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RRB JE CBT-1 2024-25 18 दिसंबर 2024 शिफ्ट 3 – GK प्रश्न – उत्तर व व्याख्या सहित

RRB JE CBT-1 2024-25 (18 दिसंबर 2024 शिफ्ट 3) में पूछे गए सभी 40 GK / सामान्य अध्ययन प्रश्न, सही उत्तर और व्याख्या के साथ – विषयवार।

📚 40 प्रश्न🗓️ 18 दिसंबर 2024⏰ शिफ्ट 3
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विषय: Physics (10) · Polity (3) · Biology (10) · Current Affairs (5) · Chemistry (7) · Modern History (1) · Static GK (2) · Economics (1) · Geography (1)

Physics (10)

Light - Refraction and Lenses · Convex lens - image formation and uses

Q1. एक लेंस में ________ मुख्य फोकस होते हैं।

  1. (a) 4
  2. (b) 1
  3. (c) 2
  4. (d) 3
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) 2

उत्तर: विकल्प 3 — 2
प्रकाश लेंस से दोनों ओर से गुजर सकता है, इसलिए लेंस के दो मुख्य फोकस होते हैं, F₁ और F₂,
प्रकाशिक केंद्र के दोनों ओर एक-एक।
रिवीजन नोट — गोलीय लेंस के पद
• प्रकाशिक केंद्र (O) — लेंस का केंद्रीय बिंदु; इससे गुजरने वाली किरण बिना विचलन के निकलती है।
• मुख्य फोकस — उत्तल लेंस: समांतर किरणें इस पर अभिसरित होती हैं (वास्तविक); अवतल लेंस: वे इससे अपसरित होती प्रतीत होती हैं (आभासी)।
• फोकस दूरी (f) — प्रकाशिक केंद्र से मुख्य फोकस तक की दूरी।
• लेंस सूत्र: 1/v − 1/u = 1/f; आवर्धन m = v/u।
• क्षमता P = 1/f (f मीटर में); मात्रक डायोप्टर (D); उत्तल लेंस +, अवतल लेंस −।
• उत्तल लेंस: वस्तु F और O के बीच ⇒ प्रतिबिंब आभासी, सीधा, आवर्धित (आवर्धक लेंस)।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• लेंस बनाम दर्पण — लेंस के दो मुख्य फोकस होते हैं; गोलीय दर्पण का केवल एक, क्योंकि प्रकाश दर्पण से पार नहीं जाता।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: प्रकाशिक केंद्र से गुजरने वाली किरण (बिना विचलन); समांतर किरणों को फोकस करने वाला लेंस (उत्तल); उत्तल लेंस के O और F के बीच रखी वस्तु का प्रतिबिंब (आभासी, सीधा, आवर्धित)।
Physics Miscellaneous · Physicists and their discoveries

Q2. विद्युत चुम्बकीय प्रेरण की खोज का श्रेय किस वैज्ञानिक को दिया जाता है?

  1. (a) माइकल फैराडे (Michael Faraday)
  2. (b) थॉमस एडिसन (Thomas Edison)
  3. (c) आइजैक न्यूटन (Isaac Newton)
  4. (d) निकोला टेस्ला (Nikola Tesla)
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) माइकल फैराडे (Michael Faraday)

उत्तर: विकल्प 1 — माइकल फैराडे (Michael Faraday)
1831 में माइकल फैराडे ने दिखाया कि किसी कुंडली से गुजरने वाला परिवर्ती चुंबकीय क्षेत्र
उसमें धारा प्रेरित करता है — विद्युत चुंबकीय प्रेरण।
रिवीजन नोट — विद्युत चुंबकीय प्रेरण
• फैराडे का नियम — प्रेरित emf चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन की दर के समानुपाती होता है।
• लेंज़ का नियम — प्रेरित धारा इस प्रकार बहती है कि वह उसे उत्पन्न करने वाले परिवर्तन का विरोध करे।
• प्रेरित धारा अधिक फेरों, प्रबल चुंबक और तीव्र गति से बढ़ती है।
• फ्लेमिंग का दक्षिण-हस्त नियम प्रेरित धारा की दिशा बताता है (जनित्र); वाम-हस्त नियम चालक पर बल बताता है (मोटर)।
• अनुप्रयोग: AC जनित्र (डायनेमो), ट्रांसफॉर्मर, इंडक्शन कुकटॉप, धातु संसूचक।
• धारिता का मात्रक फैरड (F) फैराडे के नाम पर है।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• ओर्स्टेड बनाम फैराडे — ओर्स्टेड (1820): विद्युत धारा चुंबकत्व उत्पन्न करती है; फैराडे (1831): परिवर्ती चुंबकत्व धारा उत्पन्न करता है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: प्रेरित धारा की दिशा (फ्लक्स परिवर्तन का विरोध करती है — लेंज़ का नियम); जनित्र का सिद्धांत (विद्युत चुंबकीय प्रेरण); अधिक प्रेरित धारा (अधिक फेरे, तीव्र गति)।
Human Eye and the Colourful World · Prism and dispersion of light

Q3. प्रकाश के परिक्षेपन (dispersed) से उत्पन्न रंगों के बैंड को क्या कहते हैं?

  1. (a) परावर्तन (Reflection)
  2. (b) अपवर्तन (Refraction)
  3. (c) अवशोषण (Absorption)
  4. (d) स्पेक्ट्रम (Spectrum)
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) स्पेक्ट्रम (Spectrum)

उत्तर: विकल्प 4 — स्पेक्ट्रम (Spectrum)
जब श्वेत प्रकाश अपने रंगों में विभक्त होता है (विक्षेपण), तो बनने वाले रंगों के बैंड को
स्पेक्ट्रम कहते हैं — VIBGYOR (बैंजनी, जामुनी, नीला, हरा, पीला, नारंगी, लाल)।
रिवीजन नोट — प्रकाश का विक्षेपण
• विक्षेपण — काँच के प्रिज्म द्वारा श्वेत प्रकाश का उसके घटक रंगों में विभक्त होना।
• कारण — प्रत्येक रंग की तरंगदैर्ध्य अलग होती है, इसलिए काँच में वह अलग मात्रा में मुड़ता है।
• बैंजनी रंग सबसे अधिक, लाल सबसे कम मुड़ता है; लाल की तरंगदैर्ध्य सबसे अधिक होती है।
• आइज़क न्यूटन ने सबसे पहले प्रिज्म से सूर्य के प्रकाश का स्पेक्ट्रम प्राप्त किया (1666)।
• उलटा रखा दूसरा प्रिज्म रंगों को फिर से मिलाकर श्वेत प्रकाश बना देता है।
• इंद्रधनुष वर्षा की बूँदों में अपवर्तन, विक्षेपण और आंतरिक परावर्तन से बनता है; यह तब दिखता है जब सूर्य प्रेक्षक के पीछे हो।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• विक्षेपण बनाम स्पेक्ट्रम — विक्षेपण प्रक्रिया है; स्पेक्ट्रम उससे बना रंगों का बैंड है।
• विक्षेपण बनाम प्रकीर्णन — विक्षेपण से इंद्रधनुष बनता है; प्रकीर्णन से नीला आकाश और लाल सूर्यास्त।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: प्रिज्म द्वारा स्पेक्ट्रम बनने का कारण (विक्षेपण); विक्षेपण की व्याख्या सबसे पहले किसने की (आइज़क न्यूटन); उलटे दूसरे प्रिज्म का प्रभाव (रंग फिर से मिलकर श्वेत प्रकाश बनाते हैं)।
Light - Reflection and Mirrors · Numericals on mirrors

Q4. एक बिंब को 15 cm फोकस दूरी वाले उत्तल दर्पण से 30 cm की दूरी पर रखा गया है। दर्पण सूत्र (mirror formula) का उपयोग करके प्रतिबिंब दूरी (v) की गणना कीजिए।

  1. (a) 10 cm
  2. (b) −10 cm
  3. (c) 15 cm
  4. (d) −15 cm
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) 10 cm

दर्पण सूत्र।
1/v + 1/u = 1/f
चिह्न (नई कार्तीय चिह्न परिपाटी)।
बिंब दर्पण के सामने है ⇒ u = −30 cm
उत्तल दर्पण का फोकस उसके पीछे होता है ⇒ f = +15 cm
v ज्ञात करें।
1/v = 1/f − 1/u
1/v = 1/15 − 1/(−30)
1/v = 1/15 + 1/30
1/v = 2/30 + 1/30 = 3/30 = 1/10
v = +10 cm
+ चिह्न का अर्थ है कि प्रतिबिंब दर्पण के पीछे बनता है — आभासी और सीधा।
उत्तर: 10 cm
रिवीजन नोट — दर्पण सूत्र और चिह्न परिपाटी
• दर्पण सूत्र: 1/v + 1/u = 1/f; गोलीय दर्पण के लिए f = R/2।
• बिंब दूरी u सदैव ऋणात्मक होती है (बिंब दर्पण के सामने होता है)।
• अवतल दर्पण: f ऋणात्मक; उत्तल दर्पण: f धनात्मक।
• धनात्मक v ⇒ प्रतिबिंब दर्पण के पीछे (आभासी); ऋणात्मक v ⇒ प्रतिबिंब दर्पण के सामने (वास्तविक)।
• आवर्धन m = −v/u; यहाँ m = −10/(−30) = +1/3 — सीधा और छोटा।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: R = 2 m वाला उत्तल दर्पण और उससे 3 m दूर एक कार (प्रतिबिंब दर्पण के 0.75 m पीछे); R = 50 cm वाले उत्तल दर्पण से समांतर किरण-पुंज कहाँ से अपसरित होता प्रतीत होता है (दर्पण के 25 cm पीछे)।
विकल्प 2 (−10 cm) f को −15 cm लेने से आता है — उत्तल दर्पण की फोकस दूरी धनात्मक होती है।
Electricity · Numericals on electricity

Q5. 400 W अनुमतांक ( rated) वाला एक इलेक्ट्रिक रेफ्रिजरेटर 8 घंटे/दिन संचालित होता है। ₹3.00 प्रति kW h की दर से इसे 30 दिनों तक संचालित करने के लिए ऊर्जा की लागत कितनी है?

