Q1. भारत का कौन सा लोक नृत्य लकड़ी के नकली घोड़ों, जीवंत वेशभूषा का उपयोग करता है और युद्ध के मैदान की वीरता को मनाने के लिए प्रस्तुत किया जाता है?
- (a) भांगड़ा
- (b) गरबा
- (c) कुम्मी
- (d) पोइकल कुथिराई
उत्तर और व्याख्या
उत्तर: (d) पोइकल कुथिराई
पोइकल कुथिराई (तमिल में 'नकली घोड़ा' का अर्थ) तमिलनाडु का एक पारंपरिक लोक नृत्य है। नर्तक अपनी कमर के चारों ओर घोड़े के आकार का एक ढाँचा पहनते हैं, जिससे घोड़े की सवारी का भ्रम पैदा होता है। यह नृत्य रंगीन, जीवंत वेशभूषा का उपयोग करके प्रस्तुत किया जाता है और युद्ध के मैदान की वीरता और योद्धाओं का स्मरण करने से जुड़ा है। यह आमतौर पर तमिलनाडु के मंदिरों, त्योहारों और सांस्कृतिक समारोहों में प्रस्तुत किया जाता है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
विकल्प 1 (भांगड़ा): भांगड़ा पंजाब का एक लोक नृत्य है, जो बैसाखी के फसल उत्सव से जुड़ा है। इसमें लकड़ी के नकली घोड़े शामिल नहीं होते हैं।
विकल्प 2 (गरबा): गरबा गुजरात का एक लोक नृत्य है, जो नवरात्रि के दौरान किया जाता है। इसमें गोलाकार गति और डांडिया स्टिक्स का उपयोग होता है, न कि लकड़ी के घोड़ों का।
विकल्प 3 (कुम्मी): कुम्मी तमिलनाडु और केरल का एक साधारण लोक नृत्य है जिसे महिलाएँ ताल के साथ ताली बजाकर करती हैं। इसमें लकड़ी के घोड़े शामिल नहीं होते हैं।