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SSC GD 2026 21 मई 2026 शिफ्ट 3 – GK प्रश्न – उत्तर व व्याख्या सहित

SSC GD 2026 (21 मई 2026 शिफ्ट 3) में पूछे गए सभी 20 GK / सामान्य अध्ययन प्रश्न, सही उत्तर और व्याख्या के साथ – विषयवार।

📚 20 प्रश्न🗓️ 21 मई 2026⏰ शिफ्ट 3
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विषय: Static GK (4) · Geography (2) · Ancient History (1) · Medieval History (1) · Current Affairs (8) · Economics (1) · Polity (3)

Static GK (4)

Dances · Classical dances and their states

Q1. कौन सा प्राचीन संस्कृत ग्रंथ ओडिसी सहित शास्त्रीय नृत्य शैलियों का आधार बनता है?

  1. (a) रामायण
  2. (b) महाभारत
  3. (c) नाट्य शास्त्र
  4. (d) अर्थशास्त्र
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) नाट्य शास्त्र

सही उत्तर: नाट्य शास्त्र — विकल्प (c)
नाट्य शास्त्र एक प्राचीन संस्कृत ग्रंथ है जो ओडिसी सहित सभी शास्त्रीय भारतीय नृत्य शैलियों का सैद्धांतिक आधार बनता है। नाट्य शास्त्र के बारे में: लेखक: भरत मुनि को श्रेय दिया जाता है; यह दुनिया में प्रदर्शन कलाओं पर सबसे पुराने जीवित ग्रंथों में से एक है; अवधि: अनुमानित रूप से 200 ईसा पूर्व और 200 ईस्वी के बीच रचा गया; सामग्री: नृत्य, नाटक और संगीत पर एक व्यापक ग्रंथ — इसमें 36 अध्याय शामिल हैं जो संबंधित हैं: रस (सौंदर्यपरक भावनाएँ), भाव (भावनाएँ), अभिनय (अभिव्यक्ति), ताल (लय), राग (धुन), नाट्य रचना, वेशभूषा, श्रृंगार और मंच सज्जा; नवरस (नौ रस): श्रृंगार (प्रेम), हास्य (हास्य), करुणा (शोक), रौद्र (क्रोध), वीर (वीरता), भयानक (भय), बीभत्स (घृणा), अद्भुत (आश्चर्य), शांत (शांति); ओडिसी से संबंध: ओडिसी नृत्य (ओडिशा से) अपनी सैद्धांतिक रूपरेखा — मुद्राएँ, पदचालन, हस्त मुद्राएँ (मुद्राएँ), चेहरे के हाव-भाव और रचनात्मक रूप — नाट्य शास्त्र में प्रतिपादित सिद्धांतों से प्राप्त करता है; ओडिसी के लिए केंद्रीय 'त्रिभंगी' मुद्रा (एस-आकार की शारीरिक स्थिति) नाट्य शास्त्र की अवधारणाओं में निहित है; सभी आठ शास्त्रीय नृत्य शैलियाँ (भरतनाट्यम, कथक, कथकली, कुचिपुड़ी, मणिपुरी, मोहिनीअट्टम, ओडिसी, सत्रीया) नाट्य शास्त्र में निहित हैं।
विकल्प (a) रामायण — गलत: रामायण प्राचीन भारत के दो महान संस्कृत महाकाव्यों में से एक है (दूसरा महाभारत है), जिसका श्रेय महर्षि वाल्मीकि को दिया जाता है; जबकि यह शास्त्रीय नृत्यों में प्रदर्शित होने वाले विषय और कथाएँ प्रदान करता है, यह वह सैद्धांतिक ग्रंथ नहीं है जो शास्त्रीय नृत्य शैलियों का आधार/नींव बनाता है — वह नाट्य शास्त्र है।
विकल्प (b) महाभारत — गलत: महाभारत विश्व का सबसे लंबा महाकाव्य है (जिसका श्रेय व्यास को दिया जाता है), जिसमें लगभग 100,000 श्लोक हैं; जबकि इसकी कहानियाँ (भगवद गीता सहित) शास्त्रीय नृत्यों में चित्रित की जाती हैं, यह वह ग्रंथ नहीं है जो शास्त्रीय नृत्य के लिए सैद्धांतिक ढांचा प्रदान करता है — वह नाट्य शास्त्र है। अभ्यर्थी ने यह गलत विकल्प चुना।
विकल्प (d) अर्थशास्त्र — गलत: अर्थशास्त्र राज्य-व्यवस्था, आर्थिक नीति और सैन्य रणनीति पर एक प्राचीन भारतीय ग्रंथ है, जिसका श्रेय चाणक्य (कौटिल्य) को दिया जाता है; यह शासन और अर्थशास्त्र से संबंधित है, प्रदर्शन कलाओं के सिद्धांत से नहीं; शास्त्रीय नृत्य शैलियों के लिए मूलभूत ग्रंथ नाट्य शास्त्र है।
Sports · Other sports and tournaments (tennis, chess, badminton, etc.)

Q2. एक गोल्फ खिलाड़ी एक राउंड के दौरान अधिकतम कितने क्लब ले जा सकता है?

  1. (a) 12
  2. (b) 14
  3. (c) 16
  4. (d) 18
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) 14

सही उत्तर: 14 — विकल्प (b)
गोल्फ के आधिकारिक नियमों (USGA और R&A) के अनुसार, एक गोल्फ खिलाड़ी को गोल्फ के एक राउंड के दौरान अपने बैग में अधिकतम 14 क्लब रखने की अनुमति है। गोल्फ क्लबों के बारे में मुख्य नियम: 14-क्लब की सीमा 1938 से गोल्फ नियमों का हिस्सा रही है; एक गोल्फ खिलाड़ी 14 से कम क्लब ले जा सकता है लेकिन किसी भी निर्धारित राउंड के दौरान 14 से अधिक नहीं ले जा सकता; विशिष्ट 14-क्लब का चयन: 1 ड्राइवर, 1 3-वुड (या अन्य फेयरवे वुड), 1 5-वुड (वैकल्पिक), 2-3 हाइब्रिड क्लब, 5-7 आयरन (3-आयरन से 9-आयरन तक), 1 पिचिंग वेज, 1 सैंड वेज, 1 लॉब वेज, 1 पुटर; गोल्फ क्लबों के प्रकार: वुड्स (लंबी दूरी के लिए — ड्राइवर, फेयरवे वुड्स), आयरन (बहुमुखी क्लब जिनकी संख्या 1-9 होती है), वेजेस (कम दूरी के अप्रोच शॉट्स के लिए — पिचिंग, गैप, सैंड, लॉब), हाइब्रिड (आयरन और वुड्स के बीच का संयोजन), पुटर (गेंद को ग्रीन पर रोल करने के लिए); 14 से अधिक क्लब ले जाने पर दंड: स्ट्रोक प्ले में — उल्लंघन होने वाले प्रत्येक छेद पर 2 पेनल्टी स्ट्रोक (अधिकतम 4 स्ट्रोक); मैच प्ले में — उल्लंघन होने वाले प्रत्येक छेद के लिए छेद का नुकसान (अधिकतम 2 छेद)।
विकल्प (a) 12 — गलत: एक गोल्फ खिलाड़ी अधिकतम 14 क्लब ले जा सकता है, न कि 12; 12 क्लब ले जाने की अनुमति है (क्योंकि यह अधिकतम से कम है), लेकिन 14 गोल्फ नियमों के अनुसार आधिकारिक अधिकतम सीमा है। उम्मीदवार ने यह गलत विकल्प चुना।
विकल्प (c) 16 — गलत: एक गोल्फ खिलाड़ी 16 क्लब नहीं ले जा सकता — अधिकतम 14 है; 14 से अधिक क्लब ले जाने पर पेनल्टी लगती है; 16 गोल्फ नियमों का उल्लंघन होगा।
विकल्प (d) 18 — गलत: 18 अधिकतम क्लबों की संख्या नहीं है (हालांकि 18 गोल्फ के एक पूर्ण राउंड में छेदों की मानक संख्या है); गोल्फ नियमों के अनुसार अधिकतम अनुमत क्लबों की संख्या 14 है, न कि 18।
Space, Defence and Technology · ISRO - history and centres

Q3. न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
I. यह एक निजी क्षेत्र का उद्यम है।
II. यह विभिन्न प्रकार और श्रेणियों के उपग्रहों के निर्माण और इन-ऑर्बिट डिलीवरी कार्य में शामिल है।

  1. (a) केवल I
  2. (b) केवल II
  3. (c) I और II दोनों
  4. (d) न तो I न ही II
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) केवल II

