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RRB JE CBT-1 2024-25 17 दिसंबर 2024 शिफ्ट 2 – GK प्रश्न – उत्तर व व्याख्या सहित

RRB JE CBT-1 2024-25 (17 दिसंबर 2024 शिफ्ट 2) में पूछे गए सभी 43 GK / सामान्य अध्ययन प्रश्न, सही उत्तर और व्याख्या के साथ – विषयवार।

📚 43 प्रश्न🗓️ 17 दिसंबर 2024⏰ शिफ्ट 2
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विषय: Biology (10) · Chemistry (9) · Physics (9) · Economics (3) · Polity (3) · Current Affairs (4) · Static GK (2) · Geography (1) · Modern History (1) · Medieval History (1)

Biology (10)

Reproduction · Pollination and fertilisation in plants

Q1. निषेचन के बाद फल में क्या विकसित होता है?

  1. (a) अंडाशय
  2. (b) परागकोश
  3. (c) वर्तिकाग्र
  4. (d) वर्तिका
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) वर्तिका

उत्तर: विकल्प 1 — अंडाशय
निषेचन के बाद अंडाशय बढ़कर पकता है और फल बन जाता है।
इसके अंदर के बीजांड बीज बन जाते हैं।
रिवीजन नोट — निषेचन के बाद पुष्प में परिवर्तन
• अंडाशय → फल; बीजांड → बीज; युग्मनज → भ्रूण; अंडाशय भित्ति → फलभित्ति (फल की दीवार)।
• पंखुड़ियाँ, बाह्यदल, पुंकेसर, वर्तिका और वर्तिकाग्र प्रायः मुरझाकर गिर जाते हैं।
• मादा भाग स्त्रीकेसर (अंडप) है = वर्तिकाग्र + वर्तिका + अंडाशय।
• नर भाग पुंकेसर है = परागकोश (परागकण बनाता है) + तंतु।
• परागण परागकणों का परागकोश से वर्तिकाग्र तक स्थानांतरण है; निषेचन नर और मादा युग्मकों का संलयन है, जिससे युग्मनज बनता है।
• पराग नलिका वर्तिका से होकर बढ़ती है और अंडाशय में स्थित बीजांड तक पहुँचती है।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• अंडाशय बनाम बीजांड — अंडाशय फल बनता है; बीजांड बीज बनता है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: पुष्प का मादा जनन भाग (जायांग / स्त्रीकेसर); निषेचन का अर्थ (युग्मकों का संलयन)।
Reproduction · Reproductive health and contraception

Q2. यांत्रिक रोध (mechanical barrier) गर्भनिरोधक विधि, निम्नलिखित में से किस रोग की रोकथाम के लिए उपयोग की जाती है?

  1. (a) टाइफॉइड (Typhoid)
  2. (b) टीबी (TB)
  3. (c) मलेरिया (Malaria)
  4. (d) एड्स (AIDS)
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) मलेरिया (Malaria)

उत्तर: विकल्प 4 — एड्स (AIDS)
यांत्रिक रोध (कंडोम) शारीरिक द्रवों के आदान-प्रदान को रोकता है,
इसलिए यह एड्स (HIV) जैसे यौन संचारित संक्रमणों से बचाता है।
टीबी, टाइफॉइड और मलेरिया क्रमशः वायु, दूषित भोजन/जल और मच्छरों से फैलते हैं — रोध इन्हें नहीं रोक सकता।
रिवीजन नोट — गर्भनिरोधक विधियाँ (कक्षा 10)
• रोध (यांत्रिक): कंडोम, डायाफ्राम, सर्वाइकल कैप — एकमात्र समूह जो STDs से भी बचाता है।
• रासायनिक / हार्मोनल: मुखीय गोलियाँ हार्मोनल संतुलन बदलती हैं ताकि अंड मुक्त न हों।
• IUCDs: गर्भाशय में स्थापित कॉपर-T और लूप।
• शल्य: पुरुष नसबंदी (vasectomy — पुरुषों में शुक्रवाहक अवरुद्ध) और स्त्री नसबंदी (tubectomy — महिलाओं में अंडवाहिनी अवरुद्ध) — स्थायी, STD से कोई सुरक्षा नहीं।
• STDs: जीवाणु जनित — गोनोरिया, सिफलिस; विषाणु जनित — मस्से (warts), HIV-AIDS।
• रोगों का प्रसार: टीबी — वायु (जीवाणु); टाइफॉइड — भोजन और जल (जीवाणु); मलेरिया — मादा एनोफिलीज़ मच्छर (प्रोटोज़ोआ प्लाज़्मोडियम)।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: शल्य गर्भनिरोधन की एक सीमा (यह यौन संचारित संक्रमणों को नहीं रोकता)।
Reproduction · Asexual reproduction (fission, budding, fragmentation, spores)

Q3. अलैंगिक जनन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

  1. (a) इसके परिणामस्वरूप संतति, आनुवंशिक रूप से जनक के समान होती है।
  2. (b) इसके लिए निषेचन की आवश्यकता होती है।
  3. (c) इसमें दो जनक जीव संलग्‍न होते हैं।
  4. (d) इसके लिए जटिल प्रजनन अंगों की आवश्यकता होती है।
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) इसके लिए जटिल प्रजनन अंगों की आवश्यकता होती है।

उत्तर: विकल्प 1 — इसके परिणामस्वरूप संतति, आनुवंशिक रूप से जनक के समान होती है।
अलैंगिक जनन में एक ही जनक होता है और युग्मक नहीं बनते,
इसलिए संतति जनक की प्रतिकृति (क्लोन) होती है।
शेष तीनों विकल्प लैंगिक जनन का वर्णन करते हैं।
रिवीजन नोट — अलैंगिक जनन की विधियाँ
• विखंडन: द्विविखंडन — अमीबा, पैरामीशियम; बहुविखंडन — प्लाज़्मोडियम।
• मुकुलन: हाइड्रा, यीस्ट।
• खंडन: स्पाइरोगायरा; पुनरुद्भवन: प्लेनेरिया, हाइड्रा।
• बीजाणु समासंघ: राइजोपस (ब्रेड मोल्ड) — बीजाणु बीजाणुधानी में।
• कायिक प्रवर्धन: आलू (तना), ब्रायोफिलम (पत्ती), गन्ना, गुलाब (कलम)।
• न निषेचन, न अर्धसूत्री विभाजन — इसलिए विभिन्नता कम; विभिन्नता केवल DNA प्रतिकृति की छोटी त्रुटियों से आती है।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• अलैंगिक बनाम लैंगिक — एक जनक, युग्मक नहीं, समान संतति बनाम दो जनक, युग्मकों का संलयन, विभिन्नता।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: अमीबा, यीस्ट और हाइड्रा का एक जनक से जनन क्या दर्शाता है (युग्मकों का संलयन नहीं); कायिक प्रवर्धन का एक लाभ (आनुवंशिक रूप से समान पौधे)।
Reproduction · Reproductive health and contraception

Q4. कंडोम, गर्भनिरोधक की अवरोध विधि होने के अलावा, निम्नलिखित में से किस उद्देश्य को पूरा करता है?

  1. (a) गोनोरिया जैसे STDs के संचरण में सहायता करना
  2. (b) त्वचा से त्वचा के संपर्क से फैलने वाली बीमारियों को रोकना
  3. (c) यौन इच्छा को कम करना
  4. (d) गोनोरिया (gonorrhoea) जैसे STDs के संचरण को रोकना
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) गोनोरिया (gonorrhoea) जैसे STDs के संचरण को रोकना

उत्तर: विकल्प 4 — गोनोरिया (gonorrhoea) जैसे STDs के संचरण को रोकना
कंडोम साथियों के बीच एक भौतिक रोध बनाता है,
इसलिए यह गोनोरिया, सिफलिस और HIV-AIDS जैसे यौन संचारित रोगों को रोकता है।
रिवीजन नोट — यौन संचारित रोग
• जीवाणु जनित STDs: गोनोरिया, सिफलिस।
• विषाणु जनित STDs: जननांग मस्से (genital warts), HIV-AIDS।
• कंडोम — एकमात्र गर्भनिरोधक जो दोहरी सुरक्षा देता है: गर्भधारण और STDs दोनों से।
• कॉपर-T, मुखीय गोलियाँ और शल्य क्रिया गर्भधारण रोकती हैं, पर STDs से कोई सुरक्षा नहीं देतीं।
• HIV प्रतिरक्षा तंत्र (सहायक T-कोशिकाओं) पर आक्रमण करता है; असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित रक्त, साझा सुइयों और माँ से शिशु में फैलता है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: शल्य गर्भनिरोधन की एक सीमा (यह यौन संचारित संक्रमणों को नहीं रोकता)।
Reproduction · Asexual reproduction (fission, budding, fragmentation, spores)

Q5. राइजोपस जैसे कवक में विशेष प्रजनन संरचनाएं, जो अंकुरित होकर नए जीव बनाती हैं, ____________ कहलाती हैं।

  1. (a) मुकुलक (Gemmules)
  2. (b) परागकोश (Anthers)
  3. (c) पराग (Pollens)
  4. (d) बीजाणु (Spores)
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) पराग (Pollens)

उत्तर: विकल्प 4 — बीजाणु (Spores)
राइजोपस (ब्रेड मोल्ड) में डंठल पर लगी छोटी गोल संरचनाएँ बीजाणुधानियाँ हैं, जिनमें बीजाणु होते हैं।
प्रत्येक बीजाणु नम सतह पर अंकुरित होकर नया राइजोपस बनाता है।
रिवीजन नोट — बीजाणु समासंघ
• कवकों (राइजोपस, म्यूकर, पेनिसिलियम) तथा फ़र्न और मॉस में देखा जाता है।
• बीजाणु मोटी सुरक्षात्मक भित्ति से ढके होते हैं — ये नम सतह मिलने तक जीवित रहते हैं।
• गर्म और नम परिस्थितियाँ बीजाणु अंकुरण के लिए अनुकूल हैं — इसीलिए वर्षा ऋतु में ब्रेड पर फफूँद लगती है।
• यीस्ट मुख्यतः मुकुलन से जनन करता है, बीजाणुओं से नहीं।
• बीजाणु समासंघ अलैंगिक है — एक जनक, युग्मक नहीं।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• मुकुलक बनाम बीजाणु — मुकुलक स्पंजों की आंतरिक कलिकाएँ हैं; बीजाणु कवकों की जनन संरचनाएँ हैं।
• पराग और परागकोश पुष्पी पादपों से संबंधित हैं — परागकण पुंकेसर के परागकोश में बनते हैं।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: वह जीव जो बीजाणु समासंघ से जनन नहीं करता (यीस्ट — मुकुलन करता है); कवक बीजाणु अंकुरण के अनुकूल परिस्थितियाँ (गर्म और नम)।

Q6. एड्स के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?

  1. (a) सुरक्षित यौन संबंध के अभ्यास से एड्स को रोका जा सकता है।
  2. (b) एड्स, शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रभावित करता है।
  3. (c) एड्स, मच्छर के काटने से फैल (transmit) सकता है।
  4. (d) एड्स, एचआईवी वायरस के कारण होता है।
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) सुरक्षित यौन संबंध के अभ्यास से एड्स को रोका जा सकता है।

उत्तर: विकल्प 3 — एड्स, मच्छर के काटने से फैल (transmit) सकता है।
यह कथन असत्य है। HIV मच्छर के भीतर गुणन नहीं करता और उसकी लार के साथ शरीर में नहीं पहुँचता, इसलिए मच्छर एड्स नहीं फैला सकते।
अन्य तीनों कथन सत्य हैं।
रिवीजन नोट — एड्स और HIV
• एड्स (AIDS) = उपार्जित प्रतिरक्षा अपूर्णता सिंड्रोम (Acquired Immuno Deficiency Syndrome); इसका कारण HIV (ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस) है, जो एक रेट्रोवायरस है।
• HIV सहायक T-लिम्फोसाइट (CD4 कोशिकाओं) को नष्ट करता है, जिससे प्रतिरक्षा तंत्र कमज़ोर हो जाता है और सामान्य संक्रमण भी घातक बन जाते हैं।
• फैलने के माध्यम: असुरक्षित यौन संपर्क, संक्रमित रक्त आधान, साझा सुई/सिरिंज, और माँ से शिशु (गर्भावस्था, जन्म, स्तनपान)।
• इनसे नहीं फैलता: मच्छर का काटना, हाथ मिलाना, गले लगना, भोजन या बर्तन साझा करना।
• रोकथाम: सुरक्षित यौन संबंध (कंडोम), जाँचा हुआ रक्त, जीवाणुरहित सुइयाँ; अभी तक कोई टीका या इलाज नहीं — एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) इसे नियंत्रित करती है।
• पहले मामले 1981 में सामने आए; HIV की पहचान 1983 में हुई; विश्व एड्स दिवस — 1 दिसंबर; जाँच परीक्षण: ELISA।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: वह वर्ष जब एड्स के पहले मामलों की पहचान हुई (1981)।
Reproduction · Asexual reproduction (fission, budding, fragmentation, spores)

Q7. निम्नलिखित में से कौन-सा प्राथमिक कारण है कि समस्‍त बहुकोशिकीय जीव खंडन द्वारा प्रजनन नहीं करते हैं?

