Q1. किस वैज्ञानिक/किन वैज्ञानिकों ने वंशागति के नियम स्थापित किए?
- (a) चार्ल्स डार्विन
- (b) थॉमस हंट मॉर्गन
- (c) वाटसन और क्रिक
- (d) ग्रेगर जोहान मेंडल
उत्तर और व्याख्या
उत्तर: (d) ग्रेगर जोहान मेंडल
ग्रेगर जोहान मेंडल ने उद्यान मटर (पाइसम सैटाइवम) पर अपने प्रयोगों से वंशागति के नियम प्रतिपादित किए और उन्हें 1865–66 में प्रकाशित किया।
रिवीजन नोट — मेंडल और वंशागति के नियम
• मेंडल एक ऑस्ट्रियाई पादरी (भिक्षु) थे; उन्हें आनुवंशिकी का जनक कहा जाता है।
• उन्होंने मटर में 7 जोड़ी विपरीत लक्षणों का अध्ययन किया (लंबा/बौना, गोल/झुर्रीदार बीज आदि)।
• प्रभाविता का नियम — संकर में F_(1) में केवल प्रभावी लक्षण दिखाई देता है (लंबा × बौना → सभी लंबे)।
• पृथक्करण का नियम — किसी जीन के दो युग्मविकल्पी (एलील) युग्मक बनते समय अलग हो जाते हैं; एकसंकर F_(2) अनुपात 3 : 1 है।
• स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम — दो भिन्न लक्षण स्वतंत्र रूप से वंशागत होते हैं; द्विसंकर F_(2) अनुपात 9 : 3 : 3 : 1 है।
• आनुवंशिकी (genetics) शब्द विलियम बेटसन ने दिया।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• मेंडल बनाम मॉर्गन बनाम वाटसन–क्रिक — मेंडल ने वंशागति के नियम दिए; टी. एच. मॉर्गन ने दिखाया कि जीन गुणसूत्रों पर स्थित होते हैं (फल मक्खी); वाटसन और क्रिक ने DNA का द्विकुंडलित (डबल-हेलिक्स) मॉडल (1953) दिया।
• मेंडल बनाम डार्विन — डार्विन ने प्राकृतिक चयन द्वारा विकास का सिद्धांत दिया, आनुवंशिकता के नियम नहीं।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: युग्मकों में युग्मविकल्पियों के अलग होने की व्याख्या करने वाला मेंडल का नियम (पृथक्करण का नियम); मटर में लंबापन किस प्रकार का लक्षण है (प्रभावी); बौने मटर के पौधे का युग्मविकल्पी संयोजन (tt)।