सही उत्तर: केवल II — विकल्प (b)
न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) के बारे में केवल कथन II सही है। कथन I का विश्लेषण — 'यह एक निजी क्षेत्र का उद्यम है' (गलत): NSIL एक निजी क्षेत्र की कंपनी नहीं है; यह एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम (CPSE) है — भारत सरकार का एक उपक्रम; इसे 6 मार्च, 2019 को कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत अंतरिक्ष विभाग (DoS) के तहत पूर्ण स्वामित्व वाली भारत सरकार की कंपनी के रूप में शामिल किया गया था; यह एंट्रिक्स कॉर्पोरेशन के बाद भारत का दूसरा अंतरिक्ष सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है; कथन II का विश्लेषण — 'यह विभिन्न प्रकार और श्रेणियों के उपग्रहों के निर्माण और इन-ऑर्बिट डिलीवरी कार्य में शामिल है' (सही): NSIL इसमें शामिल है: भारतीय उद्योग के माध्यम से छोटे उपग्रह प्रक्षेपण यान (SSLVs) और PSLV रॉकेटों का निर्माण; परिचालन संचार उपग्रहों (जैसे GSAT श्रृंखला) का निर्माण; वाणिज्यिक ग्राहकों के लिए प्रक्षेपण सेवाएं प्रदान करना; इसरो से भारतीय उद्योग को प्रौद्योगिकी हस्तांतरण; वाणिज्यिक सेवा के रूप में उपग्रहों की इन-ऑर्बिट डिलीवरी; NSIL की मुख्य भूमिकाएँ: मांग-संचालित अंतरिक्ष गतिविधियाँ; भारतीय उद्योग द्वारा प्रौद्योगिकी का आत्मसात्करण; इसरो के अनुसंधान का वाणिज्यिक दोहन; भारत में न्यूस्पेस का विकास।
विकल्प (a) केवल I — गलत: कथन I ('यह एक निजी क्षेत्र का उद्यम है') गलत है — NSIL भारत सरकार का एक CPSE (केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम) है, न कि एक निजी क्षेत्र की कंपनी; कथन II NSIL के बारे में सही कथन है।
विकल्प (c) I और II दोनों — गलत: कथन I गलत है (NSIL एक सरकारी कंपनी है, निजी नहीं); केवल कथन II (उपग्रह निर्माण और इन-ऑर्बिट डिलीवरी में भागीदारी) सही है; इसलिए 'I और II दोनों' उत्तर नहीं हो सकता है। उम्मीदवार ने इस गलत विकल्प का चयन किया।
विकल्प (d) न तो I न ही II — गलत: कथन II सही है — NSIL वास्तव में विभिन्न श्रेणियों के उपग्रहों के निर्माण और इन-ऑर्बिट डिलीवरी कार्य में शामिल है; 'न तो I न ही II' का मतलब होगा कि दोनों कथन गलत हैं, जो कि गलत है।
Music and Musical Instruments · Musical instruments and exponents

Q4. पारंपरिक मिज़ो वाद्ययंत्र 'टिंगटंग' को किस वाद्ययंत्र का मिज़ो संस्करण माना जाता है?

  1. (a) बांसुरी
  2. (b) ढोल
  3. (c) गिटार
  4. (d) झांझ
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) गिटार

सही उत्तर: गिटार — विकल्प (c)
पारंपरिक मिज़ो वाद्ययंत्र 'टिंगटंग' को गिटार का मिज़ो संस्करण माना जाता है। टिंगटंग के बारे में: टिंगटंग मिजोरम (पूर्वोत्तर भारत का एक राज्य) के मिज़ो लोगों का एक पारंपरिक तार वाला वाद्ययंत्र है; यह मूल रूप से एक गिटार का स्वदेशी मिज़ो समकक्ष है — एक तार वाला वाद्ययंत्र जिसे बजाया जाता है; निर्माण: पारंपरिक रूप से बांस और अन्य स्थानीय रूप से उपलब्ध सामग्री से बना होता है; इसमें तार होते हैं जिन्हें संगीत उत्पन्न करने के लिए बजाया जाता है; मिजोरम की संगीत परंपरा: मिज़ो संगीत की एक समृद्ध परंपरा है जिसमें विभिन्न पारंपरिक वाद्ययंत्र शामिल हैं: टिंगटंग (गिटार के समान — तार वाले वाद्ययंत्र), दारखुंग (झांझ), बेंगबुंग (ढोल), खुआंग (ढोल), फेनगलावंग (बांसुरी), हनाहटम (माउथ ऑर्गन); सांस्कृतिक महत्व: टिंगटंग पारंपरिक संगीत रूपों को अनुकूलित करने में मिज़ो लोगों की रचनात्मक सरलता को दर्शाता है; इसका उपयोग लोकगीतों, सामुदायिक समारोहों और सांस्कृतिक आयोजनों में किया जाता है; मिजोरम के बारे में: पूर्वोत्तर भारत में स्थित है; मिज़ो लोग मुख्य रूप से तिब्बती-बर्मी मूल के हैं; अपनी संगीत परंपराओं, साक्षरता (भारत में उच्चतम साक्षरता दरों में से एक), और जीवंत लोक संस्कृति के लिए जाने जाते हैं; राजधानी: आइजोल।
विकल्प (a) बांसुरी — गलत: बांसुरी के मिज़ो संस्करण को 'फेनगलावंग' (एक बांस की बांसुरी) कहा जाता है — न कि टिंगटंग; टिंगटंग गिटार (एक तार वाला वाद्ययंत्र) का मिज़ो संस्करण है।
विकल्प (b) ढोल — गलत: मिज़ो ढोलों को 'खुआंग' और 'बेंगबुंग' कहा जाता है — न कि टिंगटंग; टिंगटंग गिटार के समतुल्य एक तार वाला वाद्ययंत्र है, न कि ढोल।
विकल्प (d) झांझ — गलत: मिज़ो झांझ/गोंग के समतुल्य को 'दारखुंग' कहा जाता है — न कि टिंगटंग; टिंगटंग विशेष रूप से गिटार (एक तार वाला वाद्ययंत्र) का मिज़ो संस्करण है।

Geography (2)

India - Location, Physiography and Neighbours · Peninsular plateau and hills

Q5. भूवैज्ञानिक दृष्टिकोण से भारत का कौन सा भौतिक प्रभाग सबसे पुराना है?

  1. (a) हिमालय
  2. (b) भारत-गंगा के मैदान
  3. (c) तटीय मैदान
  4. (d) प्रायद्वीपीय पठार
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) प्रायद्वीपीय पठार

सही उत्तर: प्रायद्वीपीय पठार — विकल्प (d)
प्रायद्वीपीय पठार (दक्कन का पठार) भूवैज्ञानिक दृष्टिकोण से भारत का सबसे पुराना भौतिक प्रभाग है। भूवैज्ञानिक आयु: प्रायद्वीपीय पठार पृथ्वी की कुछ सबसे पुरानी चट्टानों — प्राचीन क्रिस्टलीय, आग्नेय और कायांतरित चट्टानों (आर्कियन/प्रीकैम्ब्रियन चट्टानें, 600 मिलियन वर्ष से अधिक पुरानी) से बना है; यह प्राचीन गोंडवाना महाद्वीप का हिस्सा है जो भूभागों के टूटने से पहले मौजूद था; गोंडवाना संबंध: लगभग 200 मिलियन वर्ष पहले, भारत गोंडवाना भूभाग का हिस्सा था; जैसे ही गोंडवाना टूटा, भारतीय प्लेट उत्तर की ओर खिसकी, अंततः यूरेशियन प्लेट से टकराकर हिमालय का निर्माण किया; चट्टानों के प्रकार: पठार में नीस, ग्रेनाइट, शिस्ट और बेसाल्ट (दक्कन ट्रैप — 65-66 मिलियन वर्ष पहले बड़े पैमाने पर ज्वालामुखी विस्फोटों से बने) शामिल हैं; अन्य प्रभागों के साथ तुलना: हिमालय: भूवैज्ञानिक रूप से सबसे नवीनतम — भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के बीच टकराव के कारण लगभग 40-50 मिलियन वर्ष पहले बना; भारत-गंगा के मैदान: और भी नए — हिमालयी नदियों से जलोढ़ निक्षेपों से बने; तटीय मैदान: ये भी अपेक्षाकृत हाल की भूवैज्ञानिक संरचनाएँ हैं; प्रायद्वीपीय पठार, प्रीकैम्ब्रियन मूल का होने के कारण, भारत के सभी भौतिक प्रभागों में भूवैज्ञानिक रूप से सबसे पुराना है।
विकल्प (a) हिमालय — गलत: हिमालय भूवैज्ञानिक रूप से भारत का सबसे नवीनतम भौतिक प्रभाग है — ये अपेक्षाकृत हाल ही में (लगभग 40-50 मिलियन वर्ष पहले) भारतीय प्लेट के यूरेशियन प्लेट से टकराने के कारण बने थे; प्रायद्वीपीय पठार कहीं अधिक पुराना है।
विकल्प (b) भारत-गंगा के मैदान — गलत: भारत-गंगा के मैदान (जिन्हें भारत का विशाल मैदान भी कहा जाता है) नदियों से जलोढ़ निक्षेपों से बने हैं — यह भूवैज्ञानिक रूप से हाल की संरचना है; प्रायद्वीपीय पठार (आर्कियन चट्टानें) सबसे पुराना है।
विकल्प (c) तटीय मैदान — गलत: भारत के तटीय मैदान भूवैज्ञानिक रूप से हाल की संरचनाएँ हैं, जो समुद्री निक्षेपों और नदी डेल्टाओं द्वारा निर्मित हैं; वे भारत के सबसे नवीनतम भू-आकृतियों में से हैं; प्रायद्वीपीय पठार भूवैज्ञानिक रूप से भारत का सबसे पुराना प्रभाग है।
India - Minerals, Energy and Industries · Metallic minerals and mines

