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RRB JE CBT-1 2024-25 16 दिसंबर 2024 शिफ्ट 2 – GK प्रश्न – उत्तर व व्याख्या सहित

RRB JE CBT-1 2024-25 (16 दिसंबर 2024 शिफ्ट 2) में पूछे गए सभी 40 GK / सामान्य अध्ययन प्रश्न, सही उत्तर और व्याख्या के साथ – विषयवार।

📚 40 प्रश्न🗓️ 16 दिसंबर 2024⏰ शिफ्ट 2
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विषय: Chemistry (10) · Biology (7) · Physics (10) · Geography (2) · Current Affairs (5) · Ancient History (1) · Polity (3) · Static GK (1) · Modern History (1)

Chemistry (10)

Chemical Reactions and Equations · Combination reactions

Q1. संयोजन अभिक्रिया को ________________ के रूप में दर्शाया जा सकता है।

  1. (a) ABC à AB + C
  2. (b) AB + C à CB + A
  3. (c) AB + CD à AD + CD
  4. (d) AB + C à ABC
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) AB + C à ABC

उत्तर: विकल्प 4 — AB + C → ABC
संयोजन अभिक्रिया में दो या अधिक पदार्थ मिलकर एकल उत्पाद बनाते हैं।
AB और C मिलकर एक उत्पाद, ABC देते हैं।
रिवीजन नोट — रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रकार
• संयोजन: A + B → AB — उदा. CaO + H_(2)O → Ca(OH)_(2) (बिना बुझा चूना से बुझा हुआ चूना, ऊष्माक्षेपी)।
• वियोजन: AB → A + B — संयोजन का उल्टा; इसके लिए ऊष्मा, प्रकाश या विद्युत चाहिए (उदा. CaCO_(3) → CaO + CO_(2))।
• विस्थापन: A + BC → AC + B — अधिक क्रियाशील तत्व कम क्रियाशील तत्व को हटा देता है (उदा. Fe + CuSO_(4) → FeSO_(4) + Cu)।
• द्विविस्थापन: AB + CD → AD + CB — आयनों का आदान-प्रदान होता है, प्रायः अवक्षेप बनता है (उदा. BaCl_(2) + Na_(2)SO_(4))।
• कोयले का दहन (C + O_(2) → CO_(2)) और H_(2) तथा O_(2) से जल का बनना भी संयोजन अभिक्रियाएँ हैं।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• संयोजन बनाम वियोजन — संयोजन का अंत एक उत्पाद पर होता है; वियोजन एक अभिकारक से शुरू होता है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: अभिक्रिया CaO + H_(2)O → Ca(OH)_(2) + ऊष्मा का प्रकार (संयोजन अभिक्रिया); वह प्रेक्षण जो संयोजन अभिक्रिया की पुष्टि करता है (केवल एक नया पदार्थ बनता है)।
Acids, Bases and Salts · pH scale and its importance

Q2. 25°C पर शुद्ध जल का pH मान कितना होता है?

  1. (a) 5
  2. (b) 3
  3. (c) 1
  4. (d) 7
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) 7

उत्तर: विकल्प 4 — 7
शुद्ध जल में H⁺ और OH⁻ आयन बराबर होते हैं (25°C पर प्रत्येक 10⁻⁷ mol/L), इसलिए यह उदासीन है और इसका pH 7 है।
रिवीजन नोट — pH स्केल
• pH = potential of hydrogen (हाइड्रोजन की क्षमता), एस.पी.एल. सॉरेनसन (1909) द्वारा दिया गया; pH = −log[H⁺]।
• स्केल 0 से 14 तक: 7 से कम अम्लीय, 7 उदासीन, 7 से अधिक क्षारीय।
• अधिक H⁺ ⇒ कम pH; pH में 1 का प्रत्येक अंतर H⁺ में 10 गुना परिवर्तन है।
• सामान्य मान: जठर रस ≈ 1–2, नींबू का रस ≈ 2.5, दूध ≈ 6.6, रक्त ≈ 7.4, समुद्री जल ≈ 8, मिल्क ऑफ मैग्नीशिया ≈ 10।
• मुँह का pH 5.5 से कम होने पर दाँतों का क्षय शुरू होता है; अम्लीय वर्षा का pH 5.6 से कम होता है।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• उदासीन बनाम शुद्ध — कोई भी उदासीन विलयन (जैसे जल में NaCl) का भी pH 7 होता है; उसका शुद्ध जल होना आवश्यक नहीं।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: pH स्केल पर उदासीन पदार्थ (शुद्ध जल); H⁺ की अधिक सांद्रता का अर्थ (कम pH)।
Carbon and its Compounds · Homologous series

Q3. निम्नलिखित में से कौन-सी, सजातीय श्रेणी की सही परिभाषा है?

  1. (a) समान भौतिक गुणधर्मों वाले यौगिकों की श्रेणी
  2. (b) भिन्न प्रकार्यात्मक समूहों वाले यौगिकों की श्रेणी
  3. (c) समान आणविक द्रव्यमान वाले यौगिकों की श्रेणी
  4. (d) समान प्रकार्यात्मक समूह और समान रासायनिक गुणों वाले यौगिकों की श्रेणी
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) समान प्रकार्यात्मक समूह और समान रासायनिक गुणों वाले यौगिकों की श्रेणी

उत्तर: विकल्प 4 — समान प्रकार्यात्मक समूह और समान रासायनिक गुणों वाले यौगिकों की श्रेणी
सजातीय श्रेणी के सदस्यों में समान प्रकार्यात्मक समूह होता है, इसलिए वे एक जैसी अभिक्रिया करते हैं — समान रासायनिक गुण।
रिवीजन नोट — सजातीय श्रेणी
• क्रमागत सदस्यों में –CH_(2)– इकाई का अंतर होता है, अर्थात् आणविक द्रव्यमान में 14 u का अंतर।
• सभी सदस्य एक सामान्य सूत्र में आते हैं — ऐल्केन C_(n)H_(2n+2), ऐल्कीन C_(n)H_(2n), ऐल्काइन C_(n)H_(2n−2)।
• रासायनिक गुण समान रहते हैं (प्रकार्यात्मक समूह द्वारा निर्धारित)।
• आणविक द्रव्यमान बढ़ने के साथ भौतिक गुण (गलनांक, क्वथनांक, विलेयता) क्रमशः बदलते हैं।
• उदाहरण: CH_(3)OH, C_(2)H_(5)OH, C_(3)H_(7)OH — ऐल्कोहॉल श्रेणी (–OH समूह)।
• उदाहरण: CH_(4), C_(2)H_(6), C_(3)H_(8) — मेथेन, एथेन, प्रोपेन (ऐल्केन)।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• सजातीय श्रेणी बनाम समावयवी — सजातीयों के सूत्र भिन्न होते हैं (CH_(2) का अंतर); समावयवियों का सूत्र समान होता है पर संरचनाएँ भिन्न।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: –CH_(2)– इकाई से भिन्न यौगिकों का समूह (सजातीय श्रेणी); मेथेन, एथेन और प्रोपेन क्या दर्शाते हैं (ऐल्केनों की एक सजातीय श्रेणी)।
Metals and Non-metals · Reactivity series

Q4. कौन-सी धातु प्रतिक्रियाशीलता श्रृंखला (reactivity series) में सबसे ऊपर है?

  1. (a) तांबा
  2. (b) लोहा
  3. (c) पोटैशियम
  4. (d) चांदी
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) पोटैशियम

उत्तर: विकल्प 3 — पोटैशियम
पोटैशियम (K) अपना बाह्य इलेक्ट्रॉन सबसे आसानी से खोता है,
इसलिए यह प्रतिक्रियाशीलता श्रृंखला (सक्रियता श्रेणी) में सबसे ऊपर है।
रिवीजन नोट — धातुओं की सक्रियता श्रेणी
• क्रम: K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > [H] > Cu > Hg > Ag > Au।
• सबसे अधिक अभिक्रियाशील: पोटैशियम; सबसे कम अभिक्रियाशील: सोना (प्लैटिनम के साथ)।
• K और Na ठंडे जल से तीव्र अभिक्रिया करते हैं — हाइड्रोजन आग पकड़ लेती है; इन्हें केरोसिन में रखा जाता है।
• अधिक अभिक्रियाशील धातु कम अभिक्रियाशील धातु को उसके लवण विलयन से विस्थापित करती है: Fe + CuSO_(4) → FeSO_(4) + Cu।
• हाइड्रोजन से ऊपर की धातुएँ तनु अम्लों से H_(2) देती हैं; Cu, Hg, Ag, Au नहीं देतीं।
• श्रेणी में नीचे की धातुएँ (Au, Ag, Pt) प्रकृति में मुक्त अवस्था में मिलती हैं; ऊपर की धातुएँ (K, Na, Ca, Mg, Al) विद्युत अपघटन से निकाली जाती हैं।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: वह धातु जो ठंडे जल से तीव्र अभिक्रिया करती है और हाइड्रोजन आग पकड़ लेती है (पोटैशियम); विस्थापन अभिक्रिया क्या दर्शाती है (ठोस धातु, विलयन वाली धातु से अधिक अभिक्रियाशील है)।
Chemical Reactions and Equations · Oxidation, reduction and redox reactions

Q5. रेडॉक्स अभिक्रिया (उपचयन-अपचयन अभिक्रिया) में, अपचयन को ____________ के रूप में वर्णित किया जा सकता है।

  1. (a) ऑक्सीजन की वृद्धि
  2. (b) हाइड्रोजन की वृद्धि
  3. (c) एक विद्युत ऋणात्मक तत्व की वृद्धि
  4. (d) इलेक्ट्रॉनों के ह्रास
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) हाइड्रोजन की वृद्धि

उत्तर: विकल्प 2 — हाइड्रोजन की वृद्धि
अपचयन किसी पदार्थ द्वारा हाइड्रोजन की प्राप्ति या ऑक्सीजन का ह्रास है।
ऑक्सीजन की वृद्धि, विद्युत ऋणात्मक तत्व की वृद्धि और इलेक्ट्रॉनों का ह्रास — ये सभी ऑक्सीकरण को दर्शाते हैं।
रिवीजन नोट — ऑक्सीकरण और अपचयन
• ऑक्सीकरण: ऑक्सीजन की प्राप्ति, हाइड्रोजन का ह्रास, इलेक्ट्रॉनों का ह्रास।
• अपचयन: ऑक्सीजन का ह्रास, हाइड्रोजन की प्राप्ति, इलेक्ट्रॉनों की प्राप्ति।
• रेडॉक्स: ऑक्सीकरण और अपचयन एक ही अभिक्रिया में साथ-साथ होते हैं।
• उदाहरण: CuO + H_(2) → Cu + H_(2)O — CuO का अपचयन होता है, H_(2) का ऑक्सीकरण होता है।
• ऑक्सीकारक स्वयं अपचयित होता है; अपचायक स्वयं ऑक्सीकृत होता है।
• दैनिक जीवन में ऑक्सीकरण: संक्षारण (जंग लगना) और वसा व तेलों का विकृतगंधिता (rancidity)।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• इलेक्ट्रॉन दृष्टिकोण — स्मरण सूत्र OIL RIG: Oxidation Is Loss, Reduction Is Gain (इलेक्ट्रॉनों का — ऑक्सीकरण = ह्रास, अपचयन = प्राप्ति)।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: रेडॉक्स अभिक्रिया में ऑक्सीकरण में क्या होता है (इलेक्ट्रॉनों का ह्रास); CuO + H_(2) → Cu + H_(2)O में किसका अपचयन होता है (CuO, जबकि हाइड्रोजन का ऑक्सीकरण होता है)।
Environmental Chemistry · Ozone layer and its depletion

Q6. निम्नलिखित में से कौन, वायुमंडल में ओजोन परत के क्षीणता (depletion) का कारण है?

