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SSC GD 2026 22 मई 2026 शिफ्ट 1 – GK प्रश्न – उत्तर व व्याख्या सहित

SSC GD 2026 (22 मई 2026 शिफ्ट 1) में पूछे गए सभी 20 GK / सामान्य अध्ययन प्रश्न, सही उत्तर और व्याख्या के साथ – विषयवार।

📚 20 प्रश्न🗓️ 22 मई 2026⏰ शिफ्ट 1
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विषय: Ancient History (1) · Geography (4) · Modern History (1) · Economics (4) · Static GK (7) · Chemistry (2) · Current Affairs (1)

Ancient History (1)

Gupta Empire · Gupta literature and scholars

Q1. लोकप्रिय मान्यता के अनुसार, प्रसिद्ध संस्कृत कवि कालिदास _____ के दरबार में फले-फूले।

  1. (a) स्कंदगुप्त
  2. (b) समुद्रगुप्त
  3. (c) चंद्रगुप्त द्वितीय
  4. (d) कुमारगुप्त
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) चंद्रगुप्त द्वितीय

सही उत्तर: चंद्रगुप्त द्वितीय — विकल्प (c)
लोकप्रिय मान्यता (और अधिकांश विद्वानों की आम सहमति) के अनुसार, महान संस्कृत कवि कालिदास चंद्रगुप्त द्वितीय (जिन्हें चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के नाम से भी जाना जाता है) के दरबार में फले-फूले। कालिदास के बारे में: कालिदास को सबसे महान संस्कृत कवि और नाटककार माना जाता है — उन्हें अक्सर 'भारत का शेक्सपियर' कहा जाता है; माना जाता है कि वे गुप्त काल (चौथी-पांचवीं शताब्दी ईस्वी) के दौरान रहते थे; प्रमुख कृतियाँ: नाटक: अभिज्ञानशाकुंतलम् (शकुंतला — उनकी सबसे प्रसिद्ध कृति, राजा दुष्यंत और शकुंतला की कहानी), विक्रमोर्वशीयम् (राजा पुरुरवा और अप्सरा उर्वशी), मालविकाग्निमित्रम् (राजा अग्निमित्र और मालविका); महाकाव्य/कविताएँ: रघुवंश (रघु का राजवंश — राम के पूर्वज), कुमारसंभव (कुमार/कार्तिकेय का जन्म); गीतात्मक कविताएँ: मेघदूत (द क्लाउड मैसेंजर — एक यक्ष एक बादल के माध्यम से संदेश भेजता है), ऋतुसंहार (छह ऋतुओं का वर्णन); चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य) के बारे में: लगभग 375-415 ईस्वी तक शासन किया; उनके शासनकाल में गुप्त साम्राज्य अपनी चरम सीमा पर पहुँचा; कला और साहित्य के संरक्षण के लिए जाने जाते थे; उनके दरबार के नौ रत्न (नवरत्न) में कथित तौर पर कालिदास, आर्यभट्ट (खगोलशास्त्री), वराहमिहिर, वररुचि और अन्य शामिल थे।
विकल्प (a) स्कंदगुप्त — गलत: स्कंदगुप्त (शासनकाल लगभग 455-467 ईस्वी) एक बाद के गुप्त शासक थे जिन्होंने हूण आक्रमणों को सफलतापूर्वक विफल किया था; जबकि वे एक उल्लेखनीय शासक थे, साहित्यिक परंपरा कालिदास को स्कंदगुप्त के बजाय चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य) के दरबार से सबसे दृढ़ता से जोड़ती है।
विकल्प (b) समुद्रगुप्त — गलत: समुद्रगुप्त (शासनकाल लगभग 335-375 ईस्वी) महान विजेता थे जिन्हें 'भारत का नेपोलियन' कहा जाता था और वे स्वयं एक विद्वान और संगीतकार (वीणा बजाते थे) थे; वे चंद्रगुप्त द्वितीय के पिता थे; जबकि उन्होंने कलाओं का संरक्षण किया, कालिदास को चंद्रगुप्त द्वितीय के दरबार से सबसे अधिक जोड़ा जाता है।
विकल्प (d) कुमारगुप्त — गलत: कुमारगुप्त प्रथम (शासनकाल लगभग 415-455 ईस्वी) चंद्रगुप्त द्वितीय के पुत्र थे; उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना की थी; कालिदास चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य) के पूर्ववर्ती दरबार से जुड़े हैं, न कि कुमारगुप्त से।

Geography (4)

India - Population and Census · Urbanisation and migration

Q2. जनगणना 2011 के अनुसार, जनसंख्या के मामले में सबसे बड़ा महानगरीय शहर कौन सा है?

  1. (a) कोलकाता
  2. (b) दिल्ली
  3. (c) मुंबई
  4. (d) चेन्नई
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) मुंबई

सही उत्तर: मुंबई — विकल्प (c)
जनगणना 2011 के अनुसार, मुंबई (बृहत्तर मुंबई शहरी समूह) जनसंख्या के मामले में भारत का सबसे बड़ा महानगरीय शहर था। जनगणना 2011 — प्रमुख शहरी समूह: मुंबई यूए: 18,414,288 (पहला); दिल्ली यूए: 16,349,831 (दूसरा); कोलकाता यूए: 14,112,536 (तीसरा); चेन्नई यूए: 8,696,010 (चौथा); हैदराबाद यूए: 7,749,334 (पांचवां); बेंगलुरु यूए: 8,499,399; मुंबई का महत्व: बृहत्तर मुंबई नगर निगम (MCGM) क्षेत्र की जनसंख्या: 12,442,373 — सभी नगर निगमों में सबसे बड़ी; मुंबई भारत की वित्तीय राजधानी और सबसे व्यावसायिक रूप से महत्वपूर्ण शहर है; नगर निगम की सीमाओं से परे भी, मुंबई महानगरीय क्षेत्र (MMR) और बृहत्तर मुंबई शहरी समूह जनसंख्या के मामले में हावी हैं; जनगणना 2011 के अनुसार, मुंबई यूए भारत का सबसे अधिक आबादी वाला शहरी समूह था; संदर्भ: भारत की जनगणना 2011 रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त, भारत के तहत आयोजित की गई थी; अगली जनगणना (2021) COVID-19 के कारण विलंबित हुई।
विकल्प (a) कोलकाता — गलत: जनगणना 2011 के अनुसार, कोलकाता शहरी समूह की जनसंख्या 14,112,536 थी — जो इसे तीसरा सबसे बड़ा बनाती है, सबसे बड़ा नहीं; मुंबई यूए (18.4 मिलियन) सबसे बड़ा था।
विकल्प (b) दिल्ली — गलत: जनगणना 2011 में दिल्ली शहरी समूह की जनसंख्या 16,349,831 थी — जो दूसरा सबसे बड़ा था; मुंबई यूए (18.4 मिलियन) दिल्ली यूए से बड़ा था; दिल्ली बाद के वर्षों में मुंबई से बड़ा हो गया, लेकिन जनगणना 2011 के अनुसार, मुंबई बड़ा था।
विकल्प (d) चेन्नई — गलत: जनगणना 2011 में चेन्नई शहरी समूह की जनसंख्या 8,696,010 थी — जो चौथा सबसे बड़ा था; यह मुंबई, दिल्ली और कोलकाता यूए से काफी छोटा था।
Atmosphere and Climate · Pressure belts

Q3. नीचे वर्णित दबाव पेटी कौन सी है? 'यह दबाव पेटी 30°N से 35°N अक्षांश के बीच पाई जाती है और इसे हॉर्स अक्षांश (Horse Latitudes) के नाम से भी जाना जाता है।'

  1. (a) भूमध्यरेखीय निम्न दाब पेटी
  2. (b) उपोष्णकटिबंधीय उच्च दाब पेटी
  3. (c) उपध्रुवीय निम्न दाब पेटी
  4. (d) ध्रुवीय उच्च दाब पेटी
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) उपोष्णकटिबंधीय उच्च दाब पेटी

