र का उपयोग करते हैं। इसमें गीत और संवादों के माध्यम से पौराणिक कथाओं, लोककथाओं और सामाजिक विषयों की कहानियाँ सुनाई जाती हैं। चूंकि पेरुपालेम बीच फेस्टिवल आंध्र प्रदेश में आयोजित किया जाता है, इसलिए बुरा कथा — क्षेत्र की एक पारंपरिक कला शैली — इस महोत्सव में प्रदर्शित की जाती है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
विकल्प 1 (यक्षगान): यक्षगान तटीय कर्नाटक का एक पारंपरिक नाट्य रूप है — आंध्र प्रदेश का नहीं।
विकल्प 3 (नौटंकी): नौटंकी उत्तर भारत (उत्तर प्रदेश, राजस्थान) का एक पारंपरिक लोक नाट्य है — आंध्र प्रदेश का नहीं।
विकल्प 4 (थेरुकोथु): थेरुकोथु तमिलनाडु का एक पारंपरिक नुक्कड़ नाटक है — आंध्र प्रदेश का नहीं।
Sports · Sports terminology

Q6. कॉलम A में दिए गए निम्नलिखित शब्दों का कॉलम B में दिए गए सही खेल से मिलान करें:
कॉलम A (शब्द) | कॉलम B (खेल)
A. रेड | 1. कुश्ती
B. एन पासेंट | 2. कबड्डी
C. नॉकआउट | 3. शतरंज

  1. (a) A-2, B-3, C-1
  2. (b) A-1, B-2, C-3
  3. (c) A-3, B-1, C-2
  4. (d) A-2, B-1, C-3
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) A-2, B-3, C-1

सही उत्तर: विकल्प 1 – A-2, B-3, C-1
रेड (A) → कबड्डी (2):
एक 'रेड' कबड्डी में एक मूलभूत हमलावर चाल है, जहाँ एक टीम का खिलाड़ी प्रतिद्वंद्वी के आधे हिस्से में प्रवेश करता है, विरोधियों को टैग करता है, और "कबड्डी, कबड्डी..." का जाप करते हुए एक ही सांस में अपने आधे हिस्से में लौटने की कोशिश करता है।
एन पासेंट (B) → शतरंज (3):
'एन पासेंट' शतरंज में एक विशेष मोहरे को पकड़ने वाली चाल है। यह तब होता है जब एक मोहरा अपनी शुरुआती स्थिति से दो वर्ग आगे बढ़ता है और एक प्रतिद्वंद्वी मोहरे के पकड़ने वाले वर्ग से गुजरता है — प्रतिद्वंद्वी का मोहरा इसे ऐसे पकड़ सकता है जैसे कि वह केवल एक वर्ग चला हो।
नॉकआउट (C) → कुश्ती (1):
जबकि 'नॉकआउट' आमतौर पर मुक्केबाजी से जुड़ा है, कुश्ती के संदर्भ में, एक पिनफॉल या तकनीकी नॉकआउट मैच को समाप्त करता है। भारतीय पारंपरिक कुश्ती (कुश्ती) में, प्रतिद्वंद्वी के कंधों को जमीन पर टिकाना (एक प्रकार का 'नॉकआउट') विजेता का फैसला करता है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
विकल्प 2, 3, 4: सभी में गलत खेल-शब्द युग्म हैं।

Polity (1)

Judiciary · Landmark judgments

Q7. निम्नलिखित में से कौन सा कथन भारत में LGBTQIA+ अधिकारों की वर्तमान कानूनी और सामाजिक स्थिति का सबसे अच्छी तरह से वर्णन करता है,
सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णयों और हालिया विधायी प्रयासों को भी ध्यान में रखते हुए?

  1. (a) नवतेज सिंह जौहर बनाम भारत संघ (2018) मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने सहमति से समलैंगिक संबंधों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया, लेकिन समलैंगिक विवाह और गोद लेने के अधिकार अभी भी अमान्य हैं, और कोई व्यापक भेदभाव-विरोधी कानून लागू नहीं है।
  2. (b) ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019, LGBTQIA+ समुदाय द्वारा उठाई गई सभी चिंताओं को पूरी तरह से संबोधित करता है, जिसमें लिंग की स्व-पहचान और कार्यस्थल पर भेदभाव से सुरक्षा शामिल है।
  3. (c) अंतर्राष्ट्रीय दबाव और सक्रियता के बावजूद, भारतीय दंड संहिता अभी भी धारा 377 के तहत सहमति से समलैंगिक कृत्यों को आपराधिक मानती है।
  4. (d) भारत में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता प्राप्त है, और सरकार ने LGBTQIA+ जोड़ों को पूर्ण विरासत और गोद लेने के अधिकार प्रदान करने वाले व्यापक कानून पारित किए हैं।
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) नवतेज सिंह जौहर बनाम भारत संघ (2018) मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने सहमति से समलैंगिक संबंधों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया, लेकिन समलैंगिक विवाह और गोद लेने के अधिकार अभी भी अमान्य हैं, और कोई व्यापक भेदभाव-विरोधी कानून लागू नहीं है।