  1. (a) उनमें कोशिकाओं का यादृच्छिक विन्‍यास होता है।
  2. (b) उनकी कोशिकाएँ शिथिल रूप से संगठित होती हैं।
  3. (c) उनमें ऊतकों और अंगों में संगठित विशेष कोशिकाएँ होती हैं।
  4. (d) वे एककोशिकीय होते हैं।
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) उनमें ऊतकों और अंगों में संगठित विशेष कोशिकाएँ होती हैं।

उत्तर: विकल्प 3 — उनमें ऊतकों और अंगों में संगठित विशेष कोशिकाएँ होती हैं।
एक जटिल बहुकोशिकीय शरीर कोशिकाओं का यादृच्छिक समूह नहीं होता। इसकी विशेष कोशिकाएँ ऊतक बनाती हैं, और ऊतक अंग बनाते हैं, जिनमें से प्रत्येक एक निश्चित स्थान पर होता है।
टूटे हुए खंड में इनमें से अधिकांश नहीं होते, इसलिए वह पूरे जीव में विकसित नहीं हो सकता।
रिवीजन नोट — बहुकोशिकीय जीवों में अलैंगिक जनन
• खंडन: सरल बहुकोशिकीय शरीर टुकड़ों में टूट जाता है और प्रत्येक टुकड़ा नए जीव में विकसित होता है — स्पाइरोगाइरा।
• पुनरुद्भवन: कटा हुआ भाग विशेष कोशिकाओं की सहायता से पूरा शरीर फिर से बना लेता है, जो विभाजित और विभेदित होती हैं — प्लेनेरिया, हाइड्रा।
• मुकुलन: पुनरुद्भवी कोशिकाओं से एक उभार बनता है और अलग हो जाता है — हाइड्रा; एककोशिकीय यीस्ट में भी।
• बीजाणु निर्माण: बीजाणुधानी बीजाणु मुक्त करती है — राइज़ोपस (ब्रेड मोल्ड)।
• पौधों में कायिक प्रवर्धन — जड़, तना या पत्ती द्वारा (ब्रायोफिलम की पत्ती की कलिकाएँ, आलू, गन्ना, गुलाब)।
• इसलिए जटिल जीव साधारण खंडन के बजाय विशेष जनन कोशिकाओं और तंत्रों पर निर्भर करते हैं।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: अमीबा, यीस्ट और हाइड्रा में एकल जनक से जनन क्या दर्शाता है (युग्मकों का संलयन नहीं होता); बहुकोशिकीय जीवों को विशेष तंत्र क्यों चाहिए (भीतरी कोशिकाएँ बाहर के संपर्क में नहीं रहतीं)।
Reproduction · Reproductive health and contraception

Q8. पुरुषों में गर्भनिरोधन हेतु शल्य चिकित्सा प्रक्रियाओं में, निम्नलिखित में से किसे अवरुद्ध करके शुक्राणु स्थानांतरण रोका जाता है?

  1. (a) अंडाशय (Ovary)
  2. (b) डिंबवाहिनी नली (Fallopian tubes)
  3. (c) शुक्र वाहक (Vas deferens)
  4. (d) वृषण (Testes)
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) शुक्र वाहक (Vas deferens)

उत्तर: विकल्प 3 — शुक्र वाहक (Vas deferens)
पुरुषों की शल्य विधि (पुरुष नसबंदी / वेसेक्टॉमी) में शुक्र वाहक को काटकर बाँध दिया जाता है, जिससे वृषण में बने शुक्राणु मूत्रमार्ग तक नहीं पहुँच पाते।
अंडाशय और डिंबवाहिनी नली स्त्री जनन तंत्र के भाग हैं।
रिवीजन नोट — गर्भनिरोधन और पुरुष जनन तंत्र (कक्षा 10)
• पुरुष नसबंदी (वेसेक्टॉमी) — शुक्र वाहक अवरुद्ध (पुरुष); स्त्री नसबंदी (ट्यूबेक्टॉमी) — डिंबवाहिनी नली (अंडवाहिनी) अवरुद्ध (स्त्री)।
• रोध विधियाँ — कंडोम; यही एकमात्र विधियाँ हैं जो यौन संचारित रोगों से भी बचाती हैं।
• हॉर्मोनल विधियाँ — मुख से ली जाने वाली गोलियाँ हॉर्मोन संतुलन बदल देती हैं, जिससे अंड मोचित नहीं होते।
• कॉपर-T / लूप — गर्भधारण रोकने के लिए गर्भाशय में लगाया जाता है।
• वृषण शुक्राणु और टेस्टोस्टेरॉन बनाते हैं; ये वृषण कोष में स्थित होते हैं, क्योंकि शुक्राणु बनने के लिए शरीर के ताप से कम ताप आवश्यक है।
• शुक्राणु शुक्र वाहक से होकर मूत्रमार्ग तक जाते हैं; शुक्राशय और प्रोस्टेट ग्रंथि अपना द्रव मिलाते हैं, जिससे वीर्य बनता है।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• वेसेक्टॉमी बनाम ट्यूबेक्टॉमी — "vas" = पुरुष (vas deferens, शुक्र वाहक); "tube" = स्त्री (fallopian tube, डिंबवाहिनी नली)।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: शल्य गर्भनिरोधन की एक सीमा (यह यौन संचारित रोगों से बचाव नहीं करता); वह संरचना जो पुरुष जनन तंत्र का भाग नहीं है (डिंबवाहिनी नली)।
Heredity and Evolution · Chromosomes, genes and DNA

Q9. मानव नर जनन कोशिका में गुणसूत्रों की संख्या कितनी होती है?

  1. (a) 23 युग्म गुणसूत्र
  2. (b) 46 युग्म गुणसूत्र
  3. (c) 23 गुणसूत्र
  4. (d) 46 गुणसूत्र
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) 46 गुणसूत्र

उत्तर: विकल्प 3 — 23 गुणसूत्र
जनन कोशिका (युग्मक) अर्धसूत्री विभाजन (meiosis) से बनती है, जो गुणसूत्रों की संख्या आधी कर देता है।
अतः मानव शुक्राणु में केवल 23 एकल गुणसूत्र (युग्म नहीं) होते हैं — 22 अलिंग गुणसूत्र + X या Y।
रिवीजन नोट — मनुष्य में गुणसूत्र और लिंग निर्धारण
• मानव शरीर (कायिक) कोशिकाएँ द्विगुणित होती हैं: 46 गुणसूत्र = 23 युग्म।
• इनमें से 22 युग्म अलिंग गुणसूत्र (autosomes) हैं और 1 युग्म लिंग गुणसूत्र है।
• स्त्री: XX; पुरुष: XY।
• युग्मक अगुणित (n = 23) होते हैं: प्रत्येक अंडाणु में 22 + X होता है; शुक्राणु में 22 + X या 22 + Y होता है।
• निषेचन से संख्या पुनः पूरी होती है: शुक्राणु (23) + अंडाणु (23) = युग्मनज (46)।
• शिशु का लिंग पिता के शुक्राणु से तय होता है — Y-शुक्राणु से लड़का, X-शुक्राणु से लड़की।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• 23 गुणसूत्र बनाम 23 युग्म — युग्मक में 23 अयुग्मित गुणसूत्र होते हैं; 23 युग्म (46) कायिक कोशिका में होते हैं।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: मनुष्य में अलिंग गुणसूत्रों के युग्मों की संख्या (22); मानव युग्मनज में गुणसूत्रों की संख्या (46); शुक्राणु और अंडाणु जैसी अगुणित जनन कोशिकाओं का नाम (युग्मक)।
Heredity and Evolution · Mendel's laws and experiments

Q10. मेंडल ने मटर के पौधों में पुष्प के रंग और बीज के आकार जैसे विशेषकों (traits) का अध्ययन किया। इन विशेषकों को ___________ कहा जाता है।

  1. (a) दृश्यमान लक्षण (visible characters)
  2. (b) प्रभावी लक्षण (dominant characteristics)
  3. (c) संतति इकाई (progeny units)
  4. (d) आनुवंशिक कूट (genetic codes)
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) प्रभावी लक्षण (dominant characteristics)

उत्तर: विकल्प 1 — दृश्यमान लक्षण (visible characters)
मेंडल ने उद्यान मटर के विपरीत दृश्यमान लक्षण चुने — लंबे/बौने पौधे, गोल/झुर्रीदार बीज, बैंगनी/सफ़ेद पुष्प — जिन्हें प्रत्येक पीढ़ी में देखा और गिना जा सकता था।
NCERT इन विशेषकों को दृश्यमान लक्षण कहता है।
रिवीजन नोट — उद्यान मटर पर मेंडल के प्रयोग
• ग्रेगर जॉन मेंडल — आनुवंशिकी के जनक; इन्होंने पाइसम सैटाइवम (Pisum sativum) (उद्यान मटर) पर कार्य किया।
• इन्होंने विपरीत लक्षणों के 7 युग्मों का अध्ययन किया, जैसे लंबा/बौना, गोल/झुर्रीदार बीज, पीला/हरा बीज, बैंगनी/सफ़ेद पुष्प।
• एकसंकर संकरण (लंबा × बौना): F1 में सभी लंबे; F2 में लंबे : बौने = 3 : 1; जीनोटाइप अनुपात 1 : 2 : 1।
• द्विसंकर संकरण: F2 = 9 : 3 : 3 : 1 — लक्षणों की स्वतंत्र वंशागति दर्शाता है।
• F1 में दिखने वाला लक्षण प्रभावी (T) है; छिपा हुआ लक्षण अप्रभावी (t); TT और Tt लंबे होते हैं, केवल tt बौना होता है।
• मेंडल के "कारक" (factors) ही आज के जीन हैं।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• दृश्यमान लक्षण बनाम प्रभावी लक्षण — किसी लक्षण के दोनों रूप (जैसे बैंगनी और सफ़ेद) दृश्यमान लक्षण हैं; उनमें से केवल एक प्रभावी होता है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: लंबा × बौना संकरण के सभी F1 पौधों में दिखने वाला लंबेपन का लक्षण (प्रभावी लक्षण); बौने मटर के पौधे का जीनोटाइप (tt)।

Chemistry (9)

Metals and Non-metals · Reactivity series

Q11. जब कोई धातु और सल्फ्यूरिक अम्ल एक दूसरे के साथ अभिक्रिया करते हैं, तो धातु हाइड्रोजन को विस्थापित कर देती है, जो कि सक्रियता श्रेणी (reactivity series) में उच्चतर होती है। उस धातु की पहचान कीजिए जिसके लिए हाइड्रोजन गैस का बुद्बुद्न (bubbling) सबसे तीव्र होगा।

  1. (a) मैग्नीशियम
  2. (b) ज़िंक
  3. (c) आयरन
  4. (d) ऐलुमिनियम
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) ऐलुमिनियम

उत्तर: विकल्प 1 — मैग्नीशियम
धातु जितनी अधिक क्रियाशील होती है, वह तनु अम्ल से हाइड्रोजन को उतनी ही तेज़ी से विस्थापित करती है।
चारों में से मैग्नीशियम सक्रियता श्रेणी में सबसे ऊपर है, इसलिए इसमें बुलबुले सबसे तेज़ी से बनते हैं।
Mg + H_(2)SO_(4) → MgSO_(4) + H_(2)↑
रिवीजन नोट — सक्रियता श्रेणी और अम्ल
• याद रखने का क्रम: K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > H > Cu > Hg > Ag > Au।
• इन विकल्पों के लिए: Mg > Al > Zn > Fe — अतः बुलबुले बनने की गति भी इसी क्रम में घटती है।
• केवल हाइड्रोजन से ऊपर वाली धातुएँ तनु अम्लों के साथ H_(2) गैस देती हैं; Cu, Ag, Au नहीं देतीं।
• धातु + तनु अम्ल → लवण + हाइड्रोजन; हाइड्रोजन पॉप ध्वनि के साथ जलती है।
• ऐलुमिनियम अपनी सुरक्षात्मक ऑक्साइड परत (Al_(2)O_(3)) के कारण धीरे-धीरे अभिक्रिया शुरू करता है।
• नाइट्रिक अम्ल प्रायः H_(2) नहीं देता (यह एक ऑक्सीकारक है) — केवल Mg और Mn अति तनु HNO_(3) के साथ देते हैं।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• ऐलुमिनियम बनाम मैग्नीशियम — श्रेणी में Al, Mg से नीचे है, और इसकी ऑक्साइड परत इसे और धीमा कर देती है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: कौन-सी धातुएँ तनु अम्लों के साथ हाइड्रोजन नहीं देतीं (हाइड्रोजन से नीचे वाली, जैसे Cu, Ag, Au); धातु की अम्ल से अभिक्रिया में हाइड्रोजन के साथ बनने वाला उत्पाद (लवण)।
Chemical Reactions and Equations · Writing and balancing chemical equations

Q12. संतुलित रासायनिक समीकरण के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा सत्य है?