  1. (a) हाइड्रोफ्लोरोकार्बन (Hydrofluorocarbons)
  2. (b) क्लोरोफ्लोरोकार्बन (Chlorofluorocarbons)
  3. (c) एथेन (Ethane)
  4. (d) मेथेन (Methane)
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) क्लोरोफ्लोरोकार्बन (Chlorofluorocarbons)

उत्तर: विकल्प 2 — क्लोरोफ्लोरोकार्बन (Chlorofluorocarbons)
CFC ऊपर उठकर समतापमंडल में पहुँचते हैं, जहाँ पराबैंगनी (UV) किरणें उन्हें तोड़कर क्लोरीन परमाणु मुक्त करती हैं।
एक क्लोरीन परमाणु हजारों ओजोन (O_(3)) अणुओं को नष्ट कर सकता है।
रिवीजन नोट — ओजोन परत
• ओजोन O_(3) तब बनती है जब UV किरणें O_(2) को एकल O परमाणुओं में तोड़ती हैं, जो दूसरे O_(2) से जुड़ते हैं: O + O_(2) → O_(3)।
• ओजोन परत समतापमंडल में (लगभग 15–35 किमी) है और हानिकारक UV विकिरण को अवशोषित करती है।
• CFC का उपयोग रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर, एरोसॉल स्प्रे और अग्निशामकों में होता था।
• ओजोन परत का पतला होना 1980 के दशक में देखा गया; ओजोन छिद्र पहली बार अंटार्कटिका के ऊपर (1985) बताया गया।
• मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (1987) ओजोन-क्षयकारी पदार्थों को चरणबद्ध रूप से समाप्त करता है; 16 सितंबर विश्व ओजोन दिवस है।
• हैलोन ब्रोमीन मुक्त करते हैं; CFC, HCFC और कार्बन टेट्राक्लोराइड क्लोरीन मुक्त करते हैं।
• पृथ्वी तक पहुँचने वाली अतिरिक्त UV किरणों से त्वचा कैंसर और मोतियाबिंद होता है।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• HFC बनाम CFC — HFC में क्लोरीन नहीं होती, इसलिए वे ओजोन का क्षय नहीं करते।
HFC ग्रीनहाउस गैसें हैं, जिन्हें किगाली संशोधन (2016) द्वारा नियंत्रित किया जाता है।
• ओजोन क्षय बनाम वैश्विक तापन — मेथेन और CO_(2) तापन करती हैं, ओजोन का क्षय नहीं।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: ओजोन-क्षयकारी पदार्थों को चरणबद्ध रूप से समाप्त करने वाला समझौता (मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल); ओजोन छिद्र पहली बार कहाँ खोजा गया (अंटार्कटिका)।
Metals and Non-metals · Ionic compounds and their properties

Q7. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इसका सबसे अच्‍छी तरह से वर्णन करता है कि क्यों पोटेशियम ब्रोमाइड (KBr) जैसे आयनिक यौगिक, ठोस रूप में विद्युत चालन नहीं करते हैं, लेकिन गलित रूप (molten form) में करते हैं?

  1. (a) ठोस KBr उदासीन परमाणुओं से बना होता है, जिनमें कोई मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं होता।
  2. (b) आयनिक आबंध, ठोस KBr में आयन संचलन को रोकते हैं।
  3. (c) गलित रूप में, KBr गैसीय परमाणुओं में विघटित हो जाता है।
  4. (d) ठोस KBr में दुर्बल आयन होते हैं जो विद्युत चालन नहीं करते।
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) आयनिक आबंध, ठोस KBr में आयन संचलन को रोकते हैं।

उत्तर: विकल्प 2 — आयनिक आबंध, ठोस KBr में आयन संचलन को रोकते हैं।
ठोस KBr में K⁺ और Br⁻ आयन प्रबल स्थिरवैद्युत आकर्षण द्वारा एक दृढ़ क्रिस्टल जालक में बँधे रहते हैं।
विद्युत चालन के लिए गतिशील आवेश चाहिए; पिघलने पर जालक टूट जाता है और आयन गति के लिए मुक्त हो जाते हैं।
रिवीजन नोट — आयनिक यौगिकों के गुण
• धातु से अधातु में इलेक्ट्रॉनों के स्थानांतरण से बनते हैं (जैसे NaCl, KBr, MgCl_(2), CaO)।
• कठोर ठोस, परंतु भंगुर — दबाव डालने पर टुकड़ों में टूट जाते हैं।
• उच्च गलनांक और क्वथनांक — प्रबल अंतर-आयनिक आकर्षण को तोड़ने में अधिक ऊर्जा लगती है (NaCl 801 डिग्री सेल्सियस पर पिघलता है)।
• जल में घुलनशील, केरोसिन और पेट्रोल में अघुलनशील।
• विद्युत का चालन केवल गलित अवस्था या जलीय विलयन में करते हैं, ठोस अवस्था में कभी नहीं।
• यहाँ आवेश आयनों द्वारा वहन होता है, जबकि धातुओं में मुक्त इलेक्ट्रॉनों द्वारा।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• आयनिक यौगिक बनाम धातु — ठोस ताँबा मुक्त इलेक्ट्रॉनों द्वारा चालन करता है; ठोस KBr में कोई गतिशील आवेश नहीं होता।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: सोडियम क्लोराइड कमरे के ताप पर ठोस क्यों होता है (आयनों के बीच प्रबल स्थिरवैद्युत आकर्षण); आयनिक यौगिकों का एक सामान्य गुण (उच्च गलनांक और क्वथनांक)।
Environmental Chemistry · Ozone layer and its depletion

Q8. ओजोन परत का क्षरण, मनुष्यों के लिए चिंता का विषय क्यों है?

  1. (a) इससे जल प्रदूषण बढ़ता है।
  2. (b) यह मृदा की उर्वरता बढ़ाता है।
  3. (c) यह पौधों की वृद्धि को बढ़ावा देता है।
  4. (d) यह हमें हानिकारक विकिरणों से संरक्षा करता है।
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) यह हमें हानिकारक विकिरणों से संरक्षा करता है।

उत्तर: विकल्प 4 — यह हमें हानिकारक विकिरणों से संरक्षा करता है।
यहाँ "यह" ओजोन परत है: यह सूर्य के हानिकारक पराबैंगनी (UV) विकिरण को अवशोषित करती है।
इसके पतला होने पर अधिक UV पृथ्वी तक पहुँचता है — इसलिए इसका क्षरण मनुष्यों के लिए चिंता का विषय है।
रिवीजन नोट — ओजोन परत और उसका क्षरण
• ओजोन (O_(3)) समतापमंडल में तब बनती है जब UV, O_(2) को तोड़ता है:
O_(2) → O + O, फिर O + O_(2) → O_(3)।
• ओजोन परत मुख्यतः पृथ्वी से 15–35 किमी ऊपर है और UV-B तथा UV-C को अवशोषित करती है।
• क्षरण का मुख्य कारण: रेफ्रिजरेटर, AC और ऐरोसॉल से निकलने वाले क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFC);
हैलोन ब्रोमीन मुक्त करते हैं।
• ओजोन छिद्र सबसे पहले अंटार्कटिका के ऊपर (1985) पाया गया।
• अधिक UV से त्वचा कैंसर, मोतियाबिंद और कमजोर प्रतिरक्षा होती है, और फसलों तथा प्लवकों को हानि पहुँचती है।
• मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (1987) ओजोन-क्षयकारी पदार्थों को चरणबद्ध रूप से समाप्त करता है;
विश्व ओजोन दिवस 16 सितंबर को है।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• ओजोन क्षरण बनाम वैश्विक तापन — क्षरण से अधिक UV अंदर आता है;
वैश्विक तापन ग्रीनहाउस गैसों द्वारा ऊष्मा रोकने से होता है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: ओजोन परत का कार्य (सूर्य के UV विकिरण को अवशोषित करना); ओजोन क्षरण का मुख्य कारण (क्लोरोफ्लोरोकार्बन); मनुष्यों पर UV का प्रमुख हानिकारक प्रभाव (त्वचा कैंसर)।
Acids, Bases and Salts · Common salts - preparation and uses (baking soda, washing soda, bleaching powder, plaster of Paris)

Q9. शुद्ध लवणीय विलयन (brine solution) के विद्युत अपघटन के दौरान कैथोड पर कौन-सा आयन अपचयित होता है?

  1. (a) OH⁻
  2. (b) H^(+)
  3. (c) Na^(+)
  4. (d) Cl⁻
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) H^(+)

उत्तर: विकल्प 2 — H^(+)
लवणीय विलयन में जल से H^(+) आयन मिलते हैं, जो Na^(+) की तुलना में अधिक आसानी से अपचयित होते हैं (इलेक्ट्रॉन ग्रहण करते हैं)।
कैथोड पर: 2H^(+) + 2e⁻ → H_(2) — हाइड्रोजन गैस निकलती है,
और Na^(+) विलयन में OH⁻ के साथ NaOH के रूप में रहता है।
रिवीजन नोट — क्लोर-क्षार प्रक्रिया
• लवणीय जल (जलीय NaCl) का विद्युत अपघटन: 2NaCl + 2H_(2)O → 2NaOH + Cl_(2) + H_(2)।
• ऐनोड (+): Cl⁻ ऑक्सीकृत होता है → क्लोरीन गैस।
• कैथोड (−): H^(+) (जल से) अपचयित होता है → हाइड्रोजन गैस।
• NaOH कैथोड के पास बनता है — इसलिए "क्लोर-क्षार" (क्लोरीन + क्षार)।
• उपयोग: Cl_(2) → विरंजक चूर्ण, PVC, रोगाणुनाशक; H_(2) → ईंधन, अमोनिया, तेलों का हाइड्रोजनीकरण;
NaOH → साबुन, कागज, धातुओं की ग्रीस हटाना।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• ऑक्सीकरण बनाम अपचयन — अपचयन (इलेक्ट्रॉन ग्रहण) कैथोड पर होता है; ऑक्सीकरण ऐनोड पर।
• लवणीय जल बनाम गलित NaCl — केवल गलित NaCl से कैथोड पर सोडियम धातु मिलती है;
लवणीय जल में हाइड्रोजन निकलती है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: लवणीय जल के विद्युत अपघटन में कैथोड पर बनने वाला उत्पाद (हाइड्रोजन गैस); लवणीय जल से NaOH बनाने की प्रक्रिया का नाम (क्लोर-क्षार प्रक्रिया)।
Carbon and its Compounds · Bonding in carbon and catenation

Q10. निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प मेथेन (CH₄) के लिए सही लुईस संरचना (Lewis structure) दर्शाता है?