Q6. निम्नलिखित में से कौन सी एक अलौह खनिजों की विशेषता है?

  1. (a) उनमें लोहा होता है
  2. (b) उनमें लोहे (लौह तत्व) का अभाव होता है
  3. (c) वे केवल निर्माण तक ही सीमित हैं
  4. (d) वे केवल धात्विक होते हैं
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) उनमें लोहे (लौह तत्व) का अभाव होता है

सही उत्तर: उनमें लोहे (लौह तत्व) का अभाव होता है — विकल्प (b)
अलौह खनिजों की परिभाषात्मक विशेषता यह है कि उनमें प्राथमिक घटक के रूप में लोहा (Fe) नहीं होता है। परिभाषा: अलौह खनिज/धातु वे होते हैं जिनमें प्राथमिक घटक के रूप में पर्याप्त मात्रा में (या बिल्कुल भी) लोहा नहीं होता है; 'लौह' शब्द लैटिन 'फेरम' से आया है जिसका अर्थ लोहा है; इसलिए 'अलौह' का शाब्दिक अर्थ 'बिना लोहे के' है; अलौह धातुओं और उनके खनिजों के उदाहरण: तांबा — चालकोपाइराइट, मैलाकाइट, एज़ुराइट; सोना — देशी सोना, सोना टेल्यूराइड; चांदी — अर्जेंटाइट, गैलेना; एल्यूमीनियम — बॉक्साइट; जस्ता — स्फेलेराइट; सीसा — गैलेना; टिन — कैसिटेराइट; निकेल — पेंटलैंडाइट; क्रोमाइट — क्रोमियम अयस्क; मैंगनीज — पाइरोलुसाइट; अलौह खनिजों की विशेषताएँ: प्राथमिक तत्व के रूप में लोहा नहीं होता है; आमतौर पर लोहे की तुलना में जंग के प्रति अधिक प्रतिरोध होता है; अक्सर विशिष्ट मूल्यवान गुण होते हैं: तांबा (विद्युत चालकता), एल्यूमीनियम (कम वजन), सोना/चांदी (गैर-संक्षारक, मूल्यवान); लौह धातुओं की तुलना में प्रति टन उच्च आर्थिक मूल्य; इलेक्ट्रॉनिक्स, विद्युत तारों, एयरोस्पेस, आभूषण, प्लेटिंग में उपयोग किए जाते हैं; भारत के अलौह खनिज संसाधन: भारत में तांबे के महत्वपूर्ण भंडार (राजस्थान), बॉक्साइट (ओडिशा, गुजरात), जस्ता-सीसा (राजस्थान — जावर खदानें), मैंगनीज (ओडिशा, मध्य प्रदेश) हैं।
विकल्प (a) उनमें लोहा होता है — गलत: यह इसके विपरीत है — जिन खनिजों में लोहा होता है उन्हें लौह खनिज (जैसे लौह अयस्क — मैग्नेटाइट, हेमेटाइट, लिमोनाइट, सिडेराइट) कहा जाता है; अलौह खनिज विशेष रूप से वे होते हैं जिनमें प्राथमिक घटक के रूप में लोहे का अभाव होता है।
विकल्प (c) वे केवल निर्माण तक ही सीमित हैं — गलत: अलौह खनिज केवल निर्माण तक ही सीमित नहीं हैं — उनके अनुप्रयोगों की एक विस्तृत श्रृंखला है जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स (तांबे की वायरिंग), एयरोस्पेस (एल्यूमीनियम मिश्र धातु), आभूषण (सोना, चांदी), रासायनिक उद्योग, बैटरी (सीसा, जस्ता), आदि शामिल हैं; यह एक गलत विशेषता है।
विकल्प (d) वे केवल धात्विक होते हैं — गलत: जबकि कई अलौह खनिज वास्तव में धातु होते हैं, सभी अलौह खनिज धात्विक नहीं होते हैं; कुछ खनिज यौगिक होते हैं; इसके अलावा, अलौह खनिजों की परिभाषात्मक विशेषता लोहे का अभाव है — न कि वे 'केवल धात्विक' होते हैं; यह विकल्प भ्रामक और गलत है।

Ancient History (1)

Ancient Art, Culture and Science · Temple architecture styles (Nagara, Dravida, Vesara)

Q7. कौन सा मंदिर कलिंग शैली की वास्तुकला का उदाहरण है?

  1. (a) जगन्नाथ मंदिर, पुरी
  2. (b) बृहदेश्वर मंदिर
  3. (c) मीनाक्षी मंदिर, मदुरै
  4. (d) शोर मंदिर, महाबलीपुरम
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) जगन्नाथ मंदिर, पुरी

सही उत्तर: जगन्नाथ मंदिर, पुरी — विकल्प (a)
पुरी, ओडिशा में स्थित जगन्नाथ मंदिर, कलिंग वास्तुकला शैली का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। कलिंग वास्तुकला के बारे में: मंदिर वास्तुकला की कलिंग शैली प्राचीन कलिंग (आधुनिक ओडिशा) में विकसित हुई और यह भारतीय मंदिर वास्तुकला की प्रमुख क्षेत्रीय शैलियों में से एक है; इसकी तीन उप-शैलियाँ हैं: रेखा देउल (या रेखा प्रसाद): घुमावदार शिखर (शिखर) — सबसे सामान्य प्रकार; मुख्य गर्भगृह (गर्भगृह) के लिए उपयोग किया जाता है; पीढ़ा देउल: पिरामिड के आकार का अधिरचना — 'जगमोहन' (सभा कक्ष) के लिए उपयोग किया जाता है; खाखरा देउल: बैरल-वॉल्टेड छत — चामुंडा और दुर्गा मंदिरों से जुड़ा हुआ; जगन्नाथ मंदिर: पुरी, ओडिशा में स्थित; 12वीं शताब्दी (लगभग 1161 ईस्वी) में राजा अनंतवर्मन चोडगंगा देव द्वारा निर्मित; ऊँचाई: मुख्य शिखर (रेखा देउल) लगभग 65 मीटर ऊँचा है; इस परिसर में रेखा देउल (गर्भगृह), जगमोहन (सभा कक्ष), नाटमंडप (नृत्य कक्ष), और भोगमंडप (भेंट कक्ष) शामिल हैं; रथ यात्रा (रथ महोत्सव) के लिए प्रसिद्ध; कलिंग वास्तुकला के अन्य उदाहरण: लिंगराज मंदिर (भुवनेश्वर), कोणार्क का सूर्य मंदिर, मुक्तेश्वर मंदिर (भुवनेश्वर)।
विकल्प (b) बृहदीश्वर मंदिर — गलत: तंजावुर, तमिलनाडु में स्थित बृहदीश्वर मंदिर (जिसे पेरुवुदैयार कोविल भी कहा जाता है) द्रविड़ (चोल) वास्तुकला का एक प्रमुख उदाहरण है — कलिंग वास्तुकला का नहीं; यह राजा राज चोल प्रथम (1003-1010 ईस्वी) द्वारा बनवाया गया था; इसमें दक्षिण भारतीय द्रविड़ शैली के विशिष्ट गोपुरम (प्रवेश द्वार टावर) और विमान (गर्भगृह के ऊपर का टावर) हैं। उम्मीदवार ने यह गलत विकल्प चुना।
विकल्प (c) मीनाक्षी मंदिर, मदुरै — गलत: मदुरै, तमिलनाडु में स्थित मीनाक्षी अम्मन मंदिर द्रविड़ वास्तुकला का एक और उदाहरण है — जिसमें ऊँचे गोपुरम (प्रवेश द्वार टावर) हैं, जिनमें से सबसे ऊँचा 52 मीटर है; यह कलिंग वास्तुकला का उदाहरण नहीं है।
विकल्प (d) शोर मंदिर, महाबलीपुरम — गलत: महाबलीपुरम (मामल्लापुरम), तमिलनाडु में स्थित शोर मंदिर पल्लव वास्तुकला (द्रविड़ शैली) का एक उदाहरण है — यह नरसिंहवर्मन द्वितीय (700-728 ईस्वी) के शासनकाल के दौरान बनाया गया था; यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है लेकिन कलिंग वास्तुकला का उदाहरण नहीं है।

Medieval History (1)

Mughal Empire · Mughal painting, literature and music

Q8. अकबरनामा के तीसरे खंड को किस नाम से जाना जाता है?