  1. (a) ₹288
  2. (b) ₹36
  3. (c) ₹9.6
  4. (d) ₹400
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) ₹288

खपत हुई ऊर्जा।
ऊर्जा (kWh) = शक्ति (kW) × समय (घंटे)
शक्ति = 400 W = 0.4 kW
समय = 8 घंटे/दिन × 30 दिन = 240 घंटे
ऊर्जा = 0.4 × 240 = 96 kWh
लागत।
लागत = ऊर्जा × दर
लागत = 96 × ₹3 = ₹288
उत्तर: ₹288
रिवीजन नोट — विद्युत ऊर्जा और उसका व्यावसायिक मात्रक
• 1 kWh = 1 घंटे तक 1 kW का उपयोग = बिजली की 1 यूनिट।
• 1 kWh = 3.6 × 10^(6) J।
• विद्युत शक्ति P = VI = I²R = V²/R; मात्रक वाट।
• घंटों से गुणा करने से पहले सदैव W को kW में बदलें (÷ 1000)।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: 60 W का बल्ब प्रतिदिन 5 घंटे, 30 दिन तक चलाने पर खपत यूनिटें (9 यूनिट); ₹4 प्रति यूनिट की दर से 2.2 kW की केतली 30 मिनट चलाने की लागत (₹4.40)।
₹36 प्रतिदिन के 8 घंटे भूल जाने से आता है — गुणा करने से पहले कुल घंटे गिनें।
Magnetism and Magnetic Effects of Current · Magnetic field due to current (Oersted, right-hand thumb rule)

Q6. एक तार के वृत्ताकार लूप (circular loop) का अग्र फलक (front face) उत्तरी ध्रुव है। लूप के इस फलक में धारा की दिशा ______________होगी।

  1. (a) दक्षिण की ओर (towards south)
  2. (b) उत्तर की ओर (towards north)
  3. (c) वामावर्त (anti-clockwise)
  4. (d) दक्षिणावर्त (clockwise)
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) वामावर्त (anti-clockwise)

उत्तर: विकल्प 3 — वामावर्त (anti-clockwise)
लूप के फलक को सामने से देखें।
यदि धारा वामावर्त बहती है, तो वह फलक उत्तरी ध्रुव की तरह व्यवहार करता है; यदि दक्षिणावर्त, तो वह दक्षिणी ध्रुव होता है।
रिवीजन नोट — धारावाही लूप का चुंबकीय क्षेत्र
• घड़ी-मुख नियम: वामावर्त धारा ⇒ उत्तरी ध्रुव; दक्षिणावर्त धारा ⇒ दक्षिणी ध्रुव (देखने वाले की ओर से)।
• दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम: अंगुलियों को धारा की दिशा में मोड़ें, अँगूठा लूप के भीतर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा बताता है।
• लूप के केंद्र पर क्षेत्र रेखाएँ लगभग सीधी और लूप के तल के लंबवत होती हैं।
• केंद्र पर क्षेत्र धारा और फेरों की संख्या बढ़ने पर बढ़ता है, तथा त्रिज्या बढ़ने पर घटता है।
• परिनालिका (solenoid, अनेक फेरे) छड़ चुंबक की तरह व्यवहार करती है; नर्म लोहे के क्रोड के साथ यह विद्युत चुंबक बन जाती है।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• धारा की दिशा बनाम क्षेत्र की दिशा — ध्रुव इस पर निर्भर करता है कि धारा किस तरह घूमती है, न कि बहाव की दिशा के रूप में "उत्तर" या "दक्षिण" पर।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: वृत्ताकार लूप के केंद्र पर क्षेत्र के लिए प्रयुक्त नियम (दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम)।
Magnetism and Magnetic Effects of Current · Force on a current-carrying conductor and Fleming's left-hand rule

Q7. फ्लेमिंग के वामहस्त नियम का उपयोग _________ निर्धारित करने के लिए किया जाता है।

  1. (a) धारावाही चालक पर बल का परिमाण
  2. (b) चुंबकीय क्षेत्र का सामर्थ्य
  3. (c) चालक में प्रवाहित धारा की मात्रा
  4. (d) धारावाही चालक पर बल की दिशा
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) धारावाही चालक पर बल की दिशा

उत्तर: विकल्प 4 — धारावाही चालक पर बल की दिशा
फ्लेमिंग का वामहस्त नियम चुंबकीय क्षेत्र में स्थित धारावाही चालक पर लगने वाले बल (गति) की दिशा बताता है।
यह केवल दिशा देता है — परिमाण F = BIL से प्राप्त होता है।
रिवीजन नोट — फ्लेमिंग का वामहस्त नियम
• बाएँ हाथ के अँगूठे, तर्जनी और मध्यमा को परस्पर लंबवत फैलाएँ।
• तर्जनी → चुंबकीय क्षेत्र; मध्यमा → धारा; अँगूठा → बल / गति।
• जब धारा क्षेत्र के लंबवत हो तो बल अधिकतम और समांतर हो तो शून्य होता है।
• धारा या क्षेत्र में से किसी एक को उलटने पर बल उलट जाता है।
• इस पर आधारित उपकरण: विद्युत मोटर, लाउडस्पीकर, गैल्वेनोमीटर।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• वामहस्त बनाम दक्षिणहस्त नियम — वाम मोटर के लिए (धारा पर बल); दक्षिण जनित्र के लिए (प्रेरित धारा की दिशा)।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: कौन-सी अंगुली चुंबकीय क्षेत्र दिखाती है (तर्जनी); धारा उलटने पर बल का क्या होता है (बल उलट जाता है)।
Electricity · Heating effect of current and Joule's law

Q8. इलेक्ट्रिक पंखा, लगातार लंबे समय तक उपयोग किए जाने पर गर्म हो जाता है। ऐसा ________________ के कारण होता है।

  1. (a) गर्मियों में उच्च तापमान
  2. (b) पंखे से प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा के ऊष्मीय प्रभाव
  3. (c) पंखे के तेज़ घूमने
  4. (d) पंखे की धीमी गति से घूमने
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) पंखे से प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा के ऊष्मीय प्रभाव

उत्तर: विकल्प 2 — पंखे से प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा के ऊष्मीय प्रभाव
पंखे की कॉपर की कुंडलियों में धारा को प्रतिरोध का सामना करना पड़ता है।
विद्युत ऊर्जा का कुछ भाग ऊष्मा (जूल तापन) में बदल जाता है, इसलिए समय के साथ पंखा गर्म हो जाता है।
रिवीजन नोट — विद्युत धारा का ऊष्मीय प्रभाव
• जूल का नियम: H = I^(2)Rt — ऊष्मा ∝ धारा का वर्ग, प्रतिरोध और समय।
• धारा दोगुनी करने पर ऊष्मा चार गुनी हो जाती है।
• उपयोगी अनुप्रयोग: विद्युत इस्त्री, हीटर, टोस्टर, गीज़र, बल्ब का तंतु, फ्यूज़।
• हीटर की कुंडलियों में नाइक्रोम प्रयुक्त होता है — उच्च प्रतिरोधकता और उच्च गलनांक।
• बल्ब का तंतु: टंगस्टन (गलनांक लगभग 3380 °C); बल्बों में नाइट्रोजन / आर्गन भरी जाती है।
• मोटरों, पंखों और ट्रांसफ़ॉर्मरों में यह ऊष्मा व्यर्थ ऊर्जा है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: धारा दोगुनी करने पर ऊष्मा में परिवर्तन (चार गुनी); हीटरों में नाइक्रोम क्यों प्रयुक्त होता है (उच्च प्रतिरोधकता और उच्च गलनांक)।
Light - Refraction and Lenses · Concave lens - image formation and uses

Q9. जब किसी वस्तु को अनंत पर रखा जाता है तो अवतल लेंस किस प्रकार का प्रतिबिंब बनाता है?

  1. (a) वास्तविक, उल्टा और समान आकार का
  2. (b) आभासी, सीधा और बड़ा
  3. (c) वास्तविक, सीधा और बिंदु आकार का
  4. (d) आभासी, सीधा और बिंदु आकार का
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) आभासी, सीधा और बिंदु आकार का

उत्तर: विकल्प 4 — आभासी, सीधा और बिंदु आकार का
अनंत पर रखी वस्तु से आने वाली समांतर किरणें अवतल लेंस से गुजरने के बाद अपसरित हो जाती हैं।
वे फोकस F_(1) से आती हुई प्रतीत होती हैं।
इसलिए प्रतिबिंब आभासी, सीधा और अत्यधिक छोटा (बिंदु आकार का) होता है, और वस्तु की ओर ही बनता है।
रिवीजन नोट — अवतल लेंस द्वारा प्रतिबिंब निर्माण
• वस्तु अनंत पर → प्रतिबिंब F_(1) पर; आभासी, सीधा, अत्यधिक छोटा (बिंदु आकार का)।
• वस्तु अनंत और लेंस के बीच कहीं भी → प्रतिबिंब F_(1) और प्रकाशिक केंद्र के बीच; आभासी, सीधा, छोटा।
• अवतल लेंस सदैव आभासी, सीधा, छोटा प्रतिबिंब बनाता है — वास्तविक वस्तु का वास्तविक प्रतिबिंब यह कभी नहीं बनाता।
• चिह्न परिपाटी: अवतल लेंस की फोकस दूरी और क्षमता ऋणात्मक होती है।
• उपयोग: निकट-दृष्टि दोष (मायोपिया) का सुधार, दरवाजों के पीपहोल (झाँकने का छेद), द्विफोकसी (bifocal) लेंस का ऊपरी भाग।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• अवतल लेंस बनाम उत्तल लेंस (वस्तु अनंत पर) — उत्तल लेंस दूसरी ओर F_(2) पर वास्तविक, उल्टा, बिंदु आकार का प्रतिबिंब बनाता है; अवतल लेंस उसी ओर F_(1) पर आभासी, सीधा प्रतिबिंब बनाता है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: किसी भी वस्तु के लिए अवतल लेंस द्वारा बने प्रतिबिंब का आकार (सदैव छोटा); −2.5 D क्षमता का लेंस (अवतल); निकट-दृष्टि दोष के सुधार में प्रयुक्त लेंस (अवतल)।
Magnetism and Magnetic Effects of Current · Domestic electric circuits, fuse and earthing

Q10. निम्नलिखित में से कौन-सा सुरक्षा उपकरण, विद्युत परिपथों में अत्यधिक धारा के प्रवाह को रोकने के लिए उपयोग किया जाता है?

  1. (a) फ़्यूज़ (Fuse)
  2. (b) संधारित्र (Capacitor)
  3. (c) प्रतिरोधक (Resistor)
  4. (d) ट्रांसफार्मर (Transformer)
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) फ़्यूज़ (Fuse)

उत्तर: विकल्प 1 — फ़्यूज़
फ्यूज निम्न गलनांक वाला एक तार है, जिसे परिपथ के साथ श्रेणीक्रम में लगाया जाता है।
जब धारा बहुत अधिक हो जाती है, तो तार गर्म होकर पिघल जाता है,
जिससे परिपथ टूट जाता है और उपकरण सुरक्षित रहते हैं।
रिवीजन नोट — विद्युत फ्यूज और घरेलू सुरक्षा
• फ्यूज धारा के तापीय प्रभाव (जूल का नियम, H = I²Rt) पर कार्य करता है।
• फ्यूज तार एक मिश्रधातु (जैसे टिन–सीसा) का होता है, जिसका गलनांक निम्न और प्रतिरोध उपयुक्त होता है; यह पोर्सिलेन कार्ट्रिज में लगा होता है।
• इसे हमेशा विद्युन्मय (live) तार में, उपकरण के साथ श्रेणीक्रम में लगाया जाता है।
• भारतीय घरों में बल्ब और पंखों के लिए 5 A का परिपथ और गीजर, AC तथा हीटर के लिए 15 A का परिपथ होता है।
• अतिभारण (एक ही सॉकेट पर बहुत अधिक उपकरण) और लघुपथन (विद्युन्मय तार का उदासीन तार से छू जाना) — दोनों से अत्यधिक धारा बहती है।
• तारों के रंग: विद्युन्मय — लाल/भूरा, उदासीन — काला/नीला, भूसंपर्क — हरा; आधुनिक घरों में फ्यूज की जगह MCB लगाया जाता है।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• फ्यूज बनाम भूसंपर्कण — फ्यूज अत्यधिक धारा से बचाता है; भूसंपर्कण उपयोगकर्ता को धातु के आवरण में रिसाव से लगने वाले झटके से बचाता है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: घरेलू परिपथ में फ्यूज का मुख्य उपयोग (अत्यधिक धारा बहने पर परिपथ तोड़ना); भारी उपकरणों के लिए धारा अनुमतांक (15 A)।

Polity (3)

Union Executive · Prime Minister

Q11. निम्नलिखित में से कौन-सा, भारत में प्रधानमंत्री का कार्य नहीं है?