सही उत्तर: विकल्प 1 – सुप्रीम कोर्ट (2018) ने समलैंगिक संबंधों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया; विवाह/गोद लेने के अधिकार अमान्य; कोई भेदभाव विरोधी कानून नहीं
भारत में LGBTQIA+ अधिकारों की वर्तमान कानूनी स्थिति:
• नवतेज सिंह जौहर बनाम भारत संघ (2018): सुप्रीम कोर्ट ने आईपीसी की धारा 377 के प्रावधानों को निष्प्रभावी किया, जिससे वयस्कों के बीच सहमति से बने समलैंगिक संबंधों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया गया।
• समलैंगिक विवाह: कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त नहीं है। 2023 में, सुप्रीम कोर्ट (संविधान पीठ) ने समलैंगिक विवाह को मान्यता देने से इनकार कर दिया, इसे संसद पर छोड़ दिया।
• गोद लेने के अधिकार: भारत में समलैंगिक जोड़ों को कानूनी गोद लेने के अधिकार प्राप्त नहीं हैं।
• भेदभाव विरोधी कानून: भारत में यौन रुझान (sexual orientation) को कवर करने वाला कोई व्यापक भेदभाव विरोधी कानून मौजूद नहीं है।
• ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम 2019: ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए कुछ सुरक्षा प्रदान करता है लेकिन सभी LGBTQIA+ चिंताओं का समाधान नहीं करता है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
विकल्प 2: ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम 2019 सभी LGBTQIA+ चिंताओं का पूरी तरह से समाधान नहीं करता है — समुदाय द्वारा इसकी कई कमियों के लिए आलोचना की गई है।
विकल्प 3: 2018 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा धारा 377 के प्रावधानों को निष्प्रभावी किया गया था — सहमति से बने समलैंगिक संबंधों को अब आपराधिक नहीं माना जाता है।
विकल्प 4: भारत में समलैंगिक विवाह को कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त नहीं है।

Computer (1)

Cyber Security and Viruses · Cyber laws (IT Act 2000) and CERT-In

Q8. साइबर सुरक्षित भारत (CSB) पहल के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?

  1. (a) CSB मुख्य रूप से साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से सरकारी अधिकारियों की क्षमता निर्माण पर केंद्रित है।
  2. (b) इस पहल का उद्देश्य साइबर सुरक्षा की सर्वोत्तम प्रथाओं और मंत्रालयों के बीच सहयोग को बढ़ावा देकर सरकारी नेटवर्कों को सुरक्षित करना है।
  3. (c) CSB नागरिकों द्वारा उपयोग किए जाने वाले सभी व्यक्तिगत उपकरणों पर विशिष्ट सरकार-अनुमोदित एंटीवायरस सॉफ्टवेयर की स्थापना को अनिवार्य करता है।
  4. (d) इसे भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तत्वावधान में लागू किया जाता है।
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) CSB नागरिकों द्वारा उपयोग किए जाने वाले सभी व्यक्तिगत उपकरणों पर विशिष्ट सरकार-अनुमोदित एंटीवायरस सॉफ्टवेयर की स्थापना को अनिवार्य करता है।

सही उत्तर: विकल्प 3 – CSB नागरिकों के सभी व्यक्तिगत उपकरणों पर एंटीवायरस स्थापित करना अनिवार्य नहीं करता है (गलत कथन)
साइबर सुरक्षित भारत (CSB) पहल को 2018 में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा लॉन्च किया गया था। इसके वास्तविक उद्देश्य:
• सरकारी अधिकारियों, विशेष रूप से मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारियों (CISOs) और आईटी कर्मियों के बीच साइबर सुरक्षा जागरूकता का निर्माण करना।
• प्रशिक्षण कार्यशालाओं, बूटकैंपों और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से क्षमता निर्माण करना।
• सरकारी मंत्रालयों और विभागों के भीतर साइबर सुरक्षा की सर्वोत्तम प्रथाओं को बढ़ावा देना।
• सरकारी नेटवर्कों और डिजिटल बुनियादी ढांचे को सुरक्षित करने में मदद करना।
विकल्प 3 में दिया गया कथन गलत है: CSB नागरिकों द्वारा उपयोग किए जाने वाले सभी व्यक्तिगत उपकरणों पर विशिष्ट सरकार-अनुमोदित एंटीवायरस सॉफ्टवेयर की स्थापना को अनिवार्य नहीं करता है। यह कार्यक्रम सरकारी अधिकारियों और सरकारी नेटवर्कों पर केंद्रित है — न कि नागरिकों के व्यक्तिगत उपकरणों पर सॉफ्टवेयर अनिवार्य करने पर।
अन्य विकल्प सही कथन क्यों हैं (और इसलिए इस प्रश्न के गलत उत्तर हैं):
विकल्प 1: सही — CSB सरकारी अधिकारियों की क्षमता निर्माण पर ध्यान केंद्रित करता है।
विकल्प 2: सही — CSB का उद्देश्य सरकारी नेटवर्कों को सुरक्षित करना है।
विकल्प 4: सही — CSB MeitY के तहत लागू किया जाता है।