  1. (a) तुजुक-ए-बाबरी
  2. (b) रज्मनामा
  3. (c) फतवा-ए-जहाँदारी
  4. (d) आइन-ए-अकबरी
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) आइन-ए-अकबरी

सही उत्तर: आइन-ए-अकबरी — विकल्प (d)
अकबरनामा का तीसरा खंड 'आइन-ए-अकबरी' (आئینِ अकबरी — जिसका अर्थ है 'अकबर का संविधान' या 'अकबर के संस्थान') के नाम से जाना जाता है। अकबरनामा के बारे में: लेखक: अबुल फजल (अबू-अल-फजल इब्न मुबारक), दरबारी इतिहासकार और सम्राट अकबर के घनिष्ठ सलाहकार; लिखा गया: 1590 और 1596 ईस्वी के बीच अकबर के आदेश पर; भाषा: फारसी; तीन खंडों के बारे में: खंड 1: तैमूर (मुगलों के पूर्वज) से लेकर बाबर, हुमायूं और अकबर के शासनकाल के पहले 17 वर्षों तक के इतिहास को शामिल करता है; खंड 2: अकबर के शासनकाल के शेष वर्षों (17वें से 46वें राजशाही वर्ष तक) को शामिल करता है; खंड 3 — आइन-ए-अकबरी: सबसे विशिष्ट खंड; यह मूल रूप से मुगल साम्राज्य का एक गजेटियर और प्रशासनिक नियमावली है; इसे 5 पुस्तकों (दफ्तरों) में विभाजित किया गया है: पुस्तक 1 — अकबर का घर, हरम, अस्तबल, सैन्य संगठन; पुस्तक 2 — सेना, सेवकों, भू-राजस्व के नियम; पुस्तक 3 — प्रांतों का राजस्व प्रशासन (इतिहासकारों के लिए महत्वपूर्ण); पुस्तक 4 — हिंदू दर्शन, विज्ञान और परंपराएं; पुस्तक 5 — अहदीस (अकबर के कथन और वार्तालाप)।
विकल्प (a) तुजुक-ए-बाबरी — गलत: तुजुक-ए-बाबरी (जिसे बाबरनामा भी कहा जाता है) मुगल सम्राट बाबर — पहले मुगल सम्राट की आत्मकथा है; यह बाबर द्वारा स्वयं (अबुल फजल द्वारा नहीं) लिखा गया एक अलग कार्य है और इसका अकबरनामा से कोई संबंध नहीं है।
विकल्प (b) रज्मनामा — गलत: रज्मनामा (जिसका अर्थ है 'युद्ध की पुस्तक') महाभारत का फारसी अनुवाद है जिसे सम्राट अकबर ने करवाया था (जिसका अनुवाद फैजी और नकीब खान सहित दरबारी विद्वानों द्वारा किया गया था); यह एक अलग कार्य है और अकबरनामा का खंड नहीं है।
विकल्प (c) फतवा-ए-जहाँदारी — गलत: फतवा-ए-जहाँदारी जियाउद्दीन बरनी (14वीं सदी के दिल्ली सल्तनत के इतिहासकार) द्वारा फिरोज शाह तुगलक के शासनकाल के दौरान लिखी गई एक राजनीतिक ग्रंथ है — यह अकबरनामा से पूरी तरह से अलग कार्य है और इसका कोई खंड नहीं है।

Current Affairs (8)

Appointments and Resignations · Heads of organisations

Q9. मई 2025 तक, बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष का पद कौन संभाल रहा है?

  1. (a) मनन कुमार मिश्रा
  2. (b) दुष्यंत दवे
  3. (c) विकास सिंह
  4. (d) पी.एस. पटवालिया
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) मनन कुमार मिश्रा

सही उत्तर: मनन कुमार मिश्रा — विकल्प (a)
मई 2025 तक मनन कुमार मिश्रा बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष थे। मनन कुमार मिश्रा के बारे में: वह एक वरिष्ठ अधिवक्ता हैं और भारतीय कानूनी बिरादरी में एक प्रमुख व्यक्ति रहे हैं; उन्होंने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया है, जो भारत में कानूनी पेशे को विनियमित करने वाली एक वैधानिक निकाय है; बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के बारे में: अधिवक्ता अधिनियम, 1961 के तहत स्थापित; यह भारत में कानूनी शिक्षा और कानूनी पेशे को विनियमित करने वाली वैधानिक निकाय है; कार्य: कानूनी शिक्षा के लिए मानक तय करना, अधिवक्ताओं को नामांकन प्रमाणपत्र प्रदान करना, पेशेवर आचरण और शिष्टाचार के लिए नियम निर्धारित करना, अधिवक्ताओं के अधिकारों और हितों की रक्षा करना; संरचना: इसमें प्रत्येक राज्य बार काउंसिल से चुना गया एक सदस्य, साथ ही भारत के अटॉर्नी जनरल और भारत के सॉलिसिटर जनरल पदेन सदस्य के रूप में शामिल होते हैं; अध्यक्ष का चुनाव बीसीआई के सदस्यों द्वारा अपने में से किया जाता है; राज्य स्तर पर अधिवक्ताओं को विनियमित करने के लिए प्रत्येक राज्य में राज्य बार काउंसिल मौजूद हैं।
विकल्प (b) दुष्यंत दवे — गलत: दुष्यंत दवे भारत के एक प्रमुख वरिष्ठ अधिवक्ता हैं, जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया है — यह बार काउंसिल ऑफ इंडिया से एक अलग निकाय है; वह मई 2025 तक बीसीआई के अध्यक्ष नहीं थे।
विकल्प (c) विकास सिंह — गलत: विकास सिंह एक वरिष्ठ अधिवक्ता हैं, जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया है; वह मई 2025 तक बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष नहीं थे।
विकल्प (d) पी.एस. पटवालिया — गलत: पी.एस. पटवालिया एक पूर्व न्यायाधीश और कानूनी पेशेवर हैं; वह मई 2025 तक बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष के रूप में कार्य नहीं कर रहे थे; सही उत्तर मनन कुमार मिश्रा है।
Appointments and Resignations · Heads of organisations

Q10. नवंबर 2024 में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष के रूप में किसे नियुक्त किया गया था?