  1. (a) सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति
  2. (b) मंत्रिपरिषद का गठन
  3. (c) मंत्रियों को हटाना
  4. (d) संसद को भंग करने हेतु अनुशंसा करने की शक्ति
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति

उत्तर: विकल्प 1 — सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति अनुच्छेद 124(2) के तहत करते हैं,
भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम की सिफारिश पर — प्रधानमंत्री का ऐसा कोई कार्य नहीं है।
रिवीजन नोट — भारत के प्रधानमंत्री
• प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति अनुच्छेद 75(1) के तहत करते हैं; अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सलाह पर करते हैं।
• अनुच्छेद 74 — प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देती है।
• प्रधानमंत्री विभागों का बँटवारा करते हैं और किसी मंत्री से त्यागपत्र माँग सकते हैं या राष्ट्रपति को उसे बर्खास्त करने की सलाह दे सकते हैं।
• अनुच्छेद 78 — प्रधानमंत्री को मंत्रिमंडल के निर्णयों की सूचना राष्ट्रपति को देनी होती है।
• प्रधानमंत्री राष्ट्रपति को लोकसभा भंग करने की सलाह दे सकते हैं; राज्यसभा स्थायी सदन है और कभी भंग नहीं होती।
• प्रधानमंत्री नीति आयोग और अंतर-राज्य परिषद के पदेन अध्यक्ष होते हैं।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• मंत्रियों की नियुक्ति बनाम न्यायाधीशों की नियुक्ति — मंत्री: राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री की सलाह पर; सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश: राष्ट्रपति, कॉलेजियम की सिफारिश पर।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: प्रधानमंत्री की नियुक्ति कौन करता है (राष्ट्रपति); केंद्रीय मंत्रिपरिषद का प्रमुख (प्रधानमंत्री); अंतर-राज्य परिषद के अध्यक्ष (प्रधानमंत्री)।
Fundamental Rights · Right against Exploitation (Articles 23-24)

Q12. भारतीय संविधान का अनुच्छेद 24 किसी भी कारखाने, खदान या अन्य खतरनाक गतिविधियों में _____ वर्ष से कम आयु के बच्चों के रोजगार पर प्रतिबंध लगाता है।

  1. (a) 14
  2. (b) 16
  3. (c) 12
  4. (d) 18
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) 14

उत्तर: विकल्प 1 — 14
अनुच्छेद 24 14 वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे को कारखाने, खदान
या किसी अन्य खतरनाक रोजगार में लगाने पर रोक लगाता है।
रिवीजन नोट — शोषण के विरुद्ध अधिकार और बाल अधिकार
• अनुच्छेद 23–24 मिलकर शोषण के विरुद्ध अधिकार बनाते हैं (भाग III, मौलिक अधिकार)।
• अनुच्छेद 23 — मानव दुर्व्यापार, बेगार और अन्य प्रकार के बलात् श्रम पर प्रतिबंध।
• अनुच्छेद 21A — 6–14 वर्ष के बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा (86वाँ संशोधन, 2002)।
• अनुच्छेद 45 (DPSP) — 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों की प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख और शिक्षा।
• अनुच्छेद 51A(k) — 6–14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा के अवसर देना माता-पिता का कर्तव्य।
• बाल श्रम संशोधन अधिनियम, 2016 — 14 वर्ष से कम का कोई बच्चा किसी कार्य में नहीं; 14–18 वर्ष के किशोर खतरनाक कार्यों से वर्जित।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: मानव दुर्व्यापार और बलात् श्रम के विरुद्ध अनुच्छेद (अनुच्छेद 23); शोषण के विरुद्ध अधिकार वाले अनुच्छेद (23–24); 14 वर्ष से कम आयु के बाल श्रम पर अनुच्छेद (अनुच्छेद 24)।

Q13. अनुच्छेद 239A के उपबंध (2) के अनुसार, पुडुचेरी के लिए संसद द्वारा बनाया गया कोई भी कानून किस अनुच्छेद के प्रयोजनों के लिए संविधान में संशोधन नहीं माना जाएगा?

  1. (a) अनुच्छेद 356
  2. (b) अनुच्छेद 368
  3. (c) अनुच्छेद 371
  4. (d) अनुच्छेद 370
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) अनुच्छेद 368

उत्तर: विकल्प 2 — अनुच्छेद 368
अनुच्छेद 239A संसद को साधारण कानून द्वारा पुडुचेरी के लिए विधानमंडल और/या मंत्रिपरिषद बनाने की शक्ति देता है।
उपबंध (2) कहता है कि ऐसा कानून, भले ही वह संवैधानिक उपबंधों में परिवर्तन करे, अनुच्छेद 368 के प्रयोजनों के लिए संविधान का संशोधन नहीं माना जाएगा।
अतः इसके लिए केवल साधारण बहुमत चाहिए, अनुच्छेद 368 का विशेष बहुमत नहीं।
रिवीजन नोट — केंद्र शासित प्रदेश (भाग VIII, अनुच्छेद 239–242)
• अनुच्छेद 239: प्रत्येक केंद्र शासित प्रदेश का प्रशासन राष्ट्रपति अपने द्वारा नियुक्त प्रशासक के माध्यम से करता है।
• अनुच्छेद 239A: पुडुचेरी के लिए विधानमंडल / मंत्रिपरिषद — 14वें संशोधन, 1962 द्वारा जोड़ा गया।
• अनुच्छेद 239AA: दिल्ली (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) के लिए विशेष उपबंध — 69वें संशोधन, 1991 द्वारा जोड़ा गया।
• अनुच्छेद 240: कुछ केंद्र शासित प्रदेशों (अंडमान और निकोबार, लक्षद्वीप आदि) के लिए विनियम बनाने की राष्ट्रपति की शक्ति।
• अनुच्छेद 368: संविधान संशोधन की प्रक्रिया (भाग XX)।
• आज विधानमंडल वाले केंद्र शासित प्रदेश: दिल्ली, पुडुचेरी, जम्मू और कश्मीर।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• अनुच्छेद 239A बनाम 239AA — 239A → पुडुचेरी; 239AA → दिल्ली।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासक की नियुक्ति कौन करता है (राष्ट्रपति); पुडुचेरी, चंडीगढ़, लक्षद्वीप और अंडमान में से विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश (पुडुचेरी)।

Biology (10)

Reproduction · Vegetative propagation

Q14. निम्नलिखित में से कौन-सा पौधा, उपरिभूस्तारी (propagates) के माध्यम से फैलता है?

  1. (a) स्ट्रॉबेरी
  2. (b) गुलाब
  3. (c) चमेली
  4. (d) आलू
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) स्ट्रॉबेरी

उत्तर: विकल्प 1 — स्ट्रॉबेरी
उपरिभूस्तारी (runner) एक पतला तना है जो मृदा की सतह पर रेंगता है;
इसकी पर्वसंधियों से जड़ें निकलती हैं और नया पौधा उगता है — स्ट्रॉबेरी इसी प्रकार फैलती है।
रिवीजन नोट — कायिक प्रवर्धन
• नए पौधे एक ही जनक की जड़, तने या पत्ती से उगते हैं — अलैंगिक, इसलिए संतति आनुवंशिक रूप से समान (क्लोन) होती है।
• उपरिभूस्तारी / स्टोलन — स्ट्रॉबेरी, दूब घास, ऑक्ज़ेलिस (Oxalis)।
• तना कंद — आलू (नए पौधे आँखों से); प्रकंद — अदरक, हल्दी; शल्क कंद — प्याज।
• जड़ कंद — शकरकंद, डहेलिया; पत्ती की कलिकाएँ — ब्रायोफिलम (Bryophyllum)।
• कृत्रिम विधियाँ — कलम (गुलाब, गन्ना), दाब लगाना (चमेली), ग्राफ्टिंग (आम), ऊतक संवर्धन (ऑर्किड)।
• उन पौधों के लिए उपयोगी जो जीवनक्षम बीज नहीं देते (केला, संतरा, गुलाब) और जनक के अच्छे गुण बनाए रखने के लिए।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: कायिक प्रवर्धन की मुख्य विशेषता (बीज नहीं, जड़, तने या पत्ती से नए पौधे); किसान कलम, ग्राफ्टिंग और ऊतक संवर्धन क्यों पसंद करते हैं (इनसे आनुवंशिक रूप से समान पौधे मिलते हैं)।
Reproduction · Pollination and fertilisation in plants

Q15. निम्नलिखित में से कौन-सी, पौधों में मादा जनन कोशिका है?

  1. (a) बीजांड में अंडा कोशिका के विपरीत कोशिका
  2. (b) बीजांड के बाहर की कोशिकाएँ
  3. (c) अंड कोशिका
  4. (d) बीजांड के केंद्र में कोशिकाएँ
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) अंड कोशिका

उत्तर: विकल्प 3 — अंड कोशिका
अंडाशय के भीतर स्थित बीजांड में भ्रूणकोष होता है, और इसमें स्थित अंड कोशिका ही
मादा जनन कोशिका (युग्मक) है, जो नर युग्मक से संलयित होती है।
रिवीजन नोट — पुष्पी पौधों में लैंगिक जनन
• पुंकेसर (परागकोश + तंतु) नर भाग है; स्त्रीकेसर / अंडप (वर्तिकाग्र, वर्तिका, अंडाशय) मादा भाग है।
• परागकोश परागकण बनाता है, जिनमें नर युग्मक होते हैं।
• अंडाशय में बीजांड होते हैं; प्रत्येक बीजांड में एक अंड कोशिका होती है।
• परागण — परागकोश से वर्तिकाग्र तक परागकणों का स्थानांतरण; पराग नलिका वर्तिका से होकर बीजांड तक बढ़ती है।
• निषेचन — नर युग्मक + अंड कोशिका ⇒ युग्मनज ⇒ भ्रूण।
• निषेचन के बाद: बीजांड ⇒ बीज, अंडाशय ⇒ फल; पंखुड़ियाँ, बाह्यदल और पुंकेसर मुरझा जाते हैं।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• परागण बनाम निषेचन — परागण परागकणों का स्थानांतरण है; निषेचन युग्मकों का संलयन है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: परागण : परागकणों का स्थानांतरण :: निषेचन : (युग्मकों का संलयन); अर्धसूत्री विभाजन से बनी जनन कोशिकाओं का नाम (युग्मक); पराग नलिका का बीजांड की ओर बढ़ना (रसायनानुवर्तन)।
Diseases, Immunity and Health · Bacterial diseases

Q16. निम्नलिखित में से किस जीवाणु संक्रमण को यौन संचारित रोग (STD) माना जाता है?

  1. (a) गोनोरिया (Gonorrhoea)
  2. (b) ट्यूबरकुलोसिस (Tuberculosis)
  3. (c) टाइफॉइड (Typhoid)
  4. (d) न्यूमोनिया (Pneumonia)
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) गोनोरिया (Gonorrhoea)

उत्तर: विकल्प 1 — गोनोरिया (Gonorrhoea)
गोनोरिया जीवाणु Neisseria gonorrhoeae से होता है और यौन संपर्क से फैलता है,
इसलिए यह एक जीवाणु जनित STD है।
रिवीजन नोट — यौन संचारित रोग (STD)
• जीवाणु जनित STD — गोनोरिया (Neisseria gonorrhoeae), सिफलिस (Treponema pallidum), क्लैमाइडिया; उपचार प्रतिजैविकों से।
• विषाणु जनित STD — HIV-AIDS, जननांग मस्से (HPV), जननांग हर्पीज़, हेपेटाइटिस B; इन पर प्रतिजैविक काम नहीं करते।
• कंडोम (रोधिका विधि) STD के प्रसार को कम करते हैं; शल्य विधियाँ (पुरुष नसबंदी, स्त्री नसबंदी) गर्भधारण रोकती हैं, पर संक्रमण नहीं।
• अन्य जीवाणु जनित रोग अलग ढंग से फैलते हैं — क्षय रोग (ट्यूबरकुलोसिस) वायु से (BCG टीका), टाइफॉइड दूषित भोजन और जल से (विडाल परीक्षण)।
• न्यूमोनिया प्रायः जीवाणु जनित होता है (Streptococcus pneumoniae) और बूँदों से फैलता है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: शल्य गर्भनिरोधन की एक सीमा (यह यौन संचारित संक्रमणों को नहीं रोकता); टाइफॉइड की पुष्टि करने वाला परीक्षण (विडाल परीक्षण); पहला प्रतिजैविक (पेनिसिलिन)।
Heredity and Evolution · Sex determination

Q17. पिता से X युक्त शुक्राणु प्राप्त करने वाले बच्चे की अनुवंशिक रचना निम्नलिखित में से किस प्रकार होगी?