  1. (a) उत्पादों में अभिक्रियकों की तुलना में अधिक परमाणु होते हैं।
  2. (b) अभिक्रियक का द्रव्यमान सदैव उत्पाद के द्रव्यमान से अधिक होता है।
  3. (c) प्रत्येक पक्ष पर अणुओं की संख्या सदैव बराबर होती है।
  4. (d) प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की कुल संख्या समीकरण के दोनों ओर समान होती है।
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) प्रत्येक पक्ष पर अणुओं की संख्या सदैव बराबर होती है।

उत्तर: विकल्प 4 — प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की कुल संख्या समीकरण के दोनों ओर समान होती है।
किसी अभिक्रिया में परमाणु न तो बनते हैं और न ही नष्ट होते हैं, इसलिए प्रत्येक तत्व के दोनों ओर परमाणुओं की संख्या समान होनी चाहिए।
यह द्रव्यमान संरक्षण के नियम के अनुसार है।
रिवीजन नोट — रासायनिक समीकरणों का संतुलन
• संतुलित समीकरण द्रव्यमान संरक्षण के नियम (लैवोज़िए) का पालन करता है।
• अभिकारकों का कुल द्रव्यमान = उत्पादों का कुल द्रव्यमान।
• संतुलन केवल गुणांक बदलकर करें — सूत्र के पादांक कभी नहीं बदलें।
• अणुओं की संख्या का बराबर होना आवश्यक नहीं: 2H_(2) + O_(2) → 2H_(2)O में बाईं ओर 3 अणु और दाईं ओर 2 अणु हैं।
• विधि: हिट एंड ट्रायल — सबसे अधिक परमाणुओं वाले यौगिक से शुरू करें।
• उदाहरण: 3Fe + 4H_(2)O → Fe_(3)O_(4) + 4H_(2)।
• अवस्था-संकेत: (s), (l), (g), (aq)।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• परमाणु बनाम अणु — प्रत्येक तत्व के परमाणु संतुलित होते हैं; दोनों ओर अणुओं की संख्या भिन्न हो सकती है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: वह अभिक्रिया जो द्रव्यमान संरक्षण का उल्लंघन करती है (2Mg + O_(2) → MgO, जो असंतुलित है); संतुलन करते समय क्या नहीं बदला जा सकता (पदार्थ का सूत्र)।
Acids, Bases and Salts · Common salts - preparation and uses (baking soda, washing soda, bleaching powder, plaster of Paris)

Q13. धावन सोडा का आणविक सूत्र कौन-सा है?

  1. (a) NaHCO3
  2. (b) Na2CO3·10H2O
  3. (c) NaCl
  4. (d) Na2CO3
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) Na2CO3

उत्तर: विकल्प 2 — Na_(2)CO_(3)·10H_(2)O
धावन सोडा सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट है — क्रिस्टलन जल के 10 अणुओं वाला सोडियम कार्बोनेट।
रिवीजन नोट — सोडियम और कैल्शियम के सामान्य लवण
• धावन सोडा: Na_(2)CO_(3)·10H_(2)O; सोडा ऐश (Na_(2)CO_(3)) के पुनः क्रिस्टलीकरण से बनता है।
• बेकिंग सोडा: NaHCO_(3) — सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट; प्रतिअम्लों (antacids) और सोडा-अम्ल अग्निशामकों में प्रयुक्त।
• साधारण नमक: NaCl; इसके लवण-जल (ब्राइन) से क्लोर-क्षार प्रक्रिया में NaOH, Cl_(2) और H_(2) प्राप्त होते हैं।
• विरंजक चूर्ण: CaOCl_(2); प्लास्टर ऑफ पेरिस: CaSO_(4)·½H_(2)O; जिप्सम: CaSO_(4)·2H_(2)O।
• धावन सोडा के उपयोग: काँच, साबुन और कागज़ उद्योग, बोरेक्स बनाने में, घरेलू सफाई, जल की स्थायी कठोरता दूर करने में।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• Na_(2)CO_(3) बनाम Na_(2)CO_(3)·10H_(2)O — निर्जल रूप सोडा ऐश है; धावन सोडा डेकाहाइड्रेट है।
• धावन सोडा बनाम बेकिंग सोडा — कार्बोनेट (Na_(2)CO_(3)) बनाम हाइड्रोजनकार्बोनेट (NaHCO_(3))।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: धावन सोडा का उपयोग करने वाले उद्योग (काँच, साबुन और कागज़); बेकिंग सोडा बनाने में अमोनिया के साथ आवश्यक गैस (कार्बन डाइऑक्साइड)।
Chemical Reactions and Equations · Double displacement and precipitation reactions

Q14. द्वि-विस्थापन अभिक्रिया में विशिष्ट रूप से ___________ का विनिमय होता है।

  1. (a) इलेक्ट्रॉनों
  2. (b) प्रोटॉनों
  3. (c) आयनों
  4. (d) न्यूट्रॉनों
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) न्यूट्रॉनों

उत्तर: विकल्प 3 — आयनों
द्वि-विस्थापन अभिक्रिया में दो यौगिक आयनों का विनिमय करके दो नए यौगिक बनाते हैं: AB + CD → AD + CB।
रिवीजन नोट — द्वि-विस्थापन अभिक्रियाएँ
• उदाहरण: Na_(2)SO_(4) + BaCl_(2) → BaSO_(4) + 2NaCl — बेरियम सल्फेट का सफ़ेद अवक्षेप।
• जब अविलेय ठोस बनता है, तो इसे अवक्षेपण अभिक्रिया भी कहते हैं।
• Pb(NO_(3))_(2) + 2KI → PbI_(2) + 2KNO_(3) — लेड आयोडाइड का पीला अवक्षेप।
• उदासीनीकरण (अम्ल + क्षारक → लवण + जल) भी एक द्वि-विस्थापन अभिक्रिया है।
• तुलना करें: विस्थापन — अधिक क्रियाशील तत्व कम क्रियाशील तत्व को बाहर निकाल देता है (Fe + CuSO_(4) → FeSO_(4) + Cu)।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• विस्थापन बनाम द्वि-विस्थापन — एक तत्व दूसरे को प्रतिस्थापित करता है बनाम दो यौगिक आयनों की अदला-बदली करते हैं।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: द्वि-विस्थापन अभिक्रिया की मुख्य विशेषता (अभिकारकों के बीच आयनों का विनिमय); बेरियम क्लोराइड और सोडियम सल्फेट के विलयन मिलाने पर बनने वाला अवक्षेप (बेरियम सल्फेट)।

Q15. जब वर्षा जल का pH मान 5.6 से नीचे चला जाता है, तो इसे सामान्यतः क्या कहा जाता है?

  1. (a) कठोर जल
  2. (b) क्षारीय वर्षा
  3. (c) खनिज वर्षा
  4. (d) अम्लीय वर्षा
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) कठोर जल

उत्तर: विकल्प 4 — अम्लीय वर्षा
घुली हुई कार्बन डाइऑक्साइड के कारण सामान्य वर्षा थोड़ी अम्लीय होती है (pH लगभग 5.6)।
जब pH 5.6 से नीचे चला जाता है, तो इसे अम्लीय वर्षा कहते हैं।
रिवीजन नोट — अम्लीय वर्षा
• मुख्य कारण जीवाश्म ईंधनों के जलने से निकली सल्फर डाइऑक्साइड (SO_(2)) और नाइट्रोजन ऑक्साइड (NO_(x)) हैं।
• ये वायुमंडल में सल्फ्यूरिक अम्ल और नाइट्रिक अम्ल बनाते हैं, जो वर्षा के साथ गिरते हैं।
• प्रभाव: झील के जल का pH गिरने से जलीय जीवन नष्ट होता है, फसलों और वनों को क्षति होती है, इमारतों का संक्षारण होता है।
• अम्लीय वर्षा और प्रदूषण से ताजमहल पीला पड़ रहा है ("मार्बल कैंसर") — संगमरमर CaCO_(3) है।
• कम pH = अधिक अम्लीय; pH 7 उदासीन है; शरीर में सजीव केवल संकीर्ण pH परास (7.0 से 7.8) में ही जीवित रहते हैं।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: अम्लीय वर्षा के लिए उत्तरदायी मुख्य गैस (सल्फर डाइऑक्साइड); मुख्य रूप से उत्तरदायी दो गैसें (सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड)।
Chemical Reactions and Equations · Double displacement and precipitation reactions

Q16. द्वि-विस्थापन अभिक्रिया में क्या होता है इसका सर्वोत्तम ढंग से वर्णन निम्नलिखित में से कौन सा कथन करता है?

  1. (a) दो तत्व मिलकर एक यौगिक बनाते हैं।
  2. (b) दो यौगिकों के आयन स्थान बदलकर दो नए यौगिक बनाते हैं।
  3. (c) एक यौगिक, सरल पदार्थों में टूट जाता है।
  4. (d) परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉनों का स्थानांतरण होता है।
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) एक यौगिक, सरल पदार्थों में टूट जाता है।

उत्तर: विकल्प 2 — दो यौगिकों के आयन स्थान बदलकर दो नए यौगिक बनाते हैं।
द्वि-विस्थापन अभिक्रिया में दो यौगिक आयनों का आदान-प्रदान करते हैं: AB + CD → AD + CB।
उदाहरण: Na_(2)SO_(4) + BaCl_(2) → BaSO_(4) (श्वेत अवक्षेप) + 2NaCl।
रिवीजन नोट — रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रकार (कक्षा 10)
• संयोजन: दो या अधिक पदार्थ मिलकर एक उत्पाद बनाते हैं — CaO + H_(2)O → Ca(OH)_(2) (बुझा हुआ चूना)।
• वियोजन: एक यौगिक सरल पदार्थों में टूटता है — ऊष्मा (CaCO_(3)), विद्युत (जल) या प्रकाश (AgCl) द्वारा।
• विस्थापन: अधिक अभिक्रियाशील तत्व कम अभिक्रियाशील तत्व को बाहर कर देता है — Fe + CuSO_(4) → FeSO_(4) + Cu।
• द्वि-विस्थापन: आयनों का आदान-प्रदान; जब अविलेय ठोस बनता है तो इसे अवक्षेपण अभिक्रिया कहते हैं।
• रेडॉक्स: ऑक्सीजन की प्राप्ति / हाइड्रोजन की हानि = ऑक्सीकरण; इसका उलटा = अपचयन; इलेक्ट्रॉन का स्थानांतरण रेडॉक्स की ही अवधारणा है।
• उदासीनीकरण (अम्ल + क्षारक → लवण + जल) भी एक द्वि-विस्थापन अभिक्रिया है।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• विस्थापन बनाम द्वि-विस्थापन — विस्थापन: एक तत्व दूसरे का स्थान लेता है (एक अदला-बदली); द्वि-विस्थापन: दो यौगिक अपने साथी बदलते हैं (दो अदला-बदली)।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: Na_(2)SO_(4) + BaCl_(2) द्वि-विस्थापन अभिक्रिया क्यों है (आयनों का आदान-प्रदान); दो लवण विलयनों से अविलेय ठोस बनना (अवक्षेपण अभिक्रिया)।
Chemical Reactions and Equations · Double displacement and precipitation reactions

Q17. द्विविस्थापन अभिक्रिया में जब सोडियम क्लोराइड और सिल्वर नाइट्रेट को मिलाया जाता है तो क्या परिणाम होता है?