Geography (2)

Lithosphere - Earth's Interior and Landforms · Volcanoes and volcanic landforms

Q9. निम्नलिखित में से कौन सा कथन मेंटल प्लूम परिकल्पना और प्लेट सीमा प्रक्रियाओं के विपरीत इंट्राप्लेट ज्वालामुखीयता (volcanism) और हॉटस्पॉट ट्रैक्स की व्याख्या करने में इसके निहितार्थों को सबसे अच्छी तरह दर्शाता है?

  1. (a) मेंटल प्लूम ठंडी सामग्री के संकीर्ण, उत्प्लावक स्तंभ होते हैं जो ऊपरी मेंटल से उठते हैं, मुख्य रूप से अपसारी प्लेट सीमाओं पर द्वीप चाप (island arcs) और रिफ्ट घाटियों का निर्माण करते हैं।
  2. (b) मेंटल प्लूम एस्थेनोस्फीयर से उत्पन्न होते हैं, विवर्तनिक प्लेटों के संबंध में स्थिर होते हैं, और मध्य-अटलांटिक रिज (Mid-Atlantic Ridge) और मारियाना खाई (Mariana Trench) जैसी विशेषताओं के लिए जिम्मेदार होते हैं।
  3. (c) मेंटल प्लूम गहरे स्थित तापीय विसंगतियाँ हैं, संभवतः कोर-मेंटल सीमा (core-mantle boundary) से उठती हैं, जो प्लेट मार्जिन से स्वतंत्र रूप से हवाई श्रृंखला (Hawaiian chain) जैसी हॉटस्पॉट ज्वालामुखीयता का कारण बनती हैं।
  4. (d) मेंटल प्लूम सबडक्शन ज़ोन उत्पन्न करके विवर्तनिक प्लेटों की प्रासंगिक गति की व्याख्या करते हैं, लेकिन अपनी कम तापीय ऊर्जा के कारण सतही ज्वालामुखीय गतिविधि के लिए जिम्मेदार नहीं हो सकते हैं।
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) मेंटल प्लूम गहरे स्थित तापीय विसंगतियाँ हैं, संभवतः कोर-मेंटल सीमा (core-mantle boundary) से उठती हैं, जो प्लेट मार्जिन से स्वतंत्र रूप से हवाई श्रृंखला (Hawaiian chain) जैसी हॉटस्पॉट ज्वालामुखीयता का कारण बनती हैं।

सही उत्तर: विकल्प 3 – मेंटल प्लूम कोर-मेंटल सीमा से उत्पन्न होने वाली गहरी स्थित तापीय विसंगतियाँ हैं, जो प्लेट मार्जिन से स्वतंत्र हॉटस्पॉट ज्वालामुखीयता का कारण बनती हैं।
मेंटल प्लूम परिकल्पना (जे. टुजो विल्सन और डब्ल्यू. जेसन मॉर्गन द्वारा प्रस्तावित):
• मेंटल प्लूम गर्म (ठंडे नहीं) पदार्थ के स्तंभ होते हैं जो पृथ्वी के भीतर गहराई से उठते हैं — संभवतः कोर-मेंटल सीमा (CMB) से।
• वे विवर्तनिक प्लेटों के संबंध में काफी हद तक स्थिर होते हैं (प्लेट उनके ऊपर से गुजरती है)।
• जब कोई प्लेट एक स्थिर प्लूम के ऊपर से गुजरती है, तो यह ज्वालामुखियों की एक श्रृंखला बनाती है — जैसे हवाई-एम्परर सीमाउंट श्रृंखला।
• यह ज्वालामुखीयता इंट्राप्लेट (प्लेट के भीतर) होती है — प्लेट सीमाओं से स्वतंत्र (सबडक्शन ज़ोन या मध्य-महासागर रिज पर ज्वालामुखियों के विपरीत)।
• शास्त्रीय उदाहरण: हवाई श्रृंखला, येलोस्टोन, आइसलैंड, रीयूनियन द्वीप।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
विकल्प 1 (ठंडी सामग्री, अपसारी सीमाएँ): मेंटल प्लूम गर्म होते हैं, ठंडे नहीं। द्वीप चाप सबडक्शन ज़ोन पर बनते हैं, प्लूम से नहीं।
विकल्प 2 (एस्थेनोस्फीयर से उत्पत्ति, मध्य-अटलांटिक रिज के लिए जिम्मेदार): मध्य-अटलांटिक रिज अपसारी प्लेट टेक्टोनिक्स द्वारा बनता है — मेंटल प्लूम द्वारा नहीं। सभी मॉडलों में मेंटल प्लूम प्लेटों के संबंध में स्थिर नहीं होते हैं।
विकल्प 4 (सबडक्शन ज़ोन उत्पन्न करते हैं): मेंटल प्लूम सबडक्शन ज़ोन उत्पन्न नहीं करते हैं। वे इंट्राप्लेट हॉटस्पॉट ज्वालामुखीयता का कारण बनते हैं।

Q10. डॉलर मूल्य के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा भारत का शीर्ष समुद्री भोजन निर्यातक बंदरगाह है?