  1. (a) 46+XX
  2. (b) 44+XX
  3. (c) 46+XY
  4. (d) 44+XY
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) 44+XX

उत्तर: विकल्प 2 — 44+XX
अंडाणु में सदैव 22 + X होता है; X युक्त शुक्राणु में भी 22 + X होता है।
दोनों मिलकर 44 अलिंग गुणसूत्र + XX देते हैं — संतान लड़की होती है।
रिवीजन नोट — मनुष्य में लिंग निर्धारण (कक्षा 10)
• मनुष्य में 46 गुणसूत्र = 23 जोड़े: 22 जोड़े अलिंग गुणसूत्र + 1 जोड़ा लिंग गुणसूत्र।
• स्त्री: 44 + XX; पुरुष: 44 + XY।
• प्रत्येक अंडाणु में 22 + X होता है; शुक्राणु में या तो 22 + X या 22 + Y होता है।
• संतान का लिंग पिता का शुक्राणु तय करता है — X-शुक्राणु ⇒ लड़की, Y-शुक्राणु ⇒ लड़का।
• प्रत्येक निषेचन में किसी भी लिंग की संभावना 50% होती है।
• कुछ सरीसृपों में लिंग गुणसूत्रों से नहीं, बल्कि अंडों के ऊष्मायन तापमान से तय होता है।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• 46 बनाम 44 — 46 कुल संख्या है; 44 अलिंग गुणसूत्रों की संख्या है, जो XX / XY से पहले लिखी जाती है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: मनुष्य में अलिंग गुणसूत्रों के जोड़ों की संख्या (22); सामान्य मानव युग्मनज में गुणसूत्रों की संख्या (46)।
46+XX का अर्थ होगा कुल 48 गुणसूत्र — अलिंग गुणसूत्रों की संख्या 44 है।
Reproduction · Fertilisation, embryo development and pregnancy

Q18. नीता गर्भवती है, लेकिन उसे जंक फ़ूड खाना पसंद है। उसके डॉक्टर ने उसे सलाद और फल खाने की सलाह दी है। इस सलाह का क्‍या कारण है?

  1. (a) जंक फूड स्वादिष्ट तो होता है, लेकिन मोटापे का कारण बनता है
  2. (b) माँ के रुधिर में उपस्थित पोषक तत्व बढ़ते शिशु को पोषण देते हैं
  3. (c) शिशु की वृद्धि में माँ के रुधिर की कोई भूमिका नहीं होती है
  4. (d) सलाद और फलों की तुलना में जंक फूड महंगा होता है
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) माँ के रुधिर में उपस्थित पोषक तत्व बढ़ते शिशु को पोषण देते हैं

उत्तर: विकल्प 2 — माँ के रुधिर में उपस्थित पोषक तत्व बढ़ते शिशु को पोषण देते हैं
भ्रूण अपना पोषण प्लेसेंटा के माध्यम से माँ के रुधिर से प्राप्त करता है।
इसलिए माँ जो खाती है, वही तय करता है कि शिशु तक कौन-से पोषक तत्व पहुँचेंगे — सलाद और फल विटामिन, खनिज और रेशे देते हैं।
रिवीजन नोट — भ्रूण का पोषण (कक्षा 10)
• युग्मनज विभाजित होकर भ्रूण बनाता है, जो गर्भाशय की भित्ति में रोपित हो जाता है।
• प्लेसेंटा गर्भाशय की भित्ति में धँसी एक तश्तरीनुमा संरचना है, जो माँ और भ्रूण को जोड़ती है।
• प्लेसेंटा में भ्रूण की ओर के प्रवर्ध (विलाई) आदान-प्रदान के लिए बड़ा सतही क्षेत्रफल देते हैं।
• ग्लूकोज और ऑक्सीजन माँ के रुधिर से भ्रूण तक जाते हैं; अपशिष्ट पदार्थ वापस माँ के रुधिर में जाते हैं।
• मनुष्य में निषेचन से जन्म तक का समय लगभग नौ महीने होता है।
• गर्भवती स्त्री को अतिरिक्त प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम, फोलिक अम्ल और विटामिन चाहिए।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: प्लेसेंटा से होकर आने वाली एंटीबॉडी से गर्भस्थ शिशु को मिलने वाली प्रतिरक्षा (निष्क्रिय प्राकृतिक प्रतिरक्षा)।
विकल्प 3 सत्य का उल्टा कहता है — माँ का रुधिर ही शिशु की एकमात्र आपूर्ति-रेखा है।
Heredity and Evolution · Sex determination

Q19. मनुष्यों में लिंग गुणसूत्रों में, अन्य गुणसूत्रों की तुलना में कौन-सी अद्वितीय विशेषता होती है?

  1. (a) वे पुरुषों और महिलाओं में समान होते हैं।
  2. (b) वे सदैव पुरुषों में आदर्श युग्‍म में नहीं होते हैं।
  3. (c) वे सदैव आदर्श युग्मित होते हैं।
  4. (d) वे शरीर में सबसे बड़े गुणसूत्र होते हैं।
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) वे सदैव पुरुषों में आदर्श युग्‍म में नहीं होते हैं।

उत्तर: विकल्प 2 — वे सदैव पुरुषों में आदर्श युग्‍म में नहीं होते हैं।
महिलाओं में लिंग गुणसूत्रों का सुमेलित युग्म, XX, होता है।
पुरुषों में असुमेलित युग्म, XY, होता है — Y, X की तुलना में बहुत छोटा होता है।
रिवीजन नोट — मनुष्य में लिंग निर्धारण
• मनुष्य में 23 युग्मों में 46 गुणसूत्र होते हैं: 22 युग्म अलिंग गुणसूत्र (autosomes) + 1 युग्म लिंग गुणसूत्र।
• महिला: XX — सभी अंडाणुओं में X होता है।
• पुरुष: XY — आधे शुक्राणुओं में X, आधे में Y होता है।
• पिता का शुक्राणु संतान का लिंग तय करता है: X शुक्राणु ⇒ लड़की, Y शुक्राणु ⇒ लड़का।
• प्रत्येक जन्म में लड़का या लड़की होने की संभावना = 50%।
• कुछ सरीसृपों (कछुआ, मगरमच्छ) में लिंग उस तापमान से तय होता है जिस पर अंडे रखे जाते हैं।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• अलिंग गुणसूत्र बनाम लिंग गुणसूत्र — अलिंग गुणसूत्र दोनों लिंगों में सदा सुमेलित युग्मों में होते हैं; केवल लिंग गुणसूत्रों का युग्म पुरुषों में भिन्न होता है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: मनुष्य में अलिंग गुणसूत्रों के युग्मों की संख्या (22)।
Reproduction · Asexual reproduction (fission, budding, fragmentation, spores)

Q20. खंडीभवन (fragmentation) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?

  1. (a) प्रत्येक टुकड़ा एक पूर्ण व्यष्‍टि में विकसित हो सकता है।
  2. (b) इसके लिए जीव का बहुकोशिकीय होना आवश्यक है।
  3. (c) यह लैंगिक जनन का एक रूप है।
  4. (d) इसमें जीव को भागों में तोड़ना शामिल है।
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) यह लैंगिक जनन का एक रूप है।

उत्तर: विकल्प 3 — यह लैंगिक जनन का एक रूप है।
खंडीभवन अलैंगिक है — एक ही जनक टुकड़ों में टूट जाता है और प्रत्येक टुकड़ा एक नए जीव में विकसित होता है।
इसमें न युग्मक बनते हैं और न ही निषेचन होता है।
रिवीजन नोट — अलैंगिक जनन की विधियाँ
• खंडीभवन: शरीर टुकड़ों में टूटता है, प्रत्येक टुकड़ा नया जीव बनता है — स्पाइरोगाइरा, अनेक तंतुमय शैवाल।
• पुनरुद्भवन: कटा हुआ टुकड़ा विशिष्ट कोशिकाओं की सहायता से पूरा शरीर फिर से बना लेता है — प्लेनेरिया, हाइड्रा।
• विखंडन: द्विखंडन अमीबा, पैरामीशियम में; बहुखंडन प्लाज्मोडियम (मलेरिया परजीवी) में।
• मुकुलन: एक मुकुल बढ़कर अलग हो जाती है — हाइड्रा, यीस्ट।
• बीजाणु समासंघ: राइजोपस (ब्रेड का कवक) — बीजाणु बीजाणुधानी में।
• कायिक प्रवर्धन: जड़, तना, पत्ती से नए पौधे — ब्रायोफिलम (पत्ती), आलू (तना कंद)।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• खंडीभवन बनाम पुनरुद्भवन — खंडीभवन जनन का सामान्य तरीका है; पुनरुद्भवन चोट के बाद पुनर्निर्माण है और जनन की सामान्य विधि नहीं है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: अमीबा, यीस्ट और हाइड्रा में एकल जनक से जनन क्या दर्शाता है (यह युग्मकों के संलयन के बिना होता है)।
Reproduction · Vegetative propagation

Q21. एक किसान आलू के पौधे उगाना चाहता है। उसने मिट्टी में कलियों (आँखों) वाला आलू लगाया था। वह एक नया आलू का पौधा पाने में सफल रहा क्योंकि ___________________।

  1. (a) आलू को जड़ की कटिंग से उगाया जा सकता है (potatoes can be grown by root cuttings)
  2. (b) आलू की कलियों को खाने वाला कोई पशु नहीं था (there was no animal to eat the potato buds)
  3. (c) उस क्षेत्र में कोई अन्य पौधे की प्रजाति नहीं है (there are no other plant species in that area)
  4. (d) कायिक प्रवर्धन कलियों (आँखों) द्वारा होता है (vegetative propagation is by buds (eyes))
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) कायिक प्रवर्धन कलियों (आँखों) द्वारा होता है (vegetative propagation is by buds (eyes))

उत्तर: विकल्प 4 — कायिक प्रवर्धन कलियों (आँखों) द्वारा होता है
आलू एक तना कंद है; इसकी आँखें वास्तव में कलियाँ हैं, जिनसे नए प्ररोह निकलते हैं।
बीज के बिना ऐसे किसी भाग से नया पौधा उगाना कायिक प्रवर्धन कहलाता है।
रिवीजन नोट — कायिक प्रवर्धन
• एक अलैंगिक विधि: एक ही जनक के जड़, तने या पत्ती से नए पौधे उगते हैं — न बीज, न युग्मक।
• तना कंद: आलू (आँखें = कलियाँ); प्रकंद: अदरक, हल्दी; शल्क कंद: प्याज; उपरिभूस्तारी (runner): घास, स्ट्रॉबेरी।
• पत्ती की कलियाँ: ब्रायोफिलम की पत्ती के किनारों पर कलियाँ बनती हैं, जो गिरकर नए पौधे बनाती हैं।
• कृत्रिम विधियाँ: कलम/कटिंग (गुलाब, गन्ना), दाब लगाना (चमेली), रोपण/ग्राफ्टिंग (आम), ऊतक संवर्धन (ऑर्किड, केला)।
• लाभ: पौधे जनक के आनुवंशिक रूप से समान होते हैं, जल्दी फूल और फल देते हैं, और बीजरहित पौधे (केला, संतरा, अंगूर, गुलाब) उगाए जा सकते हैं।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• आलू बनाम शकरकंद — आलू रूपांतरित तना है (इसमें आँखें/कलियाँ होती हैं); शकरकंद रूपांतरित जड़ है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: किसान कलम और रोपण का उपयोग क्यों करते हैं (समान पौधे); कायिक प्रवर्धन के बारे में गलत कथन ("नए पौधे बीज धारण करने वाली संरचनाओं से विकसित होते हैं")।
Reproduction · Reproductive health and contraception

Q22. परिवार नियोजन का उद्देश्य क्या है?