सही उत्तर: उपोष्णकटिबंधीय उच्च दाब पेटी — विकल्प (b)
30°N से 35°N अक्षांश (और इसी तरह दक्षिणी गोलार्ध में 30°S से 35°S के आसपास) के बीच पाई जाने वाली दबाव पेटी उपोष्णकटिबंधीय उच्च दाब पेटी है, जिसे हॉर्स अक्षांश (Horse Latitudes) के नाम से भी जाना जाता है। पृथ्वी पर वायुमंडलीय दबाव पेटियों का वितरण: भूमध्यरेखीय निम्न दाब पेटी (0° से 5° N/S): इसे डोलड्रम (Doldrums) भी कहा जाता है; तीव्र सौर तापन के कारण हवा ऊपर उठती है; शांत, गर्म, आर्द्र; इंटर-ट्रॉपिकल कन्वर्जेंस ज़ोन (ITCZ); उपोष्णकटिबंधीय उच्च दाब पेटी (25°-35° N/S): हॉर्स अक्षांश; उच्च ऊंचाई से नीचे उतरती हुई हवा (अवशोषण) उच्च दबाव बनाती है; शांत, गर्म, शुष्क स्थितियाँ; व्यापारिक पवनों (भूमध्य रेखा की ओर बहने वाली) और पछुआ पवनों (ध्रुवों की ओर बहने वाली) का उद्गम; उपध्रुवीय निम्न दाब पेटी (60°-65° N/S): अभिसरण क्षेत्र जहाँ ठंडी ध्रुवीय हवा और गर्म समशीतोष्ण हवा मिलती है; चक्रवातों और अवदाबों से संबंधित; ध्रुवीय उच्च दाब पेटी (80°-90° N/S): अत्यधिक ठंडी, घनी, नीचे उतरती हुई हवा उच्च दबाव बनाती है; ध्रुवीय पूर्वी पवनों का उद्गम; 'हॉर्स अक्षांश' क्यों? ऐतिहासिक किंवदंती के अनुसार, जब घोड़ों को ले जाने वाले नौकायन जहाज इन अक्षांशों में शांत हो गए (कोई हवा नहीं थी), तो नाविकों को पीने के पानी को बचाने के लिए घोड़ों को जहाज से बाहर फेंकने के लिए मजबूर होना पड़ा; विशेषताएँ: उच्च दबाव, नीचे उतरती शुष्क हवा, बहुत कम वर्षा, रेगिस्तानी क्षेत्र अक्सर यहीं पाए जाते हैं (सहारा, अरब रेगिस्तान, आदि)।
विकल्प (a) भूमध्यरेखीय निम्न दाब पेटी — गलत: भूमध्यरेखीय निम्न दाब पेटी (डोलड्रम) भूमध्य रेखा के पास (0°-5° N/S) पाई जाती है — न कि 30°-35° N/S पर; यह एक निम्न दाब पेटी है (उच्च दाब नहीं) जिसकी विशेषता शांत, गर्म, आर्द्र स्थितियाँ और ऊपर उठती हवा है। उम्मीदवार ने इस गलत विकल्प का चयन किया।
विकल्प (c) उपध्रुवीय निम्न दाब पेटी — गलत: उपध्रुवीय निम्न दाब पेटी 60°-65° N/S अक्षांशों पर पाई जाती है — न कि 30°-35° N/S पर; यह भी एक निम्न दाब पेटी है (उच्च दाब नहीं) जहाँ ध्रुवीय और समशीतोष्ण वायुराशियाँ मिलती हैं।
विकल्प (d) ध्रुवीय उच्च दाब पेटी — गलत: ध्रुवीय उच्च दाब पेटी ध्रुवों के पास (लगभग 80°-90° N/S) पाई जाती है — न कि 30°-35° N/S पर; यह ध्रुवों पर अत्यधिक ठंडी, घनी, नीचे उतरती हुई हवा से बनती है; 30°-35° पेटी उपोष्णकटिबंधीय उच्च दाब पेटी है।

Q4. 'पन्ना हीरा खदान' निम्नलिखित में से किस राज्य में है?

  1. (a) मध्य प्रदेश
  2. (b) झारखंड
  3. (c) कर्नाटक
  4. (d) गुजरात
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) मध्य प्रदेश

सही उत्तर: मध्य प्रदेश — विकल्प (a)
पन्ना हीरा खदान मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में स्थित है। पन्ना हीरा खदानों के बारे में: स्थान: पन्ना जिला, मध्य प्रदेश (विंध्य क्षेत्र); पन्ना भारत में एकमात्र उत्पादक हीरा खदान है और एशिया की कुछ हीरा खदानों में से एक है; पन्ना हीरा खनन क्षेत्र लगभग 25 किमी × 5 किमी में फैला हुआ है; संचालक: राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (NMDC) — इस्पात मंत्रालय के तहत एक नवरत्न सीपीएसई (CPSE); हीरे की किस्म: पन्ना रत्न-गुणवत्ता वाले हीरे का उत्पादन करता है; हीरे किम्बरलाइट पाइप (ऊर्ध्वाधर ज्वालामुखी घुसपैठ) और केन नदी में जलोढ़ निक्षेपों में पाए जाते हैं; ऐतिहासिक महत्व: पन्ना सदियों से हीरों का स्रोत रहा है; प्रसिद्ध कोह-ए-नूर हीरा और शाह हीरा इसी क्षेत्र से उत्पन्न हुए माने जाते हैं; उल्लेखनीय हीरे: कई प्रसिद्ध ऐतिहासिक हीरे पन्ना/बुंदेलखंड क्षेत्र से आए बताए जाते हैं; उत्पादन: पन्ना खदानें आमतौर पर प्रतिवर्ष लगभग 30,000-50,000 कैरेट हीरे का उत्पादन करती हैं; आसपास का पन्ना राष्ट्रीय उद्यान (जो पन्ना जिले में भी है) अपने बाघ संरक्षण प्रयासों के लिए प्रसिद्ध है; पन्ना टाइगर रिजर्व: स्थानीय बाघों के शिकार के कारण विलुप्त होने के बाद सफल बाघ पुनर्स्थापन कार्यक्रम के लिए जाना जाता है; बाघों को 2009 से फिर से लाया गया था।
विकल्प (b) झारखंड — गलत: झारखंड में महत्वपूर्ण खनिज संपदा (कोयला, लौह अयस्क, तांबा, अभ्रक, यूरेनियम) है, लेकिन प्रसिद्ध पन्ना हीरा खदान झारखंड में नहीं है — यह मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में है। उम्मीदवार ने यह गलत विकल्प चुना।
विकल्प (c) कर्नाटक — गलत: कर्नाटक का खनन क्षेत्र लौह अयस्क (बेल्लारी-होस्पेट क्षेत्र), सोना (कोलार गोल्ड फील्ड्स — अब काफी हद तक समाप्त हो चुके) और मैंगनीज के लिए जाना जाता है; पन्ना हीरा खदान कर्नाटक में नहीं है — यह मध्य प्रदेश में है।
विकल्प (d) गुजरात — गलत: गुजरात अपने पेट्रोकेमिकल उद्योग, वस्त्र और अगेट/अर्ध-कीमती पत्थर खनन के लिए जाना जाता है — लेकिन प्रसिद्ध पन्ना हीरा खदान मध्य प्रदेश में है, गुजरात में नहीं।
India - Minerals, Energy and Industries · Metallic minerals and mines

Q5. महत्वपूर्ण खनिजों के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
I. महत्वपूर्ण खनिज आधुनिक अर्थव्यवस्था के आधार स्तंभ हैं।
II. महत्वपूर्ण खनिज तेजी से 21वीं सदी का तेल बनते जा रहे हैं।

  1. (a) केवल I
  2. (b) केवल II
  3. (c) I और II दोनों
  4. (d) न तो I और न ही II
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) I और II दोनों

सही उत्तर: I और II दोनों — विकल्प (c)
महत्वपूर्ण खनिजों के बारे में दोनों कथन सही हैं। कथन I का विश्लेषण — 'महत्वपूर्ण खनिज आधुनिक अर्थव्यवस्था के आधार स्तंभ हैं' (सही): महत्वपूर्ण खनिज वास्तव में आधुनिक डिजिटल और स्वच्छ ऊर्जा अर्थव्यवस्था के लिए मूलभूत सामग्री हैं; वे इनके लिए आवश्यक हैं: इलेक्ट्रिक वाहन (EVs) — बैटरी के लिए लिथियम, कोबाल्ट, निकल, मैंगनीज; नवीकरणीय ऊर्जा — पवन टर्बाइनों के लिए दुर्लभ मृदा तत्व, सौर पैनलों के लिए सिलिकॉन; इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर — गैलियम, जर्मेनियम, इंडियम, टेल्यूरियम; रक्षा और एयरोस्पेस — टाइटेनियम, क्रोमियम, टंगस्टन, दुर्लभ मृदा; महत्वपूर्ण खनिजों के बिना, स्मार्टफोन, ईवी, नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों और उन्नत रक्षा उपकरणों का उत्पादन असंभव होगा; कथन II का विश्लेषण — 'महत्वपूर्ण खनिज तेजी से 21वीं सदी का तेल बनते जा रहे हैं' (सही): जिस तरह पेट्रोलियम 20वीं सदी का निर्णायक रणनीतिक संसाधन था (भू-राजनीति, युद्धों और आर्थिक शक्ति को संचालित करता था), महत्वपूर्ण खनिज 21वीं सदी के रणनीतिक संसाधन बनते जा रहे हैं; राष्ट्र इन खनिजों तक पहुंच के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं; चीन दुर्लभ मृदा उत्पादन के 60% से अधिक को नियंत्रित करता है — जिससे अन्य राष्ट्रों के लिए आपूर्ति श्रृंखला में कमजोरियां पैदा होती हैं; भारत का महत्वपूर्ण खनिज मिशन: भारत ने 30 महत्वपूर्ण खनिजों की पहचान की और घरेलू उपलब्धता और आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 16,300 करोड़ रुपये के कोष के साथ 2024 में महत्वपूर्ण खनिज मिशन शुरू किया।
विकल्प (a) केवल I — गलत: महत्वपूर्ण खनिजों के बारे में कथन I और कथन II दोनों सही हैं; 'केवल I' का चयन यह अनदेखा करता है कि कथन II (21वीं सदी के तेल के रूप में महत्वपूर्ण खनिज) भी एक सटीक और व्यापक रूप से स्वीकृत विशेषता है।
विकल्प (b) केवल II — गलत: दोनों कथन सही हैं; कथन I (आधुनिक अर्थव्यवस्था के आधार स्तंभ के रूप में महत्वपूर्ण खनिज) भी सटीक है; 'केवल II' का चयन अधूरा है। उम्मीदवार ने इस गलत विकल्प का चयन किया।
विकल्प (d) न तो I और न ही II — गलत: दोनों कथन आधुनिक वैश्विक अर्थव्यवस्था और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के संदर्भ में महत्वपूर्ण खनिजों के तथ्यात्मक रूप से सही और व्यापक रूप से स्वीकृत विवरण हैं; 'न तो I और न ही II' पूरी तरह से गलत है।