  1. (a) विशाखापत्तनम
  2. (b) तूतुकुड़ी
  3. (c) कोच्चि
  4. (d) मैंगलोर
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) विशाखापत्तनम

सही उत्तर: विकल्प 1 – विशाखापत्तनम
आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम (विजाग) डॉलर मूल्य के संदर्भ में भारत का शीर्ष समुद्री भोजन निर्यातक बंदरगाह है। समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (MPEDA) के अनुसार, विशाखापत्तनम भारत से समुद्री भोजन निर्यात की सबसे बड़ी मात्रा और मूल्य को संभालता है, जिसमें मुख्य रूप से फ्रोजन झींगा (वन्नामेई और ब्लैक टाइगर झींगा), मछली और अन्य समुद्री उत्पाद शामिल हैं। आंध्र प्रदेश समुद्री भोजन निर्यात में भारत का अग्रणी राज्य है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
विकल्प 2 (तूतुकुड़ी): तमिलनाडु में तूतुकुड़ी (थूथुकुडी) एक महत्वपूर्ण बंदरगाह है, लेकिन डॉलर मूल्य के अनुसार शीर्ष समुद्री भोजन निर्यातक नहीं है।
विकल्प 3 (कोच्चि): केरल में कोच्चि एक प्रमुख मछली पकड़ने वाला बंदरगाह और समुद्री भोजन प्रसंस्करण केंद्र है, लेकिन समुद्री भोजन निर्यात के डॉलर मूल्य में विशाखापत्तनम से नीचे है।
विकल्प 4 (मैंगलोर): कर्नाटक में मैंगलोर समुद्री भोजन निर्यात को संभालता है, लेकिन मूल्य के अनुसार भारत का शीर्ष समुद्री भोजन निर्यातक बंदरगाह नहीं है।

Economics (4)

National Income · Economic growth and development

Q11. भारत की आर्थिक वृद्धि और 2025 में निवेश के रुझानों के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा कथन सकल स्थायी पूंजी निर्माण (GFCF) के महत्व और इसके हालिया उतार-चढ़ाव को प्रभावित करने वाले कारकों को सबसे अच्छी तरह समझाता है?

  1. (a) GFCF केवल बुनियादी ढांचे पर सरकारी व्यय को मापता है और इसमें निजी क्षेत्र के निवेश शामिल नहीं होते हैं।
  2. (b) सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के प्रतिशत के रूप में बढ़ता हुआ GFCF मशीनरी, भवन और बुनियादी ढांचे जैसी निश्चित परिसंपत्तियों में बढ़े हुए निवेश को दर्शाता है, जो उच्च उत्पादक क्षमता का संकेत देता है; हालाँकि, 2025 में उतार-चढ़ाव वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बाधाओं, निजी क्षेत्र की जोखिम से बचने की प्रवृत्ति और पूंजीगत व्यय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किए गए नीतिगत सुधारों से प्रभावित हैं।
  3. (c) GFCF मुख्य रूप से स्टॉक और बॉन्ड जैसी वित्तीय परिसंपत्तियों में बदलाव को ट्रैक करता है और भौतिक पूंजी निवेश से संबंधित नहीं है।
  4. (d) 2025 में GFCF की वृद्धि विशेष रूप से कृषि उत्पादन में सुधार और ग्रामीण ऋण विस्तार से प्रेरित है।
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के प्रतिशत के रूप में बढ़ता हुआ GFCF मशीनरी, भवन और बुनियादी ढांचे जैसी निश्चित परिसंपत्तियों में बढ़े हुए निवेश को दर्शाता है, जो उच्च उत्पादक क्षमता का संकेत देता है; हालाँकि, 2025 में उतार-चढ़ाव वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बाधाओं, निजी क्षेत्र की जोखिम से बचने की प्रवृत्ति और पूंजीगत व्यय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किए गए नीतिगत सुधारों से प्रभावित हैं।