  1. (a) जनसंख्या वृद्धि
  2. (b) प्रदूषण में वृद्धि
  3. (c) गर्भपात की अनुशंसा करके सभी गर्भधारणों को रोकना
  4. (d) जनसंख्या नियंत्रण
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) जनसंख्या नियंत्रण

उत्तर: विकल्प 4 — जनसंख्या नियंत्रण
परिवार नियोजन गर्भनिरोधक विधियों के उपयोग से दंपतियों को बच्चों की संख्या और उनके बीच का अंतर तय करने में सहायता करता है।
इसका मुख्य राष्ट्रीय लक्ष्य जनसंख्या वृद्धि को रोकना है।
रिवीजन नोट — जनन स्वास्थ्य और गर्भनिरोधन
• रोध (अवरोधक) विधियाँ: कंडोम, डायाफ्राम — शुक्राणु को अंड तक पहुँचने से रोकते हैं; कंडोम यौन संचारित रोगों (STDs) से भी बचाते हैं।
• हार्मोनल विधियाँ: मुखीय गोलियाँ हार्मोन संतुलन बदल देती हैं, जिससे अंड मुक्त नहीं होते।
• अंतर्गर्भाशयी युक्तियाँ (IUCD): कॉपर-T या लूप को गर्भाशय में लगाकर गर्भधारण रोका जाता है।
• शल्य विधियाँ: पुरुष नसबंदी (vasectomy) (पुरुषों में शुक्रवाहक अवरुद्ध) और स्त्री नसबंदी (tubectomy) (स्त्रियों में अंडवाहिनी अवरुद्ध)।
• प्रसवपूर्व लिंग निर्धारण के बाद मादा भ्रूण हत्या भारत में अवैध है।
• भारत ने 1952 में विश्व का पहला सरकारी राष्ट्रीय परिवार नियोजन कार्यक्रम शुरू किया।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• परिवार नियोजन बनाम गर्भपात — परिवार नियोजन गर्भनिरोधन द्वारा अनचाहे गर्भ को रोकता है; यह गर्भपात की अनुशंसा नहीं करता।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: भारत में परिवार नियोजन कार्यक्रम शुरू होने का वर्ष (1952); मिशन परिवार विकास में पहले शामिल उच्च-प्राथमिकता वाले राज्यों की संख्या (7)।
Reproduction · Vegetative propagation

Q23. सफेद फूलों वाले गुलाब के पौधे को बिना किसी ग्राफ्टिंग (grafting) के स्टेम कटिंग (stem cutting) करके मिट्टी में लगाया गया है। नए पौधे से भी समरूप सफेद फूल निकलते हैं। यह क्या दर्शाता है?

  1. (a) स्टेम कटिंग (Stem cutting), लैंगिक जनन का एक प्रकार है, इसलिए इसमें कोई विभिन्नता नहीं थी।
  2. (b) गुलाब में सफेद फूल ही एकमात्र उपलब्ध किस्म है।
  3. (c) स्टेम कटिंग (Stem cutting), अलैंगिक जनन का एक प्रकार है, इसलिए इसमें कोई विभिन्नता नहीं थी।
  4. (d) सफेद फूल अच्छे दिखते हैं इसलिए माली ऐसे गुलाब लगाते हैं।
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) स्टेम कटिंग (Stem cutting), अलैंगिक जनन का एक प्रकार है, इसलिए इसमें कोई विभिन्नता नहीं थी।

उत्तर: विकल्प 3 — स्टेम कटिंग (Stem cutting), अलैंगिक जनन का एक प्रकार है, इसलिए इसमें कोई विभिन्नता नहीं थी।
स्टेम कटिंग से पौधा एक ही जनक से, युग्मकों के संलयन के बिना उगता है।
इसका DNA जनक के DNA की प्रतिलिपि है, इसलिए नए पौधे पर वैसे ही सफेद फूल आते हैं।
रिवीजन नोट — अलैंगिक जनन और विभिन्नता
• अलैंगिक जनन: एक जनक, कोई युग्मक नहीं; संतति जनक के क्लोन होती है।
• केवल बहुत छोटी विभिन्नताएँ DNA प्रतिकृति की छोटी त्रुटियों से उत्पन्न होती हैं।
• लैंगिक जनन में दो जनकों का DNA मिलता है, इसलिए इससे अधिक विभिन्नता उत्पन्न होती है।
• विभिन्नता किसी प्रजाति को अपने परिवेश के परिवर्तनों में जीवित बने रहने में सहायता करती है।
• स्टेम कटिंग का उपयोग गुलाब, गन्ना, मनी प्लांट में; रोपण (ग्राफ्टिंग) का आम में; दाब लगाने का चमेली में होता है।
• माली कटिंग और ग्राफ्टिंग से वांछित गुण (फूल का रंग, फल की गुणवत्ता) अपरिवर्तित रखते हैं।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• कटिंग बनाम ग्राफ्टिंग — कटिंग अपनी ही जड़ों पर उगती है; ग्राफ्टिंग में एक उपरोपण (scion) को दूसरे पौधे के स्कंध (stock) से जोड़ा जाता है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: किसान कटिंग और ग्राफ्टिंग को क्यों पसंद करते हैं (समान पौधे); कायिक प्रवर्धन के बारे में गलत कथन ("नए पौधे बीज धारण करने वाली संरचनाओं से विकसित होते हैं")।

Current Affairs (5)

International Affairs and Summits · Summits and conferences

Q24. शंघाई कोऑपरेशन आर्गनाइजेशन (SCO) की सुरक्षा परिषदों के सचिव की 19वीं वार्षिक बैठक का स्थान कौन-सा था?

  1. (a) नई दिल्ली, भारत
  2. (b) ढाका, बांग्लादेश
  3. (c) काठमांडू, नेपाल
  4. (d) अस्ताना, कज़ाखस्तान
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) अस्ताना, कज़ाखस्तान

उत्तर: विकल्प 4 — अस्ताना, कज़ाखस्तान
SCO सदस्य देशों की सुरक्षा परिषदों के सचिवों की 19वीं बैठक अप्रैल 2024 में अस्ताना में हुई,
क्योंकि 2023–24 के लिए SCO की अध्यक्षता कज़ाखस्तान के पास थी।
रिवीजन नोट — शंघाई सहयोग संगठन (SCO)
• स्थापना 15 जून 2001 को शंघाई में चीन, रूस, कज़ाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज़्बेकिस्तान द्वारा (शंघाई फाइव, 1996 से)।
• भारत और पाकिस्तान 2017 में पूर्ण सदस्य बने (अस्ताना शिखर सम्मेलन); ईरान 2023 में, बेलारूस जुलाई 2024 में शामिल हुआ।
• सचिवालय — बीजिंग; RATS (क्षेत्रीय आतंकवाद-रोधी संरचना) — ताशकंद।
• आधिकारिक भाषाएँ — रूसी और चीनी।
• सुरक्षा परिषद सचिवों की 18वीं बैठक 2023 में भारत की अध्यक्षता के दौरान नई दिल्ली में हुई थी।
• 2024 का राष्ट्राध्यक्ष शिखर सम्मेलन भी अस्ताना में हुआ (जुलाई 2024)।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: SCO की स्थापना का वर्ष (2001); भारत के पूर्ण सदस्य बनने का वर्ष (2017); RATS किस संगठन से संबंधित है (SCO); SCO की आधिकारिक भाषाएँ (रूसी और चीनी)।
Reports, Indices and Rankings · Global indices and India's rank

Q25. मार्च 2024 तक की स्थिति के अनुसार, विश्व का सबसे प्रदूषित शहर चियांग माई सिटी (Chiang Mai city) किस देश में स्थित है?

  1. (a) थाईलैंड
  2. (b) वियतनाम
  3. (c) जापान
  4. (d) चीन
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (a) थाईलैंड

उत्तर: विकल्प 1 — थाईलैंड
चियांग माई उत्तरी थाईलैंड का एक शहर है; मार्च 2024 में यह IQAir की विश्व के सबसे प्रदूषित शहरों की लाइव सूची में शीर्ष पर था,
शुष्क मौसम में वनाग्नि और फसल-अवशेष जलाने से उठी धुंध के कारण।
रिवीजन नोट — वायु-प्रदूषण रैंकिंग (2024 की स्थिति)
• IQAir एक स्विस वायु-गुणवत्ता प्रौद्योगिकी कंपनी है; इसकी रैंकिंग PM2.5 स्तरों पर आधारित होती है।
• PM2.5 — 2.5 माइक्रोमीटर से छोटे कण; ये फेफड़ों में गहराई तक पहुँचते हैं।
• विश्व वायु गुणवत्ता रिपोर्ट 2023 (मार्च 2024 में जारी): सबसे प्रदूषित देश बांग्लादेश, फिर पाकिस्तान, फिर भारत (3रा)।
• इसी रिपोर्ट में बेगूसराय (बिहार) सबसे प्रदूषित महानगरीय क्षेत्र और नई दिल्ली सबसे प्रदूषित राजधानी रही।
• PM2.5 के लिए WHO का वार्षिक दिशानिर्देश — 5 µg/m³ (2021)।
• 2026 की स्थिति: 2024 की रिपोर्ट (मार्च 2025) में बर्नीहाट (मेघालय) सबसे प्रदूषित शहर था और भारत 5वें स्थान पर रहा।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: विश्व वायु गुणवत्ता रिपोर्ट 2023 में सबसे प्रदूषित राजधानी (नई दिल्ली); 2024 की रिपोर्ट में सबसे प्रदूषित स्थान (बर्नीहाट, मेघालय); 2024 की रिपोर्ट में भारत का स्थान (5वाँ)।
Appointments and Resignations · National appointments

Q26. जून 2024 में निम्नलिखित में से किसे केंद्रीय पंचायती राज मंत्री नियुक्त किया गया?

