Q3. मई 2026 में, भारत ने स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड के तत्वावधान में किस केंद्र से अल्प-दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल "अग्नि-1 (Agni-1)" का सफल परीक्षण प्रक्षेपण किया?
- (a) विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र, तिरुवनंतपुरम
- (b) एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR), चांदीपुर, ओडिशा
- (c) पोखरण परीक्षण रेंज, राजस्थान
- (d) डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप, ओडिशा
उत्तर और व्याख्या
उत्तर: (b) एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR), चांदीपुर, ओडिशा
उत्तर: विकल्प 2 — एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR), चांदीपुर, ओडिशा
अग्नि-1 का परीक्षण प्रक्षेपण ITR, चांदीपुर से किया गया → विकल्प 2. *(आधिकारिक उत्तर कुंजी से सत्यापित करें।)*
Q28. निम्नलिखित दो कथनों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और सही विकल्प का चयन कीजिए।
कथन I: जब सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में मेथेन क्लोरीन के साथ अभिक्रिया करती है, तो मेथेन में मौजूद हाइड्रोजन परमाणु धीरे-धीरे क्लोरीन परमाणुओं द्वारा प्रतिस्थापित हो जाते हैं।
कथन II: मेथेन और क्लोरीन के बीच होने वाली इस अभिक्रिया को योगज अभिक्रिया कहा जाता है।
- (a) केवल कथन II सही है।
- (b) केवल कथन I सही है।
- (c) दोनों कथन सही हैं।
- (d) दोनों कथन गलत हैं।
उत्तर और व्याख्या
उत्तर: (b) केवल कथन I सही है।
उत्तर: विकल्प 2 — केवल कथन I सही है।
मेथेन + क्लोरीन (सूर्य के प्रकाश में) एक प्रतिस्थापन अभिक्रिया है — H परमाणु Cl द्वारा प्रतिस्थापित हो जाते हैं (I ✓)। यह योगज अभिक्रिया नहीं है (II ✗) → विकल्प 2।
Q30. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वोत्तम रूप से यह स्पष्ट करता है कि समान परमाणु संख्या वाले तत्व समान रासायनिक गुणधर्म क्यों प्रदर्शित करते हैं, भले ही उनकी द्रव्यमान संख्या अलग-अलग हो?
- (a) क्योंकि वे एक ही भौतिक अवस्था में पाए जाते हैं।
- (b) क्योंकि उनके परमाणु द्रव्यमान समान होते हैं।
- (c) क्योंकि उनमें न्यूट्रॉनों की संख्या समान होती है।
- (d) क्योंकि उनमें प्रोटॉनों और इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है।
उत्तर और व्याख्या
उत्तर: (d) क्योंकि उनमें प्रोटॉनों और इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है।
उत्तर: विकल्प 4 — क्योंकि उनमें प्रोटॉनों और इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है।
समस्थानिकों (समान परमाणु संख्या) में प्रोटॉन और इलेक्ट्रॉन समान संख्या में होते हैं, इसलिए उनके रासायनिक गुणधर्म एक जैसे होते हैं → विकल्प 4।
Q31. क्षारीय विलयनों को जल में विलीन करने पर विद्युत का चालन क्यों करते हैं?
- (a) क्योंकि हाइड्रॉक्साइड आयन, आवेश वाहक के रूप में कार्य करते हैं
- (b) क्योंकि ऊष्मा ऊर्जा से विद्युत धारा उत्पन्न होती है
- (c) क्योंकि क्षार से मुक्त इलेक्ट्रॉनों का विमोचन होता है
- (d) क्योंकि क्षार, आयनों के बिना पूर्णतया विलीन हो जाते हैं
उत्तर और व्याख्या
उत्तर: (a) क्योंकि हाइड्रॉक्साइड आयन, आवेश वाहक के रूप में कार्य करते हैं
उत्तर: विकल्प 1 — क्योंकि हाइड्रॉक्साइड आयन, आवेश वाहक के रूप में कार्य करते हैं
क्षारीय विलयन विद्युत का चालन इसलिए करते हैं क्योंकि OH⁻ आयन (और धनायन) आवेश वहन करते हैं → विकल्प 1।
Motion · Uniform circular motion
Q39. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन, एकसमान वृत्तीय गति करने वाली किसी वस्तु के वेग का सर्वोत्तम वर्णन करता है?
