Q1. निम्नलिखित में से किस स्थिति में लिक्विडिटी ट्रैप उत्पन्न हुआ माना जाता है?
- (a) ब्याज दर के संबंध में पूर्णतः लोचदार मांग
- (b) ब्याज दर के संबंध में पूर्णतः बेलोचदार मांग
- (c) मुद्रा आपूर्ति में वृद्धि से ब्याज दर में वृद्धि होती है
- (d) मुद्रा आपूर्ति में कमी से ब्याज दर में कमी होती है
उत्तर और व्याख्या
उत्तर: (a) ब्याज दर के संबंध में पूर्णतः लोचदार मांग
एक लिक्विडिटी ट्रैप (कीन्स द्वारा प्रतिपादित अवधारणा) तब होता है जब ब्याज दरें इतनी कम होती हैं कि लोग बांड या अन्य परिसंपत्तियों में निवेश करने के बजाय नकदी रखना पसंद करते हैं, जिससे मौद्रिक नीति अप्रभावी हो जाती है। इस स्थिति में, ब्याज दर के संबंध में मुद्रा की मांग पूर्णतः लोचदार (क्षैतिज LM वक्र) हो जाती है — मुद्रा आपूर्ति में कोई भी वृद्धि ब्याज दरों को और कम किए बिना निष्क्रिय नकदी संग्रह में समाहित हो जाती है।
विकल्प 2 (पूर्णतः बेलोचदार): बेलोचदार मांग का अर्थ है कि ब्याज दर में परिवर्तन का मुद्रा की मांग पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है — यह एक शास्त्रीय परिदृश्य का वर्णन करता है, न कि लिक्विडिटी ट्रैप का।
विकल्प 3 (मुद्रा आपूर्ति में वृद्धि से ब्याज दर बढ़ती है): सामान्य मौद्रिक सिद्धांत के विपरीत; यह लिक्विडिटी ट्रैप का परिदृश्य नहीं है। विकल्प 4 (मुद्रा आपूर्ति में कमी से ब्याज दर कम होती है): यह भी मानक मौद्रिक सिद्धांत के विपरीत है।