  1. (a) गैस का निर्माण (Formation of a gas)
  2. (b) लवण का निर्माण (Formation of a salt)
  3. (c) अवक्षेप का निर्माण (Formation of a precipitate)
  4. (d) जल का निर्माण (Formation of water)
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) गैस का निर्माण (Formation of a gas)

उत्तर: विकल्प 3 — अवक्षेप का निर्माण (Formation of a precipitate)
NaCl(aq) + AgNO_(3)(aq) → AgCl(s) + NaNO_(3)(aq)
आयन अपने साथी बदलते हैं और सिल्वर क्लोराइड, जो अविलेय है, श्वेत दही जैसे अवक्षेप के रूप में अलग हो जाता है।
रिवीजन नोट — अवक्षेपण अभिक्रियाएँ
• अवक्षेप वह अविलेय ठोस है जो दो विलयनों को मिलाने पर बनता है; यह अभिक्रिया द्वि-विस्थापन (अवक्षेपण) अभिक्रिया है।
• AgNO_(3) + NaCl → AgCl↓ (श्वेत) + NaNO_(3) — क्लोराइड आयनों का मानक परीक्षण।
• Na_(2)SO_(4) + BaCl_(2) → BaSO_(4)↓ (श्वेत) + 2NaCl।
• Pb(NO_(3))_(2) + 2KI → PbI_(2)↓ (पीला) + 2KNO_(3)।
• सूर्य के प्रकाश में AgCl धूसर हो जाता है: 2AgCl → 2Ag + Cl_(2) — यह प्रकाश-अपघटन (photolytic decomposition) है, जिसका उपयोग श्वेत-श्याम फोटोग्राफी में होता है।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• अवक्षेप बनाम लवण — AgCl और NaNO_(3) दोनों लवण हैं, पर इस अभिक्रिया की पहचान कराने वाला दिखाई देने वाला परिणाम अविलेय अवक्षेप है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: द्वि-विस्थापन अभिक्रिया में बनने वाले श्वेत अविलेय ठोस का नाम (अवक्षेप); सूर्य के प्रकाश में कौन-सा यौगिक दृश्य परिवर्तन दिखाता है (सिल्वर क्लोराइड)।
Acids, Bases and Salts · Common salts - preparation and uses (baking soda, washing soda, bleaching powder, plaster of Paris)

Q18. बेकिंग पाउडर और बेकिंग सोडा में क्या अंतर होता है?

  1. (a) बेकिंग सोडा, बेकिंग पाउडर और टार्टरिक अम्‍ल का मिश्रण है।
  2. (b) बेकिंग पाउडर, बेकिंग सोडा और हाइड्रोक्लोरिक अम्‍ल का मिश्रण है।
  3. (c) बेकिंग सोडा, बेकिंग पाउडर और हाइड्रोक्लोरिक अम्‍ल का मिश्रण है।
  4. (d) बेकिंग पाउडर, बेकिंग सोडा और टार्टरिक अम्‍ल का मिश्रण है।
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) बेकिंग पाउडर, बेकिंग सोडा और टार्टरिक अम्‍ल का मिश्रण है।

उत्तर: विकल्प 4 — बेकिंग पाउडर, बेकिंग सोडा और टार्टरिक अम्ल का मिश्रण है।
बेकिंग सोडा एक ही यौगिक है — सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट (NaHCO_(3))।
बेकिंग पाउडर = बेकिंग सोडा + टार्टरिक अम्ल जैसा कोई मृदु खाद्य अम्ल।
रिवीजन नोट — बेकिंग सोडा और बेकिंग पाउडर (कक्षा 10)
• बेकिंग सोडा NaCl + H_(2)O + CO_(2) + NH_(3) → NH_(4)Cl + NaHCO_(3) से बनाया जाता है।
• गर्म करने पर: 2NaHCO_(3) → Na_(2)CO_(3) + H_(2)O + CO_(2); बचा हुआ Na_(2)CO_(3) केक को कड़वा बनाता है।
• बेकिंग पाउडर में टार्टरिक अम्ल इसे उदासीन कर देता है, इसलिए केक कड़वा नहीं होता।
• जल या ऊष्मा मिलने पर बेकिंग पाउडर CO_(2) मुक्त करता है, जिससे ब्रेड और केक मुलायम और स्पंजी बनते हैं।
• बेकिंग सोडा के अन्य उपयोग: प्रतिअम्ल (antacid) (पेट के अतिरिक्त अम्ल को उदासीन करता है) और सोडा-अम्ल अग्निशामक।
• धोने का सोडा Na_(2)CO_(3)·10H_(2)O है — एक अलग लवण।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• बेकिंग सोडा बनाम धोने का सोडा — NaHCO_(3) (खाना पकाना, प्रतिअम्ल) बनाम Na_(2)CO_(3)·10H_(2)O (सफ़ाई, जल की स्थायी कठोरता दूर करना)।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: बेकिंग सोडा का रासायनिक नाम (सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट); अग्निशामक में इसके उपयोग का कारण (आसानी से CO_(2) देता है); इसके निर्माण में अमोनिया के साथ आवश्यक गैस (कार्बन डाइऑक्साइड)।
Acids, Bases and Salts · pH scale and its importance

Q19. H⁺ आयनों की सार्थक सांद्रता वाले एक विलयन का pH मान कितना होगा?

  1. (a) 7
  2. (b) 7 से अधिक
  3. (c) 7 से कम
  4. (d) निर्धारित नहीं किया जा सकता है
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) 7

उत्तर: विकल्प 3 — 7 से कम
H⁺ आयनों की अधिक सांद्रता विलयन को अम्लीय बनाती है, और अम्लीय विलयनों का pH 7 से कम होता है।
H⁺ आयन जितने अधिक, pH उतना ही कम।
रिवीजन नोट — pH स्केल (कक्षा 10)
• pH = हाइड्रोजन की "पोटेंज" (potenz, शक्ति); pH = −log[H⁺]; स्केल 0 से 14 तक होता है।
• pH < 7 → अम्लीय; pH = 7 → उदासीन (शुद्ध जल); pH > 7 → क्षारीय।
• pH में प्रत्येक एक इकाई का परिवर्तन H⁺ सांद्रता में 10 गुना परिवर्तन दर्शाता है।
• सार्वत्रिक सूचक अलग-अलग pH मानों पर अलग-अलग रंग दिखाता है।
• आमाशय रस (HCl) ≈ pH 2; रक्त ≈ 7.4; मुँह का pH 5.5 से कम होने पर दंत क्षय शुरू होता है; अम्लीय वर्षा का pH 5.6 से कम होता है।
• पौधे और जीव-जंतु केवल एक संकीर्ण pH परास में ही जीवित रहते हैं (हमारे शरीर में लगभग 7.0 से 7.8)।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• H⁺ बनाम OH⁻ — अधिक H⁺ आयन: अम्लीय, pH घटता है; अधिक OH⁻ आयन: क्षारीय, pH बढ़ता है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: अधिक H⁺ सांद्रता किसके संगत है (कम pH); pH स्केल पर उदासीन पदार्थ (शुद्ध जल, pH 7); समुद्री जल, रक्त, दूध, सिरका में सबसे कम H⁺ (समुद्री जल)।

Physics (9)

Light - Refraction and Lenses · Refractive index and optical density

Q20. अपवर्तनांक के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

  1. (a) जल का अपवर्तनांक सदैव 1 से अधिक होता है।
  2. (b) किसी दिए गए माध्यम का अपवर्तनांक प्रकाश की तरंग दैर्ध्य से स्वतंत्र होता है।
  3. (c) कांच का अपवर्तनांक 1 से कम होता है।
  4. (d) निर्वात में, अपवर्तनांक केवल प्रकाश की चाल पर निर्भर करता है।
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) निर्वात में, अपवर्तनांक केवल प्रकाश की चाल पर निर्भर करता है।

उत्तर: विकल्प 1 — जल का अपवर्तनांक सदैव 1 से अधिक होता है।
अपवर्तनांक n = निर्वात में प्रकाश की चाल ÷ माध्यम में प्रकाश की चाल।
प्रकाश जल में निर्वात की तुलना में धीमा चलता है, इसलिए जल का n (1.33) 1 से अधिक है।
रिवीजन नोट — अपवर्तनांक
• n = c ÷ v; यह दो चालों का अनुपात है, इसलिए इसका कोई मात्रक नहीं होता।
• मान: निर्वात 1, वायु 1.0003, जल 1.33, क्राउन काँच 1.52, हीरा 2.42 (सामान्य माध्यमों में सबसे अधिक)।
• प्रत्येक पदार्थ माध्यम का n > 1 होता है, क्योंकि प्रकाश निर्वात में सबसे तेज़ चलता है।
• n तरंगदैर्ध्य पर निर्भर करता है — बैंगनी प्रकाश का n लाल से अधिक होता है, इसी कारण प्रिज़्म वर्ण-विक्षेपण करता है।
• अधिक n = प्रकाशतः सघन माध्यम; इसमें जाने वाला प्रकाश अभिलंब की ओर मुड़ता है।
• आपेक्षिक अपवर्तनांक n₂₁ = v₁ ÷ v₂ (माध्यम 1 में चाल ÷ माध्यम 2 में चाल)।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• प्रकाशिक घनत्व बनाम द्रव्यमान घनत्व — मिट्टी का तेल जल से प्रकाशतः सघन है पर जल से हल्का है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: उस ठोस का अपवर्तनांक जिसमें प्रकाश की चाल 3 × 10⁸ m/s से घटकर 2 × 10⁸ m/s हो जाती है (1.5); जल के अपवर्तनांक 1.33 का अर्थ (प्रकाश जल में वायु की तुलना में 1.33 गुना धीमा चलता है)।
Magnetism and Magnetic Effects of Current · Magnets and magnetic properties

Q21. चुंबक के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  1. (a) एक चुंबक में, उत्तरी अथवा दक्षिणी ध्रुव हो सकता है।
  2. (b) एक चुंबक, चुंबकीय क्षेत्र के साथ-साथ विद्युत क्षेत्र भी उत्पन्न करता है।
  3. (c) चुंबक, उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव वाला एक द्विध्रुव है।
  4. (d) एक चुंबक, एक इलेक्ट्रॉन को आकर्षित कर सकता है।
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) चुंबक, उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव वाला एक द्विध्रुव है।

उत्तर: विकल्प 3 — चुंबक, उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव वाला एक द्विध्रुव है।
प्रत्येक चुंबक के दो ध्रुव — उत्तरी और दक्षिणी — होते हैं, इसलिए यह एक चुंबकीय द्विध्रुव है।
चुंबक को तोड़ने पर केवल छोटे चुंबक बनते हैं, जिनमें से प्रत्येक में दोनों ध्रुव होते हैं।
रिवीजन नोट — चुंबक और चुंबकीय ध्रुव
• पृथक चुंबकीय ध्रुव (एकध्रुव) का अस्तित्व नहीं होता; ध्रुव सदैव N–S युग्म में होते हैं।
• स्वतंत्र रूप से लटकाया गया चुंबक उत्तर–दक्षिण दिशा में ठहरता है।
• समान ध्रुव प्रतिकर्षित करते हैं, असमान ध्रुव आकर्षित करते हैं; प्रतिकर्षण चुंबक की पक्की पहचान है।
• चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ बाहर N से S और अंदर S से N की ओर जाती हैं, और बंद लूप बनाती हैं।
• क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को कभी नहीं काटतीं; जहाँ क्षेत्र प्रबल होता है (ध्रुवों के पास), वहाँ वे सघन होती हैं।
• स्थिर चुंबक केवल चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करता है, विद्युत क्षेत्र नहीं।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• चुंबकीय बनाम विद्युत बल — चुंबक लोहा, निकेल, कोबाल्ट को आकर्षित करता है; यह स्थिर इलेक्ट्रॉन (आवेश) को आकर्षित नहीं करता।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: क्षेत्र रेखाओं का वह गुण जो दर्शाता है कि एकध्रुव नहीं होते (वे बंद लूप बनाती हैं); परिनालिका की क्षेत्र रेखाओं का पैटर्न (छड़ चुंबक जैसा)।
Light - Reflection and Mirrors · Spherical mirror terminology

Q22. अवतल दर्पण के लिए, दर्पण के सापेक्ष वक्रता केन्द्र कहाँ स्थित होता है?