  1. (a) तीन आबंधों के साथ चार हाइड्रोजन परमाणुओं से आबंधित कार्बन परमाणु
  2. (b) दो हाइड्रोजन परमाणुओं से दोहरे आबंधों से आबंधित कार्बन परमाणु
  3. (c) एक हाइड्रोजन परमाणु से दोहरे आबंध के साथ एक कार्बन परमाणु
  4. (d) एकल आबंधों के साथ चार हाइड्रोजन परमाणुओं से आबंधित कार्बन परमाणु
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) एकल आबंधों के साथ चार हाइड्रोजन परमाणुओं से आबंधित कार्बन परमाणु

उत्तर: विकल्प 4 — एकल आबंधों के साथ चार हाइड्रोजन परमाणुओं से आबंधित कार्बन परमाणु
कार्बन (2, 4) में 4 संयोजकता इलेक्ट्रॉन होते हैं; यह 4 हाइड्रोजन परमाणुओं में से प्रत्येक के साथ एक इलेक्ट्रॉन साझा करता है
और 4 एकल सहसंयोजक आबंध बनाता है।
कार्बन अपना अष्टक और प्रत्येक H अपना द्विक पूरा करता है।
रिवीजन नोट — कार्बन में सहसंयोजक आबंधन
• कार्बन चतुःसंयोजक है — यह 4 इलेक्ट्रॉन खोकर या ग्रहण करके नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉन साझा करके 4 सहसंयोजक आबंध बनाता है।
• मेथेन (CH_(4)): 4 C–H एकल आबंध; चतुष्फलकीय आकृति, आबंध कोण 109.5°।
• एकल आबंध = 1 साझा युग्म; द्वि-आबंध = 2 युग्म (एथीन, C_(2)H_(4)); त्रि-आबंध = 3 युग्म (एथाइन, C_(2)H_(2))।
• O_(2) में द्वि-आबंध होता है; N_(2) में त्रि-आबंध होता है।
• श्रृंखलन और चतुःसंयोजकता के कारण कार्बन लाखों यौगिक बनाता है।
• सहसंयोजक यौगिकों के गलनांक और क्वथनांक कम होते हैं और ये विद्युत के कुचालक होते हैं।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: वे गुण जिनसे कार्बन लाखों यौगिक बनाता है (प्रबल सहसंयोजक आबंधन और चतुःसंयोजकता); सहसंयोजक यौगिकों के गलनांक कम क्यों होते हैं (दुर्बल अंतराआण्विक बल)।

Biology (7)

Ecology and Environment · Waste management and biodegradable substances

Q11. पार्टियों और रेस्तराओं में थर्मोकोल डिस्पोजेबल (thermocol disposables) का व्यापक रूप से उपयोग किया जा रहा है। इस अभ्यास को बढ़ावा देकर ___________________।

  1. (a) हम गैर-जैवनिम्नीकरणीय अपशिष्ट (non-biodegradable waste) में वृद्धि कर रहे हैं
  2. (b) हम अपने अंदर स्वच्छता संबंधी चिंता को बढ़ा रहे हैं
  3. (c) हम खर्चों में कटौती कर रहे हैं; डिस्पोजेबल का उपयोग करना सस्ता है
  4. (d) हम अपशिष्ट को जैवनिम्नीकरणीय (biodegradable) बना रहे हैं
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) हम गैर-जैवनिम्नीकरणीय अपशिष्ट (non-biodegradable waste) में वृद्धि कर रहे हैं

उत्तर: विकल्प 1 — हम गैर-जैवनिम्नीकरणीय अपशिष्ट (non-biodegradable waste) में वृद्धि कर रहे हैं
थर्मोकोल प्रसारित पॉलीस्टाइरीन (expanded polystyrene) है, एक प्लास्टिक जिसे सूक्ष्मजीव अपघटित नहीं कर सकते।
फेंकी गई हर प्लेट या कप गैर-जैवनिम्नीकरणीय अपशिष्ट को बढ़ाता है, जो सैकड़ों वर्षों तक बना रहता है।
रिवीजन नोट — जैवनिम्नीकरणीय और गैर-जैवनिम्नीकरणीय पदार्थ
• जैवनिम्नीकरणीय: अपघटकों (जीवाणु, कवक) द्वारा अपघटित — कागज, सूती कपड़ा, लकड़ी, भोजन का अपशिष्ट, मृत जंतु।
• गैर-जैवनिम्नीकरणीय: सूक्ष्मजीवों द्वारा अपघटित नहीं — प्लास्टिक, पॉलीथीन, थर्मोकोल (स्टायरोफोम), काँच, एल्युमिनियम के डिब्बे, DDT।
• गैर-जैवनिम्नीकरणीय अपशिष्ट नालियों को अवरुद्ध करता है, जलीय जंतुओं को हानि पहुँचाता है, और इसे जलाने से विषैली गैसें निकलती हैं।
• DDT जैसे रसायन आहार श्रृंखला में ऊपर की ओर सांद्रित होते जाते हैं — जैव आवर्धन (biological magnification)।
• पार्टियों में बेहतर विकल्प: कुल्हड़, पत्तल, स्टील या धोने योग्य बर्तन।
• अपशिष्ट प्रबंधन 3R — Reduce (कम उपयोग), Reuse (पुनः उपयोग), Recycle (पुनर्चक्रण) पर आधारित है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: प्लास्टिक के कपों की तुलना में कागज के कपों का लाभ (वे जैवनिम्नीकरणीय हैं); जलाशयों में गैर-जैवनिम्नीकरणीय पदार्थों का प्रभाव (वे नालियों को अवरुद्ध करते हैं और जलीय जीवन को हानि पहुँचाते हैं)।
Ecology and Environment · Ecosystem and its components

Q12. निम्नलिखित में से कौन-सी श्रेणी, उपभोक्ताओं का वर्ग नहीं है?

  1. (a) उत्पादक (Producers)
  2. (b) मांसभक्षी (Carnivores)
  3. (c) परजीवी (Parasites)
  4. (d) शाकभक्षी (Herbivores)
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) उत्पादक (Producers)

उत्तर: विकल्प 1 — उत्पादक (Producers)
उत्पादक (हरे पौधे, कुछ जीवाणु) प्रकाश संश्लेषण द्वारा अपना भोजन स्वयं बनाते हैं,
इसलिए वे उपभोक्ता नहीं हैं।
शाकभक्षी, मांसभक्षी और परजीवी सभी भोजन के लिए अन्य जीवों पर निर्भर हैं — वे उपभोक्ता हैं।
रिवीजन नोट — पारिस्थितिकी तंत्र के घटक
• जैविक घटक: उत्पादक, उपभोक्ता और अपघटक।
• उत्पादक स्वपोषी होते हैं — ये सौर ऊर्जा को बाँधते हैं; ये प्रथम पोषी स्तर बनाते हैं।
• शाकभक्षी = प्राथमिक उपभोक्ता (पोषी स्तर 2); छोटे मांसभक्षी = द्वितीयक उपभोक्ता; बड़े मांसभक्षी = तृतीयक उपभोक्ता।
• सर्वाहारी पौधे और जंतु दोनों खाते हैं; परजीवी पोषक (host) पर रहकर उससे भोजन लेते हैं — फिर भी उपभोक्ता ही हैं।
• अपघटक (जीवाणु और कवक) मृत अवशेषों को तोड़कर पोषक तत्वों को मृदा में लौटाते हैं।
• अजैविक घटक: सूर्य का प्रकाश, तापमान, जल, वायु, मृदा, खनिज।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• उत्पादक बनाम अपघटक — दोनों उपभोक्ता श्रृंखला से बाहर हैं; उत्पादक भोजन बनाते हैं, अपघटक मृत पदार्थ को तोड़ते हैं।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: वह समूह जो भोजन के लिए केवल और सीधे उत्पादकों पर निर्भर है (शाकभक्षी); खाद्य जाल में शाकभक्षी क्या हैं (प्राथमिक उपभोक्ता)।
Ecology and Environment · Ecosystem and its components

Q13. उद्यान एक पारिस्थितिकी तंत्र है क्योंकि ____________________।

  1. (a) इसमें पौधे, वृक्ष और पुष्‍प जैसे केवल जैविक घटक होते हैं
  2. (b) इसमें रहने वाले जीव एक दूसरे के साथ परस्पर क्रिया करते हैं और अजैविक घटकों से प्रभावित होते हैं
  3. (c) इसमें रहने वाले जीव एक दूसरे के साथ परस्पर क्रिया करते हैं और अजैविक घटकों से प्रभावित नहीं होते हैं
  4. (d) इसमें पौधे, वृक्ष और कीट, मेंढक, पक्षी आदि जैसे जंतु, दोनों जैविक घटक के रूप में होते हैं
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) इसमें रहने वाले जीव एक दूसरे के साथ परस्पर क्रिया करते हैं और अजैविक घटकों से प्रभावित होते हैं

उत्तर: विकल्प 2 — इसमें रहने वाले जीव एक दूसरे के साथ परस्पर क्रिया करते हैं और अजैविक घटकों से प्रभावित होते हैं
पारिस्थितिकी तंत्र जैविक समुदाय और उसके अजैविक परिवेश का एक साथ मिलकर,
एक इकाई के रूप में परस्पर क्रिया करने वाला तंत्र है।
उद्यान में पौधे, कीट, पक्षी और सूक्ष्मजीव हैं जो आपस में और मृदा, जल, प्रकाश व वायु के साथ परस्पर क्रिया करते हैं।
रिवीजन नोट — पारिस्थितिकी तंत्र
• परिभाषा: किसी क्षेत्र के सभी जीव और वे भौतिक कारक (तापमान, वर्षा, पवन, मृदा, खनिज) जिनसे वे परस्पर क्रिया करते हैं।
• जैविक घटक: उत्पादक, उपभोक्ता, अपघटक।
• अजैविक घटक: सूर्य का प्रकाश, तापमान, जल, वायु, मृदा, खनिज।
• प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र: वन, तालाब, झील, घास के मैदान, मरुस्थल।
• कृत्रिम (मानव-निर्मित) पारिस्थितिकी तंत्र: उद्यान, फसल के खेत, एक्वेरियम।
• सूर्य प्रत्येक पारिस्थितिकी तंत्र के लिए ऊर्जा का अंतिम स्रोत है।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• समुदाय बनाम पारिस्थितिकी तंत्र — समुदाय में केवल सजीव जीव होते हैं; पारिस्थितिकी तंत्र में निर्जीव पर्यावरण भी जुड़ता है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: पारिस्थितिकी तंत्र की सर्वोत्तम परिभाषा (जैविक और अजैविक घटकों की परस्पर क्रिया); अजैविक कारक का एक उदाहरण (मृदा); कृत्रिम पारिस्थितिकी तंत्र का एक उदाहरण (फसल का खेत)।
Ecology and Environment · Waste management and biodegradable substances

Q14. गैर-जैवनिम्नीकरणीय अपशिष्ट (non-biodegradable wastes) पर्यावरणीय समस्याएँ क्यों उत्पन्न करते हैं?