Modern History (1)

British Administration and Policies · Constitutional Acts under British rule

Q6. किस अधिनियम ने भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन का आधिकारिक अंत किया?

  1. (a) रेगुलेटिंग एक्ट, 1773
  2. (b) भारत सरकार अधिनियम, 1858
  3. (c) भारतीय परिषद अधिनियम, 1861
  4. (d) चार्टर अधिनियम, 1833
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) भारत सरकार अधिनियम, 1858

सही उत्तर: भारत सरकार अधिनियम, 1858 — विकल्प (b)
भारत सरकार अधिनियम, 1858 ने औपचारिक रूप से ईस्ट इंडिया कंपनी को समाप्त कर दिया और भारत में कंपनी शासन के आधिकारिक अंत को चिह्नित किया। भारत सरकार अधिनियम, 1858 के मुख्य प्रावधान: 1857 के महान विद्रोह (स्वतंत्रता का पहला युद्ध) के बाद ब्रिटिश संसद द्वारा पारित; भारत का नियंत्रण ईस्ट इंडिया कंपनी से ब्रिटिश क्राउन (महारानी विक्टोरिया) को हस्तांतरित किया गया; भारतीय प्रशासन के प्रमुख के रूप में भारत के राज्य सचिव (लंदन में एक कैबिनेट मंत्री) का पद स्थापित किया; राज्य सचिव की सहायता के लिए भारत परिषद (15 सदस्यों का एक सलाहकार निकाय) का गठन किया; भारत के गवर्नर-जनरल को 'भारत का वायसराय' (सीधे क्राउन का प्रतिनिधित्व करते हुए) के रूप में नामित किया गया; पहले राज्य सचिव: लॉर्ड स्टेनली; भारत के पहले वायसराय: लॉर्ड कैनिंग (जो 1857 के विद्रोह के समय गवर्नर-जनरल थे); महारानी विक्टोरिया की घोषणा (1 नवंबर, 1858): धर्म की परवाह किए बिना भारतीयों के लिए समान अवसरों का वादा किया, विलय की नीति का त्याग किया, विद्रोहियों के लिए आम माफी की घोषणा की (अपवादों के साथ); महत्व: भारत में सीधे ब्रिटिश क्राउन शासन (ब्रिटिश राज) की शुरुआत को चिह्नित करता है, जो 15 अगस्त, 1947 को भारत की स्वतंत्रता तक चला।
विकल्प (a) रेगुलेटिंग एक्ट, 1773 — गलत: रेगुलेटिंग एक्ट, 1773 भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी के मामलों को विनियमित करने के लिए ब्रिटिश संसद का पहला अधिनियम था — इसने गवर्नर-जनरल (पहले: वॉरेन हेस्टिंग्स) और कलकत्ता में सर्वोच्च न्यायालय का पद बनाया; इसने कंपनी शासन को समाप्त नहीं किया — इसने वास्तव में कंपनी पर संसदीय नियंत्रण को मजबूत किया।
विकल्प (c) भारतीय परिषद अधिनियम, 1861 — गलत: भारतीय परिषद अधिनियम, 1861 भारत सरकार अधिनियम, 1858 (जिसने पहले ही कंपनी शासन को समाप्त कर दिया था) के बाद पारित किया गया था; 1861 के अधिनियम ने विधायी शक्तियों का विकेंद्रीकरण किया और भारतीयों को विधायी परिषदों में नामांकित होने की अनुमति दी — यह क्राउन शासन के कंपनी-पश्चात युग में आया।
विकल्प (d) चार्टर अधिनियम, 1833 — गलत: चार्टर अधिनियम, 1833 एक महत्वपूर्ण सुधार था जिसने कंपनी की व्यावसायिक गतिविधियों को समाप्त कर दिया (यह एक व्यापारिक कंपनी के रूप में समाप्त हो गई), भारतीय व्यापार को सभी ब्रिटिश नागरिकों के लिए खोल दिया, और एक विधि आयोग (मैकाले के नेतृत्व में) नियुक्त किया — लेकिन इसने कंपनी शासन को समाप्त नहीं किया; कंपनी ने 1858 तक भारत पर शासन करना जारी रखा। उम्मीदवार ने इस गलत विकल्प का चयन किया।

Economics (4)

Public Finance - Budget and Taxation · Union Budget - latest highlights

Q7. जुलाई 2025 में अनुमोदित पीएम धन-धान्य कृषि योजना के तहत वार्षिक आवंटन क्या है?

  1. (a) ₹20,000 करोड़
  2. (b) ₹22,000 करोड़
  3. (c) ₹24,000 करोड़
  4. (d) ₹30,000 करोड़
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) ₹24,000 करोड़

सही उत्तर: ₹24,000 करोड़ — विकल्प (c)
जुलाई 2025 में अनुमोदित पीएम धन-धान्य कृषि योजना (पीएम डीडीकेवाई) के तहत वार्षिक आवंटन ₹24,000 करोड़ है। पीएम धन-धान्य कृषि योजना (पीएम डीडीकेवाई) के बारे में: कृषि के लिए केंद्रीय बजट पहलों के हिस्से के रूप में 2025 में शुरू/अनुमोदित; यह योजना उन कृषि जिलों पर केंद्रित है जो उत्पादकता और विकास में पिछड़ रहे हैं; उद्देश्य: पहचाने गए जिलों में कृषि उत्पादकता को बढ़ावा देना, फसल विविधीकरण बढ़ाना, सिंचाई और जल दक्षता में सुधार करना, फसल-उपरांत भंडारण अवसंरचना विकसित करना, किसानों के लिए ऋण पहुंच बढ़ाना; कवरेज: यह योजना भारत भर के कृषि रूप से अविकसित जिलों को लक्षित करती है; वार्षिक आवंटन: जुलाई 2025 में ₹24,000 करोड़ अनुमोदित; महत्व: पीएम धन-धान्य कृषि योजना का लक्ष्य बुनियादी ढांचे, उत्पादकता और किसान आय में अंतराल को दूर करके पिछड़े कृषि जिलों को बदलना है; यह किसान आय को दोगुना/बढ़ाने और कृषि को आधुनिक बनाने के भारत के चल रहे प्रयासों का हिस्सा है; इस योजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित किया गया था और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित किया जाता है।
विकल्प (a) ₹20,000 करोड़ — गलत: पीएम धन-धान्य कृषि योजना के तहत वार्षिक आवंटन ₹24,000 करोड़ है (₹20,000 करोड़ नहीं); ₹20,000 करोड़ वास्तविक अनुमोदित राशि से कम है।
विकल्प (b) ₹22,000 करोड़ — गलत: सही वार्षिक आवंटन ₹24,000 करोड़ है, ₹22,000 करोड़ नहीं; ₹22,000 करोड़ पीएम धन-धान्य कृषि योजना के लिए अनुमोदित आवंटन नहीं है।
विकल्प (d) ₹30,000 करोड़ — गलत: पीएम धन-धान्य कृषि योजना के तहत वार्षिक आवंटन ₹24,000 करोड़ है, ₹30,000 करोड़ नहीं; ₹30,000 करोड़ वास्तविक अनुमोदित वार्षिक परिव्यय से अधिक है।
Government Schemes and Economic Reports · Skill development and employment schemes