  1. (a) के.के. पाठक
  2. (b) आलोक जोशी
  3. (c) अरविंदर सिंह साहनी
  4. (d) अरविंद श्रीवास्तव
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) अरविंदर सिंह साहनी

सही उत्तर: अरविंदर सिंह साहनी — विकल्प (c)
नवंबर 2024 में अरविंदर सिंह साहनी को इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। मुख्य तथ्य: अरविंदर सिंह साहनी ने नवंबर 2024 में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक (CMD) के रूप में कार्यभार संभाला; इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के बारे में: IOCL राजस्व के हिसाब से भारत का सबसे बड़ा वाणिज्यिक उद्यम है और फॉर्च्यून ग्लोबल 50 सूची में शामिल होने वाली एकमात्र भारतीय कंपनी है; यह पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तहत एक महारत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम (CPSE) है; स्थापना: 1959 (इंडियन रिफाइनरीज लिमिटेड के रूप में), 1964 में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन का नाम दिया गया; व्यवसाय: पेट्रोलियम शोधन, पाइपलाइन, पेट्रोलियम उत्पादों का विपणन, पेट्रोकेमिकल्स, प्राकृतिक गैस, और अन्वेषण व उत्पादन; नेटवर्क: IOCL का भारतीय तेल कंपनियों में सबसे बड़ा विपणन नेटवर्क है — पूरे भारत में 50,000 से अधिक ईंधन स्टेशन; रिफाइनरियां: लगभग 80.7 MMTPA की संयुक्त शोधन क्षमता वाली 11 रिफाइनरियां संचालित करता है; मुख्यालय: नई दिल्ली; प्रमुख उत्पाद: पेट्रोल, डीजल, एलपीजी (इण्डेन ब्रांड), स्नेहक (सर्वो ब्रांड), विमानन ईंधन।
विकल्प (a) के.के. पाठक — गलत: के.के. पाठक शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हैं (वह बिहार में शिक्षा के अतिरिक्त मुख्य सचिव थे); उन्हें नवंबर 2024 में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन का अध्यक्ष नियुक्त नहीं किया गया था।
विकल्प (b) आलोक जोशी — गलत: आलोक जोशी खुफिया/सुरक्षा सेवाओं से जुड़े हैं (वह रॉ — रिसर्च एंड एनालिसिस विंग से जुड़े रहे हैं); वह नवंबर 2024 में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष नहीं थे।
विकल्प (d) अरविंद श्रीवास्तव — गलत: अरविंद श्रीवास्तव वित्त मंत्रालय से जुड़े एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं; उन्हें नवंबर 2024 में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन का अध्यक्ष नियुक्त नहीं किया गया था; सही उत्तर अरविंदर सिंह साहनी है।
State News · State firsts

Q11. कौन सा भारतीय राज्य विश्व की पहली ब्लैक टाइगर सफारी स्थापित कर रहा है?

  1. (a) राजस्थान
  2. (b) ओडिशा
  3. (c) कर्नाटक
  4. (d) आंध्र प्रदेश
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) ओडिशा

सही उत्तर: ओडिशा — विकल्प (b)
ओडिशा विश्व की पहली ब्लैक टाइगर सफारी स्थापित कर रहा है। ओडिशा में ब्लैक टाइगर सफारी के बारे में: स्थान: ओडिशा के मयूरभंज जिले में सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व के पास स्थापित की जाएगी; ओडिशा क्यों? सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व पूरे विश्व में दुर्लभ स्यूडो-मेलानिस्टिक (काले) बाघों का एकमात्र ज्ञात निवास स्थान है; सिमिलिपाल में इन दुर्लभ बाघों की एक महत्वपूर्ण आबादी है; ब्लैक टाइगर सफारी पर्यटकों को सफारी सेटिंग में इन अद्वितीय बाघों को देखने का अवसर देने के लिए बनाई गई है; ब्लैक टाइगर (स्यूडो-मेलानिस्टिक टाइगर) के बारे में: ये पूरी तरह से मेलानिस्टिक (वास्तविक काले) बाघ नहीं होते हैं; इन्हें 'स्यूडो-मेलानिस्टिक' कहा जाता है क्योंकि इनकी धारियां अत्यधिक चौड़ी और आपस में मिली हुई होती हैं जो इन्हें गहरा/काला रंग देती हैं; वैज्ञानिक नाम पैंथेरा टाइग्रिस टाइग्रिस (बंगाल टाइगर) ही रहता है; गहरा रंग एक आनुवंशिक उत्परिवर्तन (टैकपेप जीन में) के कारण होता है; सिमिलिपाल में ऐसे लगभग 16-17 दुर्लभ स्यूडो-मेलानिस्टिक बाघ हैं; सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व: ओडिशा के मयूरभंज जिले में स्थित; प्रोजेक्ट टाइगर के तहत 1973 में एक टाइगर रिजर्व के रूप में नामित; यह एक यूनेस्को बायोस्फीयर रिजर्व भी है; 2,750 वर्ग किमी में फैला हुआ।
विकल्प (a) राजस्थान — गलत: राजस्थान अपने रणथंभौर टाइगर रिजर्व (अपनी बाघ आबादी के लिए प्रसिद्ध) के लिए जाना जाता है, लेकिन विश्व की पहली ब्लैक टाइगर सफारी स्थापित नहीं कर रहा है; ब्लैक टाइगर सफारी ओडिशा (सिमिलिपाल के अद्वितीय स्यूडो-मेलानिस्टिक ब्लैक टाइगर का घर) में स्थापित की जा रही है।
विकल्प (c) कर्नाटक — गलत: कर्नाटक में प्रमुख टाइगर रिजर्व (बांदीपुर, नागरहोल, भद्रा) हैं, लेकिन यह विश्व की पहली ब्लैक टाइगर सफारी स्थापित करने वाला राज्य नहीं है; अद्वितीय स्यूडो-मेलानिस्टिक ब्लैक टाइगर केवल सिमिलिपाल, ओडिशा में पाए जाते हैं। उम्मीदवार ने यह गलत विकल्प चुना।
विकल्प (d) आंध्र प्रदेश — गलत: आंध्र प्रदेश विश्व की पहली ब्लैक टाइगर सफारी स्थापित नहीं कर रहा है; दुर्लभ स्यूडो-मेलानिस्टिक ब्लैक टाइगर ओडिशा के सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व के स्थानिक हैं, जिससे ओडिशा इस अद्वितीय सफारी के लिए स्वाभाविक विकल्प बन जाता है।
Science, Technology and Space - Current · Health and medical research

Q12. दिसंबर 2024 में, किस संस्थान ने मोबाइल समाधान के साथ एक कम लागत वाला 'टिनिटस डिवाइस' विकसित किया?

  1. (a) IISc बेंगलुरु
  2. (b) IIT कानपुर
  3. (c) JIPMER पुडुचेरी
  4. (d) IIT बॉम्बे
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) IIT बॉम्बे

सही उत्तर: IIT बॉम्बे — विकल्प (d)
IIT बॉम्बे ने दिसंबर 2024 में मोबाइल समाधान के साथ एक कम लागत वाला टिनिटस डिवाइस विकसित किया। टिनिटस डिवाइस के बारे में: IIT बॉम्बे के शोधकर्ताओं ने एक किफायती, पोर्टेबल टिनिटस प्रबंधन उपकरण विकसित किया है जिसे एक मोबाइल एप्लिकेशन के साथ जोड़ा जा सकता है; टिनिटस: एक चिकित्सा स्थिति जिसमें बाहरी स्रोत के बिना कानों या सिर में ध्वनि (रिंगिंग, बजना, फुफकारना या क्लिक करना) महसूस होती है; यह वैश्विक आबादी के लगभग 15% को प्रभावित करता है; यह अस्थायी या पुराना हो सकता है; टिनिटस का प्रभाव: पुराना टिनिटस महत्वपूर्ण परेशानी, नींद में गड़बड़ी, एकाग्रता की समस्या, चिंता और अवसाद का कारण बन सकता है; यह जीवन की गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है; वर्तमान उपचार की सीमाएँ: अधिकांश मौजूदा टिनिटस डिवाइस महंगे (आयातित) हैं और भारत में कई रोगियों की पहुँच से बाहर हैं; IIT बॉम्बे का नवाचार: यह डिवाइस किफायती और सुलभ बनाने के लिए विकसित किया गया था; यह व्यक्तिगत उपचार के लिए स्मार्टफोन ऐप के साथ ध्वनि चिकित्सा/मास्किंग तकनीक का उपयोग करता है; इसका उद्देश्य रोगियों को टिनिटस के लक्षणों का प्रबंधन और उन्हें कम करने में मदद करना है; महत्व: यह भारत और विकासशील देशों में बड़ी संख्या में टिनिटस रोगियों के लिए आयातित उपकरणों की लागत के एक अंश पर टिनिटस उपचार को सुलभ बनाता है।
विकल्प (a) IISc बेंगलुरु — गलत: भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) बेंगलुरु एक प्रमुख अनुसंधान संस्थान है, लेकिन दिसंबर 2024 में कम लागत वाला टिनिटस डिवाइस विकसित करने वाला संस्थान नहीं था; IIT बॉम्बे सही उत्तर है।
विकल्प (b) IIT कानपुर — गलत: IIT कानपुर एक प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थान है, लेकिन दिसंबर 2024 में कम लागत वाले टिनिटस डिवाइस का डेवलपर नहीं था; यह विकास IIT बॉम्बे में हुआ था। उम्मीदवार ने इस गलत विकल्प का चयन किया।
विकल्प (c) JIPMER पुडुचेरी — गलत: पुडुचेरी में JIPMER (जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च) एक प्रमुख चिकित्सा संस्थान है — जबकि यह नैदानिक दृष्टिकोण से टिनिटस सहित ENT स्थितियों से संबंधित है, यह दिसंबर 2024 में मोबाइल-एकीकृत कम लागत वाला टिनिटस डिवाइस विकसित करने वाला संस्थान नहीं था; वह IIT बॉम्बे था।
Sports - Current · Tournaments and winners