  1. (a) वे केवल पौधों के लिए विषाक्त होते हैं।
  2. (b) उन्हें आसानी से पुनर्चक्रित किया जा सकता है।
  3. (c) वे मृदा की उर्वरता बढ़ाते हैं।
  4. (d) वे पर्यावरण में लंबे समय तक बने रहते हैं।
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) वे पर्यावरण में लंबे समय तक बने रहते हैं।

उत्तर: विकल्प 4 — वे पर्यावरण में लंबे समय तक बने रहते हैं।
अपघटक (जीवाणु, कवक) इन पदार्थों को नहीं तोड़ पाते।
ये वर्षों तक बने रहते हैं, इकट्ठा होते जाते हैं और मृदा, जल तथा सजीवों को हानि पहुँचाते हैं।
रिवीजन नोट — गैर-जैवनिम्नीकरणीय अपशिष्ट
• उदाहरण: प्लास्टिक, पॉलिथीन, काँच, धातुएँ (एल्युमिनियम के डिब्बे), DDT, स्टायरोफोम।
• सूक्ष्मजीवों में इन्हें पचाने वाले एंजाइम नहीं होते, इसलिए ये प्रकृति में अक्रिय बने रहते हैं।
• प्लास्टिक नालियाँ अवरुद्ध करता है, पशुओं का दम घोंटता है और मृदा वातन तथा जल रिसाव को घटाता है।
• DDT और पारा जैसे रसायन खाद्य श्रृंखला में बढ़ते जाते हैं — जैव आवर्धन; इनकी मात्रा सर्वोच्च उपभोक्ता (मनुष्य) में सबसे अधिक होती है।
• उपाय: 3R — कम उपयोग (Reduce), पुन: उपयोग (Reuse), पुनर्चक्रण (Recycle); कचरे को गीला (हरा डिब्बा) और सूखा (नीला डिब्बा) में अलग करें।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: गैर-जैवनिम्नीकरणीय अपशिष्ट की मुख्य समस्या (यह इकट्ठा होकर प्रदूषण फैलाता है); प्लास्टिक कप की तुलना में कागज के कप का लाभ (वे जैवनिम्नीकरणीय होते हैं)।
Ecology and Environment · Waste management and biodegradable substances

Q15. राशि अपने किचन गार्डन के लिए खाद बनाना चाहती है। वह रसोई के कचरे का उपयोग करने की योजना बना रही है। उसके काम के लिए कौन-से सामान सबसे उपयुक्त हैं?

  1. (a) फलों के छिलके, बची हुई सब्जियाँ, प्लास्टिक कचरा, थर्मोकोल कप।
  2. (b) फलों के छिलके, बची हुई सब्जियाँ, कागज, पैकिंग शीट।
  3. (c) फलों के छिलके, बची हुई सब्जियाँ, कागज, फटे सूती कपड़े।
  4. (d) फलों के छिलके, बची हुई सब्जियाँ, प्लास्टिक कचरा, पुराना मोबाइल फोन।
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) फलों के छिलके, बची हुई सब्जियाँ, कागज, फटे सूती कपड़े।

उत्तर: विकल्प 3 — फलों के छिलके, बची हुई सब्जियाँ, कागज, फटे सूती कपड़े।
खाद सूक्ष्मजीवों द्वारा कार्बनिक अपशिष्ट के अपघटन से बनती है।
इस समूह की हर वस्तु जैवनिम्नीकरणीय है — पादप पदार्थ या प्राकृतिक रेशा।
रिवीजन नोट — कंपोस्टिंग (खाद बनाना)
• कंपोस्टिंग — जीवाणुओं और कवकों द्वारा रसोई और बगीचे के जैवनिम्नीकरणीय अपशिष्ट को खाद (ह्यूमस) में बदलना।
• उपयुक्त: फल और सब्जियों के छिलके, बचा हुआ भोजन, सूखी पत्तियाँ, कागज, सूती कपड़ा, गोबर।
• अनुपयुक्त: प्लास्टिक, पॉलिथीन, थर्मोकोल, काँच, धातु, ई-कचरा — ये गैर-जैवनिम्नीकरणीय हैं।
• वर्मीकंपोस्टिंग में कंपोस्टिंग को तेज करने के लिए लाल केंचुओं (Eisenia fetida) का उपयोग होता है।
• खाद मृदा की उर्वरता, जलधारण क्षमता और वातन को बढ़ाती है, और लैंडफिल का कचरा घटाती है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: कंपोस्टिंग पर्यावरण के लिए लाभदायक क्यों है (यह कार्बनिक अपशिष्ट को उपयोगी खाद में बदलती है); जैवनिम्नीकरणीय अपशिष्ट का एक उदाहरण (मृत जंतु)।
Ecology and Environment · Pollution - effects on living beings

Q16. मानव-क्रियाओं (human activities) का पर्यावरण पर क्या प्रभाव होता है?

  1. (a) वे अपशिष्ट निपटान में सहायता करते हैं
  2. (b) कोई प्रभाव नहीं होता है
  3. (c) उनका पर्यावरण प्रदूषण में योगदान होता है
  4. (d) केवल सकारात्मक प्रभाव होता है
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) उनका पर्यावरण प्रदूषण में योगदान होता है

उत्तर: विकल्प 3 — उनका पर्यावरण प्रदूषण में योगदान होता है
ईंधन जलाना, उद्योग, वाहन, वनोन्मूलन, प्लास्टिक और रसायनों का उपयोग
वायु, जल और मृदा में प्रदूषक उतनी तेजी से मिलाते हैं जितनी तेजी से प्रकृति उन्हें साफ नहीं कर पाती।
रिवीजन नोट — मानव-क्रियाएँ और पर्यावरण
• वायु प्रदूषण: जीवाश्म ईंधन जलाने से CO_(2), SO_(2), NO_(x) और कणिकीय पदार्थ निकलते हैं;
CO_(2) ग्रीनहाउस प्रभाव को बढ़ाती है।
• जल प्रदूषण: औद्योगिक अपशिष्ट, वाहित मल और उर्वरकों का बहाव; अधिक पोषक तत्वों से सुपोषण (eutrophication) होता है।
• मृदा प्रदूषण: पीड़कनाशी, प्लास्टिक और अजैवनिम्नीकरणीय अपशिष्ट; DDT जैव-आवर्धन दर्शाता है।
• वनोन्मूलन से मृदा अपरदन, बाढ़ और जैव विविधता की हानि होती है।
• रेफ्रिजरेटर और ऐरोसॉल से निकलने वाले CFC ओजोन परत का क्षय करते हैं।
• उपाय: 3R (कम उपयोग, पुनः उपयोग, पुनर्चक्रण — Reduce, Reuse, Recycle), नवीकरणीय ऊर्जा, वनरोपण।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन का मुख्य मानवीय स्रोत (जीवाश्म ईंधनों का जलना); वह क्रिया जो मृदा निर्माण और मृदा अपरदन के संतुलन को बिगाड़ती है (वनोन्मूलन)।
Ecology and Environment · Waste management and biodegradable substances

Q17. मोहन एक कैफ़े में गया और एक सॉफ्ट ड्रिंक का ऑर्डर दिया। वेटर उसका ऑर्डर एक प्लास्टिक के गिलास में प्लास्टिक के स्ट्रॉ के साथ लाया। पर्यावरण हितैषी होने के कारण मोहन संतुष्‍ट नहीं है क्योंकि________।

  1. (a) प्लास्टिक के गिलास और प्लास्टिक के स्ट्रॉ जैवनिम्‍नीकरणीय नहीं होते हैं और मृदा में लंबे समय तक बने रहते हैं
  2. (b) प्लास्टिक के गिलास और प्लास्टिक के स्ट्रॉ कैफ़े के मानक को नहीं बढ़ाते हैं
  3. (c) प्लास्टिक के गिलास और प्लास्टिक के स्ट्रॉ पेय का स्वाद खराब कर देते है
  4. (d) प्लास्टिक के गिलास और प्लास्टिक के स्ट्रॉ उसके पसंदीदा रंग के नहीं थे
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) प्लास्टिक के गिलास और प्लास्टिक के स्ट्रॉ जैवनिम्‍नीकरणीय नहीं होते हैं और मृदा में लंबे समय तक बने रहते हैं

उत्तर: विकल्प 1 — प्लास्टिक के गिलास और प्लास्टिक के स्ट्रॉ जैवनिम्‍नीकरणीय नहीं होते हैं और मृदा में लंबे समय तक बने रहते हैं
प्लास्टिक का अपघटकों (जीवाणु, कवक) द्वारा अपघटन नहीं हो सकता,
इसलिए उपयोग किया गया गिलास और स्ट्रॉ सैकड़ों वर्षों तक मृदा और जल में बने रहते हैं।
ऐसी एकल-उपयोग वस्तुएँ वह प्लास्टिक हैं जिनसे बचना सबसे आसान है।
रिवीजन नोट — अजैवनिम्नीकरणीय अपशिष्ट
• जैवनिम्नीकरणीय: सूक्ष्मजीवों द्वारा अपघटित — कागज, सूती कपड़ा, भोजन का कचरा, पत्तियाँ, मृत जंतु।
• अजैवनिम्नीकरणीय: सूक्ष्मजीवों द्वारा अपघटित नहीं — प्लास्टिक, पॉलीथीन, काँच, ऐलुमिनियम के डिब्बे, DDT।
• प्लास्टिक नालियों को अवरुद्ध करता है, निगलने वाले जंतुओं का दम घोंटता है
और जलाने पर विषैली गैसें (डाइऑक्सिन) छोड़ता है।
• भारत ने 1 जुलाई 2022 से प्लास्टिक स्ट्रॉ सहित चिह्नित एकल-उपयोग प्लास्टिक वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाया।
• पर्यावरण-अनुकूल विकल्प: कागज या बाँस के स्ट्रॉ, काँच, स्टील या कुल्हड़ (मिट्टी के) कप।
• अपशिष्ट प्रबंधन 3R — कम उपयोग, पुनः उपयोग, पुनर्चक्रण (Reduce, Reuse, Recycle) पर आधारित है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: जैवनिम्नीकरणीय अपशिष्ट का उदाहरण (मृत जंतु); अजैवनिम्नीकरणीय अपशिष्ट जलाशयों में क्या करता है (नालियाँ अवरुद्ध करता है और जलीय जीवन को हानि पहुँचाता है)।

Physics (10)

Q18. विद्युत मोटर, विद्युत ऊर्जा को __________ में रूपांतरित करती है।

  1. (a) इलेक्ट्रॉन ऊर्जा
  2. (b) चुंबकीय ऊर्जा
  3. (c) नाभिकीय ऊर्जा
  4. (d) यांत्रिक ऊर्जा
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) यांत्रिक ऊर्जा

उत्तर: विकल्प 4 — यांत्रिक ऊर्जा
चुंबकीय क्षेत्र में रखी धारावाही कुंडली पर बल लगता है और वह घूमती है।
अतः मोटर विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा (घूर्णन) में बदलती है।
रिवीजन नोट — विद्युत मोटर
• सिद्धांत: चुंबकीय क्षेत्र में रखे धारावाही चालक पर बल लगता है।
• बल की दिशा: फ्लेमिंग का वामहस्त नियम (First finger तर्जनी — क्षेत्र, seCond finger मध्यमा — धारा, thuMb अंगूठा — गति)।
• भाग: आर्मेचर कुंडली, स्थायी चुंबक (क्षेत्र चुंबक), विभक्त वलय दिक्परिवर्तक, ब्रुश, धुरी।
• विभक्त वलय हर आधे घूर्णन पर धारा की दिशा उलट देता है, जिससे कुंडली एक ही दिशा में घूमती रहती है।
• व्यावसायिक मोटरों में शक्ति बढ़ाने के लिए विद्युत चुंबक, तार के अनेक फेरे और नर्म लोहे का क्रोड होता है।
• उपयोग: पंखे, मिक्सर, वॉशिंग मशीन, पानी के पंप, विद्युत रेलगाड़ियाँ।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• मोटर बनाम जनित्र — मोटर विद्युत → यांत्रिक ऊर्जा में बदलती है (वामहस्त नियम); जनित्र यांत्रिक → विद्युत ऊर्जा में बदलता है (दक्षिणहस्त नियम)।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: वह युक्ति जो चुंबकीय क्षेत्र में धारावाही चालक पर लगने वाले बल से गति उत्पन्न करती है (विद्युत मोटर)।
Electricity · Ohm's law

Q19. यदि कोई चालक, ओम के नियम का पालन करता है, तो विद्युत-धारा और वोल्टता के बीच का ग्राफ, एक ___________ होगी/होगा।