Q8. PM-DAKSH योजना के तहत, OBC और EWS श्रेणियों से संबंधित उम्मीदवार जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय _____ लाख रुपये से कम है, प्रशिक्षण प्राप्त करने के पात्र हैं।

  1. (a) 3
  2. (b) 5
  3. (c) 8
  4. (d) 10
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) 3

सही उत्तर: 3 लाख — विकल्प (a)
PM-DAKSH योजना के तहत, OBC और EWS उम्मीदवार जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 3 लाख रुपये से कम है, प्रशिक्षण प्राप्त करने के पात्र हैं। PM-DAKSH योजना के बारे में: पूरा नाम: प्रधानमंत्री दक्षता और कुशलता संपन्न हितग्राही (PM-DAKSH) योजना; कार्यान्वयन मंत्रालय: सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय; उद्देश्य: हाशिए पर पड़े समुदायों (SC, OBC, EWS, स्वच्छता कर्मचारी, विमुक्त जनजातियाँ) को उनकी आजीविका बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद करने के लिए कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना; पात्रता मानदंड: अनुसूचित जाति (SC): कोई आय सीमा नहीं; अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): वार्षिक पारिवारिक आय 3 लाख रुपये से कम; आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS): वार्षिक पारिवारिक आय 3 लाख रुपये से कम; स्वच्छता कर्मचारी (सफाई कर्मचारी) और उनके आश्रित: कोई आय सीमा नहीं; विमुक्त, खानाबदोश और अर्ध-खानाबदोश जनजातियाँ: कोई आय सीमा नहीं; प्रशिक्षण के प्रकार: अल्पकालिक प्रशिक्षण (6 महीने तक) — वेतनभोगी रोजगार के लिए; दीर्घकालिक प्रशिक्षण — कुशल व्यवसायों के लिए; पुनः कौशल/कौशल उन्नयन — स्वरोजगार के लिए; लाभ: निःशुल्क प्रशिक्षण, प्रशिक्षण के दौरान वजीफा, प्रशिक्षण केंद्रों पर निःशुल्क बोर्डिंग और आवास, मूल्यांकन और प्रमाणन, प्लेसमेंट सहायता।
विकल्प (b) 5 लाख — गलत: PM-DAKSH के तहत OBC और EWS उम्मीदवारों के लिए आय सीमा 3 लाख रुपये प्रति वर्ष है (5 लाख रुपये नहीं); 5 लाख रुपये एक अलग आय सीमा है जिसका उपयोग अन्य सरकारी योजनाओं में किया जाता है। उम्मीदवार ने इस गलत विकल्प का चयन किया।
विकल्प (c) 8 लाख — गलत: 8 लाख रुपये केंद्रीय सरकारी नौकरियों में OBC आरक्षण के लिए 'नॉन-क्रीमी लेयर' को परिभाषित करने के लिए उपयोग की जाने वाली वार्षिक आय सीमा है — लेकिन PM-DAKSH प्रशिक्षण पात्रता के लिए, OBC और EWS के लिए आय सीमा 3 लाख रुपये प्रति वर्ष है।
विकल्प (d) 10 लाख — गलत: 10 लाख रुपये OBC/EWS उम्मीदवारों के लिए PM-DAKSH प्रशिक्षण पात्रता के लिए आय सीमा नहीं है; PM-DAKSH योजना के तहत सही आय सीमा 3 लाख रुपये प्रति वर्ष है।
Public Finance - Budget and Taxation · Union Budget - components and process

Q9. भारत में जेंडर बजटिंग कब शुरू की गई थी?

  1. (a) 1991-1992
  2. (b) 1997-1998
  3. (c) 2005-2006
  4. (d) 2020-2021
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) 2005-2006

सही उत्तर: 2005-2006 — विकल्प (c)
भारत में जेंडर बजटिंग को औपचारिक रूप से 2005-2006 के केंद्रीय बजट में शुरू किया गया था। भारत में जेंडर बजटिंग के बारे में: जेंडर बजटिंग महिलाओं के लिए कोई अलग बजट नहीं है — यह महिलाओं के कल्याण के लिए पर्याप्त आवंटन सुनिश्चित करने हेतु लैंगिक परिप्रेक्ष्य से मुख्यधारा के बजट का विश्लेषण है; परिचय: वित्त मंत्रालय ने केंद्रीय बजट 2005-06 से जेंडर बजट स्टेटमेंट (PBS — केंद्रीय बजट का भाग B) की शुरुआत की; जेंडर बजट स्टेटमेंट दो प्रकार के फंड दर्शाता है: भाग A: 100% महिला-केंद्रित आवंटन वाली योजनाएँ; भाग B: ऐसी योजनाएँ जहाँ कम से कम 30% फंड महिलाओं के लाभ के लिए हैं; ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: भारत ने बीजिंग प्लेटफॉर्म फॉर एक्शन (1995) पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें लैंगिक उत्तरदायी बजटिंग का आह्वान किया गया था; 10वीं पंचवर्षीय योजना (2002-07) में लैंगिक मुख्यधाराकरण पर जोर दिया गया था; अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं और लैंगिक समानता के लक्ष्यों का पालन करते हुए, भारत ने औपचारिक रूप से 2005-06 में जेंडर बजट स्टेटमेंट लॉन्च किए; वर्तमान स्थिति: हर साल, केंद्रीय बजट में एक जेंडर बजट स्टेटमेंट शामिल होता है जो विभिन्न मंत्रालयों और योजनाओं में महिलाओं के लिए आवंटन दर्शाता है; केंद्रीय बजट में महिलाओं का हिस्सा वर्षों से बढ़ रहा है; उद्देश्य: लैंगिक समानता प्रतिबद्धताओं के लिए जवाबदेही; महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए संसाधनों का बेहतर आवंटन।
विकल्प (a) 1991-1992 — गलत: 1991-1992 भारत के प्रमुख आर्थिक सुधारों (वित्त मंत्री मनमोहन सिंह के तहत उदारीकरण, निजीकरण, वैश्वीकरण) का वर्ष था — जेंडर बजटिंग 1991-92 में शुरू नहीं की गई थी; इसे औपचारिक रूप से 2005-06 में शुरू किया गया था।
विकल्प (b) 1997-1998 — गलत: 1997-1998 वह वर्ष नहीं था जब भारत में जेंडर बजटिंग शुरू की गई थी — इसे 2005-06 में शुरू किया गया था; 1990 के दशक में महिला आरक्षण विधेयक पर बहस और 73वें/74वें संवैधानिक संशोधन (1992-93) देखे गए, जिन्होंने स्थानीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण दिया, लेकिन 1997-98 में जेंडर बजटिंग नहीं। उम्मीदवार ने यह गलत विकल्प चुना।
विकल्प (d) 2020-2021 — गलत: भारत में जेंडर बजटिंग 2005-06 में शुरू की गई थी, न कि 2020-21 में; 2020-21 तक, जेंडर बजटिंग भारत के केंद्रीय बजट में पहले से ही 15 साल पुरानी प्रथा थी।
Industry and Infrastructure · Infrastructure sectors

Q10. निम्नलिखित में से कौन PM गति शक्ति पहल का एक प्रमुख प्रवर्तक (driving enabler) है?
I. सार्वजनिक परिवहन
II. लॉजिस्टिक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर

  1. (a) केवल I
  2. (b) केवल II
  3. (c) I और II दोनों
  4. (d) न तो I और न ही II
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) I और II दोनों

सही उत्तर: I और II दोनों — विकल्प (c)
सार्वजनिक परिवहन और लॉजिस्टिक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर दोनों PM गति शक्ति पहल के प्रमुख प्रवर्तक (driving enablers) हैं। PM गति शक्ति — राष्ट्रीय मास्टर प्लान के बारे में: शुभारंभ: 13 अक्टूबर, 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उनके जन्मदिन पर; पूरा नाम: PM गति शक्ति — मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी के लिए राष्ट्रीय मास्टर प्लान; उद्देश्य: विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों को मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रदान करना; यह रेलवे, सड़क, बंदरगाह, जलमार्ग, विमानन, दूरसंचार आदि सहित 16 मंत्रालयों को एक एकल जीआईएस-आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एकीकृत करता है; PM गति शक्ति के सात इंजन: सड़क, रेलवे, हवाई अड्डे, बंदरगाह, जन परिवहन (सार्वजनिक परिवहन), जलमार्ग और लॉजिस्टिक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर; सभी सात इंजनों को पहल के स्तंभ/प्रवर्तक (pillars/enablers) माना जाता है; कथन I — सार्वजनिक परिवहन एक प्रमुख प्रवर्तक है: जन परिवहन (मेट्रो रेल, बस प्रणाली, लास्ट-माइल कनेक्टिविटी) PM गति शक्ति के सात इंजनों में से एक है; कथन II — लॉजिस्टिक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर एक प्रमुख प्रवर्तक है: लॉजिस्टिक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर (वेयरहाउसिंग, कोल्ड चेन, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, एकीकृत बंदरगाह) सात इंजनों में से एक है; महत्व: PM गति शक्ति का उद्देश्य लॉजिस्टिक्स लागत को कम करना (वर्तमान में जीडीपी का 13-14% — लक्ष्य 8% से नीचे लाना), निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना और रोजगार सृजित करना है।
विकल्प (a) केवल I — गलत: सार्वजनिक परिवहन और लॉजिस्टिक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर दोनों PM गति शक्ति के प्रमुख प्रवर्तक हैं — इसमें जन परिवहन और लॉजिस्टिक्स सहित सात इंजन हैं; 'केवल I' चुनना अधूरा है।
विकल्प (b) केवल II — गलत: दोनों प्रवर्तक हैं — सार्वजनिक परिवहन सात इंजनों (जन परिवहन) में से एक है, और लॉजिस्टिक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर दूसरा है; 'केवल II' चुनना अधूरा है।
विकल्प (d) न तो I और न ही II — गलत: सार्वजनिक परिवहन और लॉजिस्टिक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर दोनों को PM गति शक्ति पहल के प्रमुख प्रवर्तक (इंजन) के रूप में स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध किया गया है; 'न तो I और न ही II' तथ्यात्मक रूप से गलत है।