Q13. 2025 में _____वाँ राष्ट्रीय फेडरेशन सीनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता आयोजित की गई थी।

  1. (a) 22
  2. (b) 23
  3. (c) 28
  4. (d) 30
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) 28

सही उत्तर: 28 — विकल्प (c)
2025 में 28वीं राष्ट्रीय फेडरेशन सीनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। राष्ट्रीय फेडरेशन सीनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता के बारे में: इसका आयोजन एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) द्वारा किया जाता है, जो भारत में एथलेटिक्स (ट्रैक एंड फील्ड) के लिए शासी निकाय है; राष्ट्रीय फेडरेशन सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप एक प्रतिष्ठित एथलेटिक्स मीट है जो ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धाओं में प्रतिस्पर्धा करने के लिए पूरे भारत से वरिष्ठ एथलीटों को एक साथ लाती है; महत्व: यह अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं (एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल, विश्व चैंपियनशिप, ओलंपिक) के लिए चयन परीक्षण के रूप में कार्य करता है; राष्ट्रीय चैंपियनशिप में प्रदर्शन एथलीटों को भारतीय टीम के लिए क्वालीफाई करने में मदद करता है; एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI): वर्ल्ड एथलेटिक्स (पहले IAAF — इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ एथलेटिक्स फेडरेशंस) और एशियन एथलेटिक्स एसोसिएशन (AAA) से संबद्ध; राष्ट्रीय स्तर पर एथलेटिक्स के विकास के लिए जिम्मेदार; विभिन्न स्तरों पर राष्ट्रीय चैंपियनशिप का आयोजन करता है — जूनियर, यूथ, सीनियर और वेटरन्स श्रेणियाँ; भारतीय एथलेटिक्स के मील के पत्थर: नीरज चोपड़ा (भाला फेंक में ओलंपिक स्वर्ण 2021), मुरली श्रीशंकर (लंबी कूद), तेजस्विन शंकर (ऊंची कूद), और अन्य जैसे खिलाड़ियों के साथ भारत की एथलेटिक उपलब्धियां काफी बढ़ी हैं।
विकल्प (a) 22 — गलत: 2025 में आयोजित राष्ट्रीय फेडरेशन सीनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता 28वां संस्करण था, न कि 22वां।
विकल्प (b) 23 — गलत: राष्ट्रीय फेडरेशन सीनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता का 2025 का संस्करण 28वां था — न कि 23वां। उम्मीदवार ने इस गलत विकल्प का चयन किया।
विकल्प (d) 30 — गलत: 2025 में आयोजित राष्ट्रीय फेडरेशन सीनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता 28वां संस्करण था, न कि 30वां।
International Affairs and Summits · Summits and conferences

Q14. 17वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन _____ में आयोजित किया गया था।

  1. (a) व्लादिवोस्तोक
  2. (b) कज़ान
  3. (c) रियो डी जनेरियो
  4. (d) शंघाई
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) रियो डी जनेरियो

सही उत्तर: रियो डी जनेरियो — विकल्प (c)
17वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2025 में रियो डी जनेरियो, ब्राजील में आयोजित किया गया था। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का इतिहास (हाल का): 15वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: अगस्त 2023, जोहान्सबर्ग, दक्षिण अफ्रीका (ऐतिहासिक — ब्रिक्स का विस्तार मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, यूएई को शामिल करने के लिए किया गया — जिससे यह ब्रिक्स+ बन गया); 16वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: अक्टूबर 2024, कज़ान, रूस (रूस की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत — विस्तारित ब्रिक्स+ सदस्यों के साथ पहला शिखर सम्मेलन); 17वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: 2025, रियो डी जनेरियो, ब्राजील (2025 में ब्राजील की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत); ब्रिक्स के बारे में: प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं का एक अंतर-सरकारी संगठन; मूल सदस्य (2009): ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका; विस्तारित (2024): मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात शामिल हुए; इंडोनेशिया 2025 में शामिल हुआ; ब्रिक्स दुनिया की लगभग 40% आबादी और वैश्विक जीडीपी के 30% से अधिक का प्रतिनिधित्व करता है; यह समूह वैश्विक शासन में सुधार, दक्षिण-दक्षिण सहयोग बढ़ाने और डॉलर पर निर्भरता कम करने का लक्ष्य रखता है; न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB): ब्रिक्स द्वारा 2015 में स्थापित, मुख्यालय शंघाई में; बुनियादी ढांचा और विकास वित्तपोषण प्रदान करता है।
विकल्प (a) व्लादिवोस्तोक — गलत: व्लादिवोस्तोक एक रूसी शहर है जो पूर्वी आर्थिक मंच (EEF) से जुड़ा है, न कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलनों से; 17वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन रियो डी जनेरियो, ब्राजील में था।
विकल्प (b) कज़ान — गलत: कज़ान, रूस 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (अक्टूबर 2024) का स्थल था — न कि 17वें का; 17वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (2025) ब्राजील की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत रियो डी जनेरियो में आयोजित किया गया था।
विकल्प (d) शंघाई — गलत: शंघाई न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB — ब्रिक्स बैंक) का मुख्यालय है, लेकिन यह 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का स्थल नहीं था; 17वां शिखर सम्मेलन रियो डी जनेरियो, ब्राजील में था। उम्मीदवार ने इस गलत विकल्प का चयन किया।
Reports, Indices and Rankings · National indices and rankings

Q15. शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) 2.0 में मूल्यांकन के लिए कुल कितनी श्रेणियों का उपयोग किया जाता है?

  1. (a) 2
  2. (b) 4
  3. (c) 6
  4. (d) 11
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) 2

सही उत्तर: 2 — विकल्प (a)
परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) 2.0 मूल्यांकन के लिए 2 मुख्य डोमेन/श्रेणियों का उपयोग करता है। PGI 2.0 के बारे में: परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) शिक्षा मंत्रालय (पूर्व में मानव संसाधन विकास मंत्रालय) द्वारा स्कूली शिक्षा में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रदर्शन का आकलन करने के लिए लॉन्च किया गया था; PGI 2.0 मूल PGI फ्रेमवर्क का संशोधित और पुनर्गठित संस्करण है; PGI 2.0 फ्रेमवर्क 2 मुख्य डोमेन/श्रेणियों के तहत संगठित है: डोमेन 1 — शैक्षिक परिणाम (सीखने के परिणाम, शैक्षणिक गुणवत्ता और छात्र उपलब्धि पर ध्यान केंद्रित); डोमेन 2 — शासन और प्रबंधन (पहुंच, बुनियादी ढांचे, इक्विटी, शासन प्रक्रियाओं और शिक्षक-संबंधी पहलुओं पर ध्यान केंद्रित); ग्रेडिंग: राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक पैमाने पर ग्रेड दिया जाता है — उच्चतम ग्रेड (दक्ष) उन राज्यों के लिए है जिन्होंने 940 (1000 में से) से अधिक अंक प्राप्त किए हैं; ग्रेड में शामिल हैं: दक्ष (>940), उत्कर्ष (881-940), अति-उत्तम (821-880), उत्तम (761-820), प्रचेष्टा-I (701-760), प्रचेष्टा-II (641-700), प्रचेष्टा-III (581-640), आकांक्षी-I (521-580), आकांक्षी-II (461-520), आकांक्षी-III (401-460); उद्देश्य: राज्यों को सुधार के क्षेत्रों की पहचान करने, सर्वोत्तम प्रथाओं से सीखने और स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रतिस्पर्धी भावना को बढ़ावा देने में मदद करना।
विकल्प (b) 4 — गलत: PGI 2.0 2 मुख्य श्रेणियों (डोमेन) का उपयोग करता है, न कि 4 का; जबकि 2 डोमेन के भीतर उप-श्रेणियां हो सकती हैं, मुख्य मूल्यांकन श्रेणियों की कुल संख्या 2 है।
विकल्प (c) 6 — गलत: मूल PGI (PGI 2.0 से पहले) में 6 श्रेणियां थीं, लेकिन PGI 2.0 को 2 मुख्य डोमेन में पुनर्गठित किया गया था; PGI 2.0 के लिए 6 सही उत्तर नहीं है।
विकल्प (d) 11 — गलत: PGI 2.0 मूल्यांकन के लिए 2 मुख्य श्रेणियों/डोमेन का उपयोग करता है; PGI 2.0 में श्रेणियों की सही संख्या 11 नहीं है। उम्मीदवार ने यह गलत विकल्प चुना।
Reports, Indices and Rankings · Reports and their publishers

Q16. मार्च 2025 में प्रकाशित SIPRI रिपोर्ट के अनुसार, 2020-24 के दौरान निम्नलिखित में से कौन सा देश शीर्ष 5 हथियार आयातकों में से एक नहीं है?