  1. (a) सरल रेखा (straight line)
  2. (b) दीर्घवृत्त (ellipse)
  3. (c) परवलय (parabola)
  4. (d) अतिपरवलय (hyperbola)
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) सरल रेखा (straight line)

उत्तर: विकल्प 1 — सरल रेखा (straight line)
ओम का नियम: V = I × R; R स्थिर होने पर धारा ∝ वोल्टता,
इसलिए V–I ग्राफ मूल बिंदु से गुजरने वाली सरल रेखा होता है।
रिवीजन नोट — ओम का नियम
• कथन: स्थिर तापमान पर किसी चालक से प्रवाहित धारा उसके सिरों के विभवांतर के अनुक्रमानुपाती होती है।
• V = IR; प्रतिरोध का मात्रक ओम (Ω) = 1 V/A।
• V–I ग्राफ (y-अक्ष पर V) की प्रवणता प्रतिरोध R देती है; अधिक खड़ी रेखा का अर्थ अधिक प्रतिरोध है।
• जो चालक इस नियम का पालन करते हैं वे ओमीय हैं (धातु के तार, नाइक्रोम); डायोड और उच्च तापमान पर फिलामेंट बल्ब अन-ओमीय हैं (वक्र ग्राफ)।
• यह नियम जॉर्ज साइमन ओम (1827) ने दिया।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: स्थिर तापमान पर किसी प्रतिरोधक के लिए ओम के नियम का ग्राफ (मूल बिंदु से गुजरने वाली सरल रेखा); समान वोल्टता पर प्रतिरोध दोगुना करने पर धारा का क्या होता है (आधी हो जाती है)।
Electricity · Heating effect of current and Joule's law

Q20. यदि 15 Ω का एक प्रतिरोधक 12 सेकंड के लिए 2.5 A की धारा वहन करता है, तो उत्पन्न ऊष्मा _____ जूल होगी।

  1. (a) 900
  2. (b) 1125
  3. (c) 1800
  4. (d) 450
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) 1125

उत्तर: विकल्प 2 — 1125
सूत्र — जूल का तापन नियम।
उत्पन्न ऊष्मा = (धारा)² × प्रतिरोध × समय
H = I² × R × t
मान रखें।
I = 2.5 A, R = 15 Ω, t = 12 s
I² = 2.5 × 2.5 = 6.25
H = 6.25 × 15 × 12
H = 6.25 × 180 = 1125 J
उत्तर: 1125 जूल
रिवीजन नोट — विद्युत धारा का तापीय प्रभाव
• जूल का नियम: H = I²Rt — ऊष्मा ∝ धारा का वर्ग, ∝ प्रतिरोध, ∝ समय।
• V = IR का उपयोग करने पर वही ऊष्मा H = VIt = V²t ÷ R होती है।
• धारा को दोगुना करने पर ऊष्मा चार गुनी हो जाती है।
• तापन अवयवों में नाइक्रोम का उपयोग होता है — उच्च प्रतिरोधकता और उच्च गलनांक।
• विद्युत फ्यूज तापीय प्रभाव पर कार्य करता है; इसके तार का गलनांक कम होता है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: धारा दोगुनी करने पर ऊष्मा में परिवर्तन (चार गुना); जूल के तापन नियम का संबंध (H = I²Rt); प्रतिरोधक में उत्पन्न ऊष्मा का SI मात्रक (जूल)।
पहले धारा का वर्ग करें — 2.5 × 15 × 12 = 450 लिखना ही जाल वाला विकल्प है।
Electricity · Resistance, resistivity and their factors

Q21. एक तार का प्रतिरोध R है। यदि इसकी लम्बाई 8 गुनी कर दी जाए तथा इसके अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल को चौथाई (1/4) कर दिया जाए, तो इसका नया प्रतिरोध (R) क्या होगा?

  1. (a) R' = 32 R
  2. (b) R' = 8 R
  3. (c) R' = 2 R
  4. (d) R' = 16 R
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) R' = 32 R

उत्तर: विकल्प 1 — R' = 32 R
सूत्र — तार का प्रतिरोध।
प्रतिरोध = प्रतिरोधकता × लंबाई ÷ क्षेत्रफल
R = ρ × L ÷ A
प्रतिरोधकता ρ केवल पदार्थ पर निर्भर करती है, इसलिए वह नहीं बदलती।
परिवर्तन लागू करें।
नई लंबाई = 8L
नया क्षेत्रफल = A ÷ 4
R' = ρ × 8L ÷ (A ÷ 4)
R' = ρ × 8L × 4 ÷ A
R' = 32 × (ρL ÷ A) = 32R
उत्तर: R' = 32R
रिवीजन नोट — प्रतिरोध किन कारकों पर निर्भर करता है
• R, लंबाई के अनुक्रमानुपाती और अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
• प्रतिरोधकता (ρ) पदार्थ का गुण है; SI मात्रक ओम मीटर (Ω m)।
• प्रतिरोधकता ताप के साथ बदलती है, तार की लंबाई या मोटाई से नहीं।
• जिस तार को n गुनी लंबाई तक खींचा जाए (आयतन स्थिर), उसका प्रतिरोध n²R होता है — उसका क्षेत्रफल A ÷ n रह जाता है।
• धातुएँ और मिश्रधातुएँ: नाइक्रोम की प्रतिरोधकता ताँबे से बहुत अधिक होती है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: 4 Ω के तार को दोगुनी लंबाई तक खींचने पर नया प्रतिरोध (16 Ω); लंबाई दोगुनी करने का प्रतिरोध पर प्रभाव (खींचने पर चार गुना हो जाता है)।
क्षेत्रफल हर में है — उसे 4 से भाग देने पर R, 4 से गुणा हो जाता है, अतः 8 × 4 = 32, न कि 8 ÷ 4 = 2।
Electricity · Ohm's law

Q22. विद्युत परिपथ में, किसी दिए गए धातु के तार के सिरों पर विभवांतर, V, उसमें प्रवाहित धारा के अनुक्रमानुपाती होता है, बशर्ते उसका तापमान समान रहे। इसे ____________ कहते हैं।

  1. (a) न्यूटन का नियम
  2. (b) ओम का नियम
  3. (c) एम्पीयर का नियम
  4. (d) प्रतिरोध नियम
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) ओम का नियम

उत्तर: विकल्प 2 — ओम का नियम
ओम का नियम: नियत ताप पर V ∝ I, अतः V = IR, जहाँ R तार का प्रतिरोध है।
रिवीजन नोट — ओम का नियम
• जॉर्ज साइमन ओम (जर्मन भौतिक विज्ञानी) ने 1827 में दिया।
• V = IR; R = V/I; प्रतिरोध का SI मात्रक = ओम (Ω) = 1 V/A।
• ओमीय चालक का V–I ग्राफ मूल बिंदु से गुजरने वाली सीधी रेखा होता है; इसकी प्रवणता से R मिलता है।
• यह नियम तभी लागू होता है जब ताप और अन्य भौतिक परिस्थितियाँ समान रहें।
• प्रतिरोध लंबाई (R ∝ l), अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल (R ∝ 1/A), पदार्थ (प्रतिरोधकता ρ) और ताप पर निर्भर करता है: R = ρl/A।
• अन-ओमीय युक्तियाँ (डायोड, उच्च ताप पर फिलामेंट लैंप) सीधी V–I रेखा नहीं देतीं।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• ओम का नियम बनाम एम्पीयर का नियम — ओम का नियम परिपथ में V, I और R को जोड़ता है; एम्पीयर का नियम किसी बंद लूप के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र को उससे होकर प्रवाहित धारा से संबंधित करता है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: नियत वोल्टता पर प्रतिरोध दोगुना करने पर धारा का क्या होता है (आधी हो जाती है); वोल्ट प्रति एम्पीयर में मापी जाने वाली राशि (प्रतिरोध, ओम में)।
Magnetism and Magnetic Effects of Current · Magnetic field due to current (Oersted, right-hand thumb rule)

Q23. कागज के तल में एक ऐसे चालक पर विचार कीजिए जिसमें धारा, नीचे से ऊपर की ओर प्रवाहित हो रही है। चालक के बाईं ओर चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा क्या होगी?

  1. (a) धारा की दिशा के विपरीत
  2. (b) कागज के तल पर अभिलंबवत अंदर की ओर।
  3. (c) धारा की दिशा में
  4. (d) कागज के तल पर अभिलंबवत बाहर की ओर।
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) कागज के तल पर अभिलंबवत बाहर की ओर।

उत्तर: विकल्प 4 — कागज के तल पर अभिलंबवत बाहर की ओर।
दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम: तार को इस प्रकार पकड़ें कि अंगूठा धारा की दिशा (ऊपर की ओर) में हो; मुड़ी हुई उँगलियाँ क्षेत्र की दिशा बताती हैं।
तार के बाईं ओर उँगलियाँ कागज से बाहर आती हैं और दाईं ओर कागज के अंदर जाती हैं।
रिवीजन नोट — सीधे धारावाही चालक का चुंबकीय क्षेत्र
• हैंस क्रिश्चियन ओर्स्टेड (1820) ने खोजा — धारा दिक्सूचक सुई को विक्षेपित करती है।
• क्षेत्र रेखाएँ तार पर केंद्रित संकेंद्री वृत्त होती हैं, जो तार के लंबवत तल में होती हैं।
• दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम को मैक्सवेल का कॉर्कस्क्रू नियम भी कहते हैं।
• क्षेत्र की तीव्रता ∝ धारा I और तार से ∝ 1/दूरी।
• धारा की दिशा उलटने पर क्षेत्र रेखाओं की दिशा उलट जाती है।
• संकेत: ⊙ (बिंदु) = कागज से बाहर; ⊗ (क्रॉस) = कागज के अंदर।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम बनाम फ्लेमिंग के नियम — अंगुष्ठ नियम धारा के चारों ओर का क्षेत्र बताता है; फ्लेमिंग का वामहस्त नियम चालक पर बल बताता है; फ्लेमिंग का दक्षिण-हस्त नियम प्रेरित धारा बताता है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम का दूसरा नाम (मैक्सवेल का कॉर्कस्क्रू नियम); सीधे चालक में धारा उलटने का प्रभाव (क्षेत्र की दिशा उलट जाती है)।
Magnetism and Magnetic Effects of Current · Electric generator and Fleming's right-hand rule

Q24. फ्लेमिंग के दाएं हाथ के नियम का उपयोग ___________ ज्ञात करने के लिए किया जाता है।

  1. (a) धारावाही चालक की गति की दिशा
  2. (b) धारावाही चालक में धारा की दिशा
  3. (c) धारावाही चालक से संबद्ध चुंबकीय क्षेत्र की दिशा
  4. (d) गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र की दिशा
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) धारावाही चालक में धारा की दिशा