Static GK (7)

Space, Defence and Technology · Defence organisations (DRDO, HAL, BEL)

Q11. भारत सरकार ने किस वर्ष माझगांव डॉक का अधिग्रहण किया था?

  1. (a) 1972
  2. (b) 1968
  3. (c) 1960
  4. (d) 1964
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) 1960

सही उत्तर: 1960 — विकल्प (c)
भारत सरकार ने 1960 में माझगांव डॉक का अधिग्रहण किया था। माझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) के बारे में: माझगांव डॉक भारत का प्रमुख युद्धपोत और पनडुब्बी निर्माण यार्ड है; मुंबई (महाराष्ट्र) में स्थित; इतिहास: मूल रूप से 1774 में ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा एक छोटे ड्राई डॉक के रूप में स्थापित; कई वर्षों तक एक निजी शिपयार्ड के रूप में संचालित; 1934 में, इसे एक ब्रिटिश फर्म (मैकिनॉन मैकेंजी एंड कंपनी) द्वारा अधिग्रहित कर लिया गया; 11 अगस्त, 1960 को, भारत सरकार ने माझगांव डॉक का राष्ट्रीयकरण/अधिग्रहण किया, इसे रक्षा मंत्रालय के तहत एक सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी के रूप में शामिल किया; वर्तमान स्थिति: यह रक्षा मंत्रालय के तहत एक अनुसूची 'ए' रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम (डीपीएसयू) है; 2020 से स्टॉक एक्सचेंजों (बीएसई और एनएसई) में सूचीबद्ध; उपलब्धियाँ: भारत का पहला फ्रिगेट (आईएनएस नीलगिरि), पहली पनडुब्बी (आईएनएस शाल्की), पी17ए स्टील्थ फ्रिगेट (प्रोजेक्ट 17ए), स्कॉर्पीन-श्रेणी की पनडुब्बियां (प्रोजेक्ट 75) का निर्माण किया; महत्व: रक्षा में 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत भारत की नौसैनिक आत्मनिर्भरता के लिए एमडीएल महत्वपूर्ण है।
विकल्प (a) 1972 — गलत: माझगांव डॉक का अधिग्रहण भारत सरकार द्वारा 1960 में किया गया था, 1972 में नहीं; 1972 माझगांव डॉक के राष्ट्रीयकरण का सही वर्ष नहीं है। उम्मीदवार ने इस गलत विकल्प का चयन किया।
विकल्प (b) 1968 — गलत: भारत सरकार द्वारा माझगांव डॉक का अधिग्रहण करने का सही वर्ष 1960 है, 1968 नहीं।
विकल्प (d) 1964 — गलत: माझगांव डॉक का राष्ट्रीयकरण/अधिग्रहण भारत सरकार द्वारा 1960 में किया गया था, 1964 में नहीं।
Dances · Classical dances and their states

Q12. पारंपरिक नृत्य शैली 'गौड़िया नृत्य' निम्नलिखित में से किस भारतीय राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में प्रचलित है?

  1. (a) हरियाणा
  2. (b) जम्मू और कश्मीर
  3. (c) पश्चिम बंगाल
  4. (d) आंध्र प्रदेश
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) पश्चिम बंगाल

सही उत्तर: पश्चिम बंगाल — विकल्प (c)
गौड़ीय नृत्य (जिसे गौर नृत्य या गौड़ीय डांस भी लिखा जाता है) पश्चिम बंगाल की एक शास्त्रीय नृत्य परंपरा है। गौड़ीय नृत्य के बारे में: 'गौड़ा' या 'गौर' बंगाल के प्राचीन साम्राज्य को संदर्भित करता है — इसलिए इसका नाम 'गौड़ीय' पड़ा; यह बंगाल/पश्चिम बंगाल क्षेत्र की शास्त्रीय नृत्य शैलियों में से एक है; ऐतिहासिक जड़ें: इस नृत्य की प्राचीन जड़ें गौड़ा साम्राज्य (बंगाल क्षेत्र) से जुड़ी हैं; यह नाट्यशास्त्र और वैष्णव भक्ति परंपरा से प्रेरणा लेता है; वैष्णव धर्म से संबंध: गौड़ीय नृत्य, श्री चैतन्य महाप्रभु (1486-1534 ई.) द्वारा शुरू किए गए गौड़ीय वैष्णव आंदोलन से निकटता से जुड़ा है, जिनका जन्म पश्चिम बंगाल के नबद्वीप में हुआ था; तत्व: इसमें भक्ति संगीत (कीर्तन), नृत्य के माध्यम से कहानी कहने (अभिनय), और नाट्यशास्त्र पर आधारित विशिष्ट मुद्राओं (हाथ के हावभाव) के तत्व शामिल हैं; विषय-वस्तु: यह मुख्य रूप से राधा-कृष्ण और वैष्णव पौराणिक कथाओं की कहानियों को दर्शाता है; पुनरुद्धार के प्रयास: इस नृत्य शैली को आधुनिक समय में नृत्य गुरु महुआ शंकर और अन्य लोगों द्वारा पुनर्जीवित और लोकप्रिय बनाया गया था; महत्व: गौड़ीय नृत्य को पश्चिम बंगाल की अन्य बंगाली नृत्य परंपराओं के साथ एक महत्वपूर्ण शास्त्रीय नृत्य शैली के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है।
विकल्प (a) हरियाणा — गलत: हरियाणा के पारंपरिक नृत्यों में सांग, धमाल और फाग प्रदर्शन शामिल हैं — गौड़ीय नृत्य नहीं; गौड़ीय नृत्य विशेष रूप से पश्चिम बंगाल से जुड़ा है।
विकल्प (b) जम्मू और कश्मीर — गलत: जम्मू और कश्मीर के लोक नृत्यों में रऊफ (कश्मीर), दुमहल, भंड पत्थर (लोक नाट्य) शामिल हैं — गौड़ीय नृत्य जम्मू और कश्मीर की परंपरा नहीं है; यह पश्चिम बंगाल का एक नृत्य रूप है। उम्मीदवार ने यह गलत विकल्प चुना।
विकल्प (d) आंध्र प्रदेश — गलत: आंध्र प्रदेश की शास्त्रीय नृत्य परंपरा कुचिपुड़ी है और विलासिनी नाट्यम एक अर्ध-शास्त्रीय रूप है — गौड़ीय नृत्य आंध्र प्रदेश से संबंधित नहीं है; यह पश्चिम बंगाल का है।

Q13. पश्चिम बंगाल में होली के त्योहार को और किस नाम से जाना जाता है?