सही उत्तर: विकल्प 2 – बढ़ता हुआ GFCF निश्चित परिसंपत्तियों में निवेश को दर्शाता है; 2025 के उतार-चढ़ाव आपूर्ति श्रृंखला बाधाओं, जोखिम से बचने और नीतिगत सुधारों के कारण हैं
सकल स्थायी पूंजी निर्माण (GFCF) व्यवसायों, परिवारों और सरकार द्वारा निश्चित परिसंपत्तियों — मशीनरी, भवन, परिवहन उपकरण और बुनियादी ढांचे — में शुद्ध निवेश को मापता है। मुख्य बिंदु:
• GFCF में सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों के निवेश शामिल होते हैं (केवल सरकार के नहीं)।
• बढ़ता हुआ GFCF-से-GDP अनुपात अर्थव्यवस्था की बढ़ती उत्पादक क्षमता को दर्शाता है।
• 2025 में, भारत में GFCF के उतार-चढ़ाव इन कारकों से प्रभावित थे:
- वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बाधाएं (कोविड-पश्चात, भू-राजनीतिक तनाव)
- निजी क्षेत्र की जोखिम से बचने की प्रवृत्ति (अनिश्चितता के बीच सतर्क निवेश)
- पूंजीगत व्यय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किए गए नीतिगत सुधार (भारत का कैपेक्स प्रोत्साहन, PLI योजनाएं)
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
विकल्प 1 (केवल सरकारी व्यय): GFCF में सरकार और निजी दोनों क्षेत्रों के निवेश शामिल होते हैं।
विकल्प 3 (स्टॉक/बॉन्ड जैसी वित्तीय परिसंपत्तियाँ): GFCF भौतिक पूंजी निवेश को मापता है — न कि वित्तीय परिसंपत्तियों को। स्टॉक और बॉन्ड में परिवर्तन वित्तीय खातों में दर्ज किए जाते हैं, GFCF में नहीं।
विकल्प 4 (विशेष रूप से कृषि): GFCF की वृद्धि कई क्षेत्रों से प्रेरित होती है — न कि केवल कृषि से।
Industry and Infrastructure · LPG reforms of 1991

Q12. 1991 के सुधारों में 'उदारीकरण' शब्द का सही वर्णन निम्नलिखित में से कौन सा है?

  1. (a) विदेशी मुद्रा भंडार में कमी
  2. (b) औद्योगिक लाइसेंसिंग और मूल्य नियंत्रणों को हटाना
  3. (c) सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण
  4. (d) घाटे में चल रहे सार्वजनिक उपक्रमों (PSU) को बंद करना
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) औद्योगिक लाइसेंसिंग और मूल्य नियंत्रणों को हटाना

सही उत्तर: विकल्प 2 – औद्योगिक लाइसेंसिंग और मूल्य नियंत्रणों को हटाना
भारत के 1991 के LPG (उदारीकरण, निजीकरण, वैश्वीकरण) सुधारों के संदर्भ में उदारीकरण का मुख्य रूप से अर्थ था:
• लाइसेंस राज का उन्मूलन — औद्योगिक उत्पादन शुरू करने या विस्तार करने के लिए सरकारी लाइसेंस की आवश्यकता को हटाना।
• कई क्षेत्रों में मूल्य नियंत्रणों को हटाना।
• निजी उद्यम पर सरकारी प्रतिबंधों और विनियमों को कम करना।
• सार्वजनिक क्षेत्र के लिए पहले से आरक्षित क्षेत्रों को निजी कंपनियों के लिए खोलना।
• अर्थव्यवस्था में बाजार शक्तियों के स्वतंत्र कामकाज की अनुमति देना।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
विकल्प 1 (विदेशी मुद्रा भंडार में कमी): उदारीकरण एक नीतिगत ढाँचा है — यह विदेशी मुद्रा भंडार को कम करने के बारे में नहीं है। वास्तव में, 1991 के संकट में विदेशी मुद्रा भंडार गंभीर रूप से कम था, और सुधारों का उद्देश्य उन्हें फिर से बनाना था।
विकल्प 3 (सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण): निजीकरण LPG सुधारों का एक अलग घटक है। इसके अलावा, सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण नहीं किया गया था — केवल कुछ को निजी प्रतिस्पर्धा के लिए खोला गया था।
विकल्प 4 (घाटे में चल रहे सार्वजनिक उपक्रमों को बंद करना): यह निजीकरण या विनिवेश नीति से अधिक संबंधित है, न कि विशेष रूप से उदारीकरण से।
External Sector and International Economic Organisations · Economic groupings (BRICS, G20, ASEAN)

Q13. BRICS की कौन सी अनूठी विशेषता इसे G7 जैसे पारंपरिक पश्चिमी आर्थिक गुटों से अलग करती है?

  1. (a) यह केवल सैन्य गठबंधनों पर केंद्रित है
  2. (b) इसमें केवल निम्न-आय वाले देश शामिल हैं
  3. (c) इसमें विभिन्न महाद्वीपों से उभरती हुई अर्थव्यवस्थाएँ शामिल हैं जो बहुध्रुवीयता का लक्ष्य रखती हैं
  4. (d) यह नाटो फंडिंग के तहत संचालित होता है
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) इसमें विभिन्न महाद्वीपों से उभरती हुई अर्थव्यवस्थाएँ शामिल हैं जो बहुध्रुवीयता का लक्ष्य रखती हैं