  1. (a) जगत प्रकाश नड्डा
  2. (b) शिवराज सिंह चौहान
  3. (c) राजीव रंजन सिंह
  4. (d) पीयूष गोयल
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) राजीव रंजन सिंह

उत्तर: विकल्प 3 — राजीव रंजन सिंह
9 जून 2024 को शपथ लेने वाले तीसरे मोदी मंत्रिमंडल में JD(U) के राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) केंद्रीय पंचायती राज मंत्री बने।
उनके पास मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय भी है।
रिवीजन नोट — केंद्रीय मंत्रिमंडल में विभाग, जून 2024
• जे. पी. नड्डा: स्वास्थ्य और परिवार कल्याण; रसायन और उर्वरक।
• शिवराज सिंह चौहान: कृषि और किसान कल्याण; ग्रामीण विकास।
• पीयूष गोयल: वाणिज्य और उद्योग।
• पंचायती राज मंत्रालय का गठन मई 2004 में हुआ; 73वें संशोधन (1992) ने पंचायतों को संवैधानिक दर्जा दिया।
• राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस: 24 अप्रैल।
• पंचायती राज मंत्रालय (MoPR) की प्रमुख योजना: स्वामित्व (SVAMITVA) (ड्रोन की सहायता से ग्रामीण घरों के संपत्ति कार्ड)।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• पंचायती राज बनाम ग्रामीण विकास — दो अलग-अलग मंत्रालय; ग्रामीण विकास शिवराज सिंह चौहान को मिला।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: स्वामित्व योजना चलाने वाला मंत्रालय (पंचायती राज मंत्रालय)।
Sports - Current · Records and achievements

Q27. किसने अगस्त 2024 में इंग्लिश चैनल तैरकर पार करने वाले सबसे उम्रदराज़ भारतीय बनकर इतिहास रचा?

  1. (a) श्रीहरि नटराज
  2. (b) सिद्धार्थ अग्रवाल
  3. (c) सुयश जाधव
  4. (d) वीरधवल खाड़े
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) सिद्धार्थ अग्रवाल

उत्तर: विकल्प 2 — सिद्धार्थ अग्रवाल
बेंगलुरु के तैराक सिद्धार्थ अग्रवाल ने 49 वर्ष की आयु में 29 अगस्त 2024 को अकेले इंग्लिश चैनल तैरकर पार किया।
उन्हें लगभग 15 घंटे 6 मिनट लगे, और वे ऐसा करने वाले सबसे उम्रदराज़ भारतीय बने।
रिवीजन नोट — इंग्लिश चैनल और भारतीय तैराक
• इंग्लिश चैनल इंग्लैंड को फ्रांस से अलग करता है; इसका सबसे संकरा भाग डोवर जलडमरूमध्य है।
• मिहिर सेन (1958) इंग्लिश चैनल तैरकर पार करने वाले पहले भारतीय थे।
• आरती साहा (1959) इसे पार करने वाली पहली एशियाई महिला थीं।
• जुलाई 2024 में पैरा तैराक जिया राय इसे अकेले पार करने वाली सबसे कम उम्र की और सबसे तेज़ महिला पैरा तैराक बनीं।
• श्रीहरि नटराज (बैकस्ट्रोक) और वीरधवल खाड़े (फ्रीस्टाइल) भारत के प्रमुख पूल तैराक हैं; खुले पानी के रिकॉर्ड एक अलग श्रेणी है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: जुलाई 2024 में इंग्लिश चैनल पार करने वाली सबसे कम उम्र की और सबसे तेज़ महिला पैरा तैराक (जिया राय)।
Science, Technology and Space - Current · Space missions - current

Q28. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 15 अगस्त 2024 को निम्नलिखित में से किस उपग्रह को लॉन्च करके अपना 55वां स्थापना दिवस मनाया?

  1. (a) EOS-06
  2. (b) EOS-08
  3. (c) EOS-07
  4. (d) EOS-04
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) EOS-08

उत्तर: विकल्प 2 — EOS-08
ISRO ने अपना 55वाँ स्थापना दिवस (स्थापना 15 अगस्त 1969) श्रीहरिकोटा से SSLV-D3 द्वारा
पृथ्वी अवलोकन उपग्रह EOS-08 के प्रक्षेपण के साथ मनाया।
प्रक्षेपण 16 अगस्त 2024 को हुआ, यानी वर्षगाँठ के एक दिन बाद।
रिवीजन नोट — EOS-08 और SSLV-D3
• SSLV-D3 लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (SSLV) की तीसरी और अंतिम विकासात्मक उड़ान थी।
• EOS-08 (लगभग 175 किग्रा) को 475 किमी की वृत्ताकार निम्न भू-कक्षा में स्थापित किया गया; नियोजित आयु 1 वर्ष।
• नीतभार (पेलोड): EOIR (इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल इन्फ्रारेड इमेजिंग), GNSS-R (मृदा नमी, समुद्री पवन, बाढ़ के लिए परावर्तनमिति) और गगनयान के लिए SiC UV डोसीमीटर।
• SSLV: तीन ठोस चरण और एक द्रव वेलोसिटी ट्रिमिंग मॉड्यूल; निम्न भू-कक्षा में 500 किग्रा तक ले जाता है; कम लागत, माँग पर प्रक्षेपण के लिए बनाया गया।
• पहले के EOS: EOS-07, SSLV-D2 से (फरवरी 2023); EOS-06 (ओशनसैट-3), PSLV-C54 से (नवंबर 2022); EOS-04 (RISAT-1A), PSLV-C52 से (फरवरी 2022)।
• ISRO की स्थापना विक्रम साराभाई के नेतृत्व में हुई; मुख्यालय बेंगलुरु।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: SSLV की विशेषता (कम लागत, माँग पर प्रक्षेपण); SSLV का प्रक्षेपण द्रव्यमान (लगभग 120 टन); SSLV-D2 द्वारा कक्षा में स्थापित उपग्रह (EOS-07)।

Chemistry (7)

Acids, Bases and Salts · Common salts - preparation and uses (baking soda, washing soda, bleaching powder, plaster of Paris)

Q29. 'प्लास्टर ऑफ पेरिस' का रासायनिक नाम क्‍या है?

  1. (a) कैल्शियम सल्फेट डाइहाइड्रेट (calcium sulphate dihydrate)
  2. (b) कैल्शियम क्लोराइड हेक्साहाइड्रेट (calcium chloride hexahydrate)
  3. (c) कैल्शियम क्लोराइड सेमीहाइड्रेट (calcium chloride semihydrate)
  4. (d) कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट (calcium sulphate hemihydrate)
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट (calcium sulphate hemihydrate)

उत्तर: विकल्प 4 — कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट (calcium sulphate hemihydrate)
प्लास्टर ऑफ पेरिस CaSO_(4)·½H_(2)O है — कैल्शियम सल्फेट की दो सूत्र इकाइयाँ जल के एक अणु को साझा करती हैं।
"हेमी" का अर्थ है आधा।
रिवीजन नोट — प्लास्टर ऑफ पेरिस और जिप्सम (कक्षा 10)
• जिप्सम = CaSO_(4)·2H_(2)O (कैल्शियम सल्फेट डाइहाइड्रेट)।
• जिप्सम को 373 K पर गर्म करने से प्लास्टर ऑफ पेरिस बनता है: CaSO_(4)·2H_(2)O → CaSO_(4)·½H_(2)O + 1½H_(2)O।
• जल मिलाने पर प्लास्टर ऑफ पेरिस कठोर ठोस द्रव्यमान में जम जाता है — यह फिर से जिप्सम बन जाता है।
• उपयोग: टूटी हड्डियों को सहारा देने के लिए प्लास्टर, खिलौने, सजावट की सामग्री, सतहों को चिकना बनाना।
• इसे नमी-रोधी पात्रों में रखा जाता है, क्योंकि नमी से यह जम जाता है।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• हेमीहाइड्रेट बनाम डाइहाइड्रेट — प्लास्टर ऑफ पेरिस ½H_(2)O है; जिप्सम 2H_(2)O है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: वह प्रक्रिया जिससे प्लास्टर ऑफ पेरिस जल के साथ कठोर होता है (पुनर्जलयोजन से जिप्सम बनना); टूटी हड्डियों पर प्लास्टर के लिए इसका उपयोग क्यों होता है (शीघ्र कठोर द्रव्यमान में जम जाता है)।
विकल्प 1 (डाइहाइड्रेट) जिप्सम है, जो कच्चा माल है — प्लास्टर ऑफ पेरिस नहीं।
Acids, Bases and Salts · Neutralisation reaction

Q30. उदासीनीकरण अभिक्रिया एक प्रकार की _____________ है।

  1. (a) वियोजन (अपघटन) अभिक्रिया (decomposition reaction)
  2. (b) विस्थापन अभिक्रिया (displacement reaction)
  3. (c) द्विविस्थापन अभिक्रिया (double displacement reaction)
  4. (d) संयोजन अभिक्रिया (combination reaction)
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) द्विविस्थापन अभिक्रिया (double displacement reaction)

उत्तर: विकल्प 3 — द्विविस्थापन अभिक्रिया (double displacement reaction)
उदासीनीकरण में अम्ल और क्षारक आयनों का आदान-प्रदान करते हैं: NaOH + HCl → NaCl + H_(2)O।
Na⁺, Cl⁻ से जुड़ता है और H⁺, OH⁻ से — साथियों की यह अदला-बदली ही द्विविस्थापन है।
रिवीजन नोट — उदासीनीकरण (कक्षा 10)
• अम्ल + क्षारक → लवण + जल; यह अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी है (ऊष्मा मुक्त करती है)।
• मूल चरण है H⁺ + OH⁻ → H_(2)O।
• द्विविस्थापन: दो यौगिक आयनों का आदान-प्रदान करते हैं (AB + CD → AD + CB)।
• जिस द्विविस्थापन में अविलेय ठोस बनता है, वह अवक्षेपण अभिक्रिया है (BaCl_(2) + Na_(2)SO_(4) → BaSO_(4)↓ + 2NaCl)।
• दैनिक उपयोग: अम्लता के लिए एंटासिड (मिल्क ऑफ मैग्नीशिया), मधुमक्खी के डंक पर बेकिंग सोडा, अम्लीय मृदा के लिए बिना बुझा चूना / बुझा चूना।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• विस्थापन बनाम द्विविस्थापन — विस्थापन: एक तत्व दूसरे को बाहर निकालता है (Zn + CuSO_(4)); द्विविस्थापन: दो यौगिक आयनों की अदला-बदली करते हैं।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: अम्ल के क्षारक से अभिक्रिया करने पर बनने वाले उत्पाद (लवण और जल); अम्लीय मृदा को उदासीन करने के लिए क्या मिलाया जाता है (बिना बुझा चूना)।
उदासीनीकरण में दो यौगिकों से दो नए यौगिक बनते हैं — कोई अकेला तत्व विस्थापित नहीं होता।
Acids, Bases and Salts · Water of crystallisation

Q31. जब वाशिंग सोडा लंबे समय तक गर्म वातावरण के संपर्क में रहता है, तो यह ______________________।

  1. (a) सूर्य से ऊष्मा प्राप्त करता है और शुष्क हो जाता है
  2. (b) जल अणुओं को ग्रहण करता है और उनमें घुल जाता है
  3. (c) जल के अणुओं को खो देता है और पाउडर बन जाता है
  4. (d) जल अणुओं को खो देता है लेकिन क्रिस्टल रूप में बना रहता है
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) जल के अणुओं को खो देता है और पाउडर बन जाता है