  1. (a) डोल पूर्णिमा
  2. (b) भाई फोंटा
  3. (c) जगद्धात्री पूजा
  4. (d) कल्पतरु उत्सव
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) डोल पूर्णिमा

सही उत्तर: डोल पूर्णिमा — विकल्प (a)
पश्चिम बंगाल में, होली के त्योहार को 'डोल पूर्णिमा' (जिसे डोल जात्रा या डोल उत्सव भी कहा जाता है) के नाम से जाना जाता है। पश्चिम बंगाल में डोल पूर्णिमा के बारे में: बंगाली में 'डोल' का अर्थ 'झूला' है — इस त्योहार में भगवान कृष्ण (या राधा-कृष्ण) की मूर्ति को एक सजे हुए झूले (डोल) पर रखकर और भक्तों द्वारा भक्ति गीत गाते हुए झुलाया जाता है; 'पूर्णिमा' का अर्थ 'पूर्णिमा का चंद्रमा' है — यह त्योहार फाल्गुन महीने (फरवरी-मार्च) की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है; यह कैसे मनाया जाता है: पालकियों पर राधा-कृष्ण की मूर्तियों के साथ जुलूस (शोभायात्रा) निकाले जाते हैं; भक्त एक-दूसरे पर रंगीन पाउडर (अबीर) छिड़कते हैं; शास्त्रीय संगीत और होली के गीत (धुलोट गान) प्रस्तुत किए जाते हैं; विशेष उत्सव: शांतिनिकेतन (पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में रवींद्रनाथ टैगोर की संस्था) इसे 'बसंता उत्सव' (वसंत महोत्सव) के रूप में गायन, नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनाता है; वृंदावन: वैष्णव परंपरा में इसे डोल यात्रा भी कहा जाता है; धार्मिक संबंध: यह त्योहार राधा और कृष्ण के दिव्य प्रेम का स्मरण कराता है; वैष्णव परंपरा (जो बंगाल में बहुत प्रमुख है) में, यह सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है।
विकल्प (b) भाई फोंटा — गलत: भाई फोंटा पश्चिम बंगाल का एक त्योहार है जो रक्षा बंधन के समान है (भाई-बहनों के बीच के बंधन का जश्न मनाता है) और काली पूजा सप्ताह के दूसरे दिन मनाया जाता है — यह पश्चिम बंगाल में होली का नाम नहीं है; होली का पर्याय डोल पूर्णिमा है।
विकल्प (c) जगद्धात्री पूजा — गलत: जगद्धात्री पूजा पश्चिम बंगाल में देवी जगद्धात्री (दुर्गा का एक रूप) को समर्पित एक त्योहार है — जो कार्तिक महीने (अक्टूबर-नवंबर) में, विशेष रूप से चंदननगर में मनाया जाता है; यह पश्चिम बंगाल में होली का नाम नहीं है।
विकल्प (d) कल्पतरु उत्सव — गलत: कल्पतरु उत्सव 1 जनवरी को कोलकाता के कोसीपोर गार्डन हाउस (आदि उद्बोधन मंदिर) में मनाया जाने वाला एक वार्षिक त्योहार है, जो उस दिन का स्मरण कराता है जब श्री रामकृष्ण ने भक्तों को आशीर्वाद दिया था — यह पश्चिम बंगाल में होली का नाम नहीं है; डोल पूर्णिमा सही नाम है।
Sports · Cricket

Q14. भारत ने अपना पहला पुरुष क्रिकेट विश्व कप किस वर्ष जीता था?

  1. (a) 1983
  2. (b) 1975
  3. (c) 1999
  4. (d) 1996
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) 1983

सही उत्तर: 1983 — विकल्प (a)
भारत ने अपना पहला पुरुष क्रिकेट विश्व कप 1983 में जीता था। भारत की 1983 विश्व कप जीत के बारे में मुख्य तथ्य: टूर्नामेंट: तीसरा आईसीसी क्रिकेट विश्व कप (प्रूडेंशियल विश्व कप); स्थान: इंग्लैंड (विभिन्न अंग्रेजी मैदानों पर खेले गए मैच); फाइनल: 25 जून, 1983 को लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड, लंदन में; परिणाम: भारत ने वेस्टइंडीज को 43 रनों से हराया; भारत का स्कोर: 183 रन पर ऑल आउट (आज के मानकों के अनुसार एक मामूली लक्ष्य); वेस्टइंडीज का पीछा: 140 रन पर ऑल आउट (9 विकेट गंवाए); भारत के कप्तान: कपिल देव (जिन्होंने ग्रुप चरण में जिम्बाब्वे के खिलाफ 175* रन बनाए थे — एक नाबाद पारी जिसने भारत के अभियान को बचाया था); मुख्य प्रदर्शन: मोहिंदर अमरनाथ (फाइनल में मैन ऑफ द मैच — 3 विकेट लिए), बलविंदर संधू (विव रिचर्ड्स का विकेट एक क्लासिक आउट-स्विंगर से लिया), मदन लाल; महत्व: यह एक बड़ा उलटफेर था क्योंकि वेस्टइंडीज तत्कालीन चैंपियन था और उसने पहले दो विश्व कप (1975 और 1979) जीते थे; वेस्टइंडीज के पास विव रिचर्ड्स, क्लाइव लॉयड, गॉर्डन ग्रीनिज, मैल्कम मार्शल जैसे प्रमुख खिलाड़ी थे; भारत की जीत ने भारत में क्रिकेट को बदल दिया — इसने क्रिकेट की लोकप्रियता और व्यावसायीकरण को बढ़ावा दिया; भारतीय क्रिकेट किंवदंती: लॉर्ड्स में 1983 विश्व कप ट्रॉफी पकड़े हुए कपिल देव भारतीय खेल इतिहास की सबसे प्रतिष्ठित छवियों में से एक है; यह कहानी 2021 की बॉलीवुड फिल्म '83' में दर्शाई गई थी, जिसका निर्देशन कबीर खान ने किया था।
विकल्प (b) 1975 — गलत: 1975 पहला पुरुष क्रिकेट विश्व कप का वर्ष था — वेस्टइंडीज ने जीता था (फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराकर); भारत ने भाग लिया लेकिन जीता नहीं; भारत ने अपना पहला विश्व कप 1983 में जीता।
विकल्प (c) 1999 — गलत: भारत ने 1999 क्रिकेट विश्व कप नहीं जीता था — पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया 1999 के फाइनल में थे (ऑस्ट्रेलिया जीता); भारत 1999 टूर्नामेंट के सुपर सिक्स चरण में बाहर हो गया था।
विकल्प (d) 1996 — गलत: भारत ने 1996 क्रिकेट विश्व कप नहीं जीता था — श्रीलंका ने 1996 विश्व कप जीता था (लाहौर में फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराकर); भारत 1996 में सेमीफाइनल में पहुंचा था लेकिन श्रीलंका से हार गया था।
Sports · Asian Games and Commonwealth Games

Q15. _____वें एशियाई खेल 2026 में आइची-नागोया में आयोजित होने वाले हैं।

  1. (a) 20
  2. (b) 19
  3. (c) 18
  4. (d) 17
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) 20

सही उत्तर: 20 — विकल्प (a)
20वें एशियाई खेल (आइची-नागोया 2026) 2026 में जापान के आइची-नागोया में आयोजित होने वाले हैं। एशियाई खेलों का इतिहास (हाल के संस्करण): 17वें एशियाई खेल: 2014 — इंचियोन, दक्षिण कोरिया; 18वें एशियाई खेल: 2018 — जकार्ता-पालेमबांग, इंडोनेशिया; 19वें एशियाई खेल: 2022 (सितंबर-अक्टूबर 2023 में आयोजित) — हांग्जो, चीन (कोविड-19 के कारण एक साल की देरी हुई); 20वें एशियाई खेल: 2026 — आइची-नागोया, जापान; 2026 के एशियाई खेलों (आइची-नागोया) के बारे में: मेजबान: जापान में आइची प्रान्त (राजधानी: नागोया); यह तीसरी बार होगा जब जापान एशियाई खेलों की मेजबानी करेगा (पहले टोक्यो 1958 और बैंकॉक... रुकिए, जापान ने 1958 में टोक्यो में मेजबानी की थी); ओसीए के बारे में: ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (ओसीए) एशियाई खेलों का आयोजन करता है; एशियाई खेल हर 4 साल में आयोजित किए जाते हैं; एशियाई खेलों में भारत: भारत 1951 (नई दिल्ली — उद्घाटन खेल) से एशियाई खेलों में एथलीट भेज रहा है; 19वें एशियाई खेल 2023 (हांग्जो) में, भारत ने 107 पदकों (28 स्वर्ण, 38 रजत, 41 कांस्य) के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया; आइची-नागोया 2026 में 20वें एशियाई खेल एशियाई एथलीटों के लिए एक बड़ा आयोजन होगा।
विकल्प (b) 19 — गलत: 19वें एशियाई खेल 2023 में हांग्जो, चीन में आयोजित हुए थे (कोविड-19 के कारण 2022 से विलंबित); आइची-नागोया में 2026 के एशियाई खेल 20वें संस्करण होंगे।
विकल्प (c) 18 — गलत: 18वें एशियाई खेल 2018 में जकार्ता-पालेमबांग, इंडोनेशिया में आयोजित हुए थे; 2026 के एशियाई खेल 20वें संस्करण होंगे। उम्मीदवार ने इस गलत विकल्प का चयन किया।
विकल्प (d) 17 — गलत: 17वें एशियाई खेल 2014 में इंचियोन, दक्षिण कोरिया में आयोजित हुए थे; आइची-नागोया 2026 के खेल 20वें एशियाई खेल होंगे।
Organisations and Headquarters · Regional groupings (SAARC, ASEAN, BIMSTEC, SCO, G20)

Q16. शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के महासचिव को कितने वर्षों के लिए नियुक्त किया जाता है?