  1. (a) दर्पण के पीछे
  2. (b) दर्पण के फोकस बिंदु पर
  3. (c) दर्पण के सामने
  4. (d) दर्पण की सतह पर
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) दर्पण के सामने

उत्तर: विकल्प 3 — दर्पण के सामने
अवतल दर्पण की परावर्तक सतह अंदर की ओर मुड़ी होती है, इसलिए जिस गोले से यह काटा गया है उसका केंद्र परावर्तक पक्ष पर — दर्पण के सामने होता है।
C ध्रुव से R = 2f दूरी पर, फोकस से आगे स्थित होता है।
रिवीजन नोट — गोलीय दर्पण से संबंधित शब्द
• ध्रुव (P): दर्पण की सतह का केंद्र; मुख्य अक्ष: P और C से होकर जाने वाली रेखा।
• वक्रता केंद्र (C): उस गोले का केंद्र जिसका दर्पण एक भाग है — अवतल दर्पण के लिए सामने, उत्तल दर्पण के लिए पीछे।
• वक्रता त्रिज्या (R): दूरी PC; फोकस दूरी f = R/2।
• मुख्य फोकस (F): P और C के ठीक बीच में स्थित; अवतल के लिए वास्तविक, उत्तल के लिए आभासी।
• C से होकर जाने वाली किरण दर्पण पर अभिलंब के अनुदिश पड़ती है और अपने पथ पर वापस लौट आती है।
• चिह्न परिपाटी: अवतल दर्पण के लिए f और R ऋणात्मक होते हैं (आपतित प्रकाश के विपरीत मापे जाते हैं)।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• अवतल बनाम उत्तल — C और F अवतल दर्पण के सामने, उत्तल दर्पण के पीछे होते हैं।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: वक्रता केंद्र से होकर जाने वाली किरण का पथ (यह अपने पथ पर वापस लौटती है); R = 50 सेमी वाले उत्तल दर्पण का फोकस कहाँ होता है (दर्पण के 25 सेमी पीछे)।
Physics Miscellaneous · Physics in daily life

Q23. निम्नलिखित में से कौन-सा विद्युत उपकरण, निम्न तापमान बनाए रखते हुए भोजन को परिरक्षित करने में मदद करता है?

  1. (a) इलेक्ट्रिक केटल (Electric kettle)
  2. (b) माइक्रोवेव (Microwave)
  3. (c) टोस्टर (Toaster)
  4. (d) रेफ्रिजरेटर (Refrigerator)
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) टोस्टर (Toaster)

उत्तर: विकल्प 4 — रेफ्रिजरेटर (Refrigerator)
रेफ्रिजरेटर भोजन को निम्न तापमान पर रखता है, जिससे जीवाणुओं और कवकों की वृद्धि धीमी हो जाती है,
और भोजन अधिक समय तक ताज़ा रहता है।
टोस्टर, माइक्रोवेव और इलेक्ट्रिक केटल — तीनों भोजन या पानी को गर्म करते हैं।
रिवीजन नोट — रेफ्रिजरेटर ठंडा कैसे करता है
• यह भोजन वाले भाग से ऊष्मा बाहर निकालकर पीछे की ओर (काली संघनित्र कुंडलियाँ) छोड़ता है — इसलिए पीछे का भाग गर्म लगता है।
• प्रशीतक (refrigerant) ठंडा करने वाली नलियों के भीतर वाष्पित होते समय ऊष्मा अवशोषित करता है — वाष्पन से ठंडक होती है।
• कंप्रेसर वाष्प को दबाकर फिर से द्रव बनाता है, जिससे चक्र दोहराया जाता है।
• पुराने रेफ्रिजरेटरों में CFCs का उपयोग होता था, जो ओज़ोन परत का क्षय करते हैं; मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (1987) के तहत इन्हें चरणबद्ध रूप से हटाया जा रहा है।
• निम्न तापमान सूक्ष्मजीवों की वृद्धि और एंजाइम क्रिया को धीमा करता है — शीत भंडारण द्वारा खाद्य परिरक्षण का यही आधार है।
• टोस्टर, इलेक्ट्रिक केटल, इस्त्री और हीटर जैसे उपकरण विद्युत धारा के तापीय प्रभाव पर काम करते हैं।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: वह उपकरण जिसमें पहले CFCs का व्यापक उपयोग होता था (रेफ्रिजरेटर)।
Light - Reflection and Mirrors · Concave mirror - image formation and uses

Q24. यदि वस्तु को अवतल दर्पण के सामने उसके वक्रता केंद्र (C) से परे रखा जाए, तो बनने वाला प्रतिबिंब ___________ होगा।

  1. (a) आभासी, सीधा और बड़ा
  2. (b) वास्तविक, उल्टा और छोटा
  3. (c) वास्तविक, उल्टा और बड़ा
  4. (d) आभासी, सीधा और छोटा
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) वास्तविक, उल्टा और बड़ा

उत्तर: विकल्प 2 — वास्तविक, उल्टा और छोटा
वस्तु C से परे होने पर अवतल दर्पण प्रतिबिंब F और C के बीच बनाता है — वास्तविक, उल्टा और छोटा।
रिवीजन नोट — अवतल दर्पण द्वारा प्रतिबिंब निर्माण
• वस्तु अनंत पर → प्रतिबिंब F पर; वास्तविक, उल्टा, अत्यधिक छोटा (बिंदु आकार)।
• वस्तु C से परे → प्रतिबिंब F और C के बीच; वास्तविक, उल्टा, छोटा।
• वस्तु C पर → प्रतिबिंब C पर; वास्तविक, उल्टा, समान आकार।
• वस्तु C और F के बीच → प्रतिबिंब C से परे; वास्तविक, उल्टा, बड़ा।
• वस्तु F पर → प्रतिबिंब अनंत पर; वास्तविक, उल्टा, अत्यधिक बड़ा।
• वस्तु P और F के बीच → प्रतिबिंब दर्पण के पीछे; आभासी, सीधा, बड़ा (शेविंग / मेकअप दर्पण)।
• R = 2f; अवतल दर्पण अभिसारी है — टॉर्च, हेडलाइट, सौर भट्टी, दंत चिकित्सकों के दर्पण में उपयोग।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• C से परे बनाम C और F के बीच — छोटा बनाम बड़ा; प्रतिबिंब और वस्तु के क्षेत्र "अदला-बदली" करते हैं।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: वस्तु C और F के बीच होने पर प्रतिबिंब (वास्तविक, उल्टा और बड़ा, C से परे); वस्तु को C से परे से F की ओर लाने पर परिवर्तन (प्रतिबिंब बड़ा होता है और दूर जाता है)।
Magnetism and Magnetic Effects of Current · Magnetic field and field lines

Q25. एक दंड चुंबक की चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ किसका उपयोग करके नहीं खींची जा सकतीं हैं?

  1. (a) लकड़ी का बुरादा
  2. (b) लोहे का बुरादा
  3. (c) चुंबकीय दिक्सूचक
  4. (d) एक अन्य दंड चुंबक
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) लोहे का बुरादा

उत्तर: विकल्प 1 — लकड़ी का बुरादा
लकड़ी अचुंबकीय होती है, इसलिए उसके कण क्षेत्र के अनुदिश पंक्तिबद्ध नहीं होते और क्षेत्र रेखाओं को नहीं दर्शा सकते।
लोहे का बुरादा, चुंबकीय दिक्सूचक और एक अन्य चुंबक — तीनों क्षेत्र के प्रति प्रतिक्रिया करते हैं, इसलिए प्रत्येक से यह पैटर्न दिखाया जा सकता है।
रिवीजन नोट — चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ (कक्षा 10)
• चुंबक के बाहर क्षेत्र रेखाएँ उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव की ओर जाती हैं; भीतर दक्षिण से उत्तर की ओर — ये बंद वक्र होती हैं।
• दो क्षेत्र रेखाएँ कभी एक-दूसरे को नहीं काटतीं — कटान बिंदु पर दिक्सूचक एक साथ दो दिशाएँ दिखाता।
• जहाँ रेखाएँ पास-पास होती हैं, वहाँ क्षेत्र अधिक प्रबल होता है (ध्रुवों के पास रेखाएँ घनी होती हैं)।
• किसी बिंदु पर क्षेत्र रेखा की स्पर्श रेखा उस बिंदु पर क्षेत्र की दिशा बताती है।
• दिक्सूचक सुई एक छोटा दंड चुंबक है; इसका उत्तरी सिरा क्षेत्र रेखा की दिशा में संकेत करता है।
• चुंबक के चारों ओर छिड़का गया लोहे का बुरादा हल्के से थपथपाने पर क्षेत्र रेखाओं के अनुदिश व्यवस्थित हो जाता है।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• चुंबकीय बनाम अचुंबकीय — लोहा, निकेल, कोबाल्ट चुंबक के प्रति प्रतिक्रिया करते हैं; लकड़ी, प्लास्टिक, कागज, ताँबा नहीं करते।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: पास-पास स्थित क्षेत्र रेखाएँ क्या दर्शाती हैं (अधिक प्रबल चुंबकीय क्षेत्र); धारावाही परिनालिका के भीतर क्षेत्र रेखाओं का पैटर्न (समांतर सरल रेखाएँ)।
दिक्सूचक सुई स्वयं एक छोटा दंड चुंबक है — इसीलिए वह क्षेत्र को रेखा-दर-रेखा अंकित कर सकती है।
Electricity · Ohm's law

Q26. यदि वोल्टता स्थिर रखते हुए परिपथ के प्रतिरोध में वृद्धि की जाए, तो विद्युत-धारा पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

  1. (a) स्थिर रहेगी
  2. (b) दोगुनी हो जाएगी
  3. (c) वृद्धि होगी
  4. (d) घटेगी
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) घटेगी

उत्तर: विकल्प 4 — घटेगी
ओम के नियम से, I = V ÷ R।
V स्थिर रहने पर धारा प्रतिरोध के व्युत्क्रमानुपाती होती है — अधिक प्रतिरोध का अर्थ है कम धारा।
रिवीजन नोट — ओम का नियम
• कथन: स्थिर ताप पर किसी चालक से प्रवाहित धारा उसके सिरों के बीच विभवांतर के अनुक्रमानुपाती होती है: V = IR।
• R = V ÷ I; SI मात्रक ओम (Ω) = 1 वोल्ट प्रति ऐम्पियर।
• स्थिर V पर: R दोगुना करने से I आधी हो जाती है; R आधा करने से I दोगुनी हो जाती है।
• ओमीय चालक का V–I ग्राफ मूल बिंदु से गुजरने वाली सरल रेखा होता है; इसकी प्रवणता से R मिलता है।
• प्रतिरोध स्वयं लंबाई, अनुप्रस्थ-काट क्षेत्रफल, पदार्थ और ताप पर निर्भर करता है, V या I पर नहीं।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• धारा बनाम प्रतिरोध — V बदलने से I बदलती है, पर चालक का प्रतिरोध वही रहता है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: स्थिर वोल्टता पर प्रतिरोध दोगुना करने पर धारा का क्या होता है (आधी हो जाती है); वोल्ट प्रति ऐम्पियर में मापी जाने वाली राशि (प्रतिरोध, मात्रक ओम)।
Light - Refraction and Lenses · Numericals on refraction and lenses

Q27. यदि जल का अपवर्तनांक 1.33 है, तो जल में प्रकाश की चाल लगभग ___________ होगी।

  1. (a) 4×108 m/s
  2. (b) 1.5×108 m/s
  3. (c) 3×108 m/s
  4. (d) 2.26×108 m/s
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) 1.5×108 m/s

सूत्र — अपवर्तनांक।
अपवर्तनांक = निर्वात में प्रकाश की चाल ÷ माध्यम में प्रकाश की चाल
n = c ÷ v ⇒ v = c ÷ n
मान रखें।
c = 3 × 10^(8) m/s, n = 1.33
v = 3 × 10^(8) ÷ 1.33
= 2.26 × 10^(8) m/s
उत्तर: 2.26 × 10^(8) m/s
रिवीजन नोट — अपवर्तनांक और प्रकाश की चाल
• प्रकाश की चाल निर्वात में सबसे अधिक (3 × 10^(8) m/s) होती है; प्रत्येक माध्यम के लिए n > 1।
• चाल: जल (n = 1.33) में लगभग 2.25 × 10^(8) m/s; काँच (n = 1.5) में 2 × 10^(8) m/s; हीरा (n = 2.42) में लगभग 1.24 × 10^(8) m/s।
• अधिक n ⇒ प्रकाशतः सघन ⇒ प्रकाश धीमा।
• अपवर्तन में चाल और तरंगदैर्ध्य बदलते हैं, पर आवृत्ति वही रहती है।
3 × 10^(8) m/s से अधिक कोई भी उत्तर असंभव है — जल में प्रकाश निर्वात से तेज़ कभी नहीं चल सकता।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: 1.5 अपवर्तनांक वाले काँच में प्रकाश की चाल (2 × 10^(8) m/s); प्रकाश का वह गुण जो अपवर्तन में नहीं बदलता (आवृत्ति)।
Electricity · Numericals on electricity

Q28. 220-V लाइन पर, 5 A प्रवाहित करने के लिए आवश्यक 176-Ω प्रतिरोधकों (समांतर क्रम में) की संख्या कितनी होगी?