सही उत्तर: विकल्प 3 – इसमें विभिन्न महाद्वीपों से उभरती हुई अर्थव्यवस्थाएँ शामिल हैं जो बहुध्रुवीयता का लक्ष्य रखती हैं
BRICS (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका — और हाल ही में विस्तारित) G7 जैसे पश्चिमी-नेतृत्व वाले समूहों से इन विशेषताओं से भिन्न है:
• बहुध्रुवीयता पर ध्यान: BRICS एक बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के लिए एक धक्का का प्रतिनिधित्व करता है, जो वैश्विक शासन में पश्चिमी देशों के प्रभुत्व को चुनौती देता है।
• भौगोलिक विविधता: सदस्य दक्षिण अमेरिका, यूरोप, एशिया और अफ्रीका तक फैले हुए हैं — जो विविध भू-राजनीतिक क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
• उभरती अर्थव्यवस्थाएँ: G7 (विकसित पश्चिमी राष्ट्रों) के विपरीत, BRICS प्रमुख उभरती हुई बाजार अर्थव्यवस्थाओं को एक साथ लाता है।
• कोई सैन्य गठबंधन नहीं: BRICS एक आर्थिक और राजनीतिक सहयोग समूह है, न कि सैन्य गठबंधन।
• ग्लोबल साउथ का प्रतिनिधित्व: BRICS विकासशील देशों को वैश्विक आर्थिक नियमों को प्रभावित करने के लिए एक मंच प्रदान करता है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
विकल्प 1 (सैन्य गठबंधन): BRICS कोई सैन्य गठबंधन नहीं है। इसमें नाटो की तरह कोई सामूहिक रक्षा ढांचा नहीं है।
विकल्प 2 (केवल निम्न-आय वाले): BRICS में चीन और रूस शामिल हैं, जो निम्न-आय वाले देश नहीं हैं। इसमें मध्यम-आय और उच्च-मध्यम-आय वाली अर्थव्यवस्थाएँ शामिल हैं।
विकल्प 4 (नाटो फंडिंग): BRICS का नाटो से कोई संबंध नहीं है। नाटो एक अलग पश्चिमी सैन्य गठबंधन है।
Planning and NITI Aayog · Indian economy at independence and the 1950-90 phase

Q14. योजना काल के दौरान भारत में औद्योगिक लाइसेंसिंग प्रणाली को लागू करने का एक प्राथमिक कारण क्या था?

  1. (a) प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को प्रोत्साहित करना
  2. (b) एकाधिकार को रोकना और संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित करना
  3. (c) नए व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया को सरल बनाना
  4. (d) उपभोक्ता वस्तुओं के उत्पादन को तेजी से बढ़ाना
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) एकाधिकार को रोकना और संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित करना

सही उत्तर: विकल्प 2 – एकाधिकार को रोकना और संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित करना
औद्योगिक लाइसेंसिंग प्रणाली (लाइसेंस राज) को भारत में उद्योग (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1951 के माध्यम से एक नियोजित अर्थव्यवस्था के दृष्टिकोण के हिस्से के रूप में पेश किया गया था। इसके प्राथमिक कारण थे:
1. एकाधिकार को रोकना: यह विनियमित करना कि कौन से व्यवसाय किन उद्योगों में प्रवेश कर सकते हैं ताकि आर्थिक शक्ति के संकेंद्रण से बचा जा सके।
2. संतुलित क्षेत्रीय विकास: क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने के लिए उद्योगों को पिछड़े और अविकसित क्षेत्रों की ओर निर्देशित करना।
3. संसाधन आवंटन: सुनिश्चित करना कि दुर्लभ पूंजी और संसाधनों का उपयोग प्राथमिकता वाले क्षेत्रों (भारी उद्योग, बुनियादी ढांचा) में किया जाए।
4. सार्वजनिक क्षेत्र की प्रधानता: 1956 के औद्योगिक नीति संकल्प के अनुसार रणनीतिक उद्योगों को सार्वजनिक क्षेत्र के लिए आरक्षित करना।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
विकल्प 1 (एफडीआई और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को प्रोत्साहित करना): लाइसेंसिंग प्रणाली ने वास्तव में एफडीआई को प्रतिबंधित कर दिया था। योजना काल के दौरान भारत काफी हद तक संरक्षणवादी था।
विकल्प 3 (व्यवसाय शुरू करना सरल बनाना): लाइसेंस राज ने व्यवसाय शुरू करने को सरल के बजाय अधिक जटिल बना दिया था। इसमें कई लाइसेंस और स्वीकृतियों की आवश्यकता होती थी।
विकल्प 4 (उपभोक्ता वस्तुओं को तेजी से बढ़ावा देना): योजना काल का जोर भारी उद्योग और पूंजीगत वस्तुओं पर था — न कि उपभोक्ता वस्तुओं के तेजी से उत्पादन पर।

Ancient History (1)

Gupta Empire · Gupta art and temples

Q15. दशावतार मंदिर की पार्श्व दीवारों पर उकेरे गए पैनलों को स्थापत्य की दृष्टि से क्या महत्वपूर्ण बनाता है?