  1. (a) 2
  2. (b) 3
  3. (c) 5
  4. (d) 6
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) 3

सही उत्तर: 3 वर्ष — विकल्प (b)
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के महासचिव को 3 साल के कार्यकाल के लिए नियुक्त किया जाता है। SCO सचिवालय और महासचिव के बारे में: SCO का स्थायी सचिवालय बीजिंग, चीन में स्थित है; महासचिव SCO के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी होते हैं; कार्यकाल: 3 वर्ष (नवीकरणीय नहीं — प्रत्येक सदस्य राज्य बारी-बारी से एक महासचिव प्रदान करता है); नियुक्ति: प्रत्येक SCO सदस्य राज्य बारी-बारी से महासचिव के लिए एक उम्मीदवार नामित करता है; उम्मीदवार को राष्ट्राध्यक्षों की परिषद (SCO का सर्वोच्च निकाय) द्वारा अनुमोदित किया जाता है; SCO (शंघाई सहयोग संगठन) के बारे में: स्थापना: 15 जून, 2001 को शंघाई, चीन में; मूल सदस्य: चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान ('शंघाई सिक्स'); विस्तार: भारत और पाकिस्तान जून 2017 में अस्ताना शिखर सम्मेलन में पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल हुए; ईरान जुलाई 2023 में नई दिल्ली शिखर सम्मेलन में शामिल हुआ; बेलारूस 2024 में शामिल हुआ; वर्तमान पूर्ण सदस्य (10): चीन, रूस, भारत, पाकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ईरान, बेलारूस; उद्देश्य: सदस्य राज्यों के बीच आपसी विश्वास और सद्भाव को मजबूत करना, राजनीति, व्यापार, अर्थव्यवस्था, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, संस्कृति, शिक्षा, ऊर्जा, परिवहन, पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और अन्य क्षेत्रों में प्रभावी सहयोग को बढ़ावा देना।
विकल्प (a) 2 — गलत: SCO के महासचिव को 3 वर्ष के कार्यकाल के लिए नियुक्त किया जाता है, 2 वर्ष के लिए नहीं।
विकल्प (c) 5 — गलत: SCO महासचिव 3 साल के लिए कार्य करते हैं (5 साल के लिए नहीं); 5 साल का कार्यकाल कुछ अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों के लिए सामान्य है, लेकिन SCO के लिए नहीं।
विकल्प (d) 6 — गलत: SCO महासचिव को 3 वर्ष के कार्यकाल के लिए नियुक्त किया जाता है, 6 वर्ष के लिए नहीं; 6 वर्ष का कार्यकाल कुछ अन्य अंतर्राष्ट्रीय पदों से जुड़ा है। उम्मीदवार ने यह गलत विकल्प चुना।
Sports · Other sports and tournaments (tennis, chess, badminton, etc.)

Q17. तैराकी में निम्नलिखित में से किस स्ट्रोक का उपयोग किया जाता है?
I. ब्रेस्ट स्ट्रोक
II. बैक स्ट्रोक

  1. (a) केवल I
  2. (b) केवल II
  3. (c) I और II दोनों
  4. (d) न तो I और न ही II
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) I और II दोनों

सही उत्तर: I और II दोनों — विकल्प (c)
ब्रेस्टस्ट्रोक और बैकस्ट्रोक दोनों प्रतिस्पर्धी तैराकी में उपयोग की जाने वाली मान्यता प्राप्त तैराकी शैलियाँ हैं। चार मुख्य प्रतिस्पर्धी तैराकी शैलियाँ: फ्रीस्टाइल (फ्रंट क्रॉल): सबसे तेज़ स्ट्रोक; तैराक का चेहरा नीचे होता है, हाथों के स्ट्रोक को फ्लटर किक के साथ बारी-बारी से बदलता है; फ्रीस्टाइल स्पर्धाओं में उपयोग किया जाता है; बटरफ्लाई: दूसरा सबसे तेज़; दोनों हाथ पानी के ऊपर पवनचक्की जैसी गति में डॉल्फिन किक के साथ एक साथ चलते हैं; सबसे तकनीकी रूप से मांग वाला; ब्रेस्टस्ट्रोक (कथन I): तीसरा सबसे तेज़; तैराक का चेहरा नीचे होता है, हाथ आगे धकेलते हैं और फिर मेंढक जैसी गति में पानी के नीचे वापस आते हैं; पैरों से एक साथ मेंढक किक; सबसे पुराना प्रतिस्पर्धी तैराकी स्ट्रोक; बैकस्ट्रोक (कथन II): तैराक अपनी पीठ के बल लेटता है, हाथों के स्ट्रोक को फ्लटर किक के साथ बारी-बारी से बदलता है (फ्रीस्टाइल के समान लेकिन पीठ के बल); एकमात्र स्ट्रोक जिसमें तैराक पानी में शुरू करते हैं (स्टार्टिंग ब्लॉक पर नहीं); अन्य तैराकी शब्द: व्यक्तिगत मेडले (IM): चारों स्ट्रोक को क्रम से जोड़ता है: बटरफ्लाई, बैकस्ट्रोक, ब्रेस्टस्ट्रोक, फ्रीस्टाइल; रिले इवेंट्स: 4×100 मीटर मेडले रिले में चारों स्ट्रोक का उपयोग होता है; ओलंपिक तैराकी: 1896 में शुरू हुई (एथेंस ओलंपिक); शुरुआती आधुनिक ओलंपिक के बाद से ब्रेस्टस्ट्रोक और बैकस्ट्रोक दोनों ओलंपिक स्पर्धाएँ रही हैं; तैराकी शासी निकाय: FINA (अब वर्ल्ड एक्वेटिक्स)।
विकल्प (a) केवल I — गलत: ब्रेस्टस्ट्रोक और बैकस्ट्रोक दोनों तैराकी शैलियाँ हैं; 'केवल I' (ब्रेस्टस्ट्रोक) का चयन यह अनदेखा करता है कि बैकस्ट्रोक भी समान रूप से वैध और मान्यता प्राप्त प्रतिस्पर्धी तैराकी शैली है। अभ्यर्थी ने यह गलत विकल्प चुना।
विकल्प (b) केवल II — गलत: ब्रेस्टस्ट्रोक (कथन I) और बैकस्ट्रोक (कथन II) दोनों का उपयोग तैराकी में किया जाता है; 'केवल II' गलत तरीके से ब्रेस्टस्ट्रोक को बाहर कर देगा जो चार मुख्य प्रतिस्पर्धी तैराकी शैलियों में से एक है।
विकल्प (d) न तो I और न ही II — गलत: ब्रेस्टस्ट्रोक और बैकस्ट्रोक दोनों प्रतिस्पर्धी और मनोरंजक तैराकी में उपयोग की जाने वाली तैराकी शैलियाँ हैं; 'न तो I और न ही II' पूरी तरह से तथ्यात्मक रूप से गलत है।

Chemistry (2)

Matter and its States · Interconversion of states (melting, boiling, sublimation, deposition)

Q18. वायुमंडलीय दाब पर द्रव से गैस में अवस्था परिवर्तन को क्या कहते हैं?

  1. (a) ठोसकरण
  2. (b) निक्षेपण
  3. (c) हिमकरण
  4. (d) वाष्पीकरण
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) वाष्पीकरण