  1. (a) 8
  2. (b) 2
  3. (c) 4
  4. (d) 16
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) 8

सूत्र — प्रत्येक प्रतिरोधक से धारा।
समांतर क्रम में प्रत्येक प्रतिरोधक को पूरे 220 V मिलते हैं।
एक प्रतिरोधक में धारा = V ÷ R (ओम का नियम)
= 220 ÷ 176 = 1.25 A
प्रतिरोधकों की संख्या।
कुल धारा = संख्या × प्रत्येक में धारा
n = 5 ÷ 1.25 = 4
शॉर्ट ट्रिक।
आवश्यक कुल प्रतिरोध = 220 ÷ 5 = 44 Ω
समांतर क्रम में n समान प्रतिरोधक R मिलकर R ÷ n देते हैं।
176 ÷ n = 44 ⇒ n = 4
उत्तर: 4 प्रतिरोधक
रिवीजन नोट — समांतर क्रम में प्रतिरोधक
• 1/R_(p) = 1/R_(1) + 1/R_(2) + …; n समान प्रतिरोधक R मिलकर R ÷ n देते हैं।
• प्रत्येक शाखा में वोल्टता समान रहती है; धाराएँ जुड़ती हैं।
• R_(p) सबसे छोटे एकल प्रतिरोध से भी कम होता है।
• घरेलू उपकरण समांतर क्रम में जोड़े जाते हैं, ताकि प्रत्येक को पूरी वोल्टता मिले और उसे अलग से चालू/बंद किया जा सके।
176 को 4 से गुणा करना उन्हें श्रेणीक्रम संयोजन मानना है — समांतर क्रम में प्रतिरोध घटता है, बढ़ता नहीं।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: 4 Ω और 12 Ω को समांतर क्रम में 6 V स्रोत से जोड़ने पर कुल धारा (2 A); समांतर संयोजन का तुल्य प्रतिरोध प्रतिरोधकों की तुलना में कैसा होता है (सबसे छोटे से भी कम)।

Economics (3)

Industry and Infrastructure · Public sector undertakings (Maharatna, Navratna, Miniratna)

Q29. अगस्त 2008 में भारत सरकार द्वारा शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SCI) को कौन-सा दर्जा (status) प्रदान किया गया?

  1. (a) महारत्न
  2. (b) दशरत्न
  3. (c) नवरत्न
  4. (d) मिनीरत्न
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) मिनीरत्न

उत्तर: विकल्प 3 — नवरत्न
भारत सरकार ने अगस्त 2008 में शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SCI) को नवरत्न का दर्जा प्रदान किया।
रिवीजन नोट — केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम (CPSE) की दर्जा श्रेणियाँ
• महारत्न (2009–10 में शुरू) — सर्वोच्च दर्जा; बोर्ड सरकारी अनुमोदन के बिना एक परियोजना में ₹5,000 करोड़ तक निवेश कर सकता है।
• नवरत्न (1997 में शुरू) — एक परियोजना में ₹1,000 करोड़ या निवल संपत्ति के 15% तक निवेश।
• मिनीरत्न (श्रेणी I और II) — लगातार लाभ कमाने वाले छोटे CPSEs के लिए।
• SCI की स्थापना 1961 में हुई (ईस्टर्न शिपिंग और वेस्टर्न शिपिंग कॉरपोरेशन के विलय से); मुख्यालय मुंबई; पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अधीन।
• महारत्न के उदाहरण: ONGC, NTPC, IOCL, SAIL, BHEL, कोल इंडिया, GAIL।
• नवरत्न के उदाहरण: BEL, HAL, RCF, कंटेनर कॉरपोरेशन (CONCOR)।
• "दशरत्न" कोई CPSE श्रेणी नहीं है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: नवरत्न दर्जा किसी CPSE को क्या देता है (अधिक प्रबंधकीय और वित्तीय स्वायत्तता); भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड का CPSE दर्जा (नवरत्न)।
Money and Banking · Monetary policy tools (repo, reverse repo, CRR, SLR, MSF, bank rate)

Q30. केंद्रीय बैंक द्वारा वाणिज्यिक बैंकों की आरक्षित आवश्यकता अनुपात को बढ़ाने का प्राथमिक कारण कौन-सा है?

  1. (a) अर्थव्यवस्था में मुद्रा आपूर्ति को कम करना
  2. (b) अर्थव्यवस्था में मुद्रा आपूर्ति को बढ़ाना
  3. (c) वाणिज्यिक बैंकों की लाभप्रदता को कम करना
  4. (d) बैंकों को अधिक ऋण देने के लिए प्रोत्साहित करना
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) अर्थव्यवस्था में मुद्रा आपूर्ति को कम करना

उत्तर: विकल्प 1 — अर्थव्यवस्था में मुद्रा आपूर्ति को कम करना
आरक्षित आवश्यकता बढ़ने पर बैंकों को जमा राशि का बड़ा हिस्सा आरक्षित रखना पड़ता है, इसलिए ऋण देने के लिए कम राशि बचती है।
कम ऋण का अर्थ है कम साख सृजन — मुद्रा आपूर्ति घटती है। यह एक संकुचनकारी कदम है, जिसका उपयोग मुख्यतः मुद्रास्फीति नियंत्रित करने के लिए होता है।
रिवीजन नोट — RBI की मौद्रिक नीति के मात्रात्मक उपकरण
• CRR (नकद आरक्षित अनुपात): जमा राशि का वह हिस्सा जो RBI के पास नकद रखा जाता है; इस पर कोई ब्याज नहीं मिलता। दिसंबर 2024: RBI ने CRR को 4.5% से घटाकर 4% किया।
• SLR (सांविधिक तरलता अनुपात): जमा राशि का वह हिस्सा जो बैंक स्वयं नकद, सोना या अनुमोदित सरकारी प्रतिभूतियों के रूप में रखता है (18%)।
• रेपो दर: वह दर जिस पर RBI बैंकों को अल्पावधि ऋण देता है (दिसंबर 2024 में 6.5%); यह मुख्य नीतिगत दर है।
• रिवर्स रेपो / SDF: वह दर जिस पर RBI बैंकों से अधिशेष निधि अवशोषित करता है।
• खुले बाजार की क्रियाएँ: RBI द्वारा प्रतिभूतियाँ खरीदने से मुद्रा डाली जाती है; बेचने से मुद्रा वापस खींची जाती है।
• CRR, SLR या रेपो बढ़ाना ⇒ महँगी मुद्रा (tight money); इन्हें घटाना ⇒ सस्ती मुद्रा (easy money)। सरल मुद्रा गुणक = 1 ÷ आरक्षित अनुपात।
• 2026 की स्थिति: 2025 की कटौतियों के बाद CRR 3% है।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• CRR बनाम SLR — CRR, RBI के पास रखी गई नकदी है; SLR, बैंक द्वारा अपने पास रखी गई तरल परिसंपत्तियाँ हैं।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: अधिक CRR और SLR का बैंक ऋण पर प्रभाव (ऋण देने की क्षमता घटती है); RBI का एक गुणात्मक (मात्रात्मक नहीं) उपकरण (नैतिक प्रत्यायन); RBI का मुख्य नीतिगत उपकरण (रेपो दर)।
Public Finance - Budget and Taxation · Union Budget - latest highlights

Q31. वार्षिक वित्तीय विवरण 2024-25 के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?1) बजट 2024-25 चार जातियों पर केंद्रित होगा।2) अगले 2 वर्षों में देश भर में 1 करोड़ किसानों को प्रमाणन और ब्रांडिंग द्वारा समर्थित प्राकृतिक खेती शुरू की जाएगी।3) 20,000 आवश्यकता-आधारित जैव-इनपुट संसाधन केंद्र स्थापित किए जाएंगे।4) परिणाम उन्मुख दृष्टिकोण के साथ हब और स्पोक व्यवस्था में 1,000 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक तरीके से विकसित किया जाएगा।

  1. (a) केवल 4
  2. (b) केवल 1
  3. (c) केवल 3
  4. (d) केवल 2
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) केवल 3

उत्तर: विकल्प 3 — केवल 3
बजट 2024-25 में 10,000 आवश्यकता-आधारित जैव-इनपुट संसाधन केंद्रों की घोषणा की गई थी, 20,000 की नहीं, इसलिए कथन 3 गलत है।
शेष तीनों कथन 23 जुलाई 2024 के बजट भाषण से लिए गए हैं।
रिवीजन नोट — केंद्रीय बजट 2024-25 (23 जुलाई 2024)
• निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत — उनका लगातार 7वाँ बजट; अनुच्छेद 112 के अंतर्गत वार्षिक वित्तीय विवरण ही बजट है।
• चार "जातियों" (वर्गों) पर ध्यान: गरीब, महिलाएँ, युवा, अन्नदाता (किसान) — पहली बार फरवरी 2024 के अंतरिम बजट में कहा गया।
• नौ प्राथमिकताएँ; प्राथमिकता 1 = कृषि में उत्पादकता और लचीलापन।
• प्राकृतिक खेती: अगले 2 वर्षों में 1 करोड़ किसानों को प्रमाणन और ब्रांडिंग के साथ इससे जोड़ा जाएगा; 10,000 जैव-इनपुट संसाधन केंद्र।
• कौशल: 1,000 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को हब-एंड-स्पोक व्यवस्था में उन्नत किया जाएगा; 5 वर्षों में 4.1 करोड़ युवाओं के लिए प्रधानमंत्री का 5 योजनाओं का पैकेज।
• 2024-25 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य: GDP का 4.9%।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: प्राकृतिक खेती पर राष्ट्रीय मिशन कितने किसानों तक पहुँचना चाहता है (1 करोड़); 2024-25 में भारतीय रेलवे के लिए पूंजीगत व्यय (₹2.62 लाख करोड़)।

Polity (3)

Fundamental Rights · Right to Freedom (Articles 19-22)

Q32. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत निम्नलिखित में से कौन-सा अधिकार जीवन के अधिकार का हिस्सा नहीं है?

  1. (a) संपत्ति का अधिकार
  2. (b) निजता का अधिकार
  3. (c) निःशुल्क कानूनी सहायता का अधिकार
  4. (d) आजीविका का अधिकार
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) आजीविका का अधिकार

उत्तर: विकल्प 1 — संपत्ति का अधिकार
संपत्ति का अधिकार अनुच्छेद 21 का हिस्सा नहीं है। 44वें संशोधन (1978) ने इसे मौलिक अधिकारों से हटा दिया;
अब यह अनुच्छेद 300A के अंतर्गत एक संवैधानिक विधिक अधिकार है।
निःशुल्क कानूनी सहायता, निजता और आजीविका — तीनों को सर्वोच्च न्यायालय ने अनुच्छेद 21 में शामिल माना है।
रिवीजन नोट — अनुच्छेद 21 (प्राण और दैहिक स्वतंत्रता का संरक्षण)
• पाठ: किसी व्यक्ति को उसके प्राण या दैहिक स्वतंत्रता से विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया के अनुसार ही वंचित किया जाएगा, अन्यथा नहीं (यह विचार जापान से लिया गया)।
• सभी व्यक्तियों को उपलब्ध — नागरिकों और विदेशियों दोनों को।
• मेनका गांधी मामला (1978) ने इसका दायरा बढ़ाया: प्रक्रिया उचित, न्यायसंगत और युक्तियुक्त होनी चाहिए।
• अनुच्छेद 21 में शामिल अधिकार: निजता (के.एस. पुट्टस्वामी, 2017), आजीविका (ओल्गा टेलिस, 1985), निःशुल्क कानूनी सहायता (हुसैनारा खातून, 1979)।
• अन्य शामिल अधिकार: स्वच्छ पर्यावरण, त्वरित विचारण, आश्रय, स्वास्थ्य, गरिमा।
• अनुच्छेद 21A — 6–14 वर्ष के बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा, 86वें संशोधन (2002) द्वारा जोड़ा गया।
• अनुच्छेद 20 और 21 को राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान भी निलंबित नहीं किया जा सकता (44वाँ संशोधन)।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: वह मामला जिसने निजता को मौलिक अधिकार बनाया (के.एस. पुट्टस्वामी, 2017); संपत्ति का अधिकार हटाने वाला संशोधन (44वाँ, 1978); "विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया" का स्रोत (जापान)।
State Government · Special arrangements (Delhi, Puducherry, J&K)

Q33. भारतीय संविधान के निम्नलिखित में से किस अनुच्छेद में कहा गया है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए एक विधानसभा होगी और ऐसी विधानसभा की सीटें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों से प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा चुने गए सदस्यों से भरी जाएंगी?