  1. (a) वे प्रारंभिक मौर्य शैली में जैन तीर्थंकरों को दर्शाते हैं।
  2. (b) वे अशोक के शिलालेखों वाले बौद्ध भित्ति चित्र हैं।
  3. (c) वे वैष्णव पौराणिक दृश्यों को प्रदर्शित करते हैं जो कहीं और नहीं मिलते।
  4. (d) वे फ्रांसीसी औपनिवेशिक काल के दौरान लाए गए यूरोपीय भित्ति चित्र हैं।
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) वे वैष्णव पौराणिक दृश्यों को प्रदर्शित करते हैं जो कहीं और नहीं मिलते।

सही उत्तर: विकल्प 3 – वे वैष्णव पौराणिक दृश्यों को प्रदर्शित करते हैं जो कहीं और नहीं मिलते
दशावतार मंदिर उत्तर प्रदेश के देवगढ़ में स्थित 6वीं शताब्दी ईस्वी का गुप्त-कालीन हिंदू मंदिर है। यह गुप्त मंदिर वास्तुकला के बेहतरीन जीवित उदाहरणों में से एक है। मंदिर की दीवारों पर उकेरे गए पैनल स्थापत्य और कला की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वे दुर्लभ और अद्वितीय वैष्णव पौराणिक दृश्यों को दर्शाते हैं — विष्णु के दस अवतारों (दशावतार) और अन्य पौराणिक कथाओं के दृश्य — जिन्हें असाधारण कलात्मक गुणवत्ता के साथ प्रस्तुत किया गया है जो आमतौर पर अन्य मंदिरों में नहीं मिलती। अनंतशयन पैनल (विष्णु का ब्रह्मांडीय सर्प शेष पर लेटना) सबसे प्रसिद्ध उदाहरणों में से एक है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
विकल्प 1 (जैन तीर्थंकर, मौर्य शैली): दशावतार मंदिर एक वैष्णव मंदिर है — जैन नहीं। यह गुप्त काल का है, मौर्य काल का नहीं।
विकल्प 2 (अशोक के शिलालेखों वाले बौद्ध भित्ति चित्र): मंदिर का कोई बौद्ध संबंध नहीं है; यह विष्णु को समर्पित है।
विकल्प 4 (यूरोपीय भित्ति चित्र, फ्रांसीसी औपनिवेशिक): दशावतार मंदिर 6वीं शताब्दी ईस्वी का है — फ्रांसीसी उपनिवेशवाद से सदियों पहले। इसकी कला पूरी तरह से स्वदेशी भारतीय है।

Modern History (2)

Swadeshi, Revolutionaries and Home Rule · Partition of Bengal and Swadeshi Movement

Q16. 1905 के बंगाल विभाजन का कथित कारण क्या था?

  1. (a) प्रशासनिक सुविधा को बढ़ावा देना
  2. (b) बंगाल को धार्मिक आधार पर विभाजित करना
  3. (c) बंगाली राष्ट्रवाद का समर्थन करना
  4. (d) पूर्वी जिलों में अकाल को कम करना
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) प्रशासनिक सुविधा को बढ़ावा देना

सही उत्तर: विकल्प 1 – प्रशासनिक सुविधा को बढ़ावा देना
भारत के वायसराय लॉर्ड कर्जन ने आधिकारिक तौर पर कहा था कि 1905 का बंगाल विभाजन प्रशासनिक सुविधा के लिए किया गया था। बंगाल ब्रिटिश भारत का सबसे बड़ा प्रांत था, और कर्जन ने तर्क दिया था कि यह एक ही प्रशासन के लिए कुशलता से शासन करने के लिए बहुत बड़ा (78 मिलियन से अधिक लोग) था। उन्होंने दावा किया कि इसे विभाजित करने से प्रशासनिक दक्षता में सुधार होगा और पूर्वी जिलों का बेहतर शासन संभव होगा।
हालांकि, भारतीय राष्ट्रवादियों और इतिहासकारों का तर्क है कि वास्तविक मकसद शक्तिशाली बंगाली राष्ट्रवादी आंदोलन को सांप्रदायिक आधार पर विभाजित करना था (पश्चिम में हिंदू-बहुल बंगाल, पूर्व में मुस्लिम-बहुल बंगाल), जिससे 'फूट डालो और राज करो' की रणनीति का उपयोग करके स्वतंत्रता आंदोलन को कमजोर किया जा सके।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
विकल्प 2 (धार्मिक आधार पर विभाजित करना): जबकि यह शायद वास्तविक अंतर्निहित मकसद था, यह अंग्रेजों द्वारा दिया गया कथित (आधिकारिक) कारण नहीं था।
विकल्प 3 (बंगाली राष्ट्रवाद का समर्थन करना): यह इसके विपरीत है — विभाजन का उद्देश्य बंगाली राष्ट्रवाद को कमजोर करना था।
विकल्प 4 (अकाल कम करना): अकाल कम करना विभाजन का कारण नहीं बताया गया था।
British Administration and Policies · Constitutional Acts under British rule

Q17. निम्नलिखित में से कौन सा 1784 के पिट्स इंडिया एक्ट द्वारा शुरू किया गया सबसे महत्वपूर्ण संस्थागत नवाचार था?