  1. (a) भारत
  2. (b) उत्तर कोरिया
  3. (c) यूक्रेन
  4. (d) पाकिस्तान
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) उत्तर कोरिया

सही उत्तर: उत्तर कोरिया — विकल्प (b)
SIPRI (स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट) की ट्रेंड्स इन इंटरनेशनल आर्म्स ट्रांसफर 2024 रिपोर्ट (मार्च 2025 में प्रकाशित) के अनुसार, 2020-24 के दौरान उत्तर कोरिया शीर्ष 5 हथियार आयातकों में से नहीं है। SIPRI रिपोर्ट (मार्च 2025) के बारे में: SIPRI हर मार्च में अपनी वार्षिक आर्म्स ट्रांसफर डेटाबेस और रिपोर्ट प्रकाशित करता है; 2025 की रिपोर्ट, जिसमें 2020-24 की अवधि शामिल है, ने शीर्ष 5 हथियार आयातकों की पहचान की; शीर्ष 5 हथियार आयातक (2020-24): भारत, यूक्रेन, कतर, सऊदी अरब और पाकिस्तान — इन देशों का वैश्विक हथियार आयात में एक महत्वपूर्ण हिस्सा था; उत्तर कोरिया शीर्ष आयातकों में क्यों नहीं है: उत्तर कोरिया, एक भारी सैन्यीकृत राज्य होने के बावजूद, मुख्य रूप से घरेलू स्तर पर अपने स्वयं के हथियार विकसित करता है (अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधों के अधीन); इसके बजाय, उत्तर कोरिया एक हथियार निर्यातक है — विशेष रूप से रूस-यूक्रेन युद्ध में उपयोग के लिए रूस को तोपखाने के गोले, गोला-बारूद और बैलिस्टिक मिसाइलें प्रदान करता है (यह 2023-2024 से व्यापक रूप से रिपोर्ट किया गया था); उत्तर कोरिया संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के हथियार प्रतिबंध के तहत रहा है, जो औपचारिक हथियार आयात को प्रतिबंधित करता है; भारत शीर्ष आयातक के रूप में: भारत लगातार वैश्विक स्तर पर शीर्ष हथियार आयातकों में से रहा है — अपनी रक्षा बलों के आधुनिकीकरण के लिए रूस, फ्रांस, इजरायल, अमेरिका और अन्य से खरीद करता है।
विकल्प (a) भारत — गलत: SIPRI रिपोर्ट (मार्च 2025) के अनुसार, 2020-24 के दौरान भारत शीर्ष 5 हथियार आयातकों में शामिल है; भारत अपनी सेना, नौसेना और वायु सेना के आधुनिकीकरण के लिए कई देशों से रक्षा उपकरण आयात करता है; उत्तर कोरिया वह देश है जो शीर्ष 5 आयातकों में नहीं है। उम्मीदवार ने यह गलत विकल्प चुना।
विकल्प (c) यूक्रेन — गलत: 2020-24 के दौरान यूक्रेन शीर्ष 5 हथियार आयातकों में शामिल है — रूस-यूक्रेन युद्ध (फरवरी 2022 से) के कारण, यूक्रेन को अमेरिका, यूरोपीय संघ के देशों, ब्रिटेन और अन्य से बड़े पैमाने पर हथियार हस्तांतरण प्राप्त हुए हैं; उत्तर कोरिया वह देश है जो शीर्ष 5 में नहीं है।
विकल्प (d) पाकिस्तान — गलत: 2020-24 के दौरान पाकिस्तान शीर्ष 5 हथियार आयातकों में शामिल है, मुख्य रूप से चीन से आयात करता है, जो पाकिस्तान के सैन्य उपकरणों का एक बड़ा हिस्सा आपूर्ति करता है; उत्तर कोरिया वह देश है जो 2020-24 के लिए शीर्ष 5 हथियार आयातकों में नहीं है।

Economics (1)

Government Schemes and Economic Reports · Social welfare schemes

Q17. जुलाई 2025 तक, _____ से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनवाड़ी केंद्रों में अपग्रेड किया गया है।

  1. (a) 57,897
  2. (b) 67,600
  3. (c) 77,554
  4. (d) 87,661
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) 57,897

सही उत्तर: 57,897 — विकल्प (a)
जुलाई 2025 तक, 57,897 से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनवाड़ी केंद्रों में अपग्रेड किया गया है। सक्षम आंगनवाड़ी के बारे में: 'सक्षम आंगनवाड़ी' (अर्थात् 'सशक्त/सक्षम आंगनवाड़ी') मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 (पोषण और बाल विकास के लिए एक प्रमुख सरकारी कार्यक्रम) के तहत पारंपरिक आंगनवाड़ी केंद्रों का एक उन्नत संस्करण है; उन्नत सुविधाएँ: बेहतर बुनियादी ढाँचा (बेहतर भवन, पेयजल, शौचालय), डिजिटलीकृत डेटा प्रविष्टि और निगरानी के लिए स्मार्टफोन/टैबलेट, बच्चों को पढ़ाने के लिए ऑडियो-विजुअल एड्स और स्मार्ट टीवी, बेहतर सेवाएँ — स्वास्थ्य, पोषण, पूर्व-विद्यालयी शिक्षा, टीकाकरण; मिशन पोषण 2.0 (पीएम पोषण): सरकार की प्रमुख योजना जो ICDS (एकीकृत बाल विकास सेवाएँ) को अन्य पोषण कार्यक्रमों के साथ विलय करती है; 6 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती/स्तनपान कराने वाली माताओं और किशोरियों में कुपोषण को कम करने पर केंद्रित है; आंगनवाड़ियों के बारे में: पारंपरिक आंगनवाड़ी सरकार द्वारा संचालित ग्राम-स्तरीय बाल देखभाल केंद्र हैं — वे पोषण, स्वास्थ्य और पूर्व-विद्यालयी शिक्षा सेवाएँ प्रदान करते हैं; ICDS के तहत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं द्वारा प्रबंधित किए जाते हैं; भारत में देश भर में 1.3 मिलियन से अधिक आंगनवाड़ी केंद्र हैं।
विकल्प (b) 67,600 — गलत: जुलाई 2025 तक सक्षम आंगनवाड़ी के रूप में अपग्रेड किए गए आंगनवाड़ी केंद्रों की सही संख्या 57,897 से अधिक है — न कि 67,600।
विकल्प (c) 77,554 — गलत: जुलाई 2025 तक सक्षम आंगनवाड़ी के रूप में अपग्रेड किए गए आंगनवाड़ी केंद्रों की सही संख्या 57,897 से अधिक है, न कि 77,554।
विकल्प (d) 87,661 — गलत: 87,661 सही आंकड़ा नहीं है; जुलाई 2025 तक, 57,897 से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनवाड़ी केंद्रों में अपग्रेड किया गया है।

Polity (3)

Q18. भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के अध्यक्ष का कार्यकाल _____ होता है।

  1. (a) 3 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक
  2. (b) 3 वर्ष या 70 वर्ष की आयु तक
  3. (c) 6 वर्ष या 75 वर्ष की आयु तक
  4. (d) 4 वर्ष या 68 वर्ष की आयु तक
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) 3 वर्ष या 70 वर्ष की आयु तक