  1. (a) अनुच्छेद 239 AA
  2. (b) अनुच्छेद 239A
  3. (c) अनुच्छेद 239 B
  4. (d) अनुच्छेद 239 AB
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) अनुच्छेद 239 AA

उत्तर: विकल्प 1 — अनुच्छेद 239 AA
अनुच्छेद 239AA दिल्ली के लिए विशेष उपबंध करता है: यह उसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली नाम देता है और क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों से प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित विधानसभा का प्रावधान करता है।
इसे 69वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1991 द्वारा जोड़ा गया।
रिवीजन नोट — भाग VIII में संघ राज्य क्षेत्र (अनुच्छेद 239–241)
• अनुच्छेद 239 — संघ राज्य क्षेत्रों का प्रशासन राष्ट्रपति एक प्रशासक के माध्यम से करते हैं।
• अनुच्छेद 239A — संसद कुछ संघ राज्य क्षेत्रों के लिए स्थानीय विधानमंडल / मंत्रिपरिषद बना सकती है (पुडुचेरी के लिए प्रयुक्त; 14वें संशोधन, 1962 द्वारा जोड़ा गया)।
• अनुच्छेद 239AA — दिल्ली: विधानसभा (70 सीटें), मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद, और एक उपराज्यपाल।
• अनुच्छेद 239AB — दिल्ली में संवैधानिक तंत्र विफल होने पर राष्ट्रपति 239AA के प्रवर्तन को निलंबित कर सकते हैं।
• अनुच्छेद 239B — संघ राज्य क्षेत्र का विधानमंडल सत्र में न होने पर प्रशासक की अध्यादेश जारी करने की शक्ति।
• दिल्ली की विधानसभा लोक व्यवस्था, पुलिस और भूमि पर कानून नहीं बना सकती — ये विषय केंद्र के पास रहते हैं।
• राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली शासन अधिनियम, 1991 ने 69वें संशोधन को लागू किया।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• 239A बनाम 239AA — 239A सामान्य सक्षमकारी अनुच्छेद है (पुडुचेरी); 239AA केवल दिल्ली के लिए है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: वह संशोधन जिसने दिल्ली को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का नाम दिया (69वाँ संशोधन, 1991); वह अधिनियम जिसने दिल्ली को विधानसभा दी (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली शासन अधिनियम, 1991)।
Parliament · Rajya Sabha

Q34. भारत के राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा के कितने सदस्यों को मनोनीत किया जाता है?

  1. (a) 15
  2. (b) 12
  3. (c) 8
  4. (d) 10
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) 15

उत्तर: विकल्प 2 — 12
अनुच्छेद 80 के अंतर्गत राष्ट्रपति राज्यसभा में 12 सदस्यों को मनोनीत करते हैं।
ये साहित्य, विज्ञान, कला और समाज सेवा में विशेष ज्ञान या व्यावहारिक अनुभव रखने वाले व्यक्ति होते हैं।
रिवीजन नोट — राज्यसभा (राज्यों की परिषद)
• अधिकतम संख्या 250 = राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों के 238 प्रतिनिधि + 12 मनोनीत।
• राज्यों के सदस्यों का निर्वाचन निर्वाचित विधायक एकल संक्रमणीय मत द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति से करते हैं।
• राज्यों को सीटें चौथी अनुसूची के अनुसार आवंटित हैं; सबसे अधिक उत्तर प्रदेश (31) की हैं।
• यह एक स्थायी सदन है — भंग नहीं होता; प्रत्येक 2 वर्ष में एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं।
• सदस्य का कार्यकाल 6 वर्ष; न्यूनतम आयु 30 वर्ष।
• उपराष्ट्रपति इसके पदेन सभापति होते हैं।
• लोकसभा: राष्ट्रपति 2 आंग्ल-भारतीय मनोनीत कर सकते थे — यह प्रावधान 104वें संशोधन (2019) से समाप्त हो गया।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• 12 बनाम 2 — राज्यसभा में 12 मनोनीत सदस्य; लोकसभा में पुराना आंग्ल-भारतीय मनोनयन 2 का था।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: राज्यसभा की संरचना निर्धारित करने वाला अनुच्छेद (अनुच्छेद 80); राज्यसभा की अधिकतम सदस्य संख्या (250)।

Current Affairs (4)

International Affairs and Summits · Summits and conferences

Q35. क्वाड लीडर्स समिट (Quad Leaders' Summit) के संबंध में, निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?1) क्वाड लीडर्स समिट का आयोजन 2024 में विलमिंगटन (अमेरिका) में किया गया।2) वर्ष 2024 में समूह के गठन के 22 वर्ष पूरे हो गए।3) भारत, 2025 क्वाड लीडर्स समिट की मेजबानी करेगा।

  1. (a) केवल 2 और 3
  2. (b) केवल 1 और 3
  3. (c) केवल 1
  4. (d) केवल 1 और 2
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) केवल 1

उत्तर: विकल्प 2 — केवल 1 और 3
2024 का क्वाड लीडर्स समिट अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की मेजबानी में सितंबर 2024 में विलमिंगटन, डेलावेयर में आयोजित हुआ, और विलमिंगटन घोषणा-पत्र में भारत को 2025 के समिट का मेजबान घोषित किया गया।
कथन 2 गलत है: 2024 में 20 वर्ष पूरे हुए, 22 नहीं — यह गणना 2004 की हिंद महासागर सुनामी के समय से होती है, जब चारों देशों ने पहली बार मिलकर कार्य किया।
रिवीजन नोट — क्वाड (चतुर्पक्षीय सुरक्षा संवाद)
• सदस्य: भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया; फोकस: एक स्वतंत्र, खुला और समावेशी हिंद-प्रशांत।
• जड़ें: 2004 का सुनामी कोर ग्रुप; इस संवाद का प्रस्ताव पहली बार 2007 में जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने रखा, फिर यह निष्क्रिय हो गया और 2017 में पुनर्जीवित हुआ।
• पहला लीडर्स समिट: वर्चुअल, मार्च 2021; पहला प्रत्यक्ष (in-person) समिट: वाशिंगटन डी.सी., सितंबर 2021।
• बाद के समिट: टोक्यो (2022), हिरोशिमा (2023), विलमिंगटन (21 सितंबर 2024)।
• विलमिंगटन के परिणाम: क्वाड कैंसर मूनशॉट (सर्वाइकल कैंसर) और प्रस्तावित क्वाड-एट-सी शिप ऑब्ज़र्वर मिशन।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• 2004 बनाम 2007 — 2004 वह सुनामी सहयोग है जिससे "20 वर्ष" गिने जाते हैं; 2007 में क्वाड संवाद का पहली बार प्रस्ताव रखा गया।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: पहले प्रत्यक्ष क्वाड लीडर्स समिट का मेजबान (संयुक्त राज्य अमेरिका, 2021); क्वाड का पहली बार प्रस्ताव कब रखा गया (2007); क्वाड का प्रमुख फोकस क्षेत्र (हिंद-प्रशांत)।
Science, Technology and Space - Current · Technology launches and AI

Q36. जून 2024 में किस IIT के विद्यार्थियों और प्रोफेसरों ने एक अभिनव (innovative) अग्नि बचाव ड्रोन विकसित किया है?

  1. (a) IIT दिल्ली
  2. (b) IIT मद्रास
  3. (c) IIT मंडी
  4. (d) IIT धारवाड़
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) IIT दिल्ली

उत्तर: विकल्प 4 — IIT धारवाड़
IIT धारवाड़ (कर्नाटक) के विद्यार्थियों और प्रोफेसरों की एक टीम ने 31 मई – 1 जून 2024 को आयोजित एक कार्यशाला में एक अभिनव अग्नि बचाव ड्रोन प्रस्तुत किया।
रिवीजन नोट — IIT धारवाड़ का अग्नि बचाव ड्रोन (जून 2024)
• IIT धारवाड़ के प्रो. सुधीर सिद्दापुरेड्डी और प्रो. अमीर मुल्ला के नेतृत्व में विकसित।
• TiHAN फाउंडेशन (IIT हैदराबाद स्थित स्वायत्त नेविगेशन प्रौद्योगिकी हब) का सहयोग, भारत सरकार के वित्तपोषण के साथ।
• थर्मल इमेजिंग से हॉटस्पॉट का पता लगाता है, आग के फैलाव पर नज़र रखता है और लपटों की तीव्रता का आकलन करता है।
• कालिख-रोधी सेंसर, लचीली ऊष्मा-ढाल और सघन (compact) ढाँचे से बना है, ताकि तंग, धुएँ से भरे स्थानों में जा सके।
• रेलवे स्टेशनों, मॉल और तीर्थ स्थलों पर भीड़ सुरक्षा तथा रात में या कम दृश्यता में आग का पता लगाने के लिए भी उपयोगी।
यह ड्रोन अग्निशमन कर्मियों को आग देखने और उसका स्थान पता लगाने में मदद करता है; यह पहचान और आकलन का साधन है।
Sports - Current · Olympics, Asian Games and Commonwealth Games - current

Q37. कपिल परमार ने पैरालिंपिक गेम्स 2024 में, किस खेल में भारत को पहला पदक दिलाकर इतिहास रचा?

  1. (a) टेबल टेनिस (Table Tennis)
  2. (b) जूडो (Judo)
  3. (c) निशानेबाज़ी (Shooting)
  4. (d) तलवारबाज़ी (Fencing)
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) तलवारबाज़ी (Fencing)

उत्तर: विकल्प 2 — जूडो (Judo)
कपिल परमार ने पेरिस पैरालिंपिक 2024 में पुरुषों की 60 किग्रा J1 (दृष्टिबाधित) जूडो स्पर्धा में कांस्य पदक जीता — यह जूडो में भारत का पहला पैरालिंपिक पदक है।
रिवीजन नोट — पेरिस पैरालिंपिक 2024 में भारत
• खेल पेरिस में 28 अगस्त – 8 सितंबर 2024 तक आयोजित हुए; भारत ने अब तक के सर्वश्रेष्ठ 29 पदक (7 स्वर्ण, 9 रजत, 13 कांस्य) जीते।
• कपिल परमार — पहला पैरालिंपिक जूडो पदक (कांस्य, 60 किग्रा J1)।
• हरविंदर सिंह — भारत का पहला पैरालिंपिक तीरंदाज़ी स्वर्ण (पुरुष व्यक्तिगत रिकर्व ओपन)।
• अवनि लेखरा — 10 मीटर एयर राइफल SH1 का स्वर्ण बरकरार रखा; सुमित अंतिल — भाला फेंक F64 स्वर्ण।
• नवदीप सिंह — भाला फेंक F41 स्वर्ण; प्रवीण कुमार — ऊँची कूद T64 स्वर्ण।
• शीतल देवी और राकेश कुमार — मिश्रित टीम कंपाउंड तीरंदाज़ी स्पर्धा में कांस्य।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: पेरिस 2024 में भारत का पहला पैरालिंपिक तीरंदाज़ी स्वर्ण (हरविंदर सिंह); शीतल देवी के पेरिस 2024 पदक का खेल (तीरंदाज़ी); भाला फेंक F41 के स्वर्ण पदक विजेता (नवदीप सिंह)।
National Affairs and Government Initiatives · New government schemes and missions

Q38. इलेक्ट्रिक वाहनों को अल्पकालिक सहायता प्रदान करने के लिए मार्च 2024 में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्रोत्साहन योजना निम्नलिखित में से किस मंत्रालय ने शुरू की?

  1. (a) सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय
  2. (b) कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय
  3. (c) पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
  4. (d) भारी उद्योग मंत्रालय
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय

उत्तर: विकल्प 4 — भारी उद्योग मंत्रालय
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्रोत्साहन योजना (EMPS) 2024 की घोषणा मार्च 2024 में भारी उद्योग मंत्रालय (MHI) ने की।
यह एक अल्पकालिक योजना थी, ताकि 31 मार्च 2024 को FAME-II समाप्त होने के बाद भी इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की माँग बनी रहे।
रिवीजन नोट — भारत की इलेक्ट्रिक वाहन योजनाएँ
• EMPS 2024: परिव्यय ₹500 करोड़, अवधि अप्रैल–जुलाई 2024; बाद में सितंबर 2024 तक बढ़ाई गई।
• इसमें इलेक्ट्रिक दोपहिया (e-2W) और इलेक्ट्रिक तिपहिया (e-3W) वाहनों पर सब्सिडी दी गई।
• FAME इंडिया (Faster Adoption and Manufacturing of Hybrid and Electric Vehicles): चरण I 2015 से, चरण II 2019 से — यह भी MHI के अधीन।
• PM E-DRIVE (सितंबर 2024, परिव्यय ₹10,900 करोड़) ने EMPS का स्थान लिया — e-2W, e-3W, ई-बस, ई-एम्बुलेंस, ई-ट्रक और चार्जिंग स्टेशनों के लिए।
• उन्नत रसायन सेल (ACC) बैटरी भंडारण के लिए PLI तथा ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट के लिए PLI भी MHI द्वारा चलाई जाती हैं।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• भारी उद्योग बनाम सड़क परिवहन — सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) सड़कें, वाहन पंजीकरण और नियम देखता है; EV सब्सिडी योजनाएँ MHI के पास हैं।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: ₹10,900 करोड़ परिव्यय वाली 2024 की EV योजना, जो e-2W, e-3W, ई-बस और चार्जिंग अवसंरचना पर सब्सिडी देती है (PM E-DRIVE)।

Static GK (2)

Books and Authors · Modern Indian books and authors

Q39. कालजयी भारतीय उपन्यास (classic Indian novel) 'चन्द्रकांता' मूलतः किस भाषा में लिखा गया था?