- (a) वस्तु की चाल वृत्त में घूमते समय बढ़ती और घटती रहती है।
- (b) वस्तु एक सीधे पथ पर परिवर्ती वेग के साथ गति करती है।
- (c) पूरी गति के दौरान वेग का परिमाण और दिशा दोनों अपरिवर्तित रहते हैं।
- (d) वेग का परिमाण नियत रहता है, लेकिन वृत्त के चारों ओर इसकी दिशा निरंतर बदलती रहती है।
उत्तर और व्याख्या
उत्तर: (d) वेग का परिमाण नियत रहता है, लेकिन वृत्त के चारों ओर इसकी दिशा निरंतर बदलती रहती है।
उत्तर: विकल्प 4 — वेग का परिमाण नियत रहता है, लेकिन वृत्त के चारों ओर इसकी दिशा निरंतर बदलती रहती है।
एकसमान वृत्तीय गति में चाल (परिमाण) नियत रहती है लेकिन वेग की दिशा बदलती रहती है → विकल्प 4।
Electricity · Heating effect of current and Joule's law
Q42. एक निर्माता ऐसे तापन अवयवों को डिजाइन करना चाहता है जिनके माध्यम से धारा प्रवाहित होने पर अधिक ऊष्मा उत्पादित हो। इस उद्देश्य के लिए पदार्थ के किस गुण को अधिकतम किया जाना चाहिए?
- (a) दी गई धारा के लिए ऊष्मा उत्पादन बढ़ाने के लिए चालकता को अधिकतम किया जाना चाहिए
- (b) दी गई धारा के लिए ऊष्मा उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रतिरोधकता को अधिकतम किया जाना चाहिए
- (c) अधिकतम ऊष्मा उत्पादन के लिए शून्य प्रतिरोधकता वाले पदार्थ का उपयोग किया जाना चाहिए
- (d) दी गई धारा के लिए ऊष्मा उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रतिरोधकता को न्यूनतम किया जाना चाहिए
उत्तर और व्याख्या
उत्तर: (b) दी गई धारा के लिए ऊष्मा उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रतिरोधकता को अधिकतम किया जाना चाहिए
उत्तर: विकल्प 2 — दी गई धारा के लिए ऊष्मा उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रतिरोधकता को अधिकतम किया जाना चाहिए
ऊष्मा H = I²R होती है, इसलिए उच्च प्रतिरोधकता वाला पदार्थ दी गई धारा के लिए अधिक ऊष्मा उत्पन्न करता है → विकल्प 2।
Q44. एक परिपथ में 4 ओम, 6 ओम और 12 ओम के तीन प्रतिरोधक समांतर क्रम में जुड़े हैं। कुल प्रतिरोध के बारे में कौन-सा कथन सही है?
- (a) कुल प्रतिरोध, सबसे बड़े व्यष्टिगत प्रतिरोध के बराबर होता है
- (b) कुल प्रतिरोध, सबसे छोटे व्यष्टिगत प्रतिरोध से कम होता है
- (c) कुल प्रतिरोध, सभी प्रतिरोधों के योग के बराबर होता है
- (d) कुल प्रतिरोध, व्यष्टिगत प्रतिरोधों में से एक के बराबर होता है
उत्तर और व्याख्या
उत्तर: (b) कुल प्रतिरोध, सबसे छोटे व्यष्टिगत प्रतिरोध से कम होता है
उत्तर: विकल्प 2 — कुल प्रतिरोध, सबसे छोटे व्यष्टिगत प्रतिरोध से कम होता है
समांतर क्रम में कुल प्रतिरोध सदैव सबसे छोटे प्रतिरोधक से कम होता है → विकल्प 2।