उत्तर: विकल्प 2 — धारावाही चालक में धारा की दिशा
फ्लेमिंग का दक्षिण-हस्त नियम बताता है कि जब कोई चालक चुंबकीय क्षेत्र में गति करता है, तो प्रेरित धारा की दिशा क्या होगी।
यह जनित्र का नियम है।
रिवीजन नोट — फ्लेमिंग के नियम
• अंगूठे, तर्जनी और मध्यमा को परस्पर लंबवत फैलाएँ।
• दायाँ हाथ: अंगूठा = चालक की गति, तर्जनी = चुंबकीय क्षेत्र, मध्यमा = प्रेरित धारा।
• बायाँ हाथ: तर्जनी = क्षेत्र, मध्यमा = धारा, अंगूठा = चालक पर बल / गति।
• दक्षिण-हस्त नियम → विद्युत जनित्र (यांत्रिक → विद्युत ऊर्जा)।
• वामहस्त नियम → विद्युत मोटर (विद्युत → यांत्रिक ऊर्जा)।
• प्रेरित धारा विद्युत चुंबकीय प्रेरण से उत्पन्न होती है, जिसकी खोज माइकल फैराडे ने (1831) की।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• दक्षिण-हस्त नियम बनाम वामहस्त नियम — दक्षिण-हस्त नियम धारा बताता है (जनित्र); वामहस्त नियम बल / गति बताता है (मोटर)।
• फ्लेमिंग का दक्षिण-हस्त नियम बनाम दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम — अंगुष्ठ नियम धारा के चारों ओर का चुंबकीय क्षेत्र बताता है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: जनित्र की कुंडली को दोगुनी चाल से घुमाने का प्रभाव (प्रेरित विभवांतर दोगुना हो जाता है); पूर्व दिशा वाले क्षेत्र में उत्तर की ओर गतिमान छड़ में प्रेरित धारा (ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर)।
Electricity · Numericals on electricity

Q25. एक चालक में 0.8 Ω के प्रतिरोध के साथ 150 mA धारा प्रवाहित हो रही है। चालक के सिरों पर विभवान्तर ज्ञात कीजिए।

  1. (a) 5.3 V
  2. (b) 120 V
  3. (c) 18.75 V
  4. (d) 0.12 V
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) 0.12 V

उत्तर: विकल्प 4 — 0.12 V
सूत्र — ओम का नियम।
विभवांतर = धारा × प्रतिरोध
V = I × R
धारा को ऐम्पियर में बदलें।
1 A = 1000 mA
I = 150 mA = 150 ÷ 1000 = 0.15 A
मान रखें।
R = 0.8 Ω
V = 0.15 × 0.8 = 0.12 V
उत्तर: 0.12 V
रिवीजन नोट — ओम का नियम
• स्थिर ताप पर V ∝ I, अतः V = IR;
V–I ग्राफ मूल बिंदु से गुजरने वाली सरल रेखा होता है।
• मात्रक: V का वोल्ट, I का ऐम्पियर, R का ओम (Ω); 1 Ω = 1 V/A।
• 1 mA = 10⁻³ A; 1 kΩ = 1000 Ω।
• पुनर्व्यवस्थित रूप: I = V/R और R = V/I।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: 12 V की बैटरी को 6 Ω के प्रतिरोधक से जोड़ने पर धारा (2 A); वह राशि जिसका मात्रक वोल्ट प्रति ऐम्पियर है (ओम)।
सावधान: 0.15 A के स्थान पर 150 लेने से 120 V आता है — हमेशा पहले mA को A में बदलें।
Electricity · Resistance, resistivity and their factors

Q26. यदि किसी तार का क्षेत्रफल बदले बिना उसे खींचकर उसकी लंबाई चार गुनी कर दी जाए, तो उसकी प्रतिरोधकता पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

  1. (a) यह चार गुनी हो जाती है।
  2. (b) यह समान बनी रहती है।
  3. (c) यह दोगुनी हो जाती है।
  4. (d) यह आधी हो जाती है।
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) यह समान बनी रहती है।

उत्तर: विकल्प 2 — यह समान बनी रहती है।
प्रतिरोधकता (ρ) पदार्थ (और उसके ताप) का गुण है, तार की आकृति का नहीं।
तार को खींचने से प्रतिरोध बदलता है, प्रतिरोधकता कभी नहीं।
रिवीजन नोट — प्रतिरोध और प्रतिरोधकता
• R = ρL/A — प्रतिरोध लंबाई के अनुक्रमानुपाती और अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
• प्रतिरोधकता केवल पदार्थ की प्रकृति और ताप पर निर्भर करती है; SI मात्रक ओम मीटर (Ω m)।
• लंबाई n गुना खींचे गए तार (आयतन स्थिर) का प्रतिरोध n² गुना हो जाता है — दोगुना करने पर 4R।
• धातुओं की प्रतिरोधकता कम होती है (10⁻⁸ Ω m); नाइक्रोम जैसी मिश्रधातुओं की प्रतिरोधकता अधिक होती है
और वे हीटर में प्रयुक्त होती हैं।
• चाँदी सबसे अच्छा चालक है; संचरण तारों के लिए ताँबा और ऐलुमिनियम प्रयुक्त होते हैं।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• प्रतिरोध बनाम प्रतिरोधकता — प्रतिरोध लंबाई, क्षेत्रफल और पदार्थ से बदलता है;
प्रतिरोधकता केवल पदार्थ और ताप से बदलती है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: 4 Ω के तार को खींचकर दोगुनी लंबाई करने पर नया प्रतिरोध (16 Ω); हीटर में नाइक्रोम क्यों प्रयुक्त होता है (उच्च प्रतिरोधकता और उच्च गलनांक)।
Magnetism and Magnetic Effects of Current · Magnetic field and field lines

Q27. एक छड़ चुंबक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र रेखाएं क्या दर्शाती हैं?

  1. (a) गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र
  2. (b) चुंबक के चारों ओर वायु का प्रवाह
  3. (c) चुंबक के चारों ओर इलेक्ट्रॉनों की गति
  4. (d) चुंबकीय क्षेत्र की दिशा और सामर्थ्‍य
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) चुंबकीय क्षेत्र की दिशा और सामर्थ्‍य

उत्तर: विकल्प 4 — चुंबकीय क्षेत्र की दिशा और सामर्थ्‍य
किसी बिंदु पर क्षेत्र रेखा की स्पर्शरेखा वहाँ क्षेत्र की दिशा बताती है,
और रेखाओं की निकटता उसकी सामर्थ्य दर्शाती है।
रिवीजन नोट — चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ
• चुंबक के बाहर ये उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव की ओर और अंदर दक्षिण से उत्तर की ओर चलती हैं — अतः ये बंद वक्र हैं।
• ध्रुवों के पास रेखाएँ सघन होती हैं, जहाँ क्षेत्र सबसे प्रबल होता है।
• दो क्षेत्र रेखाएँ कभी एक-दूसरे को नहीं काटतीं — प्रतिच्छेद बिंदु पर कंपास एक साथ दो दिशाएँ दिखाती।
• किसी बिंदु पर क्षेत्र की दिशा वह है जिधर कंपास का उत्तरी ध्रुव संकेत करता है।
• क्षेत्र रेखाएँ लौह-चूर्ण या कंपास सुई से खींची जाती हैं; चुंबकीय क्षेत्र का SI मात्रक: टेस्ला (T)।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: पास-पास स्थित क्षेत्र रेखाएँ क्या दर्शाती हैं (प्रबल चुंबकीय क्षेत्र); धारावाही परिनालिका की क्षेत्र रेखाओं का पैटर्न (अंदर समांतर सरल रेखाएँ, बाहर छड़ चुंबक जैसा)।

Geography (2)

India - Location, Physiography and Neighbours · Himalayas - ranges and peaks

Q28. निम्नलिखित में से किस राज्य को 'मोलासिस बेसिन' ('Molassis basin') के रूप में भी जाना जाता है, जो नरम असंगठित निक्षेपों से बना है?

  1. (a) मिज़ोरम
  2. (b) मेघालय
  3. (c) त्रिपुरा
  4. (d) असम
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) मिज़ोरम

उत्तर: विकल्प 1 — मिज़ोरम
NCERT मिज़ोरम को 'मोलासिस बेसिन' बताती है, जो नरम, असंगठित निक्षेपों से बना है।
यह पूर्वांचल में स्थित है, जो हिमालय तंत्र की पूर्वी पहाड़ियाँ हैं।
रिवीजन नोट — पूर्वी पहाड़ियाँ (पूर्वांचल)
• दिहांग गॉर्ज के बाद हिमालय दक्षिण की ओर मुड़कर भारत की पूर्वी सीमा के साथ पूर्वांचल के रूप में फैला है।
• इसकी पहाड़ियाँ: पटकाई बुम (अरुणाचल–म्यांमार सीमा), नागा पहाड़ियाँ, मणिपुर पहाड़ियाँ, मिज़ो (लुशाई) पहाड़ियाँ।
• ये मुख्यतः बलुआ पत्थर (अवसादी शैल) से बनी हैं और घने वनों से ढकी हैं।
• बराक मणिपुर और मिज़ोरम क्षेत्र की मुख्य नदी है।
• तैरते फुमदी वाली मणिपुर की लोकटक झील इस क्षेत्र के मध्य में स्थित है।
• मोलासे (Molasse) = उठते पर्वतों से झड़े नरम अवसाद, जो उनके सामने के बेसिन में जमा होते हैं।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• मिज़ो पहाड़ियाँ बनाम मेघालय (गारो–खासी–जयंतिया) पहाड़ियाँ — मिज़ो पहाड़ियाँ हिमालय के पूर्वांचल का भाग हैं; मेघालय की पहाड़ियाँ प्रायद्वीपीय पठार का भाग हैं।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: हिमालय की सबसे पूर्वी श्रेणी (पूर्वांचल); वे पहाड़ियाँ जो पूर्वी हिमालयी विस्तार का भाग नहीं हैं (खासी पहाड़ियाँ)।
India - Minerals, Energy and Industries · Textile and other industries

Q29. कपड़ा मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट 2019-20 के अनुसार, भारत का कपड़ा उद्योग मूल्य के संदर्भ में उद्योग उत्पादन में कितने प्रतिशत का योगदान देता है?

  1. (a) 6%
  2. (b) 18%
  3. (c) 7%
  4. (d) 15%
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) 7%

उत्तर: विकल्प 3 — 7%
कपड़ा मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट 2019-20 के अनुसार वस्त्र और परिधान उद्योग का हिस्सा
मूल्य के संदर्भ में उद्योग उत्पादन का 7% है।
रिवीजन नोट — भारत का कपड़ा उद्योग
• रिपोर्ट के आँकड़े: GDP का लगभग 2%, उद्योग उत्पादन का 7%, निर्यात आय का लगभग 12%।
• कृषि के बाद सबसे बड़े रोजगार प्रदाताओं में से एक — प्रत्यक्ष रूप से 4.5 करोड़ से अधिक श्रमिक।
• भारत कपास और जूट के सबसे बड़े उत्पादकों में है और रेशम का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है।
• यह उद्योग संपूर्ण मूल्य शृंखला में आत्मनिर्भर है — कच्चे रेशे से तैयार परिधान तक।
• पहली आधुनिक सूती मिल मुंबई (1854) में स्थापित हुई; अहमदाबाद को "भारत का मैनचेस्टर" कहा जाता है।
• प्रमुख योजनाएँ: पीएम मित्र पार्क (PM MITRA), वस्त्रों के लिए PLI, समर्थ (SAMARTH) (कौशल विकास)।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: भारत के कपड़ा उद्योग की एक अनूठी विशेषता (संपूर्ण मूल्य शृंखला में आत्मनिर्भर); कृषि-आधारित उद्योगों का एक युग्म (सूती वस्त्र और चीनी)।

Current Affairs (5)

Science, Technology and Space - Current · Space missions - current

Q30. जापान के JAXA के सहयोग से चंद्र ध्रुवीय अन्वेषण मिशन (Lunar Polar Exploration Mission) का नाम क्या है जिसे अक्टूबर 2024 में भारत के राष्ट्रीय अंतरिक्ष आयोग द्वारा अनुमोदित किया गया था?