  1. (a) बंगाली
  2. (b) उर्दू
  3. (c) तमिल
  4. (d) हिन्‍दी
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) बंगाली

उत्तर: विकल्प 4 — हिंदी
चंद्रकांता (1888) देवकीनंदन खत्री द्वारा हिंदी में लिखा गया था।
तिलिस्म (जादुई भूलभुलैया) और ऐयारों (भेष बदलने वाले जासूसों) की इसकी काल्पनिक साहसिक कथा इतनी लोकप्रिय हुई कि कहा जाता है, बहुत से लोगों ने केवल इसे पढ़ने के लिए हिंदी सीखी।
रिवीजन नोट — प्रमुख हिंदी उपन्यास
• चंद्रकांता और इसका अगला भाग चंद्रकांता संतति — देवकीनंदन खत्री; बाद में इस पर टीवी धारावाहिक बना (1994)।
• परीक्षा गुरु (1882), लाला श्रीनिवास दास — इसे प्रायः हिंदी का पहला उपन्यास कहा जाता है।
• गोदान (1936) — मुंशी प्रेमचंद; किसान होरी और गाय पाने का उसका सपना।
• मैला आँचल (1954) — फणीश्वरनाथ रेणु; ऐतिहासिक आंचलिक उपन्यास।
• तमस (1974) — भीष्म साहनी; विभाजन की सांप्रदायिक हिंसा।
• रेत समाधि (Tomb of Sand) — गीतांजलि श्री; अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार (2022) जीतने वाला पहला हिंदी उपन्यास, अनुवाद डेज़ी रॉकवेल ने किया।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• चंद्रकांता बनाम परीक्षा गुरु — चंद्रकांता प्रसिद्ध आरंभिक लोकप्रिय हिंदी उपन्यास है; परीक्षा गुरु को प्रायः हिंदी का पहला उपन्यास कहा जाता है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: गोदान के लेखक (प्रेमचंद); मैला आँचल के लेखक (फणीश्वरनाथ रेणु); तमस के लेखक (भीष्म साहनी); अंतरराष्ट्रीय बुकर जीतने वाली पहली हिंदी लेखिका (गीतांजलि श्री)।
Monuments and Heritage · Temples and religious places

Q40. नृत्य महोत्सव के अलावा ‘मामल्लपुरम’ (‘Mamallapuram’) का मुख्य आकर्षण क्या है?

  1. (a) आधुनिक कला दीर्घाएँ
  2. (b) वन्यजीव अभयारण्य
  3. (c) स्थानीय हस्तशिल्प
  4. (d) मंदिरों का स्थापत्य सौंदर्य
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) स्थानीय हस्तशिल्प

उत्तर: विकल्प 4 — मंदिरों का स्थापत्य सौंदर्य
तमिलनाडु का मामल्लपुरम (महाबलीपुरम) अपने 7वीं–8वीं शताब्दी के पल्लव कालीन शैलकृत और संरचनात्मक मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है।
मामल्लपुरम नृत्य महोत्सव स्वयं इन्हीं स्मारकों की पृष्ठभूमि में आयोजित होता है।
रिवीजन नोट — मामल्लपुरम के स्मारक समूह
• इनका निर्माण पल्लवों ने किया; नगर का नाम नरसिंहवर्मन प्रथम "मामल्ल" के नाम पर है।
• पंच रथ — पाँच एकाश्म शैलकृत मंदिर (7वीं शताब्दी)।
• तट मंदिर (Shore Temple) — नरसिंहवर्मन द्वितीय (राजसिंह) द्वारा 8वीं शताब्दी के आरंभ में बनाया गया संरचनात्मक मंदिर।
• गंगा अवतरण / अर्जुन की तपस्या — एक विशाल खुली चट्टान पर उकेरी गई उभरी नक्काशी।
• मुख्यतः ग्रेनाइट से तराशे गए; द्रविड़ शैली का प्रारंभिक उदाहरण।
• 1984 से यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल।
• मामल्लपुरम नृत्य महोत्सव प्रतिवर्ष दिसंबर–जनवरी में तमिलनाडु पर्यटन द्वारा आयोजित किया जाता है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: तट मंदिर का निर्माण करने वाला शासक (नरसिंहवर्मन द्वितीय); वह चट्टान जिससे महाबलीपुरम के स्मारक तराशे गए हैं (ग्रेनाइट)।

Geography (1)

Environment and Protected Areas · Biosphere reserves

Q41. निम्नलिखित जैवमंडलीय भंडार गृहों (Biosphere Reserves) का उनसे संबंधित राज्यों से मिलान करें।जैवमंडलीय भंडार गृह राज्य1. नोकरेक a. मेघालय2. पन्ना b. मध्य प्रदेश3. मानस c. असम

  1. (a) 1-a, 2-c, 3-b
  2. (b) 1-c, 2-b, 3-a
  3. (c) 1-a, 2-b, 3-c
  4. (d) 1-b, 2-a, 3-c
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) 1-b, 2-a, 3-c

उत्तर: विकल्प 3 — 1-a, 2-b, 3-c
नोकरेक मेघालय की गारो पहाड़ियों में, पन्ना मध्य प्रदेश में और मानस असम में स्थित है।
रिवीजन नोट — भारत के जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र
• यूनेस्को के मानव और जैवमंडल (MAB) कार्यक्रम (शुरुआत 1971) के अंतर्गत स्थापित; भारत में 18 जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र हैं।
• पहला: नीलगिरि (1986) — तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक; यूनेस्को के विश्व नेटवर्क में शामिल होने वाला पहला भारतीय आरक्षित क्षेत्र (2000)।
• सबसे बड़ा: ग्रेट रण ऑफ कच्छ (गुजरात); अन्य बड़े: मन्नार की खाड़ी, सुंदरबन।
• नोकरेक (मेघालय) — गारो पहाड़ियाँ; जंगली नींबू (Citrus indica) के लिए प्रसिद्ध; यूनेस्को नेटवर्क 2009।
• पन्ना (मध्य प्रदेश) — केन नदी पर, यह टाइगर रिज़र्व भी है; यूनेस्को नेटवर्क 2020। मध्य प्रदेश में पचमढ़ी भी है और अचानकमार-अमरकंटक छत्तीसगढ़ के साथ साझा है।
• मानस (असम) — भूटान सीमा पर; यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल और टाइगर रिज़र्व भी है; पिग्मी हॉग और गोल्डन लंगूर का आवास। असम का दूसरा आरक्षित क्षेत्र: डिब्रू-सैखोवा।
• परीक्षा के समय 12 भारतीय आरक्षित क्षेत्र यूनेस्को के विश्व नेटवर्क में थे। 2026 की स्थिति: शीत मरुस्थल (हिमाचल प्रदेश) आरक्षित क्षेत्र 2025 में जोड़ा गया, जिससे यह संख्या 13 हो गई।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: मध्य प्रदेश में स्थित जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र (पन्ना); जैवमंडल आरक्षित क्षेत्रों से जुड़ा यूनेस्को कार्यक्रम (MAB); भारत का पहला शीत मरुस्थल जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र (स्पीति-लाहौल, हिमाचल प्रदेश)।

Modern History (1)

Swadeshi, Revolutionaries and Home Rule · HRA, HSRA, Bhagat Singh and Kakori

Q42. हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) की स्थापना 1928 में, निम्नलिखित में से किस शहर में की गई थी?

  1. (a) कलकत्ता
  2. (b) लाहौर
  3. (c) पुणे
  4. (d) दिल्ली
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) दिल्ली

उत्तर: विकल्प 4 — दिल्ली
हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन की स्थापना सितंबर 1928 में दिल्ली के फिरोज शाह कोटला मैदान में हुई एक बैठक में की गई थी।
इसने पुराने हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) का पुनर्गठन किया और अपने उद्देश्यों में समाजवाद को जोड़ा।
रिवीजन नोट — HRA, HSRA और भगत सिंह
• HRA — 1924 में कानपुर में शचींद्रनाथ सान्याल, जोगेश चंद्र चटर्जी और अन्य द्वारा स्थापित; राम प्रसाद बिस्मिल इसके प्रमुख नेता थे।
• काकोरी ट्रेन डकैती — 9 अगस्त 1925, HRA द्वारा; बिस्मिल, अशफाकउल्ला खाँ, राजेंद्र लाहिड़ी और रोशन सिंह को फाँसी दी गई।
• HSRA — 1928, दिल्ली; नेता चंद्रशेखर आजाद (सेनापति), भगत सिंह, सुखदेव, भगवती चरण वोहरा।
• सॉन्डर्स की हत्या — दिसंबर 1928, लाहौर, साइमन कमीशन के विरोध पर हुए लाठीचार्ज के बाद लाला लाजपत राय की मृत्यु का बदला लेने के लिए।
• केंद्रीय विधान सभा बम कांड — 8 अप्रैल 1929, भगत सिंह और बी.के. दत्त द्वारा ("बहरों को सुनाने के लिए")।
• भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को 23 मार्च 1931 को लाहौर में फाँसी दी गई; आजाद 27 फरवरी 1931 को अल्फ्रेड पार्क, इलाहाबाद में शहीद हुए।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• HRA बनाम HSRA — HRA: 1924, कानपुर, काकोरी; HSRA: 1928, दिल्ली, सॉन्डर्स और विधान सभा बम कांड।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: बी.के. दत्त के साथ विधान सभा में बम फेंकने वाले HSRA के सह-संस्थापक (भगत सिंह); HRA के गठन का वर्ष (1924); काकोरी ट्रेन डकैती के पीछे का संगठन (HRA)।

Medieval History (1)

Delhi Sultanate · Sultanate administration and iqta system

Q43. दिल्ली सल्तनत में एक 'इक्ता' (‘iqta’) धारक, जो अपने 'इक्ता' के प्रशासनिक प्रमुख के रूप में भी काम करता था, को ________ नाम दिया गया था।

  1. (a) मुक्ति (muqti)
  2. (b) एरिज़ (ariz)
  3. (c) काजी (qazi)
  4. (d) वज़ीर (wazir)
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) काजी (qazi)

उत्तर: विकल्प 1 — मुक्ति (muqti)
इक्ता (वेतन के बदले दिया गया राजस्व-क्षेत्र) के धारक को मुक्ति या इक्तादार कहा जाता था।
वह इक्ता का राजस्व वसूलता था, उसी से अपने सैनिकों को वेतन देता था, और वहाँ का प्रशासन तथा कानून-व्यवस्था चलाता था।
रिवीजन नोट — दिल्ली सल्तनत का प्रशासन
• इक्ता प्रणाली की स्थापना इल्तुतमिश (मामलुक / गुलाम वंश) ने की।
• आरंभ में इक्ता हस्तांतरणीय थे, वंशानुगत नहीं; फिरोज शाह तुगलक ने इन्हें वंशानुगत बना दिया।
• अलाउद्दीन खिलजी और मुहम्मद बिन तुगलक ने लेखाकारों और लेखा-परीक्षा के माध्यम से मुक्तियों पर कड़ा नियंत्रण रखा।
• वज़ीर — वित्त विभाग (दीवान-ए-विज़ारत) का प्रमुख।
• आरिज़-ए-मुमालिक — सैन्य विभाग (दीवान-ए-अर्ज़, बलबन द्वारा स्थापित) का प्रमुख।
• काजी — इस्लामी कानून (शरिया) लागू करने वाला न्यायाधीश; सद्र धार्मिक मामलों को देखता था।
• ग्राम-स्तर के अधिकारी: खुत, मुकद्दम (मुखिया) और पटवारी (लेखाकार)।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• मुक्ति बनाम मनसबदार — मुक्ति सल्तनत की इक्ता प्रणाली से संबंधित है; मनसबदार मुगलों की मनसब प्रणाली से।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: अपने इक्ता में मुक्तियों का मुख्य कर्तव्य (सैन्य अभियानों का नेतृत्व करना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना); इक्ता प्रणाली आरंभ करने वाला वंश (मामलुक वंश)।
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