उत्तर: विकल्प 3 — जल के अणुओं को खो देता है और पाउडर बन जाता है
वाशिंग सोडा Na_(2)CO_(3)·10H_(2)O है।
गर्म, शुष्क वायु में यह अपने 10 में से 9 जल अणु खो देता है और सफेद पाउडर (Na_(2)CO_(3)·H_(2)O) में बिखर जाता है।
वायु के संपर्क में जल खोने की इस प्रक्रिया को उत्फुल्लन (efflorescence) कहते हैं।
रिवीजन नोट — क्रिस्टलन जल (कक्षा 10)
• क्रिस्टलन जल = लवण के क्रिस्टल की एक सूत्र इकाई में जल के अणुओं की निश्चित संख्या।
• वाशिंग सोडा Na_(2)CO_(3)·10H_(2)O (10 H_(2)O); नीला थोथा CuSO_(4)·5H_(2)O (5); जिप्सम CaSO_(4)·2H_(2)O (2); प्लास्टर ऑफ पेरिस CaSO_(4)·½H_(2)O।
• नीले कॉपर सल्फेट क्रिस्टलों को गर्म करने पर जल निकल जाता है — वे सफेद (निर्जल) हो जाते हैं; जल मिलाने पर नीला रंग लौट आता है।
• क्रिस्टलों का आकार और रंग इसी जल पर निर्भर करता है; इसे खोने पर क्रिस्टल टूट जाता है।
• वाशिंग सोडा सोडियम कार्बोनेट के पुनः क्रिस्टलीकरण से बनता है (सॉल्वे प्रक्रम से); उपयोग: काँच, साबुन, कागज़ उद्योग, जल की स्थायी कठोरता दूर करना।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• उत्फुल्लन बनाम प्रस्वेदन — उत्फुल्लन: लवण वायु में जल खो देता है (वाशिंग सोडा); प्रस्वेदन (deliquescence): लवण वायु से जल सोखकर घुल जाता है (CaCl_(2), NaOH)।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: वाशिंग सोडा का उपयोग करने वाले उद्योग (काँच, साबुन और कागज़)।
क्रिस्टलन जल खोने के बाद क्रिस्टल अपना क्रिस्टल रूप नहीं रख सकता — विकल्प 4 जाल है।
Chemical Reactions and Equations · Double displacement and precipitation reactions

Q32. जब बेरियम क्लोराइड विलयन में सोडियम सल्फेट विलयन को मिलाया जाता है, तो _______ का अवक्षेप बनता है।

  1. (a) सोडियम क्लोराइड
  2. (b) सोडियम हाइड्रोजन सल्फेट
  3. (c) बेरियम हाइड्रोजन सल्फेट
  4. (d) बेरियम सल्फेट
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) बेरियम सल्फेट

उत्तर: विकल्प 4 — बेरियम सल्फेट
आयन अपने साथी बदलते हैं: Ba²⁺, SO₄²⁻ से जुड़ता है और Na⁺, Cl⁻ से।
बेरियम सल्फेट अघुलनशील है, इसलिए यह सफ़ेद अवक्षेप के रूप में अलग हो जाता है; सोडियम क्लोराइड घुला रहता है।
रिवीजन नोट — द्वि-विस्थापन और अवक्षेपण अभिक्रियाएँ
• द्वि-विस्थापन: दो यौगिक आपस में आयनों का आदान-प्रदान करते हैं (AB + CD → AD + CB)।
• जिस अभिक्रिया में अघुलनशील ठोस (अवक्षेप) बनता है, वह अवक्षेपण अभिक्रिया है।
• BaSO_(4) — सफ़ेद अवक्षेप; PbI_(2) — पीला अवक्षेप (लेड नाइट्रेट + पोटैशियम आयोडाइड)।
• उदासीनीकरण (अम्ल + क्षारक → लवण + जल) भी एक द्वि-विस्थापन अभिक्रिया है।
• इस अभिक्रिया में न ऑक्सीकरण होता है, न अपचयन — ऑक्सीकरण अवस्थाएँ समान रहती हैं।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• विस्थापन बनाम द्वि-विस्थापन — विस्थापन: एक धातु दूसरी धातु को बाहर निकालती है (Fe + CuSO_(4)); द्वि-विस्थापन: दो यौगिक आयनों की अदला-बदली करते हैं।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: इस अभिक्रिया में BaSO_(4) का अवस्था-प्रतीक ((s)); सफ़ेद अवक्षेप द्वारा दर्शाई गई अभिक्रिया का प्रकार (द्वि-विस्थापन / अवक्षेपण)।
Acids, Bases and Salts · Common salts - preparation and uses (baking soda, washing soda, bleaching powder, plaster of Paris)

Q33. ब्लीचिंग पाउडर के उत्पादन के लिए उपयोग किए जाने वाले अभिकारक कौन-से हैं?

  1. (a) CaOH + Cl_(2)
  2. (b) CaO + Cl
  3. (c) Ca(OH)_(2) + Cl_(2)
  4. (d) CaO + Cl_(2)
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) Ca(OH)_(2) + Cl_(2)

उत्तर: विकल्प 3 — Ca(OH)_(2) + Cl_(2)
ब्लीचिंग पाउडर शुष्क बुझे हुए चूने, Ca(OH)_(2) पर क्लोरीन गैस (Cl_(2)) प्रवाहित करके बनाया जाता है।
Ca(OH)_(2) + Cl_(2) → CaOCl_(2) + H_(2)O
रिवीजन नोट — ब्लीचिंग पाउडर
• रासायनिक नाम कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड, सूत्र CaOCl_(2)।
• क्लोरीन क्लोर-क्षार प्रक्रिया (लवण जल/ब्राइन का विद्युत अपघटन) से प्राप्त होती है।
• ब्राइन से NaOH, एनोड पर Cl_(2) और कैथोड पर H_(2) मिलती है।
• इसकी क्रिया इससे मुक्त होने वाली क्लोरीन के कारण होती है।
• उपयोग: सूती, लिनन और लकड़ी की लुगदी का विरंजन; पीने के पानी को रोगाणुमुक्त करना; उद्योगों में ऑक्सीकारक।
• अन्य लवण: बेकिंग सोडा NaHCO_(3), धावन सोडा Na_(2)CO_(3)·10H_(2)O, प्लास्टर ऑफ पेरिस CaSO_(4)·½H_(2)O।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• बुझा हुआ चूना बनाम बिना बुझा चूना — बुझा हुआ चूना Ca(OH)_(2) है; बिना बुझा चूना CaO है। ब्लीचिंग पाउडर के लिए बुझा हुआ चूना चाहिए।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: ब्लीचिंग पाउडर को उसकी क्रिया देने वाली गैस (क्लोरीन); ब्लीचिंग पाउडर का एक अन्य उपयोग (पानी को रोगाणुमुक्त करना); ब्राइन से क्लोरीन देने वाली प्रक्रिया (क्लोर-क्षार प्रक्रिया)।
Chemical Reactions and Equations · Exothermic and endothermic reactions

Q34. निम्नलिखित में से कौन-सा, ऊष्माक्षेपी संयोजन अभिक्रिया (exothermic combination reaction) का उदाहरण है?

  1. (a) जल में विलीन अमोनियम क्लोराइड (Ammonium chloride dissolved in water)
  2. (b) श्‍वसन (Respiration)
  3. (c) प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis)
  4. (d) जल में विलीन चूना (Quick lime dissolved in water)
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) जल में विलीन चूना (Quick lime dissolved in water)

उत्तर: विकल्प 4 — जल में विलीन चूना
बिना बुझा चूना जल से संयोग करके एक ही उत्पाद, बुझा हुआ चूना, बनाता है और बहुत अधिक ऊष्मा मुक्त करता है:
CaO + H_(2)O → Ca(OH)_(2) + ऊष्मा
अतः यह संयोजन और ऊष्माक्षेपी दोनों प्रकार की अभिक्रिया है।
रिवीजन नोट — संयोजन और ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाएँ
• संयोजन अभिक्रिया: दो या अधिक अभिकारक मिलकर एक ही उत्पाद बनाते हैं (A + B → AB)।
• बिना बुझा चूना = कैल्सियम ऑक्साइड (CaO); बुझा हुआ चूना = कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड (Ca(OH)_(2)), जो सफेदी में प्रयुक्त होता है।
• सफेदी 2–3 दिनों में चमकदार हो जाती है क्योंकि Ca(OH)_(2) वायु की CO_(2) से अभिक्रिया करके कैल्सियम कार्बोनेट (CaCO_(3)) बनाता है।
• अन्य ऊष्माक्षेपी संयोजन: कोयले का दहन (C + O_(2) → CO_(2)); 2H_(2) + O_(2) → 2H_(2)O।
• ऊष्माक्षेपी = ऊष्मा मुक्त होती है; ऊष्माशोषी = ऊष्मा अवशोषित होती है (जैसे प्रकाश संश्लेषण, अधिकांश वियोजन अभिक्रियाएँ)।
• जल में अमोनियम क्लोराइड घोलने पर ऊष्मा अवशोषित होती है — विलयन ठंडा हो जाता है।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• श्वसन — यह ऊष्माक्षेपी है, परंतु इसमें ग्लूकोज टूटकर CO_(2) और जल बनाता है, इसलिए यह संयोजन अभिक्रिया नहीं है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: CaO + H_(2)O → Ca(OH)_(2) अभिक्रिया का प्रकार (संयोजन); ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया का एक उदाहरण (पेट्रोल का दहन)।
Chemical Reactions and Equations · Oxidation, reduction and redox reactions

Q35. जब हाइड्रोजन गैस को गर्म काले कॉपर (II) ऑक्साइड के माध्यम से गुजारा जाता है, तो यह _______________।

  1. (a) नीले रंग के कॉपर विलयन में ऑक्सीकृत हो जाती है
  2. (b) भूरे रंग की कॉपर धातु में ऑक्सीकृत हो जाती है
  3. (c) नीले रंग के कॉपर विलयन में अपचयित हो जाती है
  4. (d) भूरे रंग की कॉपर धातु में अपचयित हो जाती है
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) भूरे रंग की कॉपर धातु में अपचयित हो जाती है

उत्तर: विकल्प 4 — भूरे रंग की कॉपर धातु में अपचयित हो जाती है
गर्म कॉपर(II) ऑक्साइड हाइड्रोजन को ऑक्सीजन देता है, इसलिए यह अपचयित होकर लाल-भूरा कॉपर बन जाता है:
CuO (काला) + H_(2) → Cu (भूरा) + H_(2)O
साथ ही हाइड्रोजन ऑक्सीजन ग्रहण करके जल में ऑक्सीकृत हो जाती है।
रिवीजन नोट — ऑक्सीकरण और अपचयन
• ऑक्सीकरण: ऑक्सीजन का ग्रहण या हाइड्रोजन का ह्रास; अपचयन: ऑक्सीजन का ह्रास या हाइड्रोजन का ग्रहण।
• दोनों साथ-साथ होते हैं — रेडॉक्स अभिक्रिया।
• यहाँ CuO ऑक्सीकारक है और H_(2) अपचायक।
• विपरीत परिवर्तन: कॉपर को वायु में गर्म करने पर 2Cu + O_(2) → 2CuO — भूरी सतह काली हो जाती है।
• एक अन्य उदाहरण: ZnO + C → Zn + CO (ZnO अपचयित, कार्बन ऑक्सीकृत)।
• नीला रंग कॉपर सल्फेट विलयन का होता है, कॉपर धातु का नहीं।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• किसका अपचयन बनाम किसका ऑक्सीकरण — CuO अपचयित होता है (Cu में); हाइड्रोजन ऑक्सीकृत होती है (H_(2)O में)।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: CuO + H_(2) → Cu + H_(2)O में किसका ऑक्सीकरण और किसका अपचयन होता है (हाइड्रोजन ऑक्सीकृत, CuO अपचयित)।

Modern History (1)

Peasant, Tribal and Civil Uprisings · Peasant movements (Indigo, Pabna, Deccan riots)

Q36. नील विद्रोह, 1859-1860 के दौरान _______ में हुआ था।

  1. (a) बॉम्बे
  2. (b) बंगाल
  3. (c) मद्रास
  4. (d) पंजाब
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) बंगाल

उत्तर: विकल्प 2 — बंगाल
1859–60 का नील विद्रोह बंगाल में भड़का, जिसकी शुरुआत नदिया जिले से हुई।
रैयतों ने उन यूरोपीय बागान मालिकों के लिए नील उगाने से इनकार कर दिया, जो अग्रिम राशि और हिंसा के बल पर उनसे नील की खेती करवाते थे।
रिवीजन नोट — नील विद्रोह, 1859–60
• नेता: नदिया के गोविंदपुर गाँव के दिगंबर विश्वास और विष्णु विश्वास।
• बागान मालिक रैयतों से अनुबंध (दादनी अग्रिम) करवाते थे और उनकी सबसे अच्छी भूमि पर नील उगवाते थे।
• नाटक नील दर्पण (दीनबंधु मित्र, 1860) ने बागान मालिकों की क्रूरता दिखाई; इसके अंग्रेज़ी अनुवाद के कारण रेवरेंड जेम्स लॉन्ग पर मुकदमा चला।
• हरिश्चंद्र मुखर्जी ने अपने पत्र हिंदू पैट्रियट में रैयतों का समर्थन किया।
• सरकार ने नील आयोग (1860) गठित किया, जिसने निर्णय दिया कि रैयतों को नील उगाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।
• इसके बाद बागान मालिक बिहार (चंपारण) चले गए, जहाँ बाद में गांधीजी का चंपारण सत्याग्रह (1917) हुआ।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: बंगाल में विद्रोह के बाद नील बागान मालिक कहाँ चले गए (बिहार); गांधीजी के चंपारण आंदोलन का वर्ष (1917)।

Static GK (2)

Books and Authors · Modern Indian books and authors

Q37. 'रिफ्लेक्शंस ऑन मुगल आर्ट एंड कल्चर (Reflections on Mughal Art & Culture)' किस वर्ष प्रकाशित हुआ था?