  1. (a) मूनेट (Moonet)
  2. (b) मोपेक्स (Mopex)
  3. (c) लुपेक्स (Lupex)
  4. (d) स्पेसएक्स (SpaceX)
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) लुपेक्स (Lupex)

उत्तर: विकल्प 3 — लुपेक्स (Lupex)
लुपेक्स (LUPEX — चंद्र ध्रुवीय अन्वेषण मिशन) इसरो (ISRO) और जापान की JAXA का संयुक्त मिशन है,
जो चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र का अन्वेषण करेगा।
रिवीजन नोट — लुपेक्स मिशन
• मुख्य उद्देश्य: चंद्र ध्रुवीय क्षेत्र में जल (बर्फ) की मात्रा और गुणवत्ता का अध्ययन।
• JAXA प्रक्षेपण यान (H3) और रोवर बनाएगा; इसरो लैंडर बनाएगा।
• यह चंद्र दक्षिणी ध्रुव के स्थायी रूप से छायांकित क्षेत्रों के पास उतरेगा।
• JAXA = जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी; इसरो का मुख्यालय बेंगलुरु में है।
• भारत के पूर्व चंद्र मिशन: चंद्रयान-1 (2008), चंद्रयान-2 (2019), चंद्रयान-3 (23 अगस्त 2023 को उतरा) — दक्षिणी ध्रुव के पास।
• 2026 की स्थिति: लुपेक्स को चंद्रयान-5 के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है, जो जापान के H3 रॉकेट से प्रक्षेपित होगा।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: चंद्रयान-5 का प्रक्षेपण यान (H3-24L); लुपेक्स का प्राथमिक उद्देश्य (चंद्रमा पर जल का अध्ययन)।
Defence and Security - Current · Defence acquisitions and indigenous systems

Q31. मई 2024 में, भारतीय वायु सेना ने __________ में अपने आरोग्य मैत्री आपदा प्रबंधन क्यूब (Arogya Maitri Disaster Management Cube) का सफलतापूर्वक परीक्षण किया।

  1. (a) आगरा
  2. (b) पोखरण
  3. (c) भुज
  4. (d) मैसूर
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) आगरा

उत्तर: विकल्प 1 — आगरा
मई 2024 में भारतीय वायु सेना ने आरोग्य मैत्री हेल्थ क्यूब को C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान से आगरा के ड्रॉप ज़ोन में पैरा-ड्रॉप किया और सफलतापूर्वक तैनात किया।
रिवीजन नोट — आरोग्य मैत्री हेल्थ क्यूब (BHISHM)
• प्रोजेक्ट BHISHM का भाग — Bharat Health Initiative for Sahyog, Hita and Maitri।
• विश्व का पहला पोर्टेबल आपदा अस्पताल, जो घनाकार मॉड्यूल में बना है और विमान से गिराया जा सकता है।
• एक सेट से लगभग 200 घायलों का उपचार हो सकता है; इसमें दवाइयाँ, सर्जिकल किट, भोजन, बिजली और एक चलता-फिरता ऑपरेशन थिएटर होता है।
• क्यूब RFID-टैग वाले होते हैं और त्वरित सूची-प्रबंधन के लिए टैबलेट ऐप से संचालित होते हैं।
• आपदा के समय विकासशील देशों को चिकित्सा सहायता देने के लिए भारत द्वारा घोषित आरोग्य मैत्री पहल के अंतर्गत विकसित।
आगरा में भारतीय वायु सेना का पैराट्रूपर्स प्रशिक्षण विद्यालय और उसका ड्रॉप ज़ोन है — भारत के अधिकांश एयर-ड्रॉप परीक्षण वहीं होते हैं।
State News · State elections and results

Q32. 2024 में हुए जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में, भारतीय जनता पार्टी ने कितनी सीटें जीतीं?

  1. (a) 29
  2. (b) 49
  3. (c) 19
  4. (d) 39
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) 29

उत्तर: विकल्प 1 — 29
2024 के जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव (90 सीटें) में भाजपा ने 29 सीटें जीतीं, सभी जम्मू क्षेत्र से, और वह दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी।
रिवीजन नोट — जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव 2024
• अनुच्छेद 370 के निरसन (अगस्त 2019) के बाद जम्मू-कश्मीर में पहला विधानसभा चुनाव, और केंद्रशासित प्रदेश के रूप में पहला।
• तीन चरणों में हुआ — 18 सितंबर, 25 सितंबर और 1 अक्टूबर 2024; परिणाम 8 अक्टूबर 2024 को।
• दलीय स्थिति: JKNC 42, भाजपा 29, कांग्रेस 6, PDP 3, कुल 90 निर्वाचित सीटों में से।
• उमर अब्दुल्ला (JKNC) गांदरबल से जीतकर मुख्यमंत्री बने; सुरिंदर कुमार चौधरी उपमुख्यमंत्री बने।
• उपराज्यपाल 90 निर्वाचित सीटों के अतिरिक्त 5 सदस्यों को मनोनीत कर सकते हैं।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: 2024 के चुनाव के बाद उपमुख्यमंत्री (सुरिंदर कुमार चौधरी, JKNC); मुख्यमंत्री का निर्वाचन क्षेत्र (गांदरबल)।
42 नेशनल कॉन्फ्रेंस का आँकड़ा है — विजेता दल की सीटों को भाजपा की सीटों से न मिलाएँ।
International Affairs and Summits · Summits and conferences

Q33. 2024 में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की 23वीं बैठक का आयोजन स्थल कहाँ था?

  1. (a) नई दिल्ली, भारत
  2. (b) शंघाई, चीन
  3. (c) ढाका, बांग्लादेश
  4. (d) इस्लामाबाद, पाकिस्तान
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) इस्लामाबाद, पाकिस्तान

उत्तर: विकल्प 4 — इस्लामाबाद, पाकिस्तान
SCO शासनाध्यक्ष परिषद की 23वीं बैठक की मेज़बानी पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में 15–16 अक्टूबर 2024 को की; भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने किया।
रिवीजन नोट — शंघाई सहयोग संगठन (SCO)
• स्थापना 15 जून 2001 को शंघाई में; शंघाई फाइव (1996) से विकसित।
• संस्थापक सदस्य: चीन, रूस, कज़ाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज़्बेकिस्तान।
• भारत और पाकिस्तान 2017 में पूर्ण सदस्य बने (अस्ताना शिखर सम्मेलन); ईरान 2023 में; बेलारूस 2024 में — 10 सदस्य।
• सचिवालय: बीजिंग; क्षेत्रीय आतंकवाद-रोधी संरचना (RATS): ताशकंद।
• आधिकारिक भाषाएँ: रूसी और चीनी।
• राष्ट्राध्यक्ष परिषद (शिखर सम्मेलन) सर्वोच्च निकाय है — 2024 का शिखर सम्मेलन अस्ताना, कज़ाखस्तान (जुलाई 2024) में हुआ; भारत ने 2023 में SCO की अध्यक्षता की (वर्चुअल शिखर सम्मेलन, नई दिल्ली)।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• राष्ट्राध्यक्ष बनाम शासनाध्यक्ष बैठक — 2024 में शिखर सम्मेलन (राष्ट्राध्यक्ष) अस्ताना में हुआ; 2024 में शासनाध्यक्षों (प्रधानमंत्रियों) की बैठक इस्लामाबाद में हुई।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: भारत SCO का पूर्ण सदस्य किस वर्ष बना (2017); SCO की स्थापना किस शहर में हुई (शंघाई); SCO की एक आधिकारिक भाषा (चीनी)।
जयशंकर की यात्रा लगभग एक दशक में किसी भारतीय विदेश मंत्री की पहली पाकिस्तान यात्रा थी — इसी कारण आयोजन स्थल समाचारों में रहा।
Sports - Current · Cricket - current

Q34. निम्नलिखित में से किस टीम ने इंडियन प्रीमियर लीग का 17वां संस्करण जीता?

  1. (a) दिल्ली कैपिटल्स
  2. (b) मुंबई इंडियंस
  3. (c) चेन्नई सुपरकिंग्स
  4. (d) कोलकाता नाइट राइडर्स
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) कोलकाता नाइट राइडर्स

उत्तर: विकल्प 4 — कोलकाता नाइट राइडर्स
कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने IPL 2024, यानी 17वाँ संस्करण, जीता;
फाइनल में उसने सनराइजर्स हैदराबाद को 8 विकेट से हराया।
रिवीजन नोट — इंडियन प्रीमियर लीग
• IPL 2024 फाइनल: 26 मई 2024, एम. ए. चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक), चेन्नई।
• KKR के कप्तान: श्रेयस अय्यर; यह KKR का तीसरा खिताब था (2012, 2014, 2024)।
• फाइनल के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी: मिचेल स्टार्क; टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी: सुनील नरेन।
• ऑरेंज कैप 2024: विराट कोहली; पर्पल कैप 2024: हर्षल पटेल।
• पहला सीज़न: 2008, विजेता राजस्थान रॉयल्स; आयोजक BCCI।
• सर्वाधिक खिताब: मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स — 5-5 खिताब।
• 18वाँ संस्करण (2025) रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने जीता — उसका पहला खिताब।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: पहले IPL सीज़न का वर्ष (2008, विजेता राजस्थान रॉयल्स)।

Ancient History (1)

Ancient Art, Culture and Science · Stupas and chaityas

Q35. बौद्ध वास्तुकला में ‘विहार (viharas)’ का प्राथमिक कार्य क्या था?

  1. (a) सार्वजनिक सभा आयोजन स्‍थल
  2. (b) अवशेषों को रखना
  3. (c) बौद्ध भिक्षुओं के लिए आवासीय स्थान
  4. (d) ध्यान कक्ष के रूप में
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) बौद्ध भिक्षुओं के लिए आवासीय स्थान

उत्तर: विकल्प 3 — बौद्ध भिक्षुओं के लिए आवासीय स्थान
विहार एक बौद्ध मठ है — वह स्थान जहाँ भिक्षु (भिक्खु) रहते थे, विशेषकर वर्षा ऋतु में।
रिवीजन नोट — बौद्ध वास्तुकला
• स्तूप — बुद्ध या किसी भिक्षु के अवशेषों पर बना ठोस गुंबद (जैसे साँची, भरहुत, अमरावती)।
• चैत्य — प्रार्थना / सभा कक्ष, प्रायः अर्धवृत्ताकार सिरे वाला, जिसके अंत में छोटा स्तूप होता है (जैसे कार्ले, भाजा)।
• विहार — भिक्षुओं का निवास: केंद्रीय आँगन के चारों ओर कोठरियाँ।
• शैलकृत चैत्य और विहार: अजंता, एलोरा, कार्ले, भाजा, नासिक।
• बड़े विहार विश्वविद्यालय बन गए: नालंदा (संस्थापक कुमारगुप्त प्रथम) और विक्रमशिला (संस्थापक धर्मपाल)।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• स्तूप बनाम चैत्य बनाम विहार — अवशेष, प्रार्थना कक्ष, निवास स्थान।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: चैत्यों का मुख्य कार्य (सभा कक्ष); शैलकृत चैत्यों और विहारों के लिए प्रसिद्ध स्थल (अजंता); फतेहपुर सीकरी के पंच महल की योजना (बौद्ध विहार)।

Polity (3)

Judiciary · High Courts

Q36. निम्नलिखित में से कौन-सा संविधान संशोधन, संसद को दो या दो से अधिक राज्यों के लिए एक साझा उच्च न्यायालय स्थापित करने का अधिकार देता है?