सही उत्तर: 3 वर्ष या 70 वर्ष की आयु तक — विकल्प (b)
भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के अध्यक्ष का कार्यकाल 3 वर्ष या 70 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो, होता है। NHRC के बारे में: स्थापना: 12 अक्टूबर, 1993 को मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 (PHRA) के तहत; भारत का NHRC एक वैधानिक (संवैधानिक नहीं) निकाय है; यह एक अर्ध-न्यायिक निकाय है जो भारत में मानवाधिकारों की सुरक्षा और संवर्धन करता है; अध्यक्ष की योग्यताएँ: भारत के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश होने चाहिए (मूल अधिनियम के अनुसार) — हालांकि, 2019 के संशोधन ने उच्च न्यायालयों के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीशों को भी NHRC अध्यक्ष बनने की अनुमति दी; कार्यकाल: 3 वर्ष या 70 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) — मानवाधिकार संरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2019 के अनुसार; सदस्य: NHRC में अन्य सदस्य भी होते हैं (सेवानिवृत्त SC न्यायाधीश) — वे भी 3 वर्ष या 70 वर्ष की आयु तक सेवा करते हैं; पुनर्नियुक्ति: पुनर्नियुक्ति के लिए पात्र नहीं; पद से हटाना: भारत के राष्ट्रपति द्वारा सर्वोच्च न्यायालय की जांच समिति की सिफारिश पर हटाया जा सकता है; मुख्य कार्य: मानवाधिकारों के उल्लंघन की शिकायतों की जांच, कानून की समीक्षा, जेलों का दौरा, मानवाधिकारों पर शोध करना।
विकल्प (a) 3 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक — गलत: NHRC अध्यक्ष के लिए आयु सीमा 70 वर्ष है (65 वर्ष नहीं); 65 वर्ष मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 (2019 में संशोधित) के तहत निर्धारित आयु सीमा नहीं है। उम्मीदवार ने यह गलत विकल्प चुना।
विकल्प (c) 6 वर्ष या 75 वर्ष की आयु तक — गलत: कार्यकाल 3 वर्ष है (6 वर्ष नहीं), और आयु सीमा 70 वर्ष है (75 वर्ष नहीं); 6 वर्ष का कार्यकाल कुछ संवैधानिक निकायों जैसे चुनाव आयोग पर लागू होता है, NHRC पर नहीं।
विकल्प (d) 4 वर्ष या 68 वर्ष की आयु तक — गलत: सही कार्यकाल 3 वर्ष है (4 वर्ष नहीं) और सही आयु सीमा 70 वर्ष है (68 वर्ष नहीं); मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम के तहत ये संख्याएँ गलत हैं।
Constitutional and Non-Constitutional Bodies · Inter-State Council and Zonal Councils

Q19. भारत में आंचलिक परिषदों (Zonal Councils) का अध्यक्ष कौन होता है?

  1. (a) भारत के राष्ट्रपति
  2. (b) प्रधानमंत्री
  3. (c) नीति आयोग के उपाध्यक्ष
  4. (d) केंद्रीय गृह मंत्री
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) केंद्रीय गृह मंत्री

सही उत्तर: केंद्रीय गृह मंत्री — विकल्प (d)
भारत में सभी आंचलिक परिषदों (Zonal Councils) के अध्यक्ष केंद्रीय गृह मंत्री होते हैं। आंचलिक परिषदों के बारे में: आंचलिक परिषदें राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के भाग III के तहत स्थापित सलाहकार निकाय हैं (यह संवैधानिक निकाय नहीं है); उद्देश्य: अंतर-राज्यीय सहयोग को बढ़ावा देना, सामान्य हित के मामलों पर चर्चा करना और अंतर-राज्यीय विवादों को हल करना; पाँच आंचलिक परिषदें हैं: उत्तरी आंचलिक परिषद (मुख्यालय: नई दिल्ली), केंद्रीय आंचलिक परिषद (मुख्यालय: इलाहाबाद), पूर्वी आंचलिक परिषद (मुख्यालय: कोलकाता), पश्चिमी आंचलिक परिषद (मुख्यालय: मुंबई), दक्षिणी आंचलिक परिषद (मुख्यालय: चेन्नई); प्रत्येक आंचलिक परिषद की संरचना: अध्यक्ष — केंद्रीय गृह मंत्री (वही व्यक्ति सभी पाँच आंचलिक परिषदों की अध्यक्षता करता है); उपाध्यक्ष — मेजबान राज्य का मुख्यमंत्री (वार्षिक रूप से बदलता है); सदस्य — उस क्षेत्र के सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और दो कैबिनेट मंत्री; बैठकें: आंचलिक परिषद आमतौर पर साल में एक बार मिलती है; केंद्रीय गृह मंत्री इन बैठकों की अध्यक्षता करते हैं; पूर्वोत्तर परिषद (NEC): पूर्वोत्तर राज्यों के लिए पूर्वोत्तर परिषद अधिनियम, 1971 के तहत स्थापित एक अलग परिषद (राज्य पुनर्गठन अधिनियम के तहत नहीं); महत्व: आंचलिक परिषदें राज्यों के बीच सहयोग, समन्वय और संयुक्त कार्रवाई की भावना को बढ़ावा देने में मदद करती हैं।
विकल्प (a) भारत के राष्ट्रपति — गलत: भारत के राष्ट्रपति आंचलिक परिषदों के अध्यक्ष नहीं होते हैं; केंद्रीय गृह मंत्री सभी पांचों आंचलिक परिषदों के अध्यक्ष के रूप में कार्य करते हैं; राष्ट्रपति राज्य के संवैधानिक प्रमुख होते हैं जिनकी भूमिका अलग होती है।
विकल्प (b) प्रधानमंत्री — गलत: प्रधानमंत्री आंचलिक परिषदों के अध्यक्ष के रूप में कार्य नहीं करते हैं; यह भूमिका विशेष रूप से राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के तहत केंद्रीय गृह मंत्री को सौंपी गई है।
विकल्प (c) नीति आयोग के उपाध्यक्ष — गलत: नीति आयोग के उपाध्यक्ष की आंचलिक परिषदों के अध्यक्ष के रूप में कोई भूमिका नहीं होती है; नीति आयोग के उपाध्यक्ष एक आर्थिक नीति सलाहकार पद है — जो आंचलिक परिषद की संरचना से पूरी तरह अलग है; केंद्रीय गृह मंत्री आंचलिक परिषदों के अध्यक्ष होते हैं। उम्मीदवार ने यह गलत विकल्प चुना।
Union Executive · Lists of Presidents, Vice-Presidents and Prime Ministers

Q20. प्रतिभा देवीसिंह पाटिल ने 25 जुलाई, 2007 को भारत के _____ राष्ट्रपति के रूप में पदभार ग्रहण किया।

  1. (a) 8वीं
  2. (b) 10वीं
  3. (c) 12वीं
  4. (d) 14वीं
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) 12वीं

सही उत्तर: 12वीं — विकल्प (c)
प्रतिभा देवीसिंह पाटिल ने 25 जुलाई, 2007 को भारत की 12वीं राष्ट्रपति के रूप में पदभार ग्रहण किया। प्रतिभा पाटिल के बारे में मुख्य तथ्य: पूरा नाम: प्रतिभा देवीसिंह पाटिल; जन्म: 19 दिसंबर, 1934, जलगाँव, महाराष्ट्र में; ऐतिहासिक महत्व: वह भारत की पहली महिला राष्ट्रपति थीं; कार्यकाल: 25 जुलाई, 2007 से 25 जुलाई, 2012 (12वीं राष्ट्रपति); राष्ट्रपति बनने से पहले करियर: महाराष्ट्र से एक अनुभवी कांग्रेस राजनेता; राष्ट्रपति बनने से पहले राजस्थान की राज्यपाल (2004-2007) के रूप में कार्य किया; राजनीतिक करियर: महाराष्ट्र विधानसभा की चार बार सदस्य रहीं; महाराष्ट्र राज्य सरकार में विभिन्न मंत्रालयीय पदों पर रहीं; चुनाव: 2007 के राष्ट्रपति चुनाव में भैरों सिंह शेखावत (भाजपा समर्थित उम्मीदवार) के खिलाफ बड़े अंतर से जीत हासिल की; पुरस्कार: पद्म विभूषण (मरणोपरांत-समकक्ष सम्मान); भारत के हाल के राष्ट्रपतियों की सूची: 11वें — ए.पी.जे. अब्दुल कलाम (2002-2007), 12वें — प्रतिभा देवीसिंह पाटिल (2007-2012), 13वें — प्रणब मुखर्जी (2012-2017), 14वें — राम नाथ कोविंद (2017-2022), 15वें — द्रौपदी मुर्मू (2022-वर्तमान — पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति भी)।
विकल्प (a) 8वें — गलत: भारत के 8वें राष्ट्रपति आर. वेंकटरमन (1987-1992) थे; प्रतिभा पाटिल भारत की 12वीं राष्ट्रपति (2007-2012) थीं।
विकल्प (b) 10वें — गलत: भारत के 10वें राष्ट्रपति के.आर. नारायणन (1997-2002) थे — भारत के पहले दलित राष्ट्रपति; प्रतिभा पाटिल 12वीं राष्ट्रपति थीं।
विकल्प (d) 14वें — गलत: भारत के 14वें राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद (2017-2022) थे; प्रतिभा पाटिल 12वीं राष्ट्रपति (2007-2012) थीं।
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