  1. (a) 2022
  2. (b) 2021
  3. (c) 2019
  4. (d) 2020
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (b) 2021

उत्तर: विकल्प 2 — 2021
कला इतिहासकार रोडा अहलूवालिया द्वारा संपादित सचित्र निबंध-संग्रह रिफ्लेक्शंस ऑन मुगल आर्ट एंड कल्चर (Reflections on Mughal Art and Culture) नियोगी बुक्स द्वारा 2021 में प्रकाशित किया गया।
रिवीजन नोट — मुगल कला और चित्रकला
• मुगल चित्रकला की शुरुआत हुमायूँ के समय हुई, जो फ़ारसी उस्तादों मीर सैयद अली और अब्दुस समद को लाया।
• अकबर ने एक बड़ी शाही चित्रशाला स्थापित की; हम्ज़ानामा इसकी पहली बड़ी परियोजना थी; दसवंत और बसावन प्रमुख चित्रकार थे।
• चित्रकला जहाँगीर के समय चरम पर पहुँची — उस्ताद मंसूर (पक्षी और पशु) और अबुल हसन उसके उस्ताद चित्रकार थे।
• शाहजहाँ का शासनकाल मुगल स्थापत्य का चरम है — ताजमहल, लाल किला (दिल्ली), जामा मस्जिद।
• औरंगज़ेब ने संरक्षण वापस ले लिया, और चित्रकार राजपूत और पहाड़ी दरबारों में चले गए।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: वह मुगल सम्राट जो दावा करता था कि वह किसी भी चित्र के चित्रकार को पहचान सकता है (जहाँगीर)।
Monuments and Heritage · UNESCO World Heritage Sites in India

Q38. महाराष्ट्र में स्थित कौन-सा यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, अद्भुत चित्रकलाओं और मूर्तिकलाओं वाला गुफा परिसर है?

  1. (a) बादामी की गुफाएँ
  2. (b) भीमबेटका की गुफाएँ
  3. (c) एलिफेंटा की गुफाएँ
  4. (d) अजंता की गुफाएँ
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) अजंता की गुफाएँ

उत्तर: विकल्प 4 — अजंता की गुफाएँ
महाराष्ट्र की अजंता गुफाएँ चट्टानों को काटकर बनाई गई बौद्ध गुफाएँ हैं,
जो अपने भित्ति चित्रों और मूर्तियों के लिए प्रसिद्ध हैं।
इन्हें 1983 में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
रिवीजन नोट — शैलकृत गुफा स्थल और यूनेस्को
• अजंता: छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) जिले में लगभग 30 बौद्ध गुफाएँ, दूसरी शताब्दी ई.पू. – छठी शताब्दी ई. (2nd–6th)।
• अजंता की कई गुफाएँ वाकाटक संरक्षण में बनीं; भित्ति चित्रों में जातक कथाएँ और पद्मपाणि बोधिसत्व दर्शाए गए हैं।
• एलोरा: बौद्ध, हिंदू और जैन धर्मों की 34 गुफाएँ; एकाश्म कैलाश मंदिर (गुफा 16) राष्ट्रकूट कृष्ण I ने बनवाया; यूनेस्को 1983।
• एलिफेंटा: मुंबई के पास घारापुरी द्वीप पर; शैव मूर्तियाँ, त्रिमूर्ति (महेशमूर्ति); यूनेस्को 1987।
• भीमबेटका: मध्य प्रदेश में प्रागैतिहासिक शैलाश्रय और चित्र; यूनेस्को 2003।
• बादामी: कर्नाटक में चालुक्य शैलकृत मंदिर — यूनेस्को स्थल नहीं (पास का पट्टदकल है)।
• भारत के पहले यूनेस्को स्थल (1983): अजंता, एलोरा, आगरा का किला, ताजमहल।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• अजंता बनाम एलोरा — अजंता केवल बौद्ध है और चित्रों के लिए प्रसिद्ध है; एलोरा में तीन धर्मों की गुफाएँ हैं और यह कैलाश मंदिर के लिए प्रसिद्ध है।
• अजंता बनाम एलिफेंटा — दोनों महाराष्ट्र में हैं, परंतु एलिफेंटा मूर्तिकला के लिए प्रसिद्ध है, चित्रों के लिए नहीं।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: वह स्थल जिसके चित्र और मूर्तियाँ बौद्ध कला की उत्कृष्ट कृतियाँ हैं (अजंता गुफाएँ); एलिफेंटा गुफाओं की विशिष्टता (शैव विषय और मूर्तिकला)।

Economics (1)

Basic Concepts and Economic Systems · Market structures (perfect competition, monopoly, oligopoly)

Q39. एकाधिकार प्रतिस्पर्धा (monopolistic competition) में किसी व्यक्तिगत फर्म के उत्पाद के लिए निम्नलिखित में से किस प्रकार की मांग मौजूद होती है?

  1. (a) पूरी तरह से अलोचदार (Perfectly inelastic)
  2. (b) पूरी तरह से लोचदार (Perfectly elastic)
  3. (c) अपेक्षाकृत अलोचदार (Relatively inelastic)
  4. (d) अपेक्षाकृत लोचदार (Relatively elastic)
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (d) अपेक्षाकृत लोचदार (Relatively elastic)

उत्तर: विकल्प 4 — अपेक्षाकृत लोचदार (Relatively elastic)
एकाधिकार प्रतिस्पर्धा में हर फर्म एक विभेदित उत्पाद बेचती है, जिसके निकट स्थानापन्न होते हैं।
यदि वह कीमत बढ़ाती है, तो कई खरीदार प्रतिद्वंद्वियों की ओर चले जाते हैं।
इसलिए उसका मांग वक्र नीचे की ओर ढलान वाला और अपेक्षाकृत लोचदार (एकाधिकारी से अधिक सपाट) होता है।
रिवीजन नोट — बाजार संरचनाएँ और फर्म का मांग वक्र
• पूर्ण प्रतिस्पर्धा: बहुत अधिक विक्रेता, समरूप उत्पाद, फर्म कीमत स्वीकारक — मांग वक्र पूर्णतः लोचदार (क्षैतिज)।
• एकाधिकार प्रतिस्पर्धा: अनेक विक्रेता, उत्पाद विभेदन, विक्रय लागत (विज्ञापन), स्वतंत्र प्रवेश — मांग अपेक्षाकृत लोचदार।
• एकाधिकार: एक ही विक्रेता, कोई निकट स्थानापन्न नहीं, प्रवेश पर कड़ी बाधाएँ — मांग कम लोचदार, फर्म कीमत निर्धारक।
• अल्पाधिकार: कुछ बड़ी, परस्पर निर्भर फर्में; मांग वक्र अनिर्धारणीय (विकुंचित मांग वक्र मॉडल)।
• दीर्घकाल में स्वतंत्र प्रवेश के कारण एकाधिकार प्रतिस्पर्धा की फर्मों को केवल सामान्य लाभ मिलता है।
• एकाधिकार प्रतिस्पर्धा का सिद्धांत ई.एच. चैम्बरलिन (1933) ने दिया; उदाहरण: साबुन, टूथपेस्ट, रेस्तराँ।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• पूर्णतः लोचदार बनाम अपेक्षाकृत लोचदार — पूर्णतः लोचदार (क्षैतिज) वक्र पूर्ण प्रतिस्पर्धी फर्म का होता है; एकाधिकार प्रतिस्पर्धी फर्म का वक्र ढलानदार पर लोचदार होता है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: एकाधिकार प्रतिस्पर्धा में अल्पकालीन परिणाम (लाभ या हानि); वह विशेषता जो अल्पाधिकार की नहीं है (असीमित विक्रेता); पूर्ण प्रतिस्पर्धी बाजार की एक विशेषता (स्वतंत्र प्रवेश और निकास)।

Geography (1)

Q40. हंगुल (Hangul), जिसे कश्मीर स्टैग (Kashmir Stag) के नाम से भी जाना जाता है, ______________ में पाया जा सकता है।

  1. (a) कैंपबेल बे (Campbell Bay)
  2. (b) दुधवा (Dudhwa)
  3. (c) दचिगाम (Dachigam)
  4. (d) चंदौली (Chandoli)
उत्तर और व्याख्या

उत्तर: (c) दचिगाम (Dachigam)

उत्तर: विकल्प 3 — दचिगाम (Dachigam)
हंगुल (कश्मीर स्टैग) मुख्य रूप से जम्मू और कश्मीर में श्रीनगर के पास दचिगाम राष्ट्रीय उद्यान में बचा है।
यह भारत में बची एकमात्र लाल हिरण (red deer) उप-प्रजाति है और प्रोजेक्ट हंगुल के तहत संरक्षित है।
रिवीजन नोट — दचिगाम और हंगुल
• हंगुल जम्मू और कश्मीर का राज्य पशु है; IUCN स्थिति गंभीर रूप से संकटग्रस्त (Critically Endangered)।
• दचिगाम को 1981 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया; इसका नाम उन दस गाँवों से जुड़ा है जिन्हें इसे बनाने के लिए हटाया गया।
• प्रोजेक्ट हंगुल 1970 के दशक में जम्मू-कश्मीर सरकार, IUCN और WWF के साथ शुरू हुआ।
• दचिगाम के अन्य जीव: हिमालयी काला भालू, तेंदुआ, कस्तूरी मृग।
• दुधवा (उत्तर प्रदेश) — दलदली हिरण (बारहसिंगा) और गैंडा; चंदौली (महाराष्ट्र) — सह्याद्रि टाइगर रिज़र्व का भाग।
• कैंपबेल बे — ग्रेट निकोबार द्वीप पर राष्ट्रीय उद्यान, ग्रेट निकोबार बायोस्फीयर रिज़र्व का भाग।
इनसे भ्रमित मत होनाः
• हंगुल बनाम संगाई — हंगुल कश्मीर स्टैग है (दचिगाम); संगाई केबुल लामजाओ (मणिपुर) का भौंह-सींग वाला हिरण (brow-antlered deer) है।
इस विषय से पूछे गए अन्य प्रश्न: प्रोजेक्ट हंगुल का लक्ष्य जीव (कश्मीर स्टैग)।
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