  1. (a) कंपनी की सिविल सेवाओं के लिए एक खुली प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली की शुरुआत।
  2. (b) ईस्ट इंडिया कंपनी के वाणिज्यिक और राजनीतिक कार्यों के बीच स्पष्ट अंतर की स्थापना।
  3. (c) बंबई और मद्रास के गवर्नरों-इन-काउंसिल को विधायी शक्तियाँ प्रदान करना।
  4. (d) भारत में कंपनी के क्षेत्रों पर ब्रिटिश क्राउन की निर्विवाद संप्रभुता की औपचारिक मान्यता।
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) ईस्ट इंडिया कंपनी के वाणिज्यिक और राजनीतिक कार्यों के बीच स्पष्ट अंतर की स्थापना।

सही उत्तर: विकल्प 2 – ईआईसी के वाणिज्यिक और राजनीतिक कार्यों के बीच स्पष्ट अंतर की स्थापना
1784 का पिट्स इंडिया एक्ट (ब्रिटिश प्रधान मंत्री विलियम पिट द यंगर के नाम पर) एक ऐतिहासिक कानून था जिसने:
1. ईस्ट इंडिया कंपनी के राजनीतिक, सैन्य और राजस्व मामलों की देखरेख और नियंत्रण के लिए एक नियंत्रण बोर्ड (जिसमें ब्रिटिश सरकार के मंत्रियों सहित 6 सदस्य शामिल थे) का गठन किया।
2. निदेशक मंडल (ईआईसी का मौजूदा शासी निकाय) ने वाणिज्यिक मामलों को संभालना जारी रखा।
3. इसने एक द्वैध नियंत्रण प्रणाली स्थापित की — नियंत्रण बोर्ड (ब्रिटिश सरकार) ने राजनीतिक मामलों की देखरेख की, जबकि निदेशक मंडल ने वाणिज्यिक मामलों का प्रबंधन किया।
4. यह सबसे महत्वपूर्ण संस्थागत नवाचार था क्योंकि इसने पहली बार कंपनी की राजनीतिक गतिविधियों को प्रत्यक्ष संसदीय/सरकारी निगरानी में लाया।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
विकल्प 1 (खुली प्रतियोगी परीक्षा): यह 1853 के चार्टर एक्ट द्वारा शुरू किया गया था — पिट्स इंडिया एक्ट 1784 द्वारा नहीं।
विकल्प 3 (बंबई और मद्रास को विधायी शक्तियाँ): यह पिट्स इंडिया एक्ट द्वारा शुरू नहीं किया गया था।
विकल्प 4 (ब्रिटिश क्राउन की संप्रभुता की औपचारिक मान्यता): औपचारिक क्राउन शासन 1857 के विद्रोह के बाद, केवल भारत सरकार अधिनियम 1858 के साथ आया था — 1784 में नहीं।

Chemistry (1)

Structure of Atom · Atomic number and mass number

Q18. कार्बन-14 में कितने न्यूट्रॉन मौजूद होते हैं?

  1. (a) 6
  2. (b) 7
  3. (c) 8
  4. (d) 14
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) 8

सही उत्तर: विकल्प 3 – 8
कार्बन-14 (C-14) कार्बन का एक रेडियोधर्मी समस्थानिक है जिसका उपयोग कार्बन डेटिंग में किया जाता है।
कार्बन-14 के बारे में मुख्य तथ्य:
• कार्बन का परमाणु क्रमांक (Z) = 6 → प्रोटॉन = 6
• C-14 की द्रव्यमान संख्या (A) = 14
• न्यूट्रॉन की संख्या = द्रव्यमान संख्या - परमाणु क्रमांक = 14 - 6 = 8
इसलिए कार्बन-14 में 8 न्यूट्रॉन होते हैं (6 नहीं, जो इसे C-12 बना देगा, जो कार्बन का सबसे आम स्थिर समस्थानिक है)।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
विकल्प 1 (6 न्यूट्रॉन): 6 न्यूट्रॉन + 6 प्रोटॉन = द्रव्यमान संख्या 12 → यह कार्बन-12 (C-12) है, जो सबसे आम स्थिर कार्बन समस्थानिक है।
विकल्प 2 (7 न्यूट्रॉन): 7 न्यूट्रॉन + 6 प्रोटॉन = द्रव्यमान संख्या 13 → यह कार्बन-13 (C-13) है, एक स्थिर समस्थानिक।
विकल्प 4 (14 न्यूट्रॉन): 14 न्यूट्रॉन + 6 प्रोटॉन = द्रव्यमान संख्या 20 → यह कार्बन-20 होगा, एक अत्यंत अस्थिर समस्थानिक। C-14 की द्रव्यमान संख्या 14 है, न्यूट्रॉन की संख्या नहीं।
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