सही उत्तर: वाष्पीकरण — विकल्प (d)
वायुमंडलीय दाब पर द्रव से गैस में अवस्था परिवर्तन को वाष्पीकरण कहते हैं। प्रावस्था परिवर्तन (अवस्था परिवर्तन) के प्रकार: ठोस → द्रव: गलन (जिसे संलयन भी कहते हैं); द्रव → ठोस: ठोसकरण (जिसे जमना या हिमकरण भी कहते हैं); द्रव → गैस: वाष्पीकरण (सतह पर वाष्पन, या पूरे द्रव में क्वथन); गैस → द्रव: संघनन; ठोस → गैस (सीधे): ऊर्ध्वपातन; गैस → ठोस (सीधे): निक्षेपण; वाष्पीकरण के बारे में: वाष्पीकरण दो तरीकों से होता है: वाष्पन — किसी भी तापमान पर द्रव की सतह पर होता है (जैसे, गीले कपड़े से पानी का वाष्पित होना); क्वथन — द्रव के क्वथनांक पर पूरे द्रव में होता है (1 वायुमंडलीय दाब पर पानी के लिए 100°C); दोनों ही वाष्पीकरण के रूप हैं; वाष्पीकरण के दौरान: द्रव वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा अवशोषित करता है (अंतरा-अणुक बंधों को तोड़ने के लिए आवश्यक ऊर्जा); लगातार गर्म करने के बावजूद क्वथन के दौरान तापमान स्थिर रहता है; पानी की वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा: 2260 kJ/kg; महत्व: वाष्पीकरण जल चक्र (महासागरों/नदियों से वाष्पन), पसीना (मनुष्यों में शीतलन तंत्र), भाप इंजन और प्रशीतन में एक प्रमुख प्रक्रिया है।
विकल्प (a) ठोसकरण — गलत: ठोसकरण द्रव से ठोस में अवस्था परिवर्तन है (गलने का उल्टा); यह द्रव-से-गैस परिवर्तन नहीं है; उदाहरण के लिए, जब मानक दाब पर तापमान 0°C से नीचे गिरता है तो पानी जमकर बर्फ बन जाता है।
विकल्प (b) निक्षेपण — गलत: निक्षेपण गैस से सीधे ठोस में अवस्था परिवर्तन है (द्रव अवस्था को छोड़कर) — यह ऊर्ध्वपातन का उल्टा है; उदाहरण के लिए, ठंडी सतहों पर पाला जमना (जल वाष्प का सीधे बर्फ के रूप में निक्षेपित होना); यह द्रव-से-गैस परिवर्तन नहीं है।
विकल्प (c) हिमकरण — गलत: हिमकरण ठोसकरण के समान ही है — द्रव से ठोस में अवस्था परिवर्तन; उदाहरण के लिए, 0°C पर पानी का जमना और बर्फ बनाना; यह द्रव-से-गैस संक्रमण नहीं है जिसे वाष्पीकरण कहते हैं।
Environmental Chemistry · Air quality management (AQI, NAAQS, NCAP, GRAP)

Q19. भारत में व्यापक पर्यावरणीय प्रदूषण सूचकांक (CEPI) निम्नलिखित में से किसके द्वारा प्रकाशित किया गया था?

  1. (a) CPCB
  2. (b) NGT
  3. (c) CGWB
  4. (d) नीति आयोग
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) CPCB

सही उत्तर: CPCB — विकल्प (a)
भारत में व्यापक पर्यावरणीय प्रदूषण सूचकांक (CEPI) केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा प्रकाशित किया जाता है। CEPI के बारे में: पूर्ण रूप: व्यापक पर्यावरणीय प्रदूषण सूचकांक; CEPI पूरे भारत में औद्योगिक क्लस्टरों के प्रदूषण भार का आकलन करने के लिए विकसित किया गया एक उपकरण है; यह वायु, जल और भूमि (मिट्टी) आयामों में पर्यावरणीय प्रदूषण पर विचार करता है; विकसित किया गया: IIT दिल्ली के सहयोग से CPCB द्वारा (राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान — NEERI भी इसमें शामिल था); पहचान करने के लिए उपयोग किया जाता है: गंभीर रूप से प्रदूषित क्षेत्र (CPAs) — CEPI पर 70 से ऊपर स्कोर करने वाले औद्योगिक क्लस्टर; गंभीर रूप से प्रदूषित क्षेत्र — 60 से 70 के बीच स्कोर करने वाले क्लस्टर; CEPI स्कोरिंग: 0-100 के पैमाने पर स्कोर किया जाता है; उच्च स्कोर = अधिक प्रदूषित; 70 से ऊपर का स्कोर एक स्थगन (नए उद्योगों पर प्रतिबंध) को ट्रिगर करता है; गंभीर रूप से प्रदूषित क्षेत्र (CPAs): तारापुर (महाराष्ट्र), वापी (गुजरात), अंगुल-तालचर (ओडिशा), लुधियाना (पंजाब), आदि; CPCB के बारे में: केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सितंबर 1974 में जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के तहत गठित एक सांविधिक संगठन है; यह पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) के अधीन है; मुख्यालय: नई दिल्ली; मुख्य कार्य: जलधाराओं और कुओं की स्वच्छता को बढ़ावा देना, वायु की गुणवत्ता में सुधार करना, SPCBs (राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) को तकनीकी सहायता और मार्गदर्शन प्रदान करना।
विकल्प (b) NGT — गलत: राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) एक न्यायिक निकाय है जिसे 2010 में पर्यावरणीय मामलों को संभालने के लिए स्थापित किया गया था — यह पर्यावरणीय विवादों का न्याय करता है और दंड लगा सकता है; यह CEPI प्रकाशित नहीं करता है; CEPI CPCB द्वारा प्रकाशित किया जाता है।
विकल्प (c) CGWB — गलत: CGWB (केंद्रीय भूजल बोर्ड) जल शक्ति मंत्रालय के तहत एक राष्ट्रीय शीर्ष एजेंसी है जो भारत में भूजल संसाधनों की निगरानी और प्रबंधन करती है — यह CEPI प्रकाशित नहीं करता है; CEPI CPCB का एक प्रकाशन है। अभ्यर्थी ने यह गलत विकल्प चुना।
विकल्प (d) नीति आयोग — गलत: नीति आयोग सरकार का नीतिगत थिंक-टैंक है जो पर्यावरण सहित विभिन्न विकासात्मक विषयों पर रिपोर्ट प्रकाशित करता है, लेकिन व्यापक पर्यावरणीय प्रदूषण सूचकांक (CEPI) विशेष रूप से केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा प्रकाशित किया जाता है, न कि नीति आयोग द्वारा।

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Q20. पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक (EPI) 2024 कितने प्रदर्शन संकेतकों का उपयोग करता है?

  1. (a) 11
  2. (b) 58
  3. (c) 15
  4. (d) 77
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) 58

सही उत्तर: 58 — विकल्प (b)
पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक (EPI) 2024 58 प्रदर्शन संकेतकों का उपयोग करता है। EPI 2024 के बारे में: पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक (EPI) येल विश्वविद्यालय और कोलंबिया विश्वविद्यालय द्वारा विश्व आर्थिक मंच के सहयोग से द्विवार्षिक रूप से प्रकाशित किया जाता है; EPI 2024: जून 2024 में जारी किया गया; 2024 के संस्करण में 11 विषय श्रेणियों में 58 प्रदर्शन संकेतकों का उपयोग किया गया है; तीन नीतिगत उद्देश्य: पर्यावरणीय स्वास्थ्य (पर्यावरणीय हानियों से मानव स्वास्थ्य की रक्षा करना), पारिस्थितिकी तंत्र की जीवन शक्ति (पारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता की रक्षा करना), और जलवायु परिवर्तन (ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करना); EPI 2024 में 11 विषय श्रेणियाँ: वायु गुणवत्ता, स्वच्छता और पेयजल, भारी धातुएँ, अपशिष्ट प्रबंधन, जैव विविधता और आवास, पारिस्थितिकी तंत्र सेवाएँ, मत्स्य पालन, जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण उत्सर्जन, जल संसाधन, कृषि; भारत की EPI रैंकिंग: भारत ऐतिहासिक रूप से वायु प्रदूषण, जल गुणवत्ता के मुद्दों और जैव विविधता संबंधी चिंताओं के कारण EPI में खराब स्थान पर रहा है; EPI 2024 में, भारत मूल्यांकन किए गए देशों में सबसे नीचे के स्थानों में से था; शीर्ष प्रदर्शनकर्ता: एस्टोनिया, लक्ज़मबर्ग, स्विट्जरलैंड, यूके, फ़िनलैंड, स्वीडन और अन्य यूरोपीय राष्ट्र आमतौर पर शीर्ष रैंक पर हावी रहते हैं; EPI कार्यप्रणाली के बारे में: देशों को 0-100 के पैमाने पर स्कोर किया जाता है (100 = सर्वश्रेष्ठ पर्यावरणीय प्रदर्शन); सभी 58 संकेतकों का भारित समग्र सूचकांक।
विकल्प (a) 11 — गलत: EPI 2024 58 प्रदर्शन संकेतकों का उपयोग करता है — 11 का नहीं; 11 EPI 2024 फ्रेमवर्क में विषय श्रेणियों (संकेतकों का नहीं) की संख्या है; 58 संकेतक इन 11 श्रेणियों में फैले हुए हैं। अभ्यर्थी ने यह गलत विकल्प चुना।
विकल्प (c) 15 — गलत: EPI 2024 58 प्रदर्शन संकेतकों का उपयोग करता है, न कि 15 का; 15 EPI 2024 से संबंधित सही संख्या नहीं है।
विकल्प (d) 77 — गलत: EPI 2024 58 प्रदर्शन संकेतकों का उपयोग करता है, न कि 77 का; 77 EPI के कुछ पिछले संस्करणों में उपयोग किए गए संकेतकों की संख्या थी (उदाहरण के लिए, EPI 2022 में 40 संकेतकों का उपयोग किया गया था, जबकि पिछले संस्करणों में अलग-अलग संख्याएँ थीं); 58 EPI 2024 के लिए सही संख्या है।
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