  1. (a) 9^(वाँ) संविधान संशोधन अधिनियम
  2. (b) 7^(वाँ) संविधान संशोधन अधिनियम
  3. (c) 6^(वाँ) संविधान संशोधन अधिनियम
  4. (d) 8^(वाँ) संविधान संशोधन अधिनियम
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) 7^(वाँ) संविधान संशोधन अधिनियम

उत्तर: विकल्प 2 — 7^(वाँ) संविधान संशोधन अधिनियम
7वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1956 ने अनुच्छेद 231 के अंतर्गत संसद को दो या अधिक राज्यों के लिए साझा उच्च न्यायालय (और एक केंद्रशासित प्रदेश सहित) स्थापित करने का अधिकार दिया।
रिवीजन नोट — उच्च न्यायालय और 7वाँ संशोधन
• अनुच्छेद 214: प्रत्येक राज्य के लिए एक उच्च न्यायालय होगा।
• अनुच्छेद 231: संसद विधि द्वारा दो या अधिक राज्यों के लिए साझा उच्च न्यायालय स्थापित कर सकती है — जैसे गुवाहाटी उच्च न्यायालय (असम, नागालैंड, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश), पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय (चंडीगढ़ सहित)।
• 7वें संशोधन (1956) ने राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 को लागू किया — इसने भाग A, B, C, D वर्गीकरण समाप्त किया और 14 राज्य तथा 6 केंद्रशासित प्रदेश बनाए।
• इसी संशोधन ने संसद को किसी उच्च न्यायालय का क्षेत्राधिकार केंद्रशासित प्रदेश तक बढ़ाने की अनुमति दी (अनुच्छेद 230)।
• भारत में 25 उच्च न्यायालय हैं; सबसे पुराना कलकत्ता उच्च न्यायालय (1862) है।
• उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं (अनुच्छेद 217) और वे 62 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होते हैं।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: दो या अधिक राज्यों के लिए साझा उच्च न्यायालय (अनुच्छेद 231); प्रत्येक राज्य के लिए एक उच्च न्यायालय (अनुच्छेद 214); कई राज्यों का साझा उच्च न्यायालय (गुवाहाटी)।
7वाँ संशोधन "राज्य पुनर्गठन" वाला संशोधन है — नए मानचित्र के साथ ही साझा उच्च न्यायालय आए।
Special Provisions, Official Language and Miscellaneous Provisions · Official language (Part XVII) and Eighth Schedule languages

Q37. निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद, भाषाई अल्पसंख्यकों के लिए विशेष अधिकारी के पद से संबंधित है?

  1. (a) 350-A
  2. (b) 350-B
  3. (c) 351-B
  4. (d) 351-A
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) 350-B

उत्तर: विकल्प 2 — 350-B
अनुच्छेद 350B भाषाई अल्पसंख्यकों के लिए विशेष अधिकारी का प्रावधान करता है, जिसकी नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं और जो भाषाई अल्पसंख्यकों को दिए गए रक्षोपायों की जाँच करता है।
रिवीजन नोट — राजभाषा संबंधी प्रावधान (भाग XVII)
• भाग XVII में राजभाषा पर अनुच्छेद 343–351 हैं।
• अनुच्छेद 343: संघ की राजभाषा देवनागरी लिपि में हिंदी होगी।
• अनुच्छेद 350A: प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षा की सुविधाएँ।
• अनुच्छेद 350B: भाषाई अल्पसंख्यकों के लिए विशेष अधिकारी; वह राष्ट्रपति को प्रतिवेदन देता है, जिन्हें संसद के समक्ष रखा जाता है। 350A और 350B दोनों 7वें संशोधन, 1956 द्वारा जोड़े गए।
• अनुच्छेद 351: हिंदी भाषा के विकास के लिए निदेश।
• विशेष अधिकारी को भाषाई अल्पसंख्यक आयुक्त भी कहते हैं; यह कार्यालय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• 350A बनाम 350B — 350A मातृभाषा में शिक्षा के बारे में है; 350B भाषाई अल्पसंख्यकों के विशेष अधिकारी के बारे में है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: भाषाई अल्पसंख्यकों के लिए विशेष अधिकारी से संबंधित अनुच्छेद (अनुच्छेद 350-B); अनुच्छेद 350B के अंतर्गत प्रावधानित अधिकारी (भाषाई अल्पसंख्यकों के लिए विशेष अधिकारी)।
A से Alphabet (मातृभाषा में अक्षर-ज्ञान), B से Babu (अधिकारी) — 350A और 350B।
Judiciary · Landmark judgments

Q38. सर्वोच्च न्यायालय ने निम्नलिखित में से किस मामले में उल्लेख किया कि प्राथमिक शिक्षा का मौलिक अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत जीवन का अधिकार है?

  1. (a) पी. सांबमूर्ति बनाम भारत संघ (P Sambamurthy vs Union of India)
  2. (b) श्रेया सिंघल बनाम भारत संघ (Shreya Singhal vs Union of India)
  3. (c) नवतेज सिंह जौहर बनाम भारत संघ (Navtej Singh Johar vs Union of India)
  4. (d) उन्नीकृष्णन बनाम आंध्र प्रदेश राज्य (Unni Krishnan vs State of Andhra Pradesh)
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) उन्नीकृष्णन बनाम आंध्र प्रदेश राज्य (Unni Krishnan vs State of Andhra Pradesh)

उत्तर: विकल्प 4 — उन्नीकृष्णन बनाम आंध्र प्रदेश राज्य (Unni Krishnan vs State of Andhra Pradesh)
उन्नीकृष्णन, जे.पी. बनाम आंध्र प्रदेश राज्य (1993) में सर्वोच्च न्यायालय ने निर्णय दिया कि
14 वर्ष तक की आयु तक शिक्षा का अधिकार अनुच्छेद 21 के अंतर्गत जीवन के अधिकार से प्राप्त होता है।
रिवीजन नोट — संविधान में शिक्षा का अधिकार
• मोहिनी जैन बनाम कर्नाटक राज्य (1992) ने पहली बार शिक्षा को अनुच्छेद 21 से जोड़ा।
• उन्नीकृष्णन (1993) ने इसे सीमित किया: 14 वर्ष तक के बच्चों के लिए निःशुल्क शिक्षा मौलिक अधिकार है।
• 86वें संशोधन अधिनियम, 2002 ने अनुच्छेद 21A जोड़ा (6–14 वर्ष के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा)।
• इसी संशोधन ने अनुच्छेद 45 (DPSP: 6 वर्ष तक प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख) बदला
और अनुच्छेद 51A(k) (माता-पिता का मौलिक कर्तव्य) जोड़ा।
• RTE अधिनियम, 2009 1 अप्रैल 2010 को लागू हुआ।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• अनुच्छेद 21 बनाम अनुच्छेद 21A — न्यायालयों ने शिक्षा को अनुच्छेद 21 में पढ़ा (1992–93);
अनुच्छेद 21A बाद में 86वें संशोधन (2002) द्वारा जोड़ा गया।
• मोहिनी जैन बनाम उन्नीकृष्णन — मोहिनी जैन (1992) ने शिक्षा को अनुच्छेद 21 से जोड़ा;
उन्नीकृष्णन (1993) ने अधिकार को 14 वर्ष तक सीमित किया।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: शिक्षा का अधिकार देने वाला अनुच्छेद (अनुच्छेद 21A); शिक्षा को मौलिक अधिकार बनाने वाला संशोधन (86वाँ संशोधन अधिनियम, 2002)।

Static GK (1)

Books and Authors · Modern Indian books and authors

Q39. 2019 में प्रकाशित 'फिक्शन एज हिस्ट्री: द नॉवेल एंड द सिटी इन मॉडर्न नॉर्थ इंडिया (Fiction as History: The Novel and the City in Modern North India)' के लेखक कौन हैं?

  1. (a) वसुधा डालमिया
  2. (b) झुम्पा लाहिड़ी
  3. (c) अरुंधति रॉय
  4. (d) सलमान रुश्दी
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) वसुधा डालमिया

उत्तर: विकल्प 1 — वसुधा डालमिया
फिक्शन एज हिस्ट्री: द नॉवेल एंड द सिटी इन मॉडर्न नॉर्थ इंडिया (2019) साहित्यिक इतिहासकार वसुधा डालमिया की पुस्तक है; यह आरंभिक हिंदी उपन्यासों को उत्तर भारतीय शहर और उसके समाज के इतिहास के रूप में पढ़ती है।
रिवीजन नोट — वसुधा डालमिया और उनकी रचनाएँ
• वसुधा डालमिया हिंदी साहित्य और आधुनिक भारतीय संस्कृति की विद्वान हैं; उन्होंने कैलिफ़ोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले में अध्यापन किया।
• The Nationalization of Hindu Traditions — भारतेंदु हरिश्चंद्र और 19वीं सदी के बनारस पर उनका अध्ययन।
• Poetics, Plays and Performances — आधुनिक हिंदी रंगमंच पर (जिसमें हबीब तनवीर भी शामिल हैं)।
• फिक्शन एज हिस्ट्री हिंदी उपन्यास को इस बात के अभिलेख के रूप में देखती है कि उत्तर भारतीय शहर और उसका समाज कैसे बदला।
शीर्षक में "History" प्रायः शोधपरक, गैर-काल्पनिक पुस्तक का संकेत देता है — उपन्यासकारों के बीच विद्वान को खोजें।

Modern History (1)

Gandhian Era · Khilafat and Non-Cooperation Movement

Q40. खलीफा की लौकिक शक्तियों (Khalifa's temporal powers) की रक्षा के लिए, बॉम्बे में _________ में एक खिलाफत समिति का गठन किया गया था।

  1. (a) जून 1919
  2. (b) जुलाई 1919
  3. (c) मार्च 1919
  4. (d) जनवरी 1919
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) मार्च 1919

उत्तर: विकल्प 3 — मार्च 1919
प्रथम विश्व युद्ध में उस्मानी (ऑटोमन) तुर्की पराजित हुआ।
इस्लामी जगत के आध्यात्मिक प्रमुख खलीफा पर कठोर संधि थोपे जाने की आशंका थी।
उनकी लौकिक शक्तियों की रक्षा के लिए मार्च 1919 में बॉम्बे में खिलाफत समिति का गठन किया गया।
रिवीजन नोट — खिलाफत आंदोलन
• नेतृत्व अली बंधुओं — मुहम्मद अली और शौकत अली ने किया।
• अन्य नेता: मौलाना अबुल कलाम आज़ाद, हकीम अजमल खाँ, हसरत मोहानी।
• गांधीजी ने इसे हिंदुओं और मुसलमानों को एक संयुक्त राष्ट्रीय आंदोलन में लाने का अवसर माना।
• 17 अक्टूबर 1919 को खिलाफत दिवस मनाया गया; गांधीजी ने दिल्ली में अखिल भारतीय खिलाफत सम्मेलन (नवंबर 1919) की अध्यक्षता की।
• कलकत्ता अधिवेशन (सितंबर 1920) में असहयोग कार्यक्रम स्वीकार हुआ; नागपुर अधिवेशन (दिसंबर 1920) में इसका अनुमोदन हुआ।
• असहयोग-खिलाफत आंदोलन जनवरी 1921 में आरंभ हुआ।
• चौरी चौरा कांड (फरवरी 1922) के बाद इसे वापस ले लिया गया; 1924 में तुर्की द्वारा खिलाफत समाप्त करने पर खिलाफत का मुद्दा समाप्त हो गया।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: असहयोग-खिलाफत आंदोलन कब आरंभ हुआ (जनवरी 1921); वह घटना जिसके बाद गांधीजी ने असहयोग आंदोलन वापस लिया (चौरी